नोएडा में औद्योगिक विकास को बड़ी राहत, 100 इंडस्ट्रियल प्लॉटों पर शुरू होगा निर्माण

जमीन अधिग्रहण के मुआवजे और अलॉटमेंट से जुड़े विवादों के चलते इन प्लॉटों पर किसी तरह की औद्योगिक गतिविधि शुरू नहीं हो पा रही थी। इसका सीधा असर रोजगार और निवेश दोनों पर पड़ रहा था।

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नोएडा अथारिटी
locationभारत
userयोगेन्द्र नाथ झा
calendar01 Jan 2026 02:39 PM
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Noida News : नोएडा के औद्योगिक क्षेत्र के लिए यह साल एक बड़ी सौगात लेकर आया है। लंबे समय से कानूनी विवादों में उलझे करीब 100 इंडस्ट्रियल प्लॉट अब पूरी तरह से कोर्ट केस से मुक्त हो चुके हैं। इन प्लॉटों पर वर्षों से निर्माण कार्य रुका हुआ था, लेकिन अब सभी कानूनी अड़चनें दूर होने के बाद जल्द ही फैक्ट्रियों और औद्योगिक इकाइयों के निर्माण का रास्ता साफ हो गया है। जमीन अधिग्रहण के मुआवजे और अलॉटमेंट से जुड़े विवादों के चलते इन प्लॉटों पर किसी तरह की औद्योगिक गतिविधि शुरू नहीं हो पा रही थी। इसका सीधा असर रोजगार और निवेश दोनों पर पड़ रहा था। कई उद्योगपति चाहकर भी अपनी यूनिट स्थापित नहीं कर पा रहे थे, जिससे नोएडा के औद्योगिक इलाकों में बड़ी संख्या में प्लॉट खाली पड़े हुए थे।

प्राधिकरण की सक्रियता से सुलझे मामले

नोएडा प्राधिकरण ने बीते कुछ महीनों में इन लंबित मामलों को प्राथमिकता पर लेते हुए तेजी से कार्रवाई की। शासन स्तर पर तालमेल बनाकर अदालतों में चल रहे मामलों का निपटारा कराया गया। इसके परिणामस्वरूप अब करीब 100 इंडस्ट्रियल प्लॉट पूरी तरह विवाद-मुक्त घोषित कर दिए गए हैं। प्राधिकरण का कहना है कि अब इन प्लॉटों पर औद्योगिक इकाइयों के निर्माण में कोई कानूनी बाधा नहीं रहेगी। इन इंडस्ट्रियल प्लॉटों पर फैक्ट्रियां और यूनिट्स शुरू होने से स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे। अनुमान है कि इन परियोजनाओं के पूरा होने पर हजारों लोगों को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार मिलेगा। खासकर एमएसएमई सेक्टर को इससे बड़ा लाभ मिलने की उम्मीद है, जिससे छोटे और मध्यम उद्योगों को मजबूती मिलेगी।

अलॉटियों को जल्द भेजे जाएंगे नोटिस

प्राधिकरण अधिकारियों के अनुसार, विवाद समाप्त होने के बाद संबंधित अलॉटियों को नोटिस जारी किए जाएंगे। उन्हें तय समय सीमा के भीतर निर्माण कार्य शुरू करने के निर्देश दिए जाएंगे। यदि कोई अलॉटी निर्धारित समय में निर्माण कार्य शुरू नहीं करता है, तो उसके खिलाफ नियमों के तहत सख्त कार्रवाई की जा सकती है।

औद्योगिक गतिविधियों को मिलेगी नई गति

वर्तमान में नोएडा में तीन हजार से अधिक इंडस्ट्रियल प्लॉट आवंटित हैं, लेकिन कानूनी अड़चनों और निर्माण में देरी के कारण कई क्षेत्रों में विकास की रफ्तार धीमी रही है। इन 100 प्लॉटों के विवाद समाप्त होने से औद्योगिक गतिविधियों में तेजी आने की उम्मीद है। प्राधिकरण का लक्ष्य है कि शेष लंबित मामलों को भी जल्द सुलझाकर औद्योगिक भूमि का पूर्ण और प्रभावी उपयोग किया जाए, ताकि नोएडा को एक मजबूत औद्योगिक और निवेश केंद्र के रूप में स्थापित किया जा सके।

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नव वर्ष में जनपदवासियों को मिलेगा सौगातों का पिटारा

अब संकेत मिल रहे हैं कि जनवरी 2026 में नोएडा की इस सबसे बड़ी एविएशन सौगात को उड़ान देने की दिशा में निर्णायक कदम बढ़ सकते हैं। शुरुआत कार्गो फ्लाइट्स से होने और उसके बाद कमर्शियल उड़ानों के शुरू होने की संभावना है।

