नोएडा में अवैध निर्माण पर शिकंजा, प्राधिकरण की शिकायत पर FIR दर्ज

यह शिकायत नोएडा प्राधिकरण के वर्क सर्किल-9 में तैनात अवर अभियंता हरेंद्र सिंह मलिक ने दर्ज कराई है। प्राधिकरण का कहना है कि बिना अनुमति किसी भी निर्माण को नियमों का उल्लंघन माना जाता है, इसलिए मामले में कानूनी कार्रवाई शुरू की गई है।

अवैध निर्माण पर नोएडा प्राधिकरण की कार्रवाई
अवैध निर्माण पर नोएडा प्राधिकरण की कार्रवाई
locationभारत
userअभिजीत यादव
calendar14 Jan 2026 01:08 PM
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Noida News : नोएडा प्राधिकरण की अधिसूचित सीमा में नियमों को दरकिनार कर निर्माण का एक मामला सामने आया है। नोएडा प्राधिकरण की जमीन पर बिना स्वीकृति चल रहे कथित अवैध निर्माण को लेकर थाना एक्सप्रेसवे में एक व्यक्ति के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया है। यह शिकायत नोएडा प्राधिकरण के वर्क सर्किल-9 में तैनात अवर अभियंता हरेंद्र सिंह मलिक ने दर्ज कराई है। प्राधिकरण का कहना है कि बिना अनुमति किसी भी निर्माण को नियमों का उल्लंघन माना जाता है, इसलिए मामले में कानूनी कार्रवाई शुरू की गई है।

अवैध निर्माण पर नोएडा प्राधिकरण का सख्त रुख

अवर अभियंता की रिपोर्ट के मुताबिक, ग्राम बाजिदपुर में खसरा संख्या-197 की भूमि पर रविंद्र (पुत्र स्वर्गीय करम सिंह चौहान), निवासी ग्राम बाजिदपुर द्वारा बिना अनुमति के निर्माण कार्य कराया जा रहा था। शिकायत में कहा गया है कि नोएडा प्राधिकरण के अधिसूचित क्षेत्र में प्राधिकरण की पूर्व अनुमति के बिना किसी भी तरह का निर्माण नियमों के खिलाफ है। इस संबंध में उत्तर प्रदेश औद्योगिक क्षेत्र विकास अधिनियम-1976 और प्राधिकरण के प्रचलित नियमों/प्रावधानों का हवाला भी दिया गया है।

नोएडा प्राधिकरण ने पुलिस को दी लिखित शिकायत

नोएडा प्राधिकरण के साइट स्टाफ ने मौके पर पहुंचकर निर्माण कार्य रुकवाने की कई बार कोशिश की, लेकिन शिकायत के अनुसार संबंधित व्यक्ति द्वारा रुक-रुककर दोबारा निर्माण कराए जाने की बात सामने आई। इसी के बाद प्राधिकरण ने पुलिस को लिखित शिकायत देकर कानूनी कार्रवाई की मांग की। वहीं, पुलिस ने बताया कि अवर अभियंता की शिकायत के आधार पर थाना एक्सप्रेसवे में केस दर्ज कर लिया गया है और मामले की जांच की जा रही है। जांच के दौरान दस्तावेज, मौके की स्थिति और निर्माण की प्रकृति की पड़ताल के बाद आगे की कार्रवाई तय की जाएगी। Noida News

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नोएडा के डूब क्षेत्र में बिजली का मुद्दा गरमाया, सांसद से मदद की मांग

इससे एक तरफ आम लोगों पर आर्थिक बोझ बढ़ रहा है, तो दूसरी तरफ सरकारी राजस्व को भी नुकसान हो रहा है। परिषद ने सांसद से आग्रह किया कि वह संबंधित विभागों और प्रशासन से समन्वय कर नोएडा के डूब क्षेत्र के निवासियों को नियमानुसार बिजली कनेक्शन दिलाने में हस्तक्षेप करें।

लोगों ने सांसद डॉ. महेश शर्मा को ज्ञापन सौंपा
लोगों ने सांसद डॉ. महेश शर्मा को ज्ञापन सौंपा
locationभारत
userअभिजीत यादव
calendar14 Jan 2026 12:51 PM
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Noida News : नोएडा के डूब क्षेत्र में रहने वाले परिवारों को बिजली कनेक्शन दिलाने की मांग ने एक बार फिर जोर पकड़ा है। भारतीय किसान परिषद के नेतृत्व में डूब क्षेत्र के लोगों ने गौतमबुद्धनगर लोकसभा क्षेत्र के सांसद एवं पूर्व केंद्रीय मंत्री डॉ. महेश शर्मा से मुलाकात कर अपनी समस्या रखी। परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष सुखवीर खलीफा ने सांसद को ज्ञापन सौंपते हुए कहा कि नोएडा के डूब क्षेत्र में रहने वाले सैकड़ों परिवार आज भी मूलभूत सुविधा बिजली से वंचित हैं।

डूब क्षेत्र में बिजली कनेक्शन की उठी मांग

परिषद और स्थानीय लोग सेक्टर-27 स्थित सांसद कार्यालय पहुंचे और नोएडा के डूब क्षेत्र में नियमित विद्युत कनेक्शन उपलब्ध कराने की मांग की। सुखवीर खलीफा ने कहा कि डूब क्षेत्र में रहने वाले कई लोग नोएडा के निर्माण और रोजमर्रा के संचालन में श्रमिक, सेवा-कर्मी और छोटे कारोबारियों के रूप में अहम भूमिका निभाते हैं, लेकिन इसके बावजूद उन्हें वैध बिजली कनेक्शन नहीं मिल पा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि नोएडा के डूब क्षेत्र में कुछ जगहों पर गैरकानूनी तरीके से बिजली आपूर्ति कर लोगों से अवैध वसूली की जा रही है। इससे एक तरफ आम लोगों पर आर्थिक बोझ बढ़ रहा है, तो दूसरी तरफ सरकारी राजस्व को भी नुकसान हो रहा है। परिषद ने सांसद से आग्रह किया कि वह संबंधित विभागों और प्रशासन से समन्वय कर नोएडा के डूब क्षेत्र के निवासियों को नियमानुसार बिजली कनेक्शन दिलाने में हस्तक्षेप करें।

