अब तय समय पर होंगे प्रेमानंद महाराज जी के दर्शन, ऐसे मिलेगी एंट्री

नई प्रक्रिया के तहत श्रद्धालुओं को दिन में आकर कतार में अपनी बारी दर्ज करानी होगी, जबकि शाम को हाथ पर नंबर लिखकर उन्हें टोकन सौंपा जाएगा, ताकि अगले चरण में मुलाकात/दर्शन की व्यवस्था तय समय पर और अनुशासन के साथ हो सके।

संत प्रेमानंद महाराज
संत प्रेमानंद महाराज
locationभारत
userअभिजीत यादव
calendar10 Feb 2026 04:18 PM
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UP News : उत्तर प्रदेश के वृंदावन स्थित राधा केली कुंज आश्रम में संत प्रेमानंद महाराज से एकांतिक वार्तालाप और एकांतिक दर्शन के लिए अब नई व्यवस्था लागू कर दी गई है। आश्रम प्रशासन ने भीड़ और व्यवस्था को सुव्यवस्थित रखने के उद्देश्य से टोकन सिस्टम शुरू किया है। नई प्रक्रिया के तहत श्रद्धालुओं को दिन में आकर कतार में अपनी बारी दर्ज करानी होगी, जबकि शाम को हाथ पर नंबर लिखकर उन्हें टोकन सौंपा जाएगा, ताकि अगले चरण में मुलाकात/दर्शन की व्यवस्था तय समय पर और अनुशासन के साथ हो सके।

कैसे मिलेगा एकांतिक वार्तालाप का टोकन?

नई व्यवस्था के तहत श्रद्धालुओं को दिन में लाइन लगाकर अपनी बारी तय करनी होगी। इसके बाद शाम के समय हाथ पर नंबर लिखकर एक टोकन दिया जाएगा। यह टोकन लेकर श्रद्धालु अगले दिन सुबह 8:15 बजे गौतम ऋषि आश्रम पहुंचेंगे। वहां टोकन के सत्यापन के बाद उन्हें एकांतिक वार्तालाप/दर्शन के लिए अंतिम टोकन/अनुमति दी जाएगी। आश्रम से जुड़े सूत्रों के अनुसार यह सिस्टम आने वाले दिनों में और भी सरल किया जा सकता है। प्रस्तावित योजना के मुताबिक, श्रद्धालुओं को शाम को ही अंतिम टोकन दे दिया जाएगा, ताकि वे अगले दिन सुबह सीधे निर्धारित समय पर अंदर जाकर दर्शन कर सकें और बार-बार सत्यापन की प्रक्रिया से न गुजरना पड़े। संत प्रेमानंद महाराज के स्वास्थ्य को लेकर लंबे समय से बीच-बीच में उतार-चढ़ाव की बातें सामने आती रही हैं। इसी बीच हाल ही में सोशल मीडिया पर उनका एक वीडियो वायरल हुआ था, जिसमें वे यमुना खादर के मार्ग पर स्कूटी चलाते नजर आए। वीडियो बनते देख आसपास के लोगों ने मोबाइल कैमरे ऑन कर दिए थे, जबकि साथ चल रहे शिष्यों ने लोगों को रिकॉर्डिंग से रोकने की कोशिश भी की

एक झलक के लिए उमड़ती है भीड़

वृंदावन में संत प्रेमानंद महाराज की एक झलक पाने के लिए रोज बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं। एकांतिक वार्तालाप के दौरान लोग जीवन, परिवार, कर्म, भक्ति और मन के सवालों पर उनसे मार्गदर्शन लेते हैं। उनके उत्तरों को सुनकर कई लोग इसे जीवन की दिशा बदलने वाला अनुभव बताते हैं। आश्रम में मिलने वालों में आम श्रद्धालुओं के साथ-साथ देश-विदेश की जानी-मानी हस्तियां भी शामिल रहती हैं। UP News

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अखिलेश यादव ने अमेरिका-भारत ट्रेड डील को ट्रेड ढील बताया

अखिलेश यादव ने कहा कि बजट के साथ यह समझौता चर्चा में है और देश जानना चाहता है कि इससे भारतीय किसानों और उद्योगों को क्या फायदा होगा। उनका कहना था कि यदि यह समझौता सही मायनों में देशहित में होता, तो पहले ही किया जाना चाहिए था।

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पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव
locationभारत
userयोगेन्द्र नाथ झा
calendar10 Feb 2026 03:50 PM
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UP News : लोकसभा में चर्चा के दौरान समाजवादी पार्टी अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने केंद्र सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि हाल ही में अमेरिका के साथ हुई व्यापार समझौता वास्तव में कोई सच्ची डील नहीं है, बल्कि इसमें भारत की प्राथमिकताओं को पर्याप्त महत्व नहीं दिया गया। उन्होंने इसे डील नहीं, ढील हुई है करार दिया।

भारतीय किसानों और उद्योगों को क्या फायदा होगा

अखिलेश यादव ने कहा कि बजट के साथ यह समझौता चर्चा में है और देश जानना चाहता है कि इससे भारतीय किसानों और उद्योगों को क्या फायदा होगा। उनका कहना था कि यदि यह समझौता सही मायनों में देशहित में होता, तो पहले ही किया जाना चाहिए था। उन्होंने सरकार पर आरोप लगाया कि इससे भारतीय कृषि, डेयरी और छोटे उद्योग प्रभावित हो सकते हैं, क्योंकि विदेशी सस्ते उत्पाद बाजार में आ सकते हैं।

