नोएडा के बिल्डर का वारंट जारी, जल्दी ही होगी कुर्की
नोएडा कमिश्नरी पुलिस के सूत्रों का दावा है कि जल्दी ही गिरफ्तारी ना होने पर बिल्डर की सारी प्रोपर्टी तथा दफ्तर की कुर्की कर ली जाएगी। नोएडा की पुलिस कमिश्नर श्रीमती लक्ष्मी सिंह ने बिल्डर को हर हाल में गिरफ्तार करने के निर्देश जारी किए हैं।

Noida News : नोएडा कमिश्नरी पुलिस ने एक भगोड़े बिल्डर के विरूद्ध बड़ा एक्शन लिया है। नोएडा कमिश्नरी पुलिस ने अदालत के आदेश पर नोएडा के चर्चित बिल्डर के विरूद्ध गैर जमानती वारंट जारी कर दिया है। नोएडा पुलिस की अलग-अलग टीम इस चर्चित बिल्डर की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी कर रही हैं। नोएडा कमिश्नरी पुलिस के सूत्रों का दावा है कि जल्दी ही गिरफ्तारी ना होने पर बिल्डर की सारी प्रोपर्टी तथा दफ्तर की कुर्की कर ली जाएगी। नोएडा की पुलिस कमिश्नर श्रीमती लक्ष्मी सिंह ने बिल्डर को हर हाल में गिरफ्तार करने के निर्देश जारी किए हैं।
बहुत बड़ा फ्रॉड है नोएडा का यह बिल्डर
नोएडा कमिश्नरी पुलिस ने नोएडा के जिस बिल्डर के विरूद्ध गैर जमानती वारंट जारी किया है उस बिल्डर का नाम सरदार निर्मल सिंह है। सरदार निर्मल सिंह थ्री सी के नाम से बिल्डर कंपनी चलाता था। वर्ष-2017 से पहले नोएडा प्राधिकरण में सरदार मोहिन्दर सिंह CEO के पद पर तैनात था। सरदार मोहिन्दर सिंह के साथ मिलकर निर्मल सिंह ने नोएडा तथा ग्रेटर नोएडा में अरबों रूपए के फ्रॉड किए थे। हाल ही में नोएडा के सेक्टर-150 के जिस प्लॉट पर इंजीनियर युवराज मेहता की मौत हुई है वह मौत के कुएं वाला प्लाट भी सरदार निर्मल सिंह का ही है। सरदार निर्मल सिंह ही सही मायने में विवादित बिल्डर कंपनी लोटस ग्रीन का भी मालिक है।
इंजीनियर युवराज मेहता के केस में जारी हुआ वारंट
नोएडा के सेक्टर-150 में हुई इंजीनियर युवराज मेहता की मौत के मामले में नोएडा कमिश्नरी पुलिस तीन बिल्डरों को पहले ही गिरफ्तार करके जेल भेज चुकी है। अब बारी चर्चित बिल्डर सरदार निर्मल सिंह की है। नोएडा कमिश्नरी पुलिस ने निर्मल सिंह के विरूद्ध गैर जमानती वारंटी जारी कर दिया है साथ ही नोएडा पुलिस निर्मल सिंह की प्रोपर्टी की कुर्की करने की भी तैयारी कर रही है।
बिल्डर के कारण गई युवराज मेहता की जान
आपको बता दें कि नोएडा के सेक्टर-150 में 16-17 जनवरी की दरमियानी रात को घने कोहरे के बीच युवराज मेहता गुरुग्राम से घर लौट रहे थे। इसी दौरान उनकी कार एक तीखे मोड़ पर सडक़ से फिसलकर निर्माणाधीन साइट के पास एक गहरे, पानी से भरे गड्ढे में गिर गई। ये गड्ढा कई सालों से बिना बैरिकेडिंग, लाइटिंग या सुरक्षा उपायों के खुला पड़ा था। युवराज ने कार की छत पर चढक़र फ्लैश लाइट जलाकर मदद मांगी, लेकिन देर रात तक कोई सहायता नहीं पहुंची और वे डूब गए। गुस्साए परिजनों का आरोप है कि ये घटना न केवल एक हादसा, बल्कि प्रशासनिक और बिल्डरों की गंभीर लापरवाही का परिणाम है। युवराज के पिता राजकुमार मेहता की शिकायत पर पुलिस ने एमजेड विज टाउन और लोटस ग्रीन कंस्ट्रक्शन प्राइवेट लिमिटेड के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया था। Noida News
