Mumbai Hostage Case: चश्मदीद रोहन आहेर ने किया खुलासा
भारत
चेतना मंच
31 Oct 2025 06:46 PM
मुंबई के पवई इलाके में एक स्टूडियो में 17 बच्चों को बंधक बनाए जाने का मामला सामने आया है। पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए बच्चों को सुरक्षित बाहर निकाला, जबकि रोहित आर्य को घायल अवस्था में अस्पताल ले जाया गया, जहां उसकी मौत हो गई। इस पूरे मामले पर चश्मदीद गवाह रोहन आहेर का बयान अब सामने आया है, जिन्होंने घटना के दौरान अहम भूमिका निभाई। Mumbai News
रोहन आहेर, जो कि इस प्रोजेक्ट पर आरोपी रोहित आर्य के साथ काम कर रहे थे, ने बताया कि वह कई सालों से रोहित को जानते थे। वह पहले भी उसके साथ कई प्रोजेक्ट्स पर काम कर चुके थे, लेकिन इस बार पैसे के विवाद की वजह से वह तीसरे प्रोजेक्ट में शामिल नहीं हो पाए थे। फिर चौथे प्रोजेक्ट में वह वापस शामिल हो गए थे। रोहन ने बताया कि शुरुआत में उन्हें कभी नहीं लगा था कि रोहित ऐसा कुछ करेगा। रोहन ने मीडिया को बताया, "रोहित ने मुझे इस प्रोजेक्ट पर काम करने के लिए बुलाया था। पहले बच्चों के ऑडिशन होंगे और मार्च में शूटिंग शुरू होगी, यह मुझे बताया गया था। लेकिन जब मैंने स्क्रिप्ट के बारे में पूछा तो उसने कहा कि स्क्रिप्ट पर काम चल रहा है और पहले ऑडिशन किए जाएंगे। बच्चों को भी रोहित ने खुद ही अरेंज किया था।"
रोहन ने इस प्रोजेक्ट में टीचर और प्रोजेक्ट कंट्रोलर के तौर पर काम किया था। बच्चों के ऑडिशन के दौरान उनके पास यह जानकारी थी कि यह एक फिल्म का प्रोजेक्ट है, जिसमें ऑडिशन और वर्कशॉप हो रही है। बच्चों को यही बताया गया था कि सबकुछ सामान्य है। लेकिन जब 30 अक्टूबर को अचानक कुछ अजीब हुआ, तब रोहन को शक हो गया कि कुछ गड़बड़ है।
Mumbai Hostage Case: 30 अक्टूबर का घटनाक्रम
30 अक्टूबर को सुबह 9.30 बजे का शेड्यूल था, लेकिन रोहन समय पर नहीं पहुंच पाए। जब उन्होंने स्पॉटबॉय से पूछा, तो उसने बताया कि रोहित बच्चों के साथ प्रैक्टिस कर रहे हैं। सबकुछ सामान्य लग रहा था, लेकिन जब रोहन लैपटॉप लेकर नीचे जा रहे थे और चाबी लेने के लिए ऊपर आए, तो रोहित ने चाबी देने से मना कर दिया। यह देख कर रोहन को शक हुआ कि कुछ तो गड़बड़ है। रोहन ने बताया, "मुझे तब समझ में आया कि कुछ तो लफड़ा है, जब रोहित ने चाबी देने से मना कर दिया। मैंने अपने साथी रवि भाई को बताया और पुलिस स्टेशन गए। पुलिस ने मुझे बताया कि वे पीछे से आ रहे हैं, तुम्हें तैयार रहना होगा।"
Mumbai Hostage Case: पुलिस की कार्रवाई और बच्चों का रेस्क्यू
रोहन ने बताया कि जैसे ही पुलिस मौके पर पहुंची, उसने शीशे के दरवाजे को तोड़ा, जिसमें उसे चोट भी आई। इस बीच, रोहित ने पेपर स्प्रे से हमला किया, लेकिन रोहन किसी तरह भागते हुए बच्चों को नीचे लेकर आए और उन्हें स्टूडियो के अंदर लॉक करने का निर्देश दिया। रोहन ने यह भी बताया कि वह रोहित को समझाने की कोशिश कर रहे थे, लेकिन वह पूर्व मंत्री दीपक केसरकर से बात करने की जिद पर अड़ा था। पुलिस ने सही समय पर आकर बच्चों को बचाया और पूरे मामले को नियंत्रित किया।