ओडिशा के खदान में जोरदार धमाका, 2 मजदूर की मौत, कई मलबे में दबे

Odisha: ओडिशा के ढेंकनाल जिले में एक पत्थर की खदान में अवैध खनन के दौरान विस्फोट हुआ। इस हादसे में दो लोगों की मौत हो गई जबकि कई मजदूर मलबे में दबे होने की आशंका है। बचाव दल घटनास्थल पर रेस्क्यू ऑपरेशन चला रहा है और प्रशासन स्थिति पर नजर बनाए हुए है।

ओडिशा
ओडिशा खदान विस्फोट
locationभारत
userअसमीना
calendar04 Jan 2026 12:17 PM
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ओडिशा के ढेंकनाल जिले से एक दर्दनाक खबर सामने आई है। यहां एक पत्थर की खदान में अवैध खनन के दौरान जोरदार विस्फोट हो गया जिसमें दो लोगों की मौत हो गई। इस हादसे के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई जबकि कई मजदूरों के मलबे में दबे होने की आशंका जताई जा रही है। राहत और बचाव कार्य लगातार जारी है।

शनिवार देर रात हुआ हादसा

जानकारी के मुताबिक, यह हादसा शनिवार देर रात मोटांगा पुलिस स्टेशन क्षेत्र के गोपालपुर गांव के पास स्थित एक अवैध पत्थर खदान में हुआ। अचानक हुए धमाके के बाद खदान का एक बड़ा हिस्सा ढह गया जिससे वहां काम कर रहे मजदूर मलबे में फंस गए। विस्फोट की आवाज दूर-दूर तक सुनाई दी जिससे आसपास के गांवों में भी दहशत फैल गई।

मौके पर पहुंची पुलिस टीम

घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय प्रशासन और पुलिस की टीमें मौके पर पहुंच गईं। पूरे इलाके को सुरक्षित कर लिया गया और आम लोगों की आवाजाही पर रोक लगा दी गई। ओडापाड़ा तहसीलदार और मोटांगा थाना प्रभारी सहित कई वरिष्ठ अधिकारी पूरी रात घटनास्थल पर मौजूद रहे और हालात की निगरानी करते रहे।

कैसे हुआ विस्फोट?

प्रशासन की शुरुआती जांच में सामने आया है कि खदान में नियमों का उल्लंघन करते हुए ब्लास्टिंग की जा रही थी। ढेंकनाल जिला खनन कार्यालय ने पहले ही इस खदान में ब्लास्टिंग की अनुमति नहीं होने की बात कहकर इसे बंद करने का निर्देश दिया था। इसके बावजूद अवैध तरीके से खनन और विस्फोट किए जाने की आशंका जताई जा रही है।

मशीनों की मदद से हटाए जा रहे पत्थर

रेस्क्यू ऑपरेशन में कई चुनौतियां सामने आ रही हैं। अधिकारियों के अनुसार, बड़े-बड़े पत्थरों और भारी मलबे के कारण मजदूरों तक पहुंचना मुश्किल हो रहा है। राहत कार्य के लिए सात टीमें तैनात की गई हैं और भारी मशीनों की मदद से पत्थर हटाए जा रहे हैं। इसके साथ ही डॉग स्क्वॉड को भी मौके पर बुलाया गया है ताकि मलबे में दबे लोगों का पता लगाया जा सके।

देर रात मिली थी घटना की सूचना

फायर विभाग के अधिकारियों ने बताया कि उन्हें देर रात घटना की सूचना मिली थी जिसके बाद तुरंत रेस्क्यू टीमों को रवाना किया गया। मलबे से अब तक एक शव का हिस्सा बरामद किया गया है जबकि बाकी फंसे लोगों की तलाश जारी है। स्थिति को पूरी तरह सामान्य होने में अभी समय लग सकता है।

दोषियों के खिलाफ होगी कार्रवाई

इस हादसे के बाद स्थानीय लोगों में गुस्सा और चिंता दोनों देखने को मिल रही है। लोग सवाल उठा रहे हैं कि जब खनन पर रोक के निर्देश पहले ही दिए जा चुके थे तो फिर अवैध गतिविधियां कैसे जारी रहीं। फिलहाल प्रशासन पूरे मामले की जांच में जुटा है और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की बात कही जा रही है।

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फिर जेल से बाहर राम रहीम, 40 दिन की पैरोल ने खड़े किए नए सवाल

रेप और हत्या के मामलों में सजा काट रहे डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम को एक बार फिर 40 दिनों की पैरोल मिली है। रोहतक की सुनारिया जेल से बाहर आने के बाद वह सिरसा स्थित डेरा में रहेगा जहां उसकी गतिविधियों पर प्रशासन की कड़ी नजर रहेगी।

Ram Raheem
राम रहीम 40 दिन के पैरोल पर
locationभारत
userअसमीना
calendar04 Jan 2026 11:43 AM
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हर बार जब डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम को जेल से बाहर आने की अनुमति मिलती है तो यह खबर चर्चा का विषय बन जाती है। एक बार फिर ऐसा ही हुआ है। रेप और हत्या जैसे गंभीर मामलों में सजा काट रहे राम रहीम को 40 दिनों की पैरोल दी गई है। यह फैसला बुधवार शाम लिया गया जिसके बाद जेल प्रशासन ने उसकी रिहाई की प्रक्रिया शुरू कर दी।

