संभल में पुलिस विभाग में बड़ा एक्शन : एसपी ने एसओजी की पूरी टीम को निलंबित किया
जिले के पुलिस अधीक्षक कृष्ण कुमार बिश्नोई ने स्पेशल आपरेशंस ग्रुप (एसओजी) की पूरी टीम को निलंबित कर दिया है। इस कार्रवाई में कुल आठ पुलिसकर्मी शामिल हैं। एसपी को टीम द्वारा किए जा रहे भ्रष्टाचार के बारे में पता चला, जांच करने पर वह सही पाया गया।

UP News : उत्तर प्रदेश के संभल जिले में पुलिस विभाग में बड़ा एक्शन लिया गया है। जिले के पुलिस अधीक्षक कृष्ण कुमार बिश्नोई ने स्पेशल आपरेशंस ग्रुप (एसओजी) की पूरी टीम को निलंबित कर दिया है। इस कार्रवाई में कुल आठ पुलिसकर्मी शामिल हैं। एसपी को टीम द्वारा किए जा रहे भ्रष्टाचार के बारे में पता चला, जांच करने पर वह सही पाया गया। इसके बाद एसपी ने यह एक्शन लिया है।
क्या है पूरा मामला?
मिली शिकायतों के अनुसार एसओजी टीम पर अवैध वसूली और दबाव बनाकर पैसे लेने के आरोप लगे थे। बताया गया कि टीम के कुछ सदस्यों ने एक कबाड़ी से रकम की मांग की और कथित रूप से उससे पैसे भी लिए। मामला उच्च अधिकारियों तक पहुंचा तो एसपी ने तुरंत जांच के आदेश दिए।
क्यों है यह कार्रवाई अहम?
प्राथमिक जांच में आरोप प्रथम दृष्टया सही पाए गए। इसके बाद एसपी ने कड़ा रुख अपनाते हुए पूरी टीम को एक साथ सस्पेंड कर दिया। इस टीम में प्रभारी समेत हेड कॉन्स्टेबल और अन्य पुलिसकर्मी शामिल बताए जा रहे हैं। पूरी टीम को एक साथ निलंबित करना यह दशार्ता है कि विभाग भ्रष्टाचार या अनुशासनहीनता के मामलों में सख्ती बरत रहा है। संदेश साफ है कि अवैध वसूली या पद के दुरुपयोग को किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। UP News
UP News : उत्तर प्रदेश के संभल जिले में पुलिस विभाग में बड़ा एक्शन लिया गया है। जिले के पुलिस अधीक्षक कृष्ण कुमार बिश्नोई ने स्पेशल आपरेशंस ग्रुप (एसओजी) की पूरी टीम को निलंबित कर दिया है। इस कार्रवाई में कुल आठ पुलिसकर्मी शामिल हैं। एसपी को टीम द्वारा किए जा रहे भ्रष्टाचार के बारे में पता चला, जांच करने पर वह सही पाया गया। इसके बाद एसपी ने यह एक्शन लिया है।
क्या है पूरा मामला?
मिली शिकायतों के अनुसार एसओजी टीम पर अवैध वसूली और दबाव बनाकर पैसे लेने के आरोप लगे थे। बताया गया कि टीम के कुछ सदस्यों ने एक कबाड़ी से रकम की मांग की और कथित रूप से उससे पैसे भी लिए। मामला उच्च अधिकारियों तक पहुंचा तो एसपी ने तुरंत जांच के आदेश दिए।
क्यों है यह कार्रवाई अहम?
प्राथमिक जांच में आरोप प्रथम दृष्टया सही पाए गए। इसके बाद एसपी ने कड़ा रुख अपनाते हुए पूरी टीम को एक साथ सस्पेंड कर दिया। इस टीम में प्रभारी समेत हेड कॉन्स्टेबल और अन्य पुलिसकर्मी शामिल बताए जा रहे हैं। पूरी टीम को एक साथ निलंबित करना यह दशार्ता है कि विभाग भ्रष्टाचार या अनुशासनहीनता के मामलों में सख्ती बरत रहा है। संदेश साफ है कि अवैध वसूली या पद के दुरुपयोग को किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। UP News












