पंचायत के चुनाव से पहले किसानों के खाते में जमा होगा धन

उत्तर प्रदेश सरकार की योजना यह है कि पंचायत के चुनाव से पहले उत्तर प्रदेश के सभी छोटे किसानों के बैंक खाते में धनराशि भेज दी जाए। इस खास योजना के तहत उत्तर प्रदेश के तीन करोड़ से ज्यादा किसानों को फायदा पहुंचाया जाएगा।

यूपी में 2.15 करोड़ किसानों को मिल चुका लाभ
यूपी में 2.15 करोड़ किसानों को मिल चुका लाभ
locationभारत
userआरपी रघुवंशी
calendar14 Jan 2026 03:46 PM
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UP News : उत्तर प्रदेश के किसानों के लिए अच्छी खबर आई है। उत्तर प्रदेश में जल्दी ही होने वाले पंचायत चुनाव से पहले प्रदेश के किसानों को खुश करने की योजना पर काम चल रहा है। उत्तर प्रदेश सरकार की योजना यह है कि पंचायत के चुनाव से पहले उत्तर प्रदेश के सभी छोटे किसानों के बैंक खाते में धनराशि भेज दी जाए। इस खास योजना के तहत उत्तर प्रदेश के तीन करोड़ से ज्यादा किसानों को फायदा पहुंचाया जाएगा।

क्या है उत्तर प्रदेश सरकार की किसानों के लिए योजना

उत्तर प्रदेश सरकार ने योजना बनाई है कि उत्तर प्रदेश में पंचायत के चुनाव से पहले सभी छोटे किसानों के बैंक खातों में खूब धन जमा करा दिया जाए। उत्तर प्रदेश सरकार की योजना यह है कि किसान सम्मान निधि योजना का फायदा उत्तर प्रदेश के हर छोटे किसान तक जरूर पहुंचा दिया जाए। बताया जा रहा है कि किसान सम्मान निधि योजना के दायरे में आने लायक उत्तर प्रदेश के 14.7 प्रतिशत किसानों तक किसान सम्मान निधि का पैसा नहीं पहुंच पा रहा है। उत्तर प्रदेश में होने वाले पंचायत चुनाव से पहले विशेष अभियान चलाकर सभी पात्र किसानों को किसान सम्मान निधि योजना का लाभ पहुंचाने की योजना बनाई जा रही है।

उत्तर प्रदेश में पोर्टल पर पंजीकरण को लेकर फंसा हुआ है पेंच

उत्तर प्रदेश सरकार के पास मौजूद आंकड़ों से पता चला है कि उत्तर प्रदेश के 14.7 प्रतिशत पात्र किसान अभी तक पीएम किसान पोर्टल पर रजिस्टर्ड नहीं हो पाए हैं। इस कारण इन किसानों तक पीएम किसान सम्मान निधि का पैसा नहीं पहुंच पा रहा है। हाल ही में भारत सरकार ने राज्यों से कहा है कि एक अप्रैल 2026 से पीएम किसान सम्मान निधि की किस्त उन्हीं किसानों को दी जाएगी, जिन्होंने पोर्टल पर पंजीकरण कराया हुआ है। ऐसे में राज्य सरकार जल्द से जल्द प्रदेश भर के सभी पात्र किसानों के रजिस्ट्रेशन पर जोर दे रही है। इसी के तहत उत्तर प्रदेश में 26 जनवरी के बाद प्रदेशव्यापी विशेष अभियान चलाने का निर्णय किया गया है। सरकार ने किसानों से भी अपील की है कि वे तय समय सीमा के भीतर अपना पंजीकरण कराएं ताकि किसी भी किसान को पीएम किसान सम्मान निधि की आगामी किस्त से वंचित न होना पड़े।

