BS-4 गाड़ी लेकर दिल्ली जा सकते हैं या नहीं? चालान का नियम जान लें

दरअसल, कुछ दिन पहले दिल्ली में वायु गुणवत्ता बेहद खराब होने पर ग्रैप-4 (GRAP-4) लागू किया गया था। इसके तहत बाहरी राज्यों में पंजीकृत बीएस-4 डीजल वाहनों और बीएस-3 पेट्रोल गाड़ियों की एंट्री पर रोक लगाई गई थी। इस दौरान उल्लंघन पर भारी चालान का प्रावधान भी किया गया।

दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने BS-4 पर साफ किया स्टेटस
दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने BS-4 पर साफ किया स्टेटस
locationभारत
userअभिजीत यादव
calendar02 Jan 2026 03:21 PM
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Delhi News : राजधानी दिल्ली में बढ़ते प्रदूषण के बीच बीएस-4 वाहनों को लेकर लोगों में लंबे समय से भ्रम की स्थिति बनी हुई है। कभी सख्त पाबंदियां, तो कभी राहतबार-बार बदलते नियमों ने वाहन चालकों को असमंजस में डाल दिया है। ऐसे में सवाल यही है कि मौजूदा हालात में दिल्ली की सड़कों पर बीएस-4 गाड़ियां चलाना वैध है या नहीं, और चालान का खतरा कितना है। दरअसल, कुछ दिन पहले दिल्ली में वायु गुणवत्ता बेहद खराब होने पर ग्रैप-4 (GRAP-4) लागू किया गया था। इसके तहत बाहरी राज्यों में पंजीकृत बीएस-4 डीजल वाहनों और बीएस-3 पेट्रोल गाड़ियों की एंट्री पर रोक लगाई गई थी। इस दौरान उल्लंघन पर भारी चालान का प्रावधान भी किया गया। सुप्रीम कोर्ट और सरकार दोनों स्तरों से सख्त निर्देश जारी हुए थे। हालांकि, अब हालात में आंशिक सुधार के बाद तस्वीर बदली है। दिल्ली में फिलहाल ग्रैप-4 की पाबंदियां हटा ली गई हैं और राजधानी में ग्रैप-3 लागू है। इसी के साथ बीएस-4 वाहनों को लेकर स्थिति भी साफ हो गई है।

क्या कहती है ट्रैफिक पुलिस?

दिल्ली ट्रैफिक पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार, फिलहाल लागू GRAP-3 के तहत BS-4 पेट्रोल वाहनों पर दिल्ली में कोई प्रतिबंध नहीं है। खास बात यह है कि यह छूट दिल्ली में रजिस्टर्ड और बाहर के राज्यों में रजिस्टर्ड दोनों तरह के वाहनों पर समान रूप से लागू होती है। यानी अगर आपके पास BS-4 पेट्रोल कार या बाइक है, तो आप अभी दिल्ली में एंट्री, आवाजाही और रोज़ाना ड्राइव बिना किसी रोक-टोक के कर सकते हैं।

इन गाड़ियों पर अब भी प्रतिबंध

हालांकि राहत सिर्फ BS-4 पेट्रोल तक सीमित है। BS-3 पेट्रोल और BS-3 डीजल वाहनों की दिल्ली में एंट्री पर अब भी रोक बनी हुई है, और नियम तोड़ने पर 20,000 रुपये तक का भारी चालान कट सकता है। ट्रैफिक पुलिस ने यह भी दो टूक कहा है कि PUCC (प्रदूषण नियंत्रण प्रमाण पत्र) हर वाहन के लिए अनिवार्य है यानि आपकी गाड़ी BS-4 ही क्यों न हो, अगर वैध PUCC नहीं मिला तो 10,000 रुपये तक जुर्माना भरना पड़ सकता है। इसलिए दिल्ली में ड्राइव से पहले PUCC की वैधता जरूर चेक कर लें।

ग्रैप-3 पर ताजा आदेश

वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) द्वारा 24 दिसंबर को जारी आदेश में कहा गया है कि प्रदूषण स्तर में हल्के सुधार और मौसम विभाग के अनुमान को देखते हुए ग्रैप-4 हटाया गया है। फिलहाल ग्रैप-1, ग्रैप-2 और संशोधित ग्रैप-3 के नियम लागू रहेंगे। आयोग और प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे इन प्रतिबंधों का सख्ती से पालन करें, ताकि दिल्ली की हवा दोबारा गंभीर श्रेणी में न पहुंचे। Delhi News

