एक सरकारी बयान के अनुसार राज्य के राजकीय विद्यालयों में कक्षा 1 से 8 तक के विद्यार्थी नए शैक्षणिक सत्र से रोजाना दूध पीएंगे। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने बाल गोपाल योजना के तहत प्रतिदिन दूध उपलब्ध कराने के लिए 864 करोड़ रुपये के बजट प्रावधान को मंजूरी दी है। इस योजना से विद्यार्थियों का पोषण स्तर बेहतर हो सकेगा। वर्तमान में राजकीय विद्यालयों में मिड डे मील की पौष्टिकता बढ़ाने के लिए सप्ताह में दो दिन मीठा गर्म दूध पिलाया जा रहा है। यह अब शेष चार दिन भी उपलब्ध कराया जाएगा। मुख्यमंत्री द्वारा वर्ष 2023-24 के बजट में इस संबंध में घोषणा की गई थी। गहलोत ने बाल गोपाल योजना की शुरुआत 29 नवंबर 2022 को की थी।
राज्य सरकार के एक अन्य फैसले के तहत कोटा, बूंदी एवं बारां जिलों में नहरों, वितरिकाओं एवं माइनरों को मजबूत किया जाएगा। गहलोत ने 406 किलोमीटर की पक्की लाइनिंग एवं खेत सुधार कार्यों के प्रस्ताव को मंजूरी दी है। ऐसे 17 कार्यों में 367.17 करोड़ रुपये का व्यय होगा, इनमें वित्तीय वर्ष 2023-24 में 38.72 करोड़ रुपये खर्च होंगे। गहलोत की स्वीकृति से सिंचाई जल नहरों की लाइनिंग एवं नहरी तन्त्र की संरचनाएं मजबूत होंगी। नहरों और वितरिकाओं से पानी का रिसाव भी नहीं होगा। उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री द्वारा वर्ष 2023-24 के बजट में इस संबंध में घोषणा की गई थी।
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