उत्तर प्रदेश के हर जिले में शिविर लगाने के निर्देश

उत्तर प्रदेश सरकार ने सभी जिलाधिकारियों को निर्देश दिया है कि पीएम किसान पोर्टल पर प्रत्येक किसान का विवरण अपडेट कराया जाए। इसके लिए आगामी घोषित होने वाली तिथियों में वृहद स्तर पर शिविर लगाए जाएंगे। प्रत्येक विकास खण्ड में कम से कम एक शिविर आयोजित करना अनिवार्य होगा। जिन किसानों के पंजीयन नहीं हो सके हैं, उनमें से एक बड़ी संख्या उन किसानों की है जो सम्मान निधि की परिधि में नहीं आते मसलन उनकी खेती तो है लेकिन वे सरकारी नौकरी करते हैं और आयकर दाता भी है। इसके अलावा कई मानकों पर भी वे बाहर हैं। हालांकि सबसे बड़ी संख्या ऐसे गैरपंजीकृत किसानों की है, जिन्होंने अपना आधार अब तक दुरुस्त नहीं कराया है या फिर बैक खातों को अपडेट नहीं किया है। अभियान में ऐसे काश्तकारों को चिन्हित कर उनकी इन त्रुटियों को दूर किया जाएगा।

उत्तर प्रदेश में अब तक 2.15 करोड़ किसानों को मिला है पीएम सम्मान निधि का लाभ

प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना जब से शुरू हुई है उसकी अब तक 21 किस्ते किसानों के खाते में भेजी जा चुकी है। इसमें हर चार माह पर प्रति किसान 2000 रुपये डीबीटी के माध्यम से सीधे खाते में भेजे जाने की व्यवस्था है। बीते नवम्बर में 21वीं किस्त जारी की गई थी जिसमें उत्तर प्रदेश के 2,15,71,323 किसानों के खाते में 4,314.26 करोड़ रुपये भेजे गए थे। उत्तर प्रदेश के प्रमुख जिलों की बात करें तो उत्तर प्रदेश के रामपुर जिले में 91.37% बिजनौर जिले में 88.92% हरदोई जिले में 98.31% श्रावस्ती जिले में 88.01% पीलीभीत जिले में 97.58% अंबेडकरनगर जिले में 87.46% मुरादाबाद जिले में 86.17% बरेली जिले में 84.80% गाजियाबाद जिले में 79.79% तथा कौशाम्बी जिले में 89.09% किसानों के नाम पोर्टल पर रजिस्टर्ड हैं। UP News

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उत्तर प्रदेश में 1000 से अधिक ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर स्थापित करने की योजना

उद्योग विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले वर्षों में उत्तर प्रदेश अंतरराष्ट्रीय कंपनियों के लिए एक प्रमुख वैश्विक केंद्र के रूप में उभरेगा। इसी दिशा में आगे बढ़ते हुए राज्य सरकार ने प्रदेश में 1000 से अधिक ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर स्थापित करने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य निर्धारित किया है।

global hub
ग्लोबल जीसीसी हब
locationभारत
userयोगेन्द्र नाथ झा
calendar14 Jan 2026 03:03 PM
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UP News : उत्तर प्रदेश अब केवल जनसंख्या की दृष्टि से ही नहीं, बल्कि औद्योगिक और तकनीकी विकास के मामले में भी देश के अग्रणी राज्यों में शामिल होता जा रहा है। मजबूत होती अवसंरचना, बेहतर कनेक्टिविटी और स्पष्ट नीतियों के चलते राज्य वैश्विक कंपनियों के लिए दीर्घकालिक निवेश का पसंदीदा गंतव्य बन रहा है। उद्योग विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले वर्षों में उत्तर प्रदेश अंतरराष्ट्रीय कंपनियों के लिए एक प्रमुख वैश्विक केंद्र के रूप में उभरेगा। इसी दिशा में आगे बढ़ते हुए राज्य सरकार ने प्रदेश में 1000 से अधिक ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर स्थापित करने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य निर्धारित किया है। इस पहल से पांच लाख से अधिक युवाओं को रोजगार मिलने की संभावना जताई जा रही है, जिससे राज्य की अर्थव्यवस्था को नई गति मिलेगी।

क्या होते हैं ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर

ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर वे विशेष इकाइयाँ होती हैं, जहां विदेशी कंपनियां अपने प्रमुख और संवेदनशील कार्य बाहरी एजेंसियों को सौंपने के बजाय अपने स्वयं के कर्मचारियों के माध्यम से संचालित करती हैं। इनमें आईटी सेवाएं, इंजीनियरिंग समाधान, डेटा एनालिटिक्स, वित्तीय प्रबंधन और अनुसंधान जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्र शामिल होते हैं।

