वैज्ञानिकों के अनुसार, यह सुपर एब्जॉर्बेंट पॉलिमर एक ऐसी स्पंज (Sponge) की तरह काम करता है, जो अपने वजन से कई गुना ज्यादा पानी सोख लेता है। जब इसे खेत की मिट्टी में मिलाया जाता है, तो यह वर्षा या सिंचाई के पानी को अपने अंदर संग्रहित कर लेता है।

Super Absorbent : भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (ICAR) के वैज्ञानिकों ने किसानों के लिए बहुत ही राहत भरी खोज की है। देश के उन क्षेत्रों में जहाँ पानी की भारी कमी है या सूखे की स्थिति बनी रहती है, वहां फसलों को बचाने के लिए वैज्ञानिकों ने एक विशेष प्रकार का 'सुपर एब्जॉर्बेंट पॉलिमर' (Super Absorbent Polymer) विकसित किया है। यह नया आविष्कार न केवल पानी की बचत करेगा, बल्कि फसल की पैदावार बढ़ाने में भी मदद करेगा।
वैज्ञानिकों के अनुसार, यह सुपर एब्जॉर्बेंट पॉलिमर एक ऐसी स्पंज (Sponge) की तरह काम करता है, जो अपने वजन से कई गुना ज्यादा पानी सोख लेता है। जब इसे खेत की मिट्टी में मिलाया जाता है, तो यह वर्षा या सिंचाई के पानी को अपने अंदर संग्रहित कर लेता है। जब मिट्टी सूखने लगती है, तो यह पॉलिमर धीरे-धीरे संग्रहित पानी को पौधों की जड़ों तक पहुंचाता है। इस तरह पौधों को लंबे समय तक नमी मिलती रहती है और किसानों को बार-बार सिंचाई करने की जरूरत नहीं पड़ती।
इस खबर की सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि यह पॉलिमर पूरी तरह से जैव-निम्नीय (Biodegradable) है। पहले जो पॉलिमर इस्तेमाल किए जाते थे, वे मिट्टी के लिए नुकसानदेह थे, लेकिन यह नया सुपर एब्जॉर्बेंट कुछ समय बाद मिट्टी में ही मिल जाता है और भूमि की उर्वरा शक्ति बढ़ाता है।
इस तकनीक की जानकारी मिलते ही किसानों में काफी उत्साह देखा जा रहा है। राजस्थान और बुंदेलखंड जैसे सूखा प्रभावित क्षेत्रों के किसानों का कहना है कि अगर यह प्रयोग सफल रहा तो यह किसानों के लिए वरदान साबित होगा।
कृषि विभाग के अधिकारियों ने बताया कि इस सुपर एब्जॉर्बेंट का व्यावसायिक उत्पादन जल्द ही शुरू किया जाएगा और इसे किसानों को सस्ती कीमत पर उपलब्ध कराया जाएगा। अगले रबी सत्र से इसे पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर कई जिलों में इस्तेमाल किया जाएगा। Super Absorbent