नववर्ष 2026 में खूब होगा नोएडा शहर का विकास
नववर्ष 2026 में खूब होगा नोएडा शहर का विकास
locationभारत
userअभिजीत यादव
calendar01 Jan 2026 01:16 PM
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Noida News : नववर्ष 2026 की शुरुआत नोएडा के लिए विकास की नई लिस्ट लेकर आई है। इस साल नोएडा-ग्रेटर नोएडा को ऐसे कई बड़े तोहफे मिलने वाले हैं, जो शहर की रोजमर्रा की जिंदगी और आने वाले कल दोनों का नक्शा बदल सकते हैं। इस नए साल में नोएडा-ग्रेटर नोएडा रीजन में जेवर का नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट, सेक्टर-96 में प्राधिकरण का नया मुख्यालय, मेट्रो विस्तार की अहम योजनाएं, ई-बस नेटवर्क, स्काइवॉक, चिल्ला एलिवेटेड रोड और लिंक रोड/अंडरपास जैसे प्रोजेक्ट्स शहर की रफ्तार को नई दिशा देने का दावा कर रहे हैं। उम्मीद है कि इन योजनाओं से ट्रैफिक दबाव घटेगा, सफर आसान होगा और नोएडा की पहचान एक कनेक्टेड, क्लीन और फ्यूचर-रेडी सिटी के तौर पर और मजबूत होगी।

नोएडा एयरपोर्ट पर पहली कामर्शियल और कार्गो फ्लाईट

जेवर स्थित नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के पहले चरण में एक रनवे और टर्मिनल के साथ ऑपरेशन शुरू करने की तैयारी लंबे समय से चल रही है। लेकिन सिक्योरिटी क्लीयरेंस और लाइसेंसिंग की प्रक्रियाओं में देरी के कारण इसकी लॉन्चिंग की घड़ी बार-बार आगे खिसकती रही। अब संकेत मिल रहे हैं कि जनवरी 2026 में नोएडा की इस सबसे बड़ी एविएशन सौगात को उड़ान देने की दिशा में निर्णायक कदम बढ़ सकते हैं शुरुआत कार्गो फ्लाइट्स से होने और उसके बाद कमर्शियल उड़ानों के शुरू होने की संभावना है। उम्मीद की जा रही है कि यह एयरपोर्ट सिर्फ नोएडा-ग्रेटर नोएडा की कनेक्टिविटी नहीं बढ़ाएगा, बल्कि पश्चिमी यूपी की अर्थव्यवस्था को नया पंख देकर पूरे रीजन को एक मजबूत लॉजिस्टिक्स और बिजनेस हब में बदलने की क्षमता रखता है।

बोड़ाकी तक मेट्रो को मंजूरी

नोएडा-ग्रेटर नोएडा रीजन की कनेक्टिविटी तस्वीर इस साल एक बड़ा मोड़ लेने जा रही है। एक्वा लाइन को ग्रेटर नोएडा में मेट्रो डिपो से बोड़ाकी तक बढ़ाने के प्रस्ताव को मंजूरी मिलने की चर्चा है। करीब 2.6 किमी के इस विस्तार से बोड़ाकी में प्रस्तावित रेलवे जंक्शन तक मेट्रो पहुंचने का रास्ता खुलेगा, जिससे हजारों यात्रियों को इंटरचेंज और आवागमन में बड़ी राहत मिल सकती है। हालांकि शहर की दो और अहम मेट्रो योजनाएं बोटेनिकल गार्डन से सेक्टर-142 और सेक्टर-61 से नॉलेज पार्क-5 अब भी केंद्र की हरी झंडी का इंतजार कर रही हैं, जिसके चलते इन प्रोजेक्ट्स की समय-सीमा फिलहाल अनिश्चित बनी हुई है।

मिलेंगी ई-बस बढ़ेगा पब्लिक ट्रांसपोर्ट

नोएडा और ग्रेटर नोएडा में इस साल ई-बस सेवा शुरू होने की उम्मीद जताई जा रही है। इसके लिए कंपनियों को लेकर दोबारा टेंडर और संचालन के लिए एसपीवी मॉडल की बात सामने आई है। दावा है कि ऑन-डिमांड जरूरत के हिसाब से ई-बसें अलग-अलग रूटों पर चलाई जाएंगी, जिससे शहर के अंदर आवागमन का दबाव कम हो सकता है।