Noida News : नोएडा कमिश्नरी पुलिस ने एक भगोड़े बिल्डर के विरूद्ध बड़ा एक्शन लिया है। नोएडा कमिश्नरी पुलिस ने अदालत के आदेश पर नोएडा के चर्चित बिल्डर के विरूद्ध गैर जमानती वारंट जारी कर दिया है। नोएडा पुलिस की अलग-अलग टीम इस चर्चित बिल्डर की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी कर रही हैं। नोएडा कमिश्नरी पुलिस के सूत्रों का दावा है कि जल्दी ही गिरफ्तारी ना होने पर बिल्डर की सारी प्रोपर्टी तथा दफ्तर की कुर्की कर ली जाएगी। नोएडा की पुलिस कमिश्नर श्रीमती लक्ष्मी सिंह ने बिल्डर को हर हाल में गिरफ्तार करने के निर्देश जारी किए हैं।
बहुत बड़ा फ्रॉड है नोएडा का यह बिल्डर
नोएडा कमिश्नरी पुलिस ने नोएडा के जिस बिल्डर के विरूद्ध गैर जमानती वारंट जारी किया है उस बिल्डर का नाम सरदार निर्मल सिंह है। सरदार निर्मल सिंह थ्री सी के नाम से बिल्डर कंपनी चलाता था। वर्ष-2017 से पहले नोएडा प्राधिकरण में सरदार मोहिन्दर सिंह CEO के पद पर तैनात था। सरदार मोहिन्दर सिंह के साथ मिलकर निर्मल सिंह ने नोएडा तथा ग्रेटर नोएडा में अरबों रूपए के फ्रॉड किए थे। हाल ही में नोएडा के सेक्टर-150 के जिस प्लॉट पर इंजीनियर युवराज मेहता की मौत हुई है वह मौत के कुएं वाला प्लाट भी सरदार निर्मल सिंह का ही है। सरदार निर्मल सिंह ही सही मायने में विवादित बिल्डर कंपनी लोटस ग्रीन का भी मालिक है।
इंजीनियर युवराज मेहता के केस में जारी हुआ वारंट
नोएडा के सेक्टर-150 में हुई इंजीनियर युवराज मेहता की मौत के मामले में नोएडा कमिश्नरी पुलिस तीन बिल्डरों को पहले ही गिरफ्तार करके जेल भेज चुकी है। अब बारी चर्चित बिल्डर सरदार निर्मल सिंह की है। नोएडा कमिश्नरी पुलिस ने निर्मल सिंह के विरूद्ध गैर जमानती वारंटी जारी कर दिया है साथ ही नोएडा पुलिस निर्मल सिंह की प्रोपर्टी की कुर्की करने की भी तैयारी कर रही है।
बिल्डर के कारण गई युवराज मेहता की जान
आपको बता दें कि नोएडा के सेक्टर-150 में 16-17 जनवरी की दरमियानी रात को घने कोहरे के बीच युवराज मेहता गुरुग्राम से घर लौट रहे थे। इसी दौरान उनकी कार एक तीखे मोड़ पर सडक़ से फिसलकर निर्माणाधीन साइट के पास एक गहरे, पानी से भरे गड्ढे में गिर गई। ये गड्ढा कई सालों से बिना बैरिकेडिंग, लाइटिंग या सुरक्षा उपायों के खुला पड़ा था। युवराज ने कार की छत पर चढक़र फ्लैश लाइट जलाकर मदद मांगी, लेकिन देर रात तक कोई सहायता नहीं पहुंची और वे डूब गए। गुस्साए परिजनों का आरोप है कि ये घटना न केवल एक हादसा, बल्कि प्रशासनिक और बिल्डरों की गंभीर लापरवाही का परिणाम है। युवराज के पिता राजकुमार मेहता की शिकायत पर पुलिस ने एमजेड विज टाउन और लोटस ग्रीन कंस्ट्रक्शन प्राइवेट लिमिटेड के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया था। Noida News