ट्रेड डील का संक्षिप्त विवरण

भारत और अमेरिका ने एक अंतरिम व्यापार फ्रेमवर्क पर सहमति जताई है। इसका उद्देश्य द्विपक्षीय व्यापार बढ़ाना और कुछ उत्पादों पर शुल्क दरों (टैरिफ) को तय करना है। हालांकि, इसमें अभी संपूर्ण डील की विस्तृत शर्तें सार्वजनिक नहीं की गई हैं, और केवल दिशा-निर्देश तय किए गए हैं।

रिपोर्टों के अनुसार:

* भारत और अमेरिका के बीच कुछ उत्पादों पर दो तरफा टैरिफ दर तय की जा सकती है।

* अमेरिका भारतीय वस्तुओं पर लगभग 18% टैरिफ लागू करने की योजना बना रहा है।

* भारत भी कुछ अमेरिकी उत्पादों पर शुल्क की समीक्षा कर सकता है। सरकार का कहना है कि यह फ्रेमवर्क व्यापार को बढ़ाने की दिशा में पहला कदम है, जबकि विपक्ष इसे देशहित के खिलाफ मान रहा है।

विपक्ष और किसानों की चिंता

अखिलेश यादव के अलावा अन्य विपक्षी दल और किसान संगठन भी इस डील पर असंतोष व्यक्त कर रहे हैं। उनका कहना है कि यह समझौता भारतीय किसानों और छोटे उद्योगों के लिए जोखिम पैदा कर सकता है। कुछ किसान समूहों ने इसके खिलाफ देशव्यापी विरोध प्रदर्शन की तैयारी शुरू कर दी है। अखिलेश ने यह भी कहा कि सरकार को संपूर्ण डील की शर्तें पारदर्शी रूप से संसद में प्रस्तुत करनी चाहिए ताकि जनता समझ सके कि वास्तविक लाभ और हानि क्या हैं। केंद्र सरकार ने इसे द्विपक्षीय व्यापार विस्तार का कदम बताया है। उनका कहना है कि इस डील में संवेदनशील कृषि और उद्योग उत्पादों को सुरक्षित रखने के लिए बातचीत जारी है और यह भारत के आर्थिक हित में है। UP News




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संभल हिंसा प्रकरण : पूर्व डीएसपी अनुज चौधरी को हाईकोर्ट से अंतरिम राहत

अदालत ने तत्कालीन डीएसपी/सीओ अनुज चौधरी सहित 22 पुलिस अधिकारियों के विरुद्ध एफआईआर दर्ज करने संबंधी सीजेएम कोर्ट के निर्देश पर फिलहाल रोक लगा दी है। हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया कि जब तक मामले की अगली सुनवाई नहीं हो जाती, तब तक सीजेएम के आदेश के तहत कोई भी दंडात्मक कार्रवाई नहीं की जाएगी।

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अनुज चौधरी
locationभारत
userयोगेन्द्र नाथ झा
calendar10 Feb 2026 03:11 PM
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UP News : संभल में जामा मस्जिद सर्वे के दौरान हुई हिंसा से जुड़े मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट ने बड़ा आदेश पारित किया है। अदालत ने तत्कालीन डीएसपी/सीओ अनुज चौधरी सहित 22 पुलिस अधिकारियों के विरुद्ध एफआईआर दर्ज करने संबंधी सीजेएम कोर्ट के निर्देश पर फिलहाल रोक लगा दी है। हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया कि जब तक मामले की अगली सुनवाई नहीं हो जाती, तब तक सीजेएम के आदेश के तहत कोई भी दंडात्मक कार्रवाई नहीं की जाएगी। इस याचिका पर अदालत अब लगभग पांच सप्ताह बाद विस्तृत सुनवाई करेगी।

क्या है पूरा मामला

संभल में जामा मस्जिद को लेकर चल रहे सर्वे के दौरान हिंसक झड़पें हुई थीं, जिनमें चार लोगों की जान चली गई थी। इस घटना के बाद निचली अदालत (सीजेएम कोर्ट) ने तत्कालीन सीओ अनुज चौधरी और अन्य 22 पुलिसकर्मियों की भूमिका पर सवाल उठाते हुए उनके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने का आदेश दिया था।

हाईकोर्ट में क्यों पहुंचा मामला

सीजेएम कोर्ट के इस आदेश को अनुज चौधरी ने इलाहाबाद हाईकोर्ट में चुनौती दी थी। वहीं, उत्तर प्रदेश सरकार ने भी निचली अदालत के फैसले के खिलाफ अलग से याचिका दाखिल की थी। दोनों पक्षों की दलीलों पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने अंतरिम राहत देने का निर्णय लिया। फिलहाल एफआईआर दर्ज करने की प्रक्रिया पर रोक रहेगी। मामले में अंतिम निर्णय अगली सुनवाई के बाद ही लिया जाएगा। हाईकोर्ट के इस आदेश से आरोपी पुलिस अधिकारियों को अस्थायी राहत मिली है, हालांकि जांच और कानूनी प्रक्रिया पूरी तरह समाप्त नहीं हुई है।


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