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अब लाइन बदलने की टेंशन खत्म! एयरपोर्ट से राजीव चौक तक बनेगा नया सबवे

प्रस्तावित सबवे बनते ही यात्री शिवाजी स्टेडियम से सीधे राजीव चौक पहुंचकर ब्लू और येलो लाइन पर तुरंत सफर कर सकेंगे। इससे न सिर्फ इंटरचेंज का झंझट कम होगा, बल्कि एयरपोर्ट आने-जाने में लगने वाला समय भी घटेगा।

एयरपोर्ट लाइन यात्रियों को मिलेगी बड़ी राहत
एयरपोर्ट लाइन यात्रियों को मिलेगी बड़ी राहत
locationभारत
userअभिजीत यादव
calendar02 Jan 2026 01:02 PM
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Delhi News : दिल्ली मेट्रो से जुड़ी बड़ी खबर सामने आ रही है। दिल्ली मेट्रो से जुड़ी यह बड़ी खबर रोजाना दिल्ली मेट्रो से सफर करने वाले यात्रियों के लिए किसी खुशखबरी से कम नहीं है। दिल्ली मेट्रो से एयरपोर्ट लाइन (ऑरेंज लाइन) से सफर करने वालों को जल्द ही राजीव चौक तक सीधा और आसान कनेक्शन मिल सकता है वो भी बार-बार लाइन या स्टेशन बदलने की मजबूरी के बिना। दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (DMRC) शिवाजी स्टेडियम और राजीव चौक के बीच एक नए भूमिगत सबवे की योजना पर काम कर रहा है। अभी तक यात्रियों को एयरपोर्ट से आने पर शिवाजी स्टेडियम या नई दिल्ली स्टेशन पर उतरकर दूसरी लाइन पकड़नी पड़ती थी, जिससे समय भी लगता था और भीड़ में जूझना भी पड़ता था। प्रस्तावित सबवे बनते ही यात्री शिवाजी स्टेडियम से सीधे राजीव चौक पहुंचकर ब्लू और येलो लाइन पर तुरंत सफर कर सकेंगे। इससे न सिर्फ इंटरचेंज का झंझट कम होगा, बल्कि एयरपोर्ट आने-जाने में लगने वाला समय भी घटेगा। सबसे अहम बात इस कनेक्शन से राजीव चौक पर यात्रियों की भीड़ का दबाव भी कुछ हद तक कम होने की उम्मीद है, जो रोजाना यात्रा करने वाले लाखों यात्रियों के लिए बड़ी राहत साबित हो सकती है।

फेज-V में हो सकता है सबवे का निर्माण

दिल्ली मेट्रो के चार चरण पूरे होने के बाद अब पांचवें चरण (फेज-V) पर काम शुरू हो चुका है।इसी नए चरण के तहत शिवाजी स्टेडियम से राजीव चौक तक प्रस्तावित भूमिगत सबवे को शामिल किए जाने की पूरी संभावना जताई जा रही है, जो एयरपोर्ट लाइन और शहर के सबसे व्यस्त इंटरचेंज के बीच कनेक्टिविटी को नई धार देगा। इसी कड़ी में मैजेंटा लाइन के विस्तार से भी नेटवर्क का नक्शा बड़ा होने वाला है। विस्तार पूरा होते ही दिल्ली मेट्रो सिस्टम में एक बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा।