राम रहीम पर रखी जाएगी कड़ी नजर

गुरमीत राम रहीम इस समय हरियाणा के रोहतक स्थित सुनारिया जेल में बंद है। पैरोल की अवधि के दौरान वह सिरसा स्थित डेरा सच्चा सौदा में रहेगा। प्रशासन ने साफ किया है कि इस दौरान उसकी गतिविधियों पर कड़ी नजर रखी जाएगी और वह डेरा परिसर से बाहर किसी भी सार्वजनिक कार्यक्रम में हिस्सा नहीं ले सकेगा।

राम रहीम को सुनाई गई उम्रकैद की सजा

राम रहीम को वर्ष 2017 में दो साध्वियों के साथ रेप के मामले में दोषी ठहराया गया था जिसके बाद उसे उम्रकैद की सजा सुनाई गई। इसके अलावा, पत्रकार रामचंद्र छत्रपति हत्याकांड में भी वह दोषी पाया गया है। इन गंभीर मामलों के चलते उसकी सजा और पैरोल को लेकर समय-समय पर सवाल उठते रहे हैं।

पहले भी मिल चुकी है पैरोल

यह पहली बार नहीं है जब राम रहीम को पैरोल मिली हो। इससे पहले भी वह कई बार पैरोल और फरलो पर जेल से बाहर आ चुका है। खासकर चुनावी समय में मिली पैरोल को लेकर राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर काफी विवाद हुआ था। हालांकि प्रशासन हर बार यही कहता रहा है कि पैरोल नियमों और कानूनी प्रक्रिया के तहत ही दी जाती है।

सुनारिया जेल में करना होगा सरेंडर

इस बार मिली 40 दिन की पैरोल को लेकर भी वही शर्तें लागू होंगी। तय समय पूरा होने के बाद राम रहीम को दोबारा सुनारिया जेल में सरेंडर करना होगा। प्रशासन का कहना है कि कानून के दायरे में रहते हुए ही उसे यह राहत दी गई है।

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नए साल 2026: शराब के जश्न में पीछे रह गई दिल्ली

नए साल 2026 के आंकड़े साफ तौर पर बताते हैं कि शराब की ज्यादा खपत अब सिर्फ दिल्ली या पंजाब तक सीमित नहीं है। दक्षिण भारत के राज्य और उत्तर प्रदेश में तेजी से बढ़ता शहरीकरण, नाइटलाइफ और सेलिब्रेशन कल्चर शराब की बिक्री में बड़ी भूमिका निभा रहे हैं।

India is immersed in celebrations
जश्न में डूबा भारत (फाइल फोटो)
locationभारत
userऋषि तिवारी
calendar03 Jan 2026 05:07 PM
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भारत में नए साल 2026 का जश्न सिर्फ आतिशबाजी, काउंटडाउन पार्टियों और क्लब नाइट्स तक सीमित नहीं रहा, बल्कि कई राज्यों में शराब की रिकॉर्डतोड़ बिक्री भी देखने को मिली। आमतौर पर दिल्ली और पंजाब को सबसे ज्यादा शराब खपत वाले राज्यों में गिना जाता है, लेकिन इस बार के आंकड़ों ने इस सोच को पूरी तरह बदल दिया है।

तेलंगाना रहा टॉप पर

बता दें कि नए साल 2026 के दौरान शराब बिक्री के मामले में तेलंगाना देशभर में सबसे आगे रहा। सिर्फ 30 और 31 दिसंबर को राज्य में 800 करोड़ रुपये से ज्यादा की शराब की बिक्री दर्ज की गई। वहीं 31 दिसंबर की शाम अकेले करीब 401 करोड़ रुपये शराब पर खर्च किए गए, जो अपने आप में एक बड़ा रिकॉर्ड है।

उत्तर प्रदेश में भी जबरदस्त उछाल

उत्तर प्रदेश में नए साल के जश्न के दौरान शराब की बिक्री लगभग 600 करोड़ रुपये तक पहुंच गई। राज्य में सामान्य दिनों की तुलना में बिक्री में करीब 27 प्रतिशत की बढ़ोतरी देखी गई। कुछ जिलों में तो एक ही दिन में 14 करोड़ रुपये से ज्यादा की शराब की बिक्री हुई।

कर्नाटक: बेंगलुरु की नाइटलाइफ का असर

बेंगलुरु की मशहूर नाइटलाइफ का असर कर्नाटक के आंकड़ों में साफ नजर आया। नए साल की शाम राज्य में 308 करोड़ रुपये की शराब बिक्री हुई, जबकि 28 दिसंबर को यह आंकड़ा 409 करोड़ रुपये तक पहुंच गया था। इस दौरान राज्य में 4.83 लाख केस भारतीय निर्मित शराब, 2.92 लाख केस बीयर की खपत दर्ज की गई।

आंध्र प्रदेश में 300 करोड़ की बिक्री

आंध्र प्रदेश में नए साल के मौके पर करीब 300 करोड़ रुपये की शराब की बिक्री हुई। हालांकि यह आंकड़ा पिछले साल से थोड़ा कम रहा, लेकिन फिर भी इसे काफी ज्यादा माना जा रहा है। विशाखापट्टनम अकेले शहर से ही 11 करोड़ रुपये से अधिक का रेवेन्यू मिला।

दिल्ली भी पीछे नहीं

बता दें कि दिल्ली भी पीछे नहीं रही है यहां भी होटल पार्टियों, क्लब इवेंट्स और प्राइवेट गेदरिंग्स की वजह से नए साल पर करीब 400 करोड़ रुपये की शराब बिक्री दर्ज की गई। हालांकि दिल्ली को अक्सर देश के सबसे ज्यादा शराब पीने वाले इलाकों में गिना जाता है, लेकिन इस बार तेलंगाना और उत्तर प्रदेश ने राजधानी को भी पीछे छोड़ दिया।

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