प्रशांत किशोर ने साफ-साफ कहा है कि जनरल नरवणे की किताब वाले मामले में सरकार गलती पर है। प्रशांत किशोर ने साफ-साफ कहा कि राहुल गाँधी ने विपक्ष के नेता की भूमिका को बहुत अच्छी तरह से निभाया है।

Prashant Kishore : नए-नए राजनेता बने प्रशांत किशोर राहुल गाँधी के पक्ष में खड़े हो गए हैं। प्रशांत किशोर ने जनरल नरवणे की किताब के मुद्दे पर खुलकर कांग्रेस के नेता राहुल गाँधी का समर्थन किया है। प्रशांत किशोर ने साफ-साफ कहा है कि जनरल नरवणे की किताब वाले मामले में सरकार गलती पर है। प्रशांत किशोर ने साफ-साफ कहा कि राहुल गाँधी ने विपक्ष के नेता की भूमिका को बहुत अच्छी तरह से निभाया है।
जनरल नरवणे की किताब के मुद्दे पर पत्रकारों से बात करते हुए प्रशांत किशोर ने कहा कि जब भी चुनाव होता है जनता सिर्फ सत्ता पक्ष का चुनाव नहीं करती है बल्कि विपक्ष का भी चुनाव करती है। राहुल गांधी से आपका सरोकार हो या ना हो लोकतंत्र के लिए जरूरी है कि विपक्ष के नेता को बोलने से ना रोका जाए। प्रशांत किशोर ने कहा कि अगर राहुल गांधी सदन में कुछ बोल रहे थे, अगर सरकार को कुछ गलत लग रहा था तो बोलने के बाद आप उसे हटा देते रिकॉर्ड से। बोलने देने से रोकना मुझे लगता है उचित नहीं है। ये लोकतंत्र के लिए घातक है। प्रशांत किशोर ने कहा कि विपक्ष के नेता को बोलने का अधिकार है। उन्हें रोकना नहीं चाहिए था इस हिसाब से सरकार की गलती है।
जनरल मुकुंद नरवणे की अप्रकाशित किताब के अंश पढ़े जाने के मुद्दे पर प्रशांत किशोर ने प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि किताब पहले से मौजूद है तभी तो उन्होंने कोट किया है। सदन में जो राहुल गांधी बोल रहे वो किताब के हवाले से नहीं एक मैगजिन में छपे एक आर्टिकल के हवाले से बोले रहे थे जिसमें उस किताब का संदर्भ दिया गया था। Prashant Kishore