उत्तर प्रदेश में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल, नेहा शर्मा को मिली अहम जिम्मेदारी
माना जा रहा है कि नेहा शर्मा के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश में संपत्ति रजिस्ट्री से लेकर स्टांप ड्यूटी तक की प्रक्रिया अधिक सुव्यवस्थित, जवाबदेह और जनता के लिए सरल बनेगी साथ ही राजस्व संग्रह में भी नई तेजी देखने को मिल सकती है।

UP News : उत्तर प्रदेश में नए साल की शुरुआत के साथ ही योगी सरकार ने प्रशासनिक ढांचे को मजबूत करने के लिए बड़ा कदम उठाया है। उत्तर प्रदेश में प्रशासनिक ढांचे को और मजबूत करने के लिए 21 आईएएस अधिकारियों को प्रमोशन के साथ नई तैनाती दी गई है। इसी क्रम में 2010 बैच की वरिष्ठ आईएएस नेहा शर्मा को स्टांप एवं निबंधन विभाग की अहम जिम्मेदारी सौंपते हुए स्थायी महानिरीक्षक निबंधन (आईजी रजिस्ट्रेशन) नियुक्त किया गया है। अब तक वे प्रभारी आईजी के तौर पर विभाग की कमान संभाल रही थीं, लेकिन उनकी भूमिका को स्थायी करना यह संकेत देता है कि उत्तर प्रदेश सरकार रजिस्ट्रेशन सिस्टम को तेज, पारदर्शी और पूरी तरह टेक्नोलॉजी-ड्रिवन बनाने पर फोकस बढ़ा रही है। माना जा रहा है कि नेहा शर्मा के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश में संपत्ति रजिस्ट्री से लेकर स्टांप ड्यूटी तक की प्रक्रिया अधिक सुव्यवस्थित, जवाबदेह और जनता के लिए सरल बनेगी साथ ही राजस्व संग्रह में भी नई तेजी देखने को मिल सकती है।
उत्तर प्रदेश के स्टांप-निबंधन विभाग पर सरकार का फोकस
उत्तर प्रदेश में संपत्ति की खरीद-बिक्री से लेकर दस्तावेजों के पंजीकरण और स्टांप शुल्क के जरिए राजस्व जुटाने में स्टांप एवं निबंधन विभाग की भूमिका रीढ़ की हड्डी जैसी है। लेकिन इसी विभाग में पारदर्शिता, डिजिटल सेवाओं की पहुंच और शिकायतों के तेज निस्तारण को लेकर लंबे समय से सवाल भी उठते रहे हैं। ऐसे में नेहा शर्मा को स्थायी आईजी रजिस्ट्रेशन बनाकर उत्तर प्रदेश सरकार ने साफ संकेत दे दिया है कि 2026 में रजिस्ट्रेशन व्यवस्था को मिशन मोड में सुधारा जाएगा। सूत्रों की मानें तो नेहा शर्मा की प्राथमिकताओं में उत्तर प्रदेश में रजिस्ट्री प्रक्रिया को और सरल व समयबद्ध बनाना, ऑनलाइन सिस्टम को ज्यादा मजबूत करना, फील्ड स्तर पर सख्त निगरानी बढ़ाना और राजस्व लीकेज पर लगाम लगाने जैसे कदम प्रमुख रहेंगे।
नेहा शर्मा का उत्तर प्रदेश में मजबूत ट्रैक रिकॉर्ड
2010 बैच की आईएएस नेहा शर्मा उत्तर प्रदेश कैडर की उन अफसरों में शुमार हैं, जिन्होंने फील्ड में रहकर प्रशासनिक सख्ती और निर्णय क्षमता की अलग पहचान बनाई है। रायबरेली, फिरोजाबाद, कानपुर नगर और गोंडा जैसे संवेदनशील और बड़े जिलों में जिलाधिकारी रहते हुए उन्होंने कानून-व्यवस्था से लेकर विकास कार्यों तक पर मजबूत पकड़ दिखाई। खास तौर पर गोंडा में उनकी तैनाती के दौरान लिए गए कड़े फैसलों ने उन्हें उत्तर प्रदेश की चर्चित और भरोसेमंद अफसरों की सूची में ला खड़ा किया। जुलाई 2025 में हुए बड़े प्रशासनिक फेरबदल में उन्हें गोंडा से हटाकर प्रभारी आईजी रजिस्ट्रेशन बनाया गया था। अब नए साल 2026 की शुरुआत में इसी पद पर स्थायी तैनाती देकर उत्तर प्रदेश सरकार ने उनके कामकाज और प्रशासनिक क्षमता पर खुलकर भरोसा जताया है। नेहा शर्मा को पारदर्शी, जवाबदेह और जनोन्मुखी प्रशासन की समर्थक अधिकारी के रूप में देखा जाता है, जिससे उनके नेतृत्व में निबंधन विभाग में ठोस सुधारों की उम्मीद की जा रही है।
उत्तर प्रदेश में 21 आईएएस को प्रमोशन
नेहा शर्मा की तैनाती को उत्तर प्रदेश सरकार के एकल फैसले की तरह नहीं देखा जा रहा, बल्कि यह नए साल पर हुए बड़े प्रशासनिक री-शफल का अहम हिस्सा है। इस व्यापक फेरबदल में 21 आईएएस अधिकारियों को प्रमोशन के साथ नई जिम्मेदारियां देकर सिस्टम को नई गति देने की कोशिश की गई है। शासन स्तर पर अपर्णा यू और एस.वी.एस. रंगाराव को प्रमुख सचिव जैसी महत्वपूर्ण भूमिका सौंपी गई है, जबकि मोनिका रानी को महानिदेशक, स्कूल शिक्षा के पद पर स्थायी जिम्मेदारी दी गई। वहीं योगेश कुमार को आयुक्त एवं निबंधक, सहकारिता बनाकर सहकारिता सेक्टर की कमान मजबूत की गई है।
नए साल में उत्तर प्रदेश में निबंधन व्यवस्था को लेकर क्या बदल सकता है?
नेहा शर्मा के स्थायी आईजी रजिस्ट्रेशन बनने के बाद उत्तर प्रदेश में स्टांप एवं निबंधन विभाग को लेकर रिफॉर्म्स की उम्मीदें और तेज हो गई हैं। माना जा रहा है कि अब फोकस सिर्फ प्रशासनिक बदलाव तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि रजिस्ट्रेशन सिस्टम को तेज, पारदर्शी और टेक्नोलॉजी-फ्रेंडली बनाने की दिशा में ठोस कदम दिख सकते हैं। विभागीय स्तर पर प्राथमिकता यह रहेगी कि रजिस्ट्री की प्रक्रिया कम समय में पूरी हो, ऑनलाइन सेवाओं और डिजिटल पेमेंट को और मजबूत किया जाए, तथा दलालों/अनियमितताओं पर सख्त निगरानी रखी जाए। इसके साथ ही उत्तर प्रदेश में स्टांप ड्यूटी और रजिस्ट्रेशन से जुड़े राजस्व संग्रह को बढ़ाने की रणनीति पर भी खास ध्यान रहेगा। वहीं शिकायतों के त्वरित निस्तारण और पारदर्शिता के लिए फील्ड मॉनिटरिंग को मजबूत कर सिस्टम में भरोसा बढ़ाने की कोशिश की जाएगी। UP News
UP News : उत्तर प्रदेश में नए साल की शुरुआत के साथ ही योगी सरकार ने प्रशासनिक ढांचे को मजबूत करने के लिए बड़ा कदम उठाया है। उत्तर प्रदेश में प्रशासनिक ढांचे को और मजबूत करने के लिए 21 आईएएस अधिकारियों को प्रमोशन के साथ नई तैनाती दी गई है। इसी क्रम में 2010 बैच की वरिष्ठ आईएएस नेहा शर्मा को स्टांप एवं निबंधन विभाग की अहम जिम्मेदारी सौंपते हुए स्थायी महानिरीक्षक निबंधन (आईजी रजिस्ट्रेशन) नियुक्त किया गया है। अब तक वे प्रभारी आईजी के तौर पर विभाग की कमान संभाल रही थीं, लेकिन उनकी भूमिका को स्थायी करना यह संकेत देता है कि उत्तर प्रदेश सरकार रजिस्ट्रेशन सिस्टम को तेज, पारदर्शी और पूरी तरह टेक्नोलॉजी-ड्रिवन बनाने पर फोकस बढ़ा रही है। माना जा रहा है कि नेहा शर्मा के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश में संपत्ति रजिस्ट्री से लेकर स्टांप ड्यूटी तक की प्रक्रिया अधिक सुव्यवस्थित, जवाबदेह और जनता के लिए सरल बनेगी साथ ही राजस्व संग्रह में भी नई तेजी देखने को मिल सकती है।
उत्तर प्रदेश के स्टांप-निबंधन विभाग पर सरकार का फोकस
उत्तर प्रदेश में संपत्ति की खरीद-बिक्री से लेकर दस्तावेजों के पंजीकरण और स्टांप शुल्क के जरिए राजस्व जुटाने में स्टांप एवं निबंधन विभाग की भूमिका रीढ़ की हड्डी जैसी है। लेकिन इसी विभाग में पारदर्शिता, डिजिटल सेवाओं की पहुंच और शिकायतों के तेज निस्तारण को लेकर लंबे समय से सवाल भी उठते रहे हैं। ऐसे में नेहा शर्मा को स्थायी आईजी रजिस्ट्रेशन बनाकर उत्तर प्रदेश सरकार ने साफ संकेत दे दिया है कि 2026 में रजिस्ट्रेशन व्यवस्था को मिशन मोड में सुधारा जाएगा। सूत्रों की मानें तो नेहा शर्मा की प्राथमिकताओं में उत्तर प्रदेश में रजिस्ट्री प्रक्रिया को और सरल व समयबद्ध बनाना, ऑनलाइन सिस्टम को ज्यादा मजबूत करना, फील्ड स्तर पर सख्त निगरानी बढ़ाना और राजस्व लीकेज पर लगाम लगाने जैसे कदम प्रमुख रहेंगे।
नेहा शर्मा का उत्तर प्रदेश में मजबूत ट्रैक रिकॉर्ड
2010 बैच की आईएएस नेहा शर्मा उत्तर प्रदेश कैडर की उन अफसरों में शुमार हैं, जिन्होंने फील्ड में रहकर प्रशासनिक सख्ती और निर्णय क्षमता की अलग पहचान बनाई है। रायबरेली, फिरोजाबाद, कानपुर नगर और गोंडा जैसे संवेदनशील और बड़े जिलों में जिलाधिकारी रहते हुए उन्होंने कानून-व्यवस्था से लेकर विकास कार्यों तक पर मजबूत पकड़ दिखाई। खास तौर पर गोंडा में उनकी तैनाती के दौरान लिए गए कड़े फैसलों ने उन्हें उत्तर प्रदेश की चर्चित और भरोसेमंद अफसरों की सूची में ला खड़ा किया। जुलाई 2025 में हुए बड़े प्रशासनिक फेरबदल में उन्हें गोंडा से हटाकर प्रभारी आईजी रजिस्ट्रेशन बनाया गया था। अब नए साल 2026 की शुरुआत में इसी पद पर स्थायी तैनाती देकर उत्तर प्रदेश सरकार ने उनके कामकाज और प्रशासनिक क्षमता पर खुलकर भरोसा जताया है। नेहा शर्मा को पारदर्शी, जवाबदेह और जनोन्मुखी प्रशासन की समर्थक अधिकारी के रूप में देखा जाता है, जिससे उनके नेतृत्व में निबंधन विभाग में ठोस सुधारों की उम्मीद की जा रही है।
उत्तर प्रदेश में 21 आईएएस को प्रमोशन
नेहा शर्मा की तैनाती को उत्तर प्रदेश सरकार के एकल फैसले की तरह नहीं देखा जा रहा, बल्कि यह नए साल पर हुए बड़े प्रशासनिक री-शफल का अहम हिस्सा है। इस व्यापक फेरबदल में 21 आईएएस अधिकारियों को प्रमोशन के साथ नई जिम्मेदारियां देकर सिस्टम को नई गति देने की कोशिश की गई है। शासन स्तर पर अपर्णा यू और एस.वी.एस. रंगाराव को प्रमुख सचिव जैसी महत्वपूर्ण भूमिका सौंपी गई है, जबकि मोनिका रानी को महानिदेशक, स्कूल शिक्षा के पद पर स्थायी जिम्मेदारी दी गई। वहीं योगेश कुमार को आयुक्त एवं निबंधक, सहकारिता बनाकर सहकारिता सेक्टर की कमान मजबूत की गई है।
नए साल में उत्तर प्रदेश में निबंधन व्यवस्था को लेकर क्या बदल सकता है?
नेहा शर्मा के स्थायी आईजी रजिस्ट्रेशन बनने के बाद उत्तर प्रदेश में स्टांप एवं निबंधन विभाग को लेकर रिफॉर्म्स की उम्मीदें और तेज हो गई हैं। माना जा रहा है कि अब फोकस सिर्फ प्रशासनिक बदलाव तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि रजिस्ट्रेशन सिस्टम को तेज, पारदर्शी और टेक्नोलॉजी-फ्रेंडली बनाने की दिशा में ठोस कदम दिख सकते हैं। विभागीय स्तर पर प्राथमिकता यह रहेगी कि रजिस्ट्री की प्रक्रिया कम समय में पूरी हो, ऑनलाइन सेवाओं और डिजिटल पेमेंट को और मजबूत किया जाए, तथा दलालों/अनियमितताओं पर सख्त निगरानी रखी जाए। इसके साथ ही उत्तर प्रदेश में स्टांप ड्यूटी और रजिस्ट्रेशन से जुड़े राजस्व संग्रह को बढ़ाने की रणनीति पर भी खास ध्यान रहेगा। वहीं शिकायतों के त्वरित निस्तारण और पारदर्शिता के लिए फील्ड मॉनिटरिंग को मजबूत कर सिस्टम में भरोसा बढ़ाने की कोशिश की जाएगी। UP News












