32 लाख बुजुर्गों ने क्यों किया रामाश्रय वार्ड में रजिस्ट्रेशन? वजह जानकर चौंक जाएंगे आप

Ramashray Ward Scheme: रामाश्रय वार्ड योजना राजस्थान में बुजुर्गों के लिए एक समर्पित स्वास्थ्य सेवा है। इस योजना के तहत जिला अस्पतालों में विशेष जीरियाट्रिक वार्ड और क्लिनिक स्थापित किए गए हैं। बुजुर्गों को अब बेड पर ही जांच, सैंपल कलेक्शन और रिपोर्ट उपलब्ध होती है।

रामाश्रय वार्ड योजना
रामाश्रय वार्ड योजना क्या है?
locationभारत
userअसमीना
calendar04 Feb 2026 04:38 PM
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राजस्थान में बुजुर्गों के लिए स्वास्थ्य सुरक्षा को मजबूत बनाने के उद्देश्य से रामाश्रय वार्ड योजना शुरू की गई है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की पहल पर यह योजना अब प्रदेश के बुजुर्गों के लिए एक विश्वसनीय और सम्मानजनक स्वास्थ्य सुविधा बन चुकी है। रामाश्रय वार्ड योजना के तहत सभी जिला अस्पतालों में विशेष जीरियाट्रिक वार्ड और क्लिनिक स्थापित किए गए हैं जिनसे अब तक लगभग 32 लाख बुजुर्गों ने लाभ उठाया है।

बुजुर्गों के लिए बेड पर ही जांच और रिपोर्ट

रामाश्रय वार्ड योजना बुजुर्गों के लिए केवल उपचार ही नहीं बल्कि सम्मान, भरोसा और मानसिक शांति भी प्रदान करती है। अब उन्हें बार-बार अस्पताल आने की आवश्यकता नहीं है। योजना में बेड पर ही जांच, सैम्पल कलेक्शन और रिपोर्ट उपलब्ध कराई जाती है जिससे बुजुर्ग निश्चिंत होकर इलाज करवा सकते हैं। 14 मार्च 2024 से चिकित्सा मंत्री गजेन्द्र सिंह खींवसर के मार्गदर्शन में पूरे राजस्थान के जिला अस्पतालों में इस योजना का शुभारंभ हुआ। इसका उद्देश्य बुजुर्गों को सुगम, समर्पित और सम्मानपूर्वक स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करना रहा है।

32 लाख से अधिक बुजुर्गों को लाभ

चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग की प्रमुख शासन सचिव गायत्री राठौड़ के अनुसार, अब तक लगभग 32 लाख बुजुर्गों ने रामाश्रय वार्ड में रजिस्ट्रेशन कराया है। करीब 30 लाख बुजुर्गों ने ओपीडी सेवाओं का लाभ लिया, लगभग 2 लाख बुजुर्गों को आईपीडी सेवाएं उपलब्ध करवाई गईं, 18 लाख लैब टेस्ट यहां किए गए, 44 हजार से अधिक मरीजों को फिजियोथैरेपी सुविधा प्रदान की गई और 8 हजार से अधिक बुजुर्गों को उच्च स्तरीय उपचार के लिए रेफर किया गया।

आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित वार्ड

हर रामाश्रय वार्ड बुजुर्गों की विशेष जरूरतों के अनुसार तैयार किया गया है। प्रत्येक वार्ड में 10 फाउलर बेड, महिला और पुरुष मरीजों के लिए अलग शौचालय, ग्रैब बार और नर्सिंग अलार्म सिस्टम जैसी सुविधाएं मौजूद हैं।

वार्ड में फिजियोथैरेपी उपकरण जैसे शॉर्ट वेव डायाथर्मी, अल्ट्रासाउंड थैरेपी, ट्रांस इलेक्ट्रिक नर्व स्टिमुलेटर और ट्रेक्शन मशीनें उपलब्ध हैं। इसके अलावा, व्हीलचेयर, ट्रॉली और मेडिसिन कैबिनेट जैसी सुविधाएं भी सुनिश्चित की गई हैं।