जीसीसी नीति 2024 से निवेशकों का बढ़ा भरोसा

उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा लागू की गई जीसीसी नीति 2024 ने निवेशकों को स्पष्ट दिशा और भरोसेमंद वातावरण प्रदान किया है। पहले जहां नियमों की अस्पष्टता और प्रशासनिक प्रक्रियाओं में देरी निवेश की राह में बाधा बनती थी, वहीं अब एक सुव्यवस्थित ढांचा तैयार किया गया है। इससे निवेशकों को शुरुआत से ही अपने दायित्वों, शर्तों और लाभों की पूरी जानकारी मिल जाती है, जिससे निर्णय लेने की प्रक्रिया तेज हुई है। इसी सकारात्मक नीति का परिणाम है कि वर्तमान समय में प्रदेश में लगभग 90 ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर सफलतापूर्वक संचालित हो रहे हैं और आने वाले समय में इस संख्या में तेजी से वृद्धि होने की उम्मीद है।

स्थायी औद्योगिक ढांचे पर सरकार का फोकस

राज्य सरकार का उद्देश्य केवल निवेश आकर्षित करना नहीं, बल्कि उसे लंबे समय तक बनाए रखना भी है। इसी सोच के तहत भूमि आधारित प्रोत्साहन और बुनियादी ढांचे में सहयोग देकर निवेश की शुरुआती लागत को कम किया जा रहा है। अस्थायी कार्यालयों या किराए की व्यवस्थाओं के बजाय स्थायी औद्योगिक परिसरों को बढ़ावा दिया जा रहा है, जिससे कंपनियां लंबे समय तक प्रदेश से जुड़ी रहें। इसके साथ ही, परियोजनाओं के समयबद्ध क्रियान्वयन को सुनिश्चित करने के लिए जवाबदेही की व्यवस्था भी की गई है, ताकि निवेश प्रस्ताव कागजों तक सीमित न रह जाएं।

युवाओं के लिए खुलेंगे उच्च गुणवत्ता वाले रोजगार

ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर्स की स्थापना से उत्तर प्रदेश में उच्च मूल्य वाले रोजगार के नए द्वार खुल रहे हैं। आईटी, तकनीक, इंजीनियरिंग, डेटा साइंस और प्रबंधन जैसे क्षेत्रों में स्थानीय युवाओं को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर काम करने का अवसर मिलेगा। इससे न केवल राज्य की मानव संसाधन क्षमता मजबूत होगी, बल्कि प्रतिभा के दूसरे राज्यों या देशों में पलायन पर भी प्रभावी रोक लगेगी। सरकार कम विकसित क्षेत्रों में निवेश को प्रोत्साहित कर क्षेत्रीय असंतुलन को दूर करने की दिशा में भी कार्य कर रही है। 

भविष्य की ओर बढ़ता उत्तर प्रदेश

स्पष्ट नीतियां, मजबूत अवसंरचना और दीर्घकालिक दृष्टिकोण के साथ उत्तर प्रदेश तेजी से एक वैश्विक निवेश केंद्र के रूप में अपनी पहचान बना रहा है। ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर्स की यह पहल न केवल रोजगार सृजन का माध्यम बनेगी, बल्कि राज्य को तकनीकी और आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। जब वैश्विक कंपनियां इन इलाकों में अपनी गतिविधियां शुरू करेंगी, तो स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी और विकास की रफ्तार तेज होगी।

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उत्तर प्रदेश के मुख्य सचिव एस.पी. गोयल ने किसानों के लिए दिए खास निर्देश

उन्होंने कहा है कि खेती तथा किसान उत्तर प्रदेश सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता में शामिल है। किसानों को अधिक से अधिक फायदा पहुंचाने के लिए हर प्रकार के कदम उठाए जाने जरूरी हैं।

उत्तर प्रदेश के मुख्य सचिव एस.पी. गोयल
उत्तर प्रदेश के मुख्य सचिव एस.पी. गोयल
locationभारत
userआरपी रघुवंशी
calendar14 Jan 2026 02:48 PM