नोएडा डूब क्षेत्र को लेकर खलीफा का साफ संदेश

सुखवीर खलीफा ने यह भी कहा कि डूब क्षेत्र में रह रहे कमेरा/कर्मकार वर्ग के लोगों के लिए बिजली कोई सुविधा नहीं, बल्कि जीवन-यापन की बुनियादी जरूरत और अधिकार है। परिषद ने स्पष्ट किया कि यदि समस्या का समाधान नहीं होता, तो संगठन नोएडा में जनहित में हर स्तर पर संघर्ष के लिए तैयार है। वहीं, ज्ञापन प्राप्त करने के बाद सांसद डॉ. महेश शर्मा ने उपस्थित लोगों को आश्वस्त किया कि वे उनकी समस्या के समाधान के लिए हर संभव प्रयास करेंगे और संबंधित अधिकारियों से बात कर उचित कार्रवाई की दिशा में कदम उठाएंगे। Noida News

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बड़ी खबर : नोएडा प्राधिकरण से हटाए गए OSD महेंद्र प्रसाद

इसके बाद प्रशासन ने सख्ती और बढ़ाते हुए उन्हें नोएडा प्राधिकरण से भी हटाकर लखनऊ स्थित मुख्यालय अटैच कर दिया। प्रशासनिक हलकों में इस फैसले को साफ तौर पर अनुशासनात्मक कार्रवाई और एक कड़ा संदेश माना जा रहा है।

नोएडा प्राधिकरण के OSD महेंद्र प्रसाद
नोएडा प्राधिकरण के OSD महेंद्र प्रसाद
locationभारत
userअभिजीत यादव
calendar13 Jan 2026 02:50 PM
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Noida News : नोएडा प्राधिकरण में बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई ने हलकों में हलचल बढ़ा दी है।मेट्रो कैलेंडर विवाद पर सख्ती दिखाते हुए प्राधिकरण ने लंबे समय से OSD पद पर तैनात महेंद्र प्रसाद को पद से हटाकर लखनऊ स्थित मुख्यालय से अटैच कर दिया। अधिकारियों के मुताबिक, कैलेंडर में बिना अनुमति तस्वीरें प्रकाशित होने का मामला सामने आने के बाद इसे महज औपचारिक चूक नहीं माना गया, बल्कि सरकारी मर्यादा, अनुशासन और जवाबदेही से जुड़ा गंभीर उल्लंघन मानते हुए तत्काल कार्रवाई की गई। 

2026 कैलेंडर विवाद से शुरू हुआ मामला

कुछ दिन पहले नोएडा मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (NMRC) के वर्ष 2026 के कैलेंडर ने नोएडा की अफसरशाही में हलचल पैदा कर दी थी। आरोप सामने आए कि कैलेंडर में नोएडा प्राधिकरण के सीईओ लोकेश एम की तस्वीर बिना औपचारिक अनुमति प्रकाशित की गई, जबकि उसी प्रकाशन में महेंद्र प्रसाद की तस्वीर को भी प्रमुख स्थान दिया गया। मामला सामने आते ही नोएडा में जवाबदेही तय करने की कवायद तेज हो गई। हालात की गंभीरता को देखते हुए सीईओ लोकेश एम ने तत्काल कदम उठाते हुए महेंद्र प्रसाद को NMRC के कार्यकारी निदेशक पद से हटा दिया। इसके बाद प्रशासन ने सख्ती और बढ़ाते हुए उन्हें नोएडा प्राधिकरण से भी हटाकर लखनऊ स्थित मुख्यालय अटैच कर दिया। प्रशासनिक हलकों में इस फैसले को साफ तौर पर अनुशासनात्मक कार्रवाई और एक कड़ा संदेश माना जा रहा है।

कैलेंडर ने बढ़ाई मुश्किल

इस पूरे घटनाक्रम ने नोएडा में कई असहज सवाल खड़े कर दिए हैं। जब सरकारी कैलेंडरों में परंपरानुसार मुख्यमंत्री की तस्वीर को स्थान दिया जाता है, तो इस बार वह तस्वीर नदारद क्यों रही? और अगर परंपरा से हटकर मुख्यमंत्री की फोटो नहीं लगाई गई, तो फिर अधिकारियों की तस्वीरें इतनी प्रमुखता से किस प्रक्रिया और किस अनुमति के आधार पर छापी गईं? प्रशासनिक सूत्रों का कहना है कि यह मामला केवल डिजाइन या छपाई की “तकनीकी चूक” नहीं, बल्कि सरकारी शिष्टाचार, संस्थागत मर्यादा, जवाबदेही और अनुमति-प्रक्रिया से जुड़ा संवेदनशील प्रकरण है। सूत्र बताते हैं कि इस मुद्दे पर ऊपरी स्तर पर नाराजगी दर्ज की गई, जिसके बाद महेंद्र प्रसाद को लखनऊ मुख्यालय अटैच करने की कार्रवाई को उसी सख्ती का संकेत माना जा रहा है। Noida News

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