नोडल अधिकारी और समर्पित स्टाफ

हर रामाश्रय वार्ड में एक नोडल अधिकारी नियुक्त होता है जो वार्ड की समस्त व्यवस्थाओं का संचालन करता है। बुजुर्ग मरीजों की देखभाल के लिए विशेष नर्सिंग स्टाफ और साफ-सफाई कर्मचारी भी मौजूद रहते हैं। आईपीडी में भर्ती बुजुर्गों के लिए विशेषज्ञ सेवाएं सीधे वार्ड में उपलब्ध करवाई जाती हैं। जांच के लिए सैम्पल भी वार्ड से ही लिए जाते हैं और रिपोर्ट सीधे बेड पर ही दी जाती है।

जीरियाट्रिक क्लिनिक और ओपीडी सेवाएं

राजस्थान के सभी जिला और उप-जिला अस्पतालों में बुजुर्गों के लिए जीरियाट्रिक क्लिनिक की सुविधा दी गई है। रजिस्ट्रेशन काउंटर, जांच काउंटर और दवा वितरण केंद्रों पर भी बुजुर्गों के लिए अलग सुविधा सुनिश्चित की गई है। इससे उन्हें लंबी कतारों में खड़े होने की आवश्यकता नहीं पड़ती और सहज रूप से इलाज उपलब्ध होता है।

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महिला एसडीएम ने खुद बुलडोजर चलाकर गिराया अवैध कॉलोनी, मचा हड़कंप

इस दौरान सब-डिविजनल मजिस्ट्रेट (एसडीएम) अलका एक्का ने मौके पर मौजूद रहकर न सिर्फ कार्रवाई की निगरानी की, बल्कि खुद मशीन चलाकर अवैध कॉलोनी को ध्वस्त कराया। उनके इस तेवर से इलाके में सक्रिय भू-माफियाओं में हड़कंप मच गया।

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सब-डिविजनल मजिस्ट्रेट (एसडीएम) अलका एक्का
locationभारत
userयोगेन्द्र नाथ झा
calendar03 Feb 2026 06:34 PM
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Illegal Construction : मध्य प्रदेश के पांढुर्णा क्षेत्र में अवैध निर्माण के खिलाफ प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाते हुए बड़ी कार्रवाई की है। इस दौरान सब-डिविजनल मजिस्ट्रेट (एसडीएम) अलका एक्का ने मौके पर मौजूद रहकर न सिर्फ कार्रवाई की निगरानी की, बल्कि खुद मशीन चलाकर अवैध कॉलोनी को ध्वस्त कराया। उनके इस तेवर से इलाके में सक्रिय भू-माफियाओं में हड़कंप मच गया।

लंबे समय से मिल रही थी अवैध निर्माण की शिकायतें

जानकारी के अनुसार, जिस कॉलोनी पर कार्रवाई की गई, वह बिना किसी वैधानिक अनुमति के विकसित की जा रही थी। न तो कॉलोनी लेआउट स्वीकृत था और न ही संबंधित विभागों से जरूरी मंजूरी ली गई थी। प्रशासन को लंबे समय से इस अवैध निर्माण की शिकायतें मिल रही थीं, जिसके बाद यह सख्त कदम उठाया गया।

दोषियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा

कार्रवाई के दौरान एसडीएम अलका एक्का ने साफ शब्दों में कहा कि नियमों को ताक पर रखकर कॉलोनी विकसित करने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि भविष्य में यदि कोई अवैध निर्माण सामने आता है, तो उसके खिलाफ भी इसी तरह सख्त कार्रवाई की जाएगी।

