यूपी रेरा ने 7 नई रियल एस्टेट प्रोजेक्ट्स को दी मंजूरी, बनेंगी 1,024 यूनिट्स

इन परियोजनाओं के माध्यम से पांच जिलों नोएडा, लखनऊ, मथुरा, बरेली और मेरठ में कुल 1,024 आवासीय और व्यावसायिक यूनिटों का निर्माण किया जाएगा। इन परियोजनाओं की अनुमानित कुल लागत 416.94 करोड़ है।

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यूपी रेरा
locationभारत
userयोगेन्द्र नाथ झा
calendar01 Jan 2026 06:12 PM
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UP News : उत्तर प्रदेश रियल एस्टेट विनियामक प्राधिकरण (यूपी रेरा) ने हाल ही में सात नई रियल एस्टेट परियोजनाओं को मंजूरी दी है। इन परियोजनाओं के माध्यम से पांच जिलों नोएडा, लखनऊ, मथुरा, बरेली और मेरठ में कुल 1,024 आवासीय और व्यावसायिक यूनिटों का निर्माण किया जाएगा। इन परियोजनाओं की अनुमानित कुल लागत 416.94 करोड़ है।

शहरवार विवरण

* नोएडा: 2 व्यावसायिक प्रोजेक्ट्स, कुल लागत 181.36 करोड़, 298 यूनिट्स। उद्देश्य व्यावसायिक गतिविधियों और निवेश को बढ़ावा देना।

* मथुरा: 2 आवासीय प्रोजेक्ट्स, कुल लागत 154.92 करोड़, 565 यूनिट्स। यह परियोजनाएँ मथुरा में आवासीय विकास को गति देंगी।

* लखनऊ: 1 व्यावसायिक प्रोजेक्ट, लागत 27.65 करोड़, 30 यूनिट्स। इससे संगठित व्यावसायिक ढांचे को मजबूती मिलेगी।

* बरेली: 1 आवासीय प्रोजेक्ट, लागत 24.56 करोड़, 106 यूनिट्स। शहर में आवासीय विकास को बढ़ावा मिलेगा।

* मेरठ: 1 मिश्रित प्रोजेक्ट (आवासीय + व्यावसायिक), लागत 28.45 करोड़, 25 यूनिट्स। इसका लक्ष्य संतुलित शहरी विकास है।

आर्थिक और सामाजिक लाभ

यूपी रेरा के अध्यक्ष संजय भूसरेड्डी ने कहा कि ये परियोजनाएँ न केवल आवासीय और व्यावसायिक संरचना को मजबूत करेंगी, बल्कि नए रोजगार के अवसर भी पैदा करेंगी। 416.94 करोड़ के निवेश से निर्माण क्षेत्र के श्रमिकों, इंजीनियरों, तकनीकी विशेषज्ञों और अन्य संबंधित उद्योगों को लाभ मिलेगा। साथ ही यह निवेश प्रदेश की अर्थव्यवस्था को गति प्रदान करेगा। यूपी रेरा ने परियोजनाओं में पारदर्शिता, समयबद्ध पूर्णता और गृह खरीदारों के हितों की सुरक्षा पर जोर दिया है, साथ ही जिम्मेदार और गुणवत्तापूर्ण निवेश को बढ़ावा देने का संकल्प व्यक्त किया है।

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क्लीन सिटी इंदौर में दूषित पानी से मौतें, सरकार पर अखिलेश यादव का तीखा प्रहार

यह घटना इंदौर के भागीरथपुरा क्षेत्र की है, जहाँ 25 और 26 दिसंबर को स्थानीय लोगों ने दूषित पानी का सेवन किया था। इसके बाद बड़ी संख्या में लोग उल्टी, दस्त और डायरिया जैसी समस्याओं से पीड़ित हो गए और उन्हें अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा।

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अखिलेश यादव
locationभारत
userयोगेन्द्र नाथ झा
calendar01 Jan 2026 05:32 PM
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UP News : मध्य प्रदेश के इंदौर शहर में दूषित पेयजल के कारण लोगों की जान जाने का मामला गंभीर होता जा रहा है। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार अब तक 8 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, जबकि करीब 149 लोग बीमार बताए जा रहे हैं। इनमें से कई मरीजों की हालत नाजुक बनी हुई है और उनका इलाज अलग-अलग अस्पतालों में किया जा रहा है। यह घटना इंदौर के भागीरथपुरा क्षेत्र की है, जहाँ 25 और 26 दिसंबर को स्थानीय लोगों ने दूषित पानी का सेवन किया था। इसके बाद बड़ी संख्या में लोग उल्टी, दस्त और डायरिया जैसी समस्याओं से पीड़ित हो गए और उन्हें अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा।

