पूर्वांचल में बढ़ रहा उद्योगों का आकर्षण : यह कंपनी लगाएगी 4000 करोड़ की टायर फैक्ट्री

मशहूर टायर निर्माता कंपनी सीएट ने अमेठी में टायर फैक्ट्री लगाने की योजना बनाई है। इसके लिए कंपनी ने पूर्वांचल एक्सप्रेसवे के किनारे लगभग 150-200 एकड़ जमीन का सर्वे किया है। इस परियोजना में कुल 4000 करोड़ का निवेश होने की संभावना है।

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टायर निर्माता कंपनी सीएट
locationभारत
userयोगेन्द्र नाथ झा
calendar07 Feb 2026 05:08 PM
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UP News : उत्तर प्रदेश के पूर्वांचल क्षेत्र में अब बड़े उद्योगों का ध्यान बढ़ता दिख रहा है। मशहूर टायर निर्माता कंपनी सीएट ने अमेठी में टायर फैक्ट्री लगाने की योजना बनाई है। इसके लिए कंपनी ने पूर्वांचल एक्सप्रेसवे के किनारे लगभग 150-200 एकड़ जमीन का सर्वे किया है। इस परियोजना में कुल 4000 करोड़ का निवेश होने की संभावना है।

4000 लोगों को प्रत्यक्ष रोजगार मिलेगा 

फैक्ट्री के पूरी तरह चलने पर लगभग 4000 लोगों को प्रत्यक्ष रोजगार मिलेगा और उतने ही लोगों को अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार के अवसर प्राप्त होंगे। इस निवेश से न केवल स्थानीय युवाओं को नौकरी मिलेगी बल्कि पलायन की समस्या भी कम होगी और क्षेत्र में आर्थिक गतिविधियाँ तेज होंगी।

कानून-व्यवस्था और बेहतर परिवहन सुविधाएँ हैं कारण

पूर्वांचल में उद्योगों के आकर्षण का कारण योगी सरकार द्वारा सुधारित कानून-व्यवस्था और बेहतर परिवहन सुविधाएँ बताई जा रही हैं। इसी कारण अब कई बड़े निवेशक नोएडा और गाजियाबाद की बजाय पूर्वांचल के जिलों की ओर रुख कर रहे हैं। अमेठी के अलावा अयोध्या, सुल्तानपुर, आजमगढ़, मऊ और गाजीपुर में भी आॅटोमोबाइल और अन्य उद्योग स्थापित करने की योजनाएँ चल रही हैं। अधिकारियों का कहना है कि क्षेत्र में पर्याप्त श्रमिक उपलब्ध हैं और बेहतर कनेक्टिविटी के कारण यहां निवेश करना आसान है। इस कदम से पूर्वांचल में आर्थिक समृद्धि बढ़ेगी और रोजगार के अवसरों में वृद्धि होगी।

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चीनी मांझे को लेकर अखिलेश ने कसा तंज, कहा-कटी पतंग में चीनी मांझा

उन्होंने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर एक वीडियो साझा करते हुए बताया कि उनके घर के पास पीछे की ओर से उड़कर आई एक कटी हुई पतंग में उन्हें चीनी मांझा लगा हुआ प्रतीत हुआ।

cheeni manjha
प्रदेश में प्रतिबंधित चीनी मांझे
locationभारत
userयोगेन्द्र नाथ झा
calendar07 Feb 2026 03:20 PM
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UP News : समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने प्रदेश में प्रतिबंधित चीनी मांझे को लेकर गंभीर चिंता जाहिर की है। शनिवार को उन्होंने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर एक वीडियो साझा करते हुए बताया कि उनके घर के पास पीछे की ओर से उड़कर आई एक कटी हुई पतंग में उन्हें चीनी मांझा लगा हुआ प्रतीत हुआ। अखिलेश यादव ने वीडियो के साथ लिखा कि यह पतंग किसी अन्य मकान से कटकर उनके यहाँ आ गिरी है और उसमें इस्तेमाल किया गया मांझा बेहद खतरनाक दिख रहा है। उनका इशारा इस ओर था कि प्रतिबंध के बावजूद यह जानलेवा सामग्री अब भी खुले या छिपे तौर पर इस्तेमाल की जा रही है।

सरकार ने चीनी मांझे से होने वाली मौतों को लेकर बेहद कठोर रुख अपनाया

यह प्रतिक्रिया ऐसे समय सामने आई है जब उत्तर प्रदेश सरकार ने चीनी मांझे से होने वाली मौतों को लेकर बेहद कठोर रुख अपनाया है। राज्य सरकार ने साफ कर दिया है कि यदि किसी व्यक्ति की जान चीनी मांझे के कारण जाती है, तो उस घटना को साधारण हादसा नहीं बल्कि हत्या की श्रेणी में रखा जाएगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस मामले में स्पष्ट निर्देश देते हुए कहा है कि ऐसी किसी भी घटना की जिम्मेदारी सीधे तौर पर पुलिस और जिला प्रशासन की होगी। लापरवाही पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

चीनी मांझा पहले भी कई बार जानलेवा साबित हो चुका

मुख्यमंत्री ने प्रदेश भर में चीनी मांझे के निर्माण, भंडारण, बिक्री और आपूर्ति से जुड़े पूरे नेटवर्क को समाप्त करने के आदेश दिए हैं। इसके तहत थोक विक्रेताओं, गोदामों, परिवहन साधनों और आनलाइन माध्यमों से हो रही बिक्री की गहन जांच की जा रही है। सरकार का उद्देश्य है कि राज्य में कहीं भी चीनी मांझा उपलब्ध न हो। गौरतलब है कि चीनी मांझा पहले भी कई बार जानलेवा साबित हो चुका है, जिससे राह चलते लोग, दोपहिया वाहन चालक और बच्चे गंभीर रूप से घायल हुए हैं। इसी वजह से प्रशासन इसे लेकर अब किसी भी तरह की ढील देने के मूड में नहीं है।