सेक्टर-51-52 मेट्रो स्काइवॉक

नोएडा में मेट्रो यात्रियों की सुविधा के लिए स्काइवॉक प्रोजेक्ट को भी इस साल की बड़ी सौगातों में गिना जा रहा है। योजना के मुताबिक यह स्काइवॉक करीब 530 मीटर लंबा और 4 मीटर चौड़ा होगा, जिससे यात्रियों को स्टेशन तक पहुंचने में सुरक्षित और मौसम से बेहतर ढकी हुई वॉकवे कनेक्टिविटी मिल सकेगी। इसकी अनुमानित लागत करीब 43 करोड़ रुपये बताई जा रही है और लक्ष्य है कि काम निर्धारित समय-सीमा में पूरा हो। माना जा रहा है कि स्काइवॉक के शुरू होने से नोएडा में मेट्रो स्टेशनों के आसपास की भीड़, अव्यवस्थित क्रॉसिंग और ट्रैफिक टकराव जैसी दिक्कतें भी काफी हद तक कम होंगी।

दिल्ली बॉर्डर से महामाया तक जाम घटाने की तैयारी

दिल्ली-नोएडा बॉर्डर से महामाया फ्लाईओवर तक ट्रैफिक जाम कम करने के उद्देश्य से 5.5 किमी लंबा, 6 लेन चिल्ला एलिवेटेड रोड निर्माणाधीन है। प्राधिकरण के अनुसार यह परियोजना 892 करोड़ रुपये की लागत से बनाई जा रही है और लक्ष्य है कि दिसंबर 2027 से पहले इस पर वाहनों की आवाजाही शुरू हो सके। यह एलिवेटेड रोड मयूर विहार/पूर्वी दिल्ली से आने वाले वाहनों को सीधे नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे तक पहुंचाने में मदद करेगी।

एलजी चौक से एक्सप्रेसवे लिंक रोड की योजना

नोएडा-ग्रेटर नोएडा को नई कनेक्टिविटी देने के लिए एलजी गोलचक्कर से शारदा विश्वविद्यालय होते हुए नोएडा-ग्रेनो एक्सप्रेसवे तक लिंक रोड की योजना पर काम आगे बढ़ने की बात कही जा रही है। हालांकि नमोली गांव के पास जमीन को लेकर विवाद/आपत्तियों का मुद्दा सामने आया है। इधर हिंडन ब्रिज/एप्रोच रोड का काम पूरा होने की बात है, जो एलजी चौक से सेक्टर-145 तक कनेक्टिविटी को मजबूती देता है।

गौर चौक अंडरपास

ग्रेटर नोएडा के गौर चौक पर 92 करोड़ रुपये की लागत से अंडरपास निर्माण चल रहा है। डेडलाइन पहले जून 2025, फिर दिसंबर 2025 बताई गई थी, अब प्राधिकरण के अनुसार यूटिलिटी शिफ्टिंग (बिजली/पीएनजी लाइन) और पेड़ों के स्थानांतरण में समय लगने से जनवरी 2026 में पूरा होने का लक्ष्य रखा गया है। इसके शुरू होने से गौर चौक क्षेत्र में जाम से राहत की उम्मीद है।

नोएडा प्राधिकरण का नया प्रशासनिक भवन तैयार

नोएडा के सेक्टर-96 में प्राधिकरण की नई प्रशासनिक बिल्डिंग को लेकर बड़ी अपडेट सामने आई है। बताया जा रहा है कि करीब 390 करोड़ रुपये की लागत वाली यह आधुनिक इमारत बनकर तैयार हो चुकी है। योजना यह है कि प्राधिकरण के अलग-अलग रीजनल ऑफिस अब इसी परिसर में शिफ्ट किए जाएं, ताकि नागरिकों को फाइलों और दफ्तरों के चक्कर लगाने की परेशानी कम हो। अफसरों का दावा है कि इस बदलाव के बाद नोएडा में विकास कार्यों और जन-सुविधाओं से जुड़े कई काम वन-रूफ सर्विस मॉडल पर एक ही छत के नीचे तेज़, पारदर्शी और ज्यादा व्यवस्थित तरीके से निपटाए जा सकेंगे।

स्पोर्टस कांप्लेक्स का निर्माण

नोएडा अब सिर्फ आईटी और इंफ्रास्ट्रक्चर नहीं, स्पोर्ट्स हब बनने की दिशा में भी कदम बढ़ा रहा है। सेक्टर-123 में स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स के निर्माण का रोडमैप इस साल की अहम योजनाओं में शामिल बताया जा रहा है। करीब 70 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत वाला यह प्रोजेक्ट युवा खिलाड़ियों के लिए आधुनिक मैदान, ट्रेनिंग सेटअप और बेहतर सुविधाओं का नया प्लेटफॉर्म तैयार करने का दावा करता है। Noida News

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जनप्रतिनिधियों के साथ संवाद रखें सभी अधिकारी : बृजेश सिंह

उन्होंने अधिकारियों को साफ निर्देश दिए कि नोएडा और पूरे गौतमबुद्ध नगर में चल रहे विकास कार्य तय समय-सीमा के भीतर, गुणवत्ता के उच्च मानकों के साथ पूरे हों और किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

नोएडा-गौतमबुद्ध नगर की समीक्षा बैठक में सम्मान समारोह का दृश्य
नोएडा-गौतमबुद्ध नगर की समीक्षा बैठक में सम्मान समारोह का दृश्य
locationभारत
userअभिजीत यादव
calendar01 Jan 2026 12:44 PM
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Noida News : गौतमबुद्ध नगर में जनहितकारी योजनाओं की रफ्तार बढ़ाने और विकास कार्यों की प्रगति का जमीनी आकलन करने के लिए कलेक्ट्रेट सभागार में जिले की अहम समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता उत्तर प्रदेश सरकार के राज्य मंत्री (लोक निर्माण विभाग) एवं जनपद के प्रभारी मंत्री बृजेश सिंह ने की। उन्होंने अधिकारियों को साफ निर्देश दिए कि नोएडा और पूरे गौतमबुद्ध नगर में चल रहे विकास कार्य तय समय-सीमा के भीतर, गुणवत्ता के उच्च मानकों के साथ पूरे हों और किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

जिले के हर विभाग का प्रोग्रेस कार्ड टेबल पर

बैठक में प्रभारी मंत्री ने जिले में संचालित योजनाओं और परियोजनाओं की विभागवार विस्तृत समीक्षा की। समीक्षा के दायरे में राजस्व संग्रह व राजस्व वादों का निस्तारण, आईजीआरएस शिकायतें, कृषि-पशुपालन, बाल विकास एवं पुष्टाहार, चिकित्सा सेवाएं, वन विभाग, बेसिक एवं माध्यमिक शिक्षा, प्राविधिक शिक्षा, जल जीवन मिशन (शहरी-ग्रामीण), मत्स्य, उद्यान, पूर्ति, पर्यटन विकास, जिला उद्योग केंद्र, विद्युत, महिला कल्याण, समाज कल्याण, पिछड़ा वर्ग कल्याण, अल्पसंख्यक कल्याण, दिव्यांगजन सशक्तिकरण, एनआरएलएम, पंचायती राज, नगर विकास, प्रधानमंत्री आवास योजना, कौशल विकास, अतिरिक्त ऊर्जा, सहकारिता, श्रम विभाग और लोक निर्माण विभाग समेत अन्य प्रमुख विभाग शामिल रहे।

जनसुनवाई में गुणवत्ता पर फोकस

प्रभारी मंत्री बृजेश सिंह ने बैठक में अधिकारियों से कहा कि नोएडा जैसे तेजी से बढ़ते शहरी क्षेत्र और जिले के ग्रामीण इलाकोंदोनों जगहों की जरूरतें अलग हैं, इसलिए जनप्रतिनिधियों के साथ नियमित संवाद बनाए रखते हुए योजनाओं का लाभ पात्र लोगों तक पारदर्शिता से पहुंचाया जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार की प्राथमिकता सिर्फ फाइलों में प्रगति दिखाना नहीं, बल्कि आम नागरिक को समय पर सुविधा और वास्तविक लाभ देना है। नोएडा समेत गौतमबुद्ध नगर में जनसमस्याओं के निस्तारण पर जोर देते हुए प्रभारी मंत्री ने कहा कि जनसुनवाई पोर्टल पर आने वाली शिकायतों का निस्तारण केवल औपचारिकता न रहे। शिकायतकर्ता को संतोषजनक, गुणवत्तापूर्ण और प्रभावी समाधान मिले यह सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जनता से सीधे संवाद बढ़ाकर योजनाओं को अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक पहुंचाया जाए।

नोएडा-ग्रेटर नोएडा से जुड़े अधिकारी भी रहे मौजूद

बैठक में सांसद डॉ. महेश शर्मा, राज्यसभा सांसद सुरेंद्र नागर, नोएडा विधायक पंकज सिंह, जेवर विधायक धीरेंद्र सिंह, दादरी विधायक तेजपाल नागर, जिला पंचायत अध्यक्ष अमित चौधरी, विधान परिषद सदस्य नरेंद्र भाटी और श्रीचंद शर्मा, भाजपा जिलाध्यक्ष अभिषेक शर्मा, नगर पालिका दादरी अध्यक्ष गीता पंडित सहित कई जनप्रतिनिधि मौजूद रहे। प्रशासनिक स्तर पर एडिशनल पुलिस कमिश्नर राजीव नारायण मिश्र, ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण की अपर मुख्य कार्यपालक अधिकारी लक्ष्मी वीएस, नोएडा प्राधिकरण की अपर मुख्य कार्यपालक अधिकारी वंदना त्रिपाठी, मुख्य विकास अधिकारी डॉ. शिवाकांत द्विवेदी, अपर जिलाधिकारी (प्रशासन) मंगलेश दुबे, जिला विकास अधिकारी शिव प्रताप परमेश सहित जिले के सभी प्रमुख अधिकारी बैठक में उपस्थित रहे। Noida News