अखिलेश यादव ने उठाए सरकार पर सवाल

इस घटना को लेकर समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने केंद्र और राज्य सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि देश में कई शहरों को सफाई के नाम पर पुरस्कार दिए जाते हैं और इंदौर भी उन्हीं में शामिल है। बावजूद इसके, अगर पीने का पानी ही जानलेवा साबित हो रहा है, तो ऐसे पुरस्कारों का क्या मतलब रह जाता है। उन्होंने आगे कहा कि जब सरकार से इस मुद्दे पर जवाब मांगा जाता है, तो जिम्मेदारी लेने के बजाय टालमटोल किया जाता है। अखिलेश यादव ने नदियों की सफाई को लेकर किए गए वादों पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि गंगा और यमुना जैसी पवित्र नदियों की स्थिति आज भी चिंताजनक बनी हुई है।

प्रशासन में मचा हड़कंप

घटना के सामने आने के बाद जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग में अफरा-तफरी मच गई है। प्रभावित इलाकों में पानी की सप्लाई की जांच की जा रही है और संभावित कारणों की तलाश जारी है। आशंका जताई जा रही है कि यदि समय रहते ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो हालात और बिगड़ सकते हैं। गौरतलब है कि इंदौर को 2017 से लगातार 8 बार देश का सबसे स्वच्छ शहर घोषित किया जा चुका है। ऐसे शहर में दूषित पानी से मौतों की खबर ने स्वच्छता व्यवस्था और बुनियादी सुविधाओं पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। इस मामले से जुड़ा एक मंत्री का वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिस पर लोग तीखी प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं।

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NEET PG राउंड-3: उत्तर प्रदेश में PG एडमिशन का अंतिम अवसर, डेट्स घोषित

उत्तर प्रदेश के उम्मीदवारों को सलाह है कि वे अंतिम दिन की भीड़ और तकनीकी अड़चनों के भरोसे न रहें, क्योंकि डेडलाइन निकलते ही आवेदन प्रक्रिया ऑटोमैटिक बंद हो जाएगी और फिर मौका हाथ से निकल सकता है।

UP NEET PG राउंड-3 का शेड्यूल जारी
UP NEET PG राउंड-3 का शेड्यूल जारी
locationभारत
userअभिजीत यादव
calendar01 Jan 2026 04:44 PM
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UP News : उत्तर प्रदेश में PG मेडिकल एडमिशन (MD/MS, DNB, डिप्लोमा) की रेस में जुटे उम्मीदवारों के लिए बड़ी खबर है। DGME उत्तर प्रदेश ने UP NEET PG 2025 काउंसलिंग (राउंड-3) का पूरा शेड्यूल जारी कर दिया है। उत्तर प्रदेश के सरकारी और निजी मेडिकल कॉलेजों में सीट पाने की उम्मीद कर रहे कई अभ्यर्थियों के लिए यह राउंड आखिरी बड़ा अवसर माना जा रहा है। ऐसे में रजिस्ट्रेशन से लेकर चॉइस फिलिंग और रिपोर्टिंग तक, हर चरण को तय समय-सीमा में पूरा करना जरूरी है क्योंकि एक छोटी-सी देरी भी सीट की दौड़ से बाहर कर सकती है।

UP NEET PG 2025 Round-3: रजिस्ट्रेशन कब से?

DGME उत्तर प्रदेश के जारी शेड्यूल के अनुसार UP NEET PG 2025 (राउंड-3) के लिए ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन 2 जनवरी सुबह 11 बजे से खुलेगा। वहीं आवेदन की अंतिम समय-सीमा 5 जनवरी दोपहर 2 बजे तय की गई है। उत्तर प्रदेश के उम्मीदवारों को सलाह है कि वे अंतिम दिन की भीड़ और तकनीकी अड़चनों के भरोसे न रहें, क्योंकि डेडलाइन निकलते ही आवेदन प्रक्रिया ऑटोमैटिक बंद हो जाएगी और फिर मौका हाथ से निकल सकता है।

फीस और सिक्योरिटी मनी: इन तारीखों का रखें ध्यान

उत्तर प्रदेश में UP NEET PG काउंसलिंग के राउंड-3 में सिर्फ ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन करना काफी नहीं होगा। DGME यूपी के नियमों के मुताबिक फीस के साथ सिक्योरिटी मनी जमा करना भी अनिवार्य है। यह भुगतान प्रक्रिया 2 जनवरी से 9 जनवरी (शाम 5 बजे तक) चलेगी। जो उम्मीदवार तय समय-सीमा में रजिस्ट्रेशन + सिक्योरिटी मनी पूरा नहीं करेंगे, वे आगे चॉइस फिलिंग और सीट अलॉटमेंट की दौड़ से बाहर हो जाएंगे।

मेरिट लिस्ट कब आएगी?

रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया पूरी होते ही उम्मीदवारों की नजरें अब मेरिट लिस्ट पर टिक जाएंगी। शेड्यूल के मुताबिक 5 जनवरी 2026 को मेरिट लिस्ट जारी होने की संभावना है। यही मेरिट उत्तर प्रदेश में आगे की पूरी काउंसलिंग का टर्निंग पॉइंट बनेगी इसी के आधार पर उम्मीदवार चॉइस फिलिंग करेंगे और फिर सीट अलॉटमेंट की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।

चॉइस फिलिंग और लॉकिंग: कब से कब तक?

Round-3 में चॉइस फिलिंग/लॉकिंग 6 जनवरी (सुबह 11 बजे) से शुरू होगी। उम्मीदवार 9 जनवरी (दोपहर 2 बजे तक) अपने पसंदीदा कॉलेज और कोर्स भर सकेंगे। ध्यान रहे चॉइस लॉक होने के बाद बदलाव का मौका नहीं मिलेगा, इसलिए यूपी के कॉलेजों की प्राथमिकता रैंक के हिसाब से सोच-समझकर भरें।

चॉइस फिलिंग के लिए कौन-सी वेबसाइट?

UP NEET PG काउंसलिंग में चॉइस फिलिंग के लिए उम्मीदवारों को upneet.in और dgme.up.gov.in पर लॉगिन करना होगा। उत्तर प्रदेश में केवल वे अभ्यर्थी चॉइस फिलिंग कर सकेंगे जिन्होंने निर्धारित समय-सीमा में रजिस्ट्रेशन और सिक्योरिटी मनी की प्रक्रिया पूरी कर ली हो। तय समय तक चॉइस लॉक न करने की स्थिति में सिस्टम अंतिम सेव की गई चॉइस को स्वतः लॉक कर सकता है।

सीट अलॉटमेंट रिजल्ट और एडमिशन की डेट

उत्तर प्रदेश NEET PG राउंड-3 में सीट अलॉटमेंट का रिजल्ट 12 जनवरी 2026 को जारी होगा। रिजल्ट आते ही उम्मीदवार अपने लॉगिन से अलॉटमेंट लेटर डाउनलोड कर सकेंगे। इसके बाद 13 जनवरी से 17 जनवरी 2026 के बीच संबंधित मेडिकल कॉलेज में रिपोर्टिंग/एडमिशन अनिवार्य होगा। यूपी के उम्मीदवारों को कॉलेज पहुंचकर डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन कराना होगा और निर्धारित कॉलेज फीस जमा करनी होगी। तय समय-सीमा के भीतर रिपोर्ट न करने पर सीट कैंसिल होने का खतरा रहेगा।

एक नजर में पूरा शेड्यूल (UP NEET PG Round-3)

उत्तर प्रदेश NEET PG राउंड-3 काउंसलिंग में एक भी तारीख मिस हुई तो चांस हाथ से निकल सकता है। DGME उत्तर प्रदेश के शेड्यूल के मुताबिक रजिस्ट्रेशन 2 जनवरी सुबह 11 बजे से शुरू होकर 5 जनवरी दोपहर 2 बजे बंद हो जाएगा। इसके साथ फीस और सिक्योरिटी मनी जमा करने की विंडो 2 जनवरी से 9 जनवरी (शाम 5 बजे) तक रहेगी। मेरिट लिस्ट 5 जनवरी 2026 को आने की संभावना है, जिसके बाद चॉइस फिलिंग/लॉकिंग 6 जनवरी (11 बजे) से 9 जनवरी (2 बजे) तक होगी। फिर 12 जनवरी 2026 को सीट अलॉटमेंट रिजल्ट जारी होगा और सीट मिलने पर उम्मीदवारों को 13 से 17 जनवरी 2026 के बीच संबंधित कॉलेज में रिपोर्टिंग कर एडमिशन की प्रक्रिया पूरी करनी होगी। UP News

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