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उत्तर प्रदेश के ग्रामीण इलाकों में घर बनाना होगा आसान, मिलेगी बड़ी छूट

माना जा रहा है कि इस बदलाव से उत्तर प्रदेश के ग्रामीण परिवारों को कागजी झंझट और दफ्तरों की भागदौड़ से राहत मिलेगी, साथ ही नक्शा पास कराने के नाम पर होने वाली मनमानी, देरी और कथित अनावश्यक वसूली पर भी प्रभावी लगाम लगेगी।

योगी सरकार की नई पहल
योगी सरकार की नई पहल
locationभारत
userअभिजीत यादव
calendar07 Feb 2026 03:12 PM
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UP News : उत्तर प्रदेश के ग्रामीण इलाकों से इस वक्त एक बड़ी और राहत भरी अपडेट सामने आई है। उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार गांवों में पक्का घर बनाने की राह को और आसान करने की तैयारी में है। प्रस्तावित व्यवस्था के मुताबिक ग्रामीण उत्तर प्रदेश में 300 वर्ग मीटर तक के आवासीय निर्माण के लिए अब नक्शा पास कराने की अनिवार्यता खत्म हो सकती है। इसके लिए सरकार उत्तर प्रदेश भवन निर्माण एवं विकास उपविधि-2025 को जिला पंचायत क्षेत्रों में भी लागू करने की दिशा में आगे बढ़ रही है, ताकि गांवों में निर्माण प्रक्रिया सरल, कम खर्चीली और तय समय में पूरी होने वाली बन सके। माना जा रहा है कि इस बदलाव से उत्तर प्रदेश के ग्रामीण परिवारों को कागजी झंझट और दफ्तरों की भागदौड़ से राहत मिलेगी, साथ ही नक्शा पास कराने के नाम पर होने वाली मनमानी, देरी और कथित अनावश्यक वसूली पर भी प्रभावी लगाम लगेगी।

दो मंजिल तक घर बनाने की अनुमति

प्रस्तावित नियमों के तहत ग्रामीण उत्तर प्रदेश के भू-स्वामियों को अपने कच्चे मकान, आवासीय प्लॉट या कृषि भूमि पर दो मंजिल तक आवासीय निर्माण की अनुमति दी जाएगी। यह राहत सिर्फ घर या कृषि उपयोग तक सीमित रहेगीदुकान, गोदाम, कॉम्प्लेक्स या किसी भी प्रकार का व्यावसायिक निर्माण इस दायरे से बाहर रहेगा। नियमों में यह भी साफ किया गया है कि डिज़ाइन की मजबूती और निर्माण की गुणवत्ता की पूरी जिम्मेदारी भू-स्वामी की होगी; भविष्य में किसी तकनीकी या संरचनात्मक खामी पर शासन या जिला पंचायत की जवाबदेही नहीं बनेगी। हालांकि, निर्माण शुरू करने से पहले जिला पंचायत को लिखित सूचना देना अनिवार्य रहेगा, ताकि प्रशासनिक रिकॉर्ड अद्यतन रहे और ग्रामीण यूपी में निर्माण प्रक्रिया व्यवस्थित व पारदर्शी बनी रहे।

अलग-अलग जिलों के नियमों की उलझन होगी खत्म

उत्तर प्रदेश में शहरी प्राधिकरणों की तर्ज पर अब जिला पंचायत क्षेत्रों में नक्शा पास करने की प्रक्रिया को भी ऑनलाइन करने की तैयारी है। इससे नियमों में पारदर्शिता बढ़ेगी और अलग-अलग जिलों में अलग नियमों के कारण होने वाली उलझन कम होगी। सरकार का लक्ष्य है कि पूरे यूपी में एक जैसी बिल्डिंग बाईलॉज व्यवस्था लागू हो, ताकि ग्रामीण क्षेत्र में भी निर्माण प्रक्रिया व्यवस्थित और समान रहे। नए नियमों की एक अहम बात यह भी है कि अगर किसी गांव में सड़क की चौड़ाई कम है, तब भी निर्माण/नक्शा प्रक्रिया में अड़चन नहीं आएगी। लेकिन शर्त रहेगी कि भविष्य में जितनी चौड़ी सड़क की जरूरत होगी, उतनी चौड़ाई नक्शे में रोड बाइंडिंग के लिए छोड़नी होगी। यानी आज सड़क भले संकरी हो, लेकिन कल के विस्तार की जगह पहले से सुरक्षित रखनी पड़ेगी।

कब लागू होंगे नए नियम?

एलडीए वीसी प्रथमेश कुमार के मुताबिक, जिला पंचायत क्षेत्र में भी भवन निर्माण एवं विकास उपविधि लागू करने का प्रस्ताव तैयार है और इसका प्रेजेंटेशन मुख्यमंत्री के समक्ष किया जा चुका है। योजना है कि इसे जल्द लागू किया जाए। लागू होने के बाद ग्रामीण क्षेत्रों में 300 वर्ग मीटर तक दो मंजिल के मकान के लिए नक्शा पास कराने की बाध्यता नहीं रहेगी और जहां नक्शा पास करना जरूरी होगा, वहां प्रक्रिया ऑनलाइन होगी। UP News

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