मैजेंटा लाइन बनेगी सबसे लंबा कॉरिडोर

केंद्र सरकार से रामकृष्ण आश्रम मार्ग से इंद्रप्रस्थ तक 9.9 किलोमीटर के नए भूमिगत खंड को हरी झंडी मिलते ही दिल्ली मेट्रो के मैप पर बड़ा बदलाव तय माना जा रहा है। इस विस्तार के जुड़ने के बाद मैजेंटा लाइन की कुल लंबाई करीब 76.6 किमी तक पहुंच जाएगी और यह पिंक लाइन को पीछे छोड़कर दिल्ली मेट्रो का सबसे लंबा कॉरिडोर बन सकती है। पूरे कॉरिडोर में 56 स्टेशन प्रस्तावित हैं, यानी यात्रियों को लंबी दूरी पर भी ज्यादा विकल्प और बेहतर कनेक्टिविटी मिलेगी। डीएमआरसी के अनुसार रामकृष्ण आश्रम मार्ग–इंद्रप्रस्थ सेक्शन पूरी तरह अंडरग्राउंड होगा और इसमें 9 नए स्टेशन बनाए जाएंगे। इसका सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि सेंट्रल विस्टा और आसपास के प्रमुख सरकारी-प्रशासनिक क्षेत्रों तक मेट्रो की सीधी पहुंच मजबूत होगी। इससे न सिर्फ रोज़मर्रा के यात्रियों का समय बचेगा, बल्कि राजधानी के दिल में ट्रैफिक दबाव कम करने में भी इस कॉरिडोर की अहम भूमिका मानी जा रही है।

फेज-V में प्रस्तावित स्टेशन

फेज-V में दिल्ली मेट्रो राजधानी के सबसे अहम इलाकों को एक नई भूमिगत रीढ़ देने की तैयारी में है। प्रस्तावित योजना के मुताबिक इस चरण में आरके आश्रम मार्ग से लेकर इंद्रप्रस्थ तक कई हाई-प्रोफाइल स्टेशन शामिल होंगे जिनमें शिवाजी स्टेडियम, सेंट्रल सेक्रेटेरिएट, कर्तव्य भवन, इंडिया गेट, वॉर मेमोरियल–हाई कोर्ट, बड़ौदा हाउस और भारत मंडपम जैसे प्रमुख ठिकाने भी हैं। मतलब साफ है: यह कॉरिडोर सिर्फ यात्रियों की सुविधा नहीं बढ़ाएगा, बल्कि सेंट्रल दिल्ली के प्रशासनिक, पर्यटन और आयोजनों वाले हब को तेज, सुरक्षित और समयबद्ध मेट्रो कनेक्टिविटी से जोड़कर शहर की आवाजाही को और स्मार्ट बना देगा।

कई लाइनों से होगा सीधा कनेक्शन

यह निर्माणाधीन खंड दिल्ली मेट्रो नेटवर्क को एक नया मल्टी-लाइन जंक्शन देने वाला है। योजना के मुताबिक यात्रियों को सेंट्रल सेक्रेटेरिएट पर येलो/वायलेट लाइन, इंद्रप्रस्थ पर ब्लू लाइन और शिवाजी स्टेडियम पर एयरपोर्ट लाइन से सीधे इंटरचेंज की सुविधा मिलेगी। यानी अब एक लाइन से दूसरी लाइन में जाने के लिए लंबा चक्कर या भीड़भाड़ वाले रास्ते नहीं चुनने पड़ेंगे। इस कनेक्टिविटी से न सिर्फ यात्रियों का ट्रैवल टाइम घटेगा, बल्कि राजधानी के सबसे व्यस्त रूट्स पर दबाव कम करके दिल्ली मेट्रो सिस्टम को और ज्यादा मजबूत व स्मार्ट बनाने में भी यह सेक्शन अहम भूमिका निभाएगा।

फेज-IV के अन्य बड़े प्रोजेक्ट

डीएमआरसी के फेज-IV को दिल्ली मेट्रो के अगले बड़े विस्तार के तौर पर देखा जा रहा है। इस चरण में कुल 112.4 किलोमीटर लंबाई के 6 नए कॉरिडोर और 94 स्टेशन प्रस्तावित हैं, जो राजधानी और आसपास के इलाकों में कनेक्टिविटी का दायरा काफी बढ़ाएंगे। इनमें मजलिस पार्क–मौजपुर, आरके आश्रम मार्ग–जनकपुरी पश्चिम और एयरोसिटी–तुगलकाबाद (नई गोल्डन लाइन) जैसे अहम रूट्स को जल्द यात्रियों के लिए खोलने की तैयारी चल रही है। इन कॉरिडोर के चालू होते ही मेट्रो नेटवर्क पर दबाव घटने, ट्रैफिक को राहत मिलने और रोज़ाना सफर करने वालों को कम समय में ज्यादा सीधी कनेक्टिविटी मिलने की उम्मीद है।

