अखिलेश यादव ने योगी सरकार पर बोला हमला, कहा- विदाई बजट
उन्होंने आरोप लगाया कि बीजेपी 2027 के विधानसभा चुनावों के बाद सत्ता से बाहर हो जाएगी। अखिलेश यादव ने कहा कि सरकार का दावा है कि बजट 9 लाख करोड़ रुपये से अधिक हो गया है, लेकिन असली सवाल यह है कि इसका कितना हिस्सा वास्तव में खर्च किया गया।

UP News : समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने बुधवार को उत्तर प्रदेश के 2026-27 के बजट को योगी आदित्यनाथ सरकार का विदाई बजट करार दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि बीजेपी 2027 के विधानसभा चुनावों के बाद सत्ता से बाहर हो जाएगी। अखिलेश यादव ने कहा कि सरकार का दावा है कि बजट 9 लाख करोड़ रुपये से अधिक हो गया है, लेकिन असली सवाल यह है कि इसका कितना हिस्सा वास्तव में खर्च किया गया। उनके अनुसार, औसतन सरकार अपने आवंटित बजट का केवल 50 प्रतिशत ही इस्तेमाल कर पाई है।
विभिन्न विभागों के आंकड़े पेश
* कृषि: 57% खर्च
* ग्रामीण विकास: 36%
* पशुपालन: 60%
* स्वास्थ्य: 58%
* महिला कल्याण: 53%
यादव ने कहा कि जरूरी विभागों में फंड का पर्याप्त इस्तेमाल न होना प्रशासन की नाकाबिलियत को दर्शाता है।
कानून-व्यवस्था पर गंभीर आरोप
अखिलेश यादव ने यूपी में बिगड़ती कानून-व्यवस्था पर सवाल उठाए। उनका कहना था कि अब अपराध और पुलिस एक ही साइड पर हैं। उन्होंने विधायक और मंत्री द्वारा अपहरण जैसी घटनाओं का उदाहरण देते हुए प्रशासन की कमजोरी की ओर ध्यान खींचा। अखिलेश ने अमेरिका के साथ डील और फ्री ट्रेड के संभावित प्रभावों को लेकर चिंता जताई। उनका कहना था कि इससे सबसे ज्यादा नुकसान किसानों और ग्रामीण इलाकों को होगा। विदेशी बाजारों पर निर्भरता बढ़ने से स्थानीय उत्पादन और आय पर गंभीर असर पड़ेगा।
भ्रष्टाचार और निवेश पर टिप्पणी
उन्होंने यह भी कहा कि इस सरकार में भ्रष्टाचार की घटनाएं आम हो गई हैं। हाई कोर्ट में दर्ज मामलों का हवाला देते हुए, उन्होंने सरकार की नाकाबिलियत और पारदर्शिता पर सवाल उठाया। अखिलेश यादव के अनुसार, यह बजट योगी सरकार का आखिरी फुल-फ्लेज्ड बजट है जो 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले पेश किया गया। UP News
UP News : समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने बुधवार को उत्तर प्रदेश के 2026-27 के बजट को योगी आदित्यनाथ सरकार का विदाई बजट करार दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि बीजेपी 2027 के विधानसभा चुनावों के बाद सत्ता से बाहर हो जाएगी। अखिलेश यादव ने कहा कि सरकार का दावा है कि बजट 9 लाख करोड़ रुपये से अधिक हो गया है, लेकिन असली सवाल यह है कि इसका कितना हिस्सा वास्तव में खर्च किया गया। उनके अनुसार, औसतन सरकार अपने आवंटित बजट का केवल 50 प्रतिशत ही इस्तेमाल कर पाई है।
विभिन्न विभागों के आंकड़े पेश
* कृषि: 57% खर्च
* ग्रामीण विकास: 36%
* पशुपालन: 60%
* स्वास्थ्य: 58%
* महिला कल्याण: 53%
यादव ने कहा कि जरूरी विभागों में फंड का पर्याप्त इस्तेमाल न होना प्रशासन की नाकाबिलियत को दर्शाता है।
कानून-व्यवस्था पर गंभीर आरोप
अखिलेश यादव ने यूपी में बिगड़ती कानून-व्यवस्था पर सवाल उठाए। उनका कहना था कि अब अपराध और पुलिस एक ही साइड पर हैं। उन्होंने विधायक और मंत्री द्वारा अपहरण जैसी घटनाओं का उदाहरण देते हुए प्रशासन की कमजोरी की ओर ध्यान खींचा। अखिलेश ने अमेरिका के साथ डील और फ्री ट्रेड के संभावित प्रभावों को लेकर चिंता जताई। उनका कहना था कि इससे सबसे ज्यादा नुकसान किसानों और ग्रामीण इलाकों को होगा। विदेशी बाजारों पर निर्भरता बढ़ने से स्थानीय उत्पादन और आय पर गंभीर असर पड़ेगा।
भ्रष्टाचार और निवेश पर टिप्पणी
उन्होंने यह भी कहा कि इस सरकार में भ्रष्टाचार की घटनाएं आम हो गई हैं। हाई कोर्ट में दर्ज मामलों का हवाला देते हुए, उन्होंने सरकार की नाकाबिलियत और पारदर्शिता पर सवाल उठाया। अखिलेश यादव के अनुसार, यह बजट योगी सरकार का आखिरी फुल-फ्लेज्ड बजट है जो 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले पेश किया गया। UP News












