इस लडक़ी के शरीर में दो बच्चेदानी (Uterus) तथा दो योनि (Vagina) मौजूद थीं। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में स्थित डॉ. राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान के डाक्टरों को एक बड़ा ऑपरेशन करके इस अनोखी लडक़ी को ठीक करना पड़ा।

UP News : उत्तर प्रदेश के बलिया में एक अनोखी लड़की सामने आई है। उत्तर प्रदेश के बलिया की यह लडक़ी बचपन से ही अपने शरीर में दो-दो लड़कियों के शारीरिक अंग लेकर जी रही थी। इस लड़की के शरीर में दो बच्चेदानी (Uterus) तथा दो योनि (Vagina) मौजूद थीं। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में स्थित डॉ. राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान के डाक्टरों को एक बड़ा ऑपरेशन करके इस अनोखी लडक़ी को ठीक करना पड़ा।
आपको बता दें कि यह मामला उत्तर प्रदेश के बलिया जिले का मामला है। उत्तर प्रदेश के बलिया जिले की एक लड़की के शरीर में दो योनि (Vagina) तथा दो बच्चेदानी (Uterus) बचपन से ही मौजूद थीं। इस लडक़ी का शौच का रास्ता पूरी तरह से विकसित नहीं था। डॉक्टरों का कहना है कि यह अनोखा मामला केवल उत्तर प्रदेश के लिए ही नहीं अनोखा नहीं है बल्कि पूरे भारत में ऐसा कोई दूसरा मामला देखने को नहीं मिला है। उत्तर प्रदेश के डॉक्टर राम मनोहर लोहिया अस्पताल के डॉक्टरों ने इस अनोखी लडक़ी का बहुत ही बड़ा ऑपरेशन करके लडक़ी को सामान्य लडक़ी बनाने का काम किया है।
उत्तर प्रदेश के बलिया जिले की रहने वाली इस लड़की को जन्म से ही पेशाब पर नियंत्रण नहीं था। इस कारण बचपन से ही उसे डायपर का सहारा लेना पड़ता था। उम्र बढ़ने के साथ भी स्थिति में कोई सुधार नहीं हुआ। इसके साथ ही पेट साफ न होने की गंभीर समस्या भी बनी रही। स्थानीय स्तर पर कई जगह इलाज कराया गया, लेकिन कोई राहत नहीं मिली। आखिरकार परिजन उसे डॉ. राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान लेकर पहुंचे। संस्थान में जांच के दौरान सामने आया कि युवती जन्म से ही तीन गंभीर जन्मजात समस्याओं से पीड़ित थी। उसके शरीर में दो बच्चेदानी और दो योनियां थीं। इसके अलावा पेशाब की नलिकाएं गलत स्थान पर खुल रही थीं और गुदा मार्ग योनि के बेहद नजदीक था, जिससे उसे रोजमर्रा के जीवन में भारी परेशानी का सामना करना पड़ता था।
उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनफ में स्थित लोहिया संस्थान के यूरोलॉजी विशेषज्ञ प्रो. ईश्वर राम धायल के नेतृत्व में डॉक्टरों की टीम ने युवती के इलाज की जिम्मेदारी संभाली. जांच के बाद डॉक्टरों ने तीन चरणों में सर्जरी करने का निर्णय लिया। पहले चरण में गुदा मार्ग को सर्जरी के जरिए सही किया गया। इसके बाद दो अलग-अलग चरणों में पेशाब पर नियंत्रण के लिए जटिल सर्जरी की गई। प्रो. ईश्वर राम धायल के मुताबिक, तीनों चरणों की सर्जरी सफल रही। अब युवती को पेशाब पर नियंत्रण है और पेट से जुड़ी समस्या भी लगभग सामान्य हो चुकी है। डॉक्टरों का कहना है कि यह सर्जरी न सिर्फ चिकित्सकीय रूप से चुनौतीपूर्ण थी, बल्कि युवती के लिए एक नया जीवन लेकर आई है। इस सफल ऑपरेशन के बाद युवती और उसका परिवार बेहद खुश है। लंबे समय से जिस पीड़ा और सामाजिक परेशानी से वह गुजर रही थी, उससे अब उसे राहत मिल गई है। UP News