
Wrestler Protest: नई दिल्ली। जंतर मंतर पर महिला पहलवानों को बृजभूषण शरण सिंह के खिलाफ धरना प्रदर्शन करते हुए पूरा एक महीना हो गया है, लेकिन बृजभूषण की गिरफ्तारी अभी तक नहीं हुई है। आज यह पहलवान हाथों में जलती हुई मोमबत्ती लेकर सड़कों पर उतर आए। पहलवानों ने जंतर मंतर से इंडिया गेट तक कैंडल मार्च निकाला। कैंडल मार्च में विनेश फोगाट, बजरंग पुनिया साक्षी मलिक और कई अन्य पहलवान पैदल मार्च करते हुए जंतर मंतर से इंडिया गेट तक पहुंचे।
पहलवानों के समर्थन में हजारों लोग इनके साथ थे। जिनमें बड़ी संख्या में उत्तर प्रदेश, हरियाणा, पंजाब और दिल्ली से आए किसान, महिलाएं, शिक्षक, युवा खिलाड़ी और तमाम लोग मौजूद थे।
कुश्ती खिलाड़ियों को समर्थन देने के लिए पूर्व राज्यपाल सत्यपाल मलिक व्हीलचेयर पर बैठकर इस मार्च में शामिल हुए और व्हीलचेयर पर ही वे इंडिया गेट पहुंचे ।भीम आर्मी के चंद्रशेखर आजाद भी अपने समर्थकों के साथ इस मार्च में शामिल हुए । किसान संगठन के नेता राकेश टिकैत भी पहलवानों के समर्थन में इंडिया गेट पहुंचे। छोटी उम्र के बच्चों से लेकर 90 साल की बुजुर्ग भी पहलवानों के समर्थन में इस मार्च में शामिल थे।
इस कैंडल मार्च के जरिए पहलवानों की कोशिश थी कि वह आम लोगों को अपनी इस मुहिम में जोड़े और बड़ी संख्या में आम लोग इस प्रदर्शन में नजर भी आए। पहलवानों का कहना था कि जब तक बृजभूषण शरण सिंह की गिरफ्तारी नहीं हो जाते, तब तक उनका यह आंदोलन रुकेगा नहीं और न ही वह रुकेंगे। आगामी 28 मई को संसद भी पहुंचेंगे।
आज इतनी गर्म मौसम में और आंधी के बीच में लोग हाथों में कैंडल लेकर इंडिया गेट पहुंचे थे। उसी वक्त आंधी भी चली, लेकिन फिर भी मोमबत्तियां जलाई गई। हवाओं का रुख भले ही तेज था, लेकिन मोमबत्तियां मशालों की तरह लोगों के हाथ में मौजूद थी। यही कह रही थी यह आंदोलन और आगे बढ़ता रहेगा, जब तक इंसाफ नहीं मिल जाता।