
किसानों ने दिल्ली जाने के लिए पंजाब की ओर से आने वाली ट्रेनों का इस्तेमाल किया और बहादुरगढ़ स्टेशन पर खड़ी पुलिस के सामने ही जयकारे लगाते हुए दिल्ली आए, जहां से वे सीधे बंगला साहिब गुरुद्वारे पहुंचे। यहां पहुंचे किसान पुराने परिचितों से मिलकर मेट्रो और बसों के जरिए दिल्ली में चले गए। किसानों का कहना है कि वे दिल्ली बॉर्डर पर पक्के मोर्चा लगाने नहीं आए हैं। अभी केवल एक दिन के प्रदर्शन के लिए आए हैं, ताकि सरकार को चेताया जा सके। सरकार ने पहले की तरह से जिद की तो फिर से बोरिया बिस्तर लेकर दिल्ली में धरना शुरू करने से पीछे नहीं हटेंगे।
बेरोजगारी को लेकर जंतर-मंतर पर चल रहे आंदोलन में भाग लेने दिल्ली जा रहे भाकियू नेता राकेश टिकैत व कुछ कार्यकर्ताओं को गाजीपुर बॉर्डर पर दिल्ली पुलिस ने हिरासत में ले लिया। उन्हें दिल्ली के मधु विहार थाने ले जाया गया। बाद में उन्हें पुलिस ने वापस गाजीपुर बॉर्डर पर ले जाकर छोड़ दिया। टिकैत ने कहा, ‘क्या दिल्ली में किसानों का प्रवेश बैन है? क्या कोई हरा गमछा और चद्दर ओढ़कर दिल्ली में नहीं जा सकता? केंद्र सरकार के इशारों पर काम करने वाली दिल्ली पुलिस किसानों की आवाज को नहीं दबा सकती। यह संघर्ष आखिरी सांस तक चलता रहेगा। हम रुकेंगे नहीं, हम थकेंगे नहीं, हम झुकेंगे नहीं।’ हिरासत से छूटने के बाद टिकैत ने कहा कि वह यूपी आ रहे हैं। सोमवार को दिल्ली में कार्यक्रम होगा।