एसडीएम का दृढ़ रवैया लोगों के बीच चर्चा का विषय बना

इस पूरे घटनाक्रम का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें एसडीएम का दृढ़ और अनुशासित रवैया लोगों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है। प्रशासन का यह कदम उन लोगों के लिए सख्त संदेश माना जा रहा है, जो नियमों की अनदेखी कर जमीनों पर अवैध कब्जे और निर्माण कर रहे हैं। प्रशासनिक सूत्रों का कहना है कि यह कार्रवाई उच्च अधिकारियों के निर्देश पर की गई है और जिले में अवैध कॉलोनाइजेशन के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा।

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उत्तर रेलवे को मिलेगी छह नई अमृत भारत ट्रेनों की सौगात

ये ट्रेनें मुरादाबाद मंडल के यात्रियों के लिए बड़ी सुविधा साबित होंगी। योजना के अनुसार, दिल्ली, अमृतसर और जम्मू से बिहार तक दो-दो ट्रेनें चलाई जाएंगी। हालांकि, इन ट्रेनों के रूट अभी फाइनल नहीं हुए हैं।

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नई अमृत भारत ट्रेन
locationभारत
userयोगेन्द्र नाथ झा
calendar03 Feb 2026 05:39 PM
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Amrit Bharat Train : उत्तर रेलवे अगले वित्तीय वर्ष में छह नई अमृत भारत ट्रेनें चलाने की योजना बना रहा है। ये ट्रेनें मुरादाबाद मंडल के यात्रियों के लिए बड़ी सुविधा साबित होंगी। योजना के अनुसार, दिल्ली, अमृतसर और जम्मू से बिहार तक दो-दो ट्रेनें चलाई जाएंगी। हालांकि, इन ट्रेनों के रूट अभी फाइनल नहीं हुए हैं। नई ट्रेनें पैसेंजर कोच के साथ होंगी, जिससे कामगार और सामान्य यात्रियों को यात्रा में राहत मिलेगी। रेल मंत्रालय ने यह भी बताया कि हर महीने नई ट्रेन की घोषणा की जाएगी। हाल ही में अमृतसर से हावड़ा तक अमृत भारत एक्सप्रेस शुरू की गई है, जो मुरादाबाद से होकर गुजरती है।

रेलवे सुरक्षा और संरचना में सुधार

मुरादाबाद मंडल के रेल ट्रैक पर सुरक्षा बढ़ाने के लिए कई कदम उठाए जा रहे हैं। मुरादाबाद-लखनऊ और मुरादाबाद-नजीबाबाद के बीच ट्रैक के दोनों ओर दीवार बनाई जाएगी। मुरादाबाद-चंदौसी मार्ग के कुछ हिस्सों में भी सुरक्षा दीवारें होंगी। इसका मकसद दुर्घटनाओं और जान-माल की हानि को कम करना है। बालावाली-रायसी और बरेली-लखनऊ के बीच दो पुलों का पुनर्निर्माण किया जाएगा। इसके अलावा अन्य कई पुलों की मरम्मत भी होगी। मंडल में कुल 19 स्टेशनों को अमृत भारत योजना के तहत अपग्रेड किया जा रहा है। धामपुर स्टेशन अब पूरी तरह तैयार है। हापुड़, शाहजहांपुर, रामपुर, चंदौसी जैसे स्टेशनों पर तेजी से काम चल रहा है।

उत्तर प्रदेश में रेल निवेश

उत्तर प्रदेश को आसपास के राज्यों की तुलना में रेल विकास के लिए ज्यादा बजट मिला है। नई दिल्ली और बनारस के बीच बनने वाले हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर में उत्तर प्रदेश के कई शहर शामिल होंगे, जिसमें मुरादाबाद भी संभावित मार्ग में हो सकता है। हाई स्पीड रेल कारिडोर को विकसित करने के लिए बड़ी मात्रा में धन की आवश्यकता होगी, जिसे सरकार द्वारा पूरा किया जाएगा। पूरे उत्तर प्रदेश में द्रुत गति की सेवा मिलने से विकास को बल मिलेगा।