आगे बनने वाले तीन प्रमुख कॉरिडोर

दिल्ली मेट्रो का विस्तार अब सिर्फ नई लाइनों तक सीमित नहीं, बल्कि मौजूदा नेटवर्क को और दूर तक ले जाने की तैयारी भी तेज है। प्रस्तावित योजनाओं में इंद्रलोक से इंद्रप्रस्थ तक ग्रीन लाइन का विस्तार, रिठाला से नरेला–कुंडली तक रेड लाइन का विस्तार और साकेत जी ब्लॉक से लाजपत नगर तक गोल्डन लाइन का विस्तार जैसे अहम कॉरिडोर शामिल हैं। इन रूट्स के आगे बढ़ने से उत्तर-पश्चिम दिल्ली से लेकर दक्षिण दिल्ली और एनसीआर बॉर्डर तक सीधी कनेक्टिविटी मजबूत होगी, यात्रियों को कम इंटरचेंज में तेज सफर मिलेगा और सड़क ट्रैफिक पर भी दबाव घटने की उम्मीद है। Delhi News

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दिल्ली में कारपूलिंग को मिलेगा बढ़ावा, पर्यावरण मंत्री का ऐलान

राजधानी दिल्ली में बढ़ते प्रदूषण को कम करने के लिए रेखा गुप्ता सरकार ने एक बड़ा कदम उठाने का फैसला किया है। दिल्ली में जल्द ही राइड-शेयरिंग सुविधा दोबारा शुरू की जाएगी और इसके साथ ही कारपूलिंग के लिए नया फ्रेमवर्क भी लागू किया जाएगा।

Environment Minister Manjinder Singh Sirsa
दिल्ली के पर्यावरण मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा (फाइल फोटो)
locationभारत
userऋषि तिवारी
calendar31 Dec 2025 07:05 PM
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दिल्ली के पर्यावरण मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने बुधवार (31 दिसंबर) को दिल्ली सचिवालय में ओला, उबर, रैपिडो समेत अन्य राइड एग्रीगेटर्स के साथ एक उच्च-स्तरीय बैठक की। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य राजधानी में राइड-शेयरिंग को फिर से शुरू करना और वाहनों से होने वाले प्रदूषण को कम करने के लिए ठोस रणनीति बनाना था।

कारपूलिंग फ्रेमवर्क पर होगा काम

दिल्ली सरकार के अनुसार, बैठक में यह तय किया गया कि एग्रीगेटर कंपनियां मिलकर कारपूलिंग फ्रेमवर्क पर काम शुरू करेंगी। इससे सड़कों पर निजी वाहनों की संख्या घटेगी और ट्रैफिक व प्रदूषण—दोनों पर नियंत्रण संभव होगा।

इन बिंदुओं पर रहेगा खास फोकस

सरकार ने साफ किया है कि आने वाले समय में निम्न पहलुओं पर विशेष ध्यान दिया जाएगा जो कि लास्ट-माइल कनेक्टिविटी को मजबूत करना, बस और शटल फ्लीट का विस्तार, ग्रीन और इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा, भीड़भाड़ वाले इलाकों और ट्रैफिक हॉटस्पॉट्स की मैपिंग है।

मंत्री का बयान

बता दें कि बैठक के बाद मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने कहा है कि जितनी जल्दी हम बड़े पैमाने पर राइड-शेयरिंग और कारपूलिंग शुरू करेंगे, हमारी सड़कों पर उतनी ही कम गाड़ियां नजर आएंगी।

दिल्लीवासियों से अपील

पर्यावरण मंत्री ने दिल्ली के नागरिकों से अपील करते हुए कहा कि वे राइड-शेयरिंग और कारपूलिंग जैसे विकल्पों को अपनाएं, ताकि सभी मिलकर राजधानी में प्रदूषण के स्तर को कम कर सकें। सरकार का मानना है कि यह पहल न केवल पर्यावरण के लिए फायदेमंद होगी, बल्कि ट्रैफिक जाम और ईंधन की खपत को भी कम करने में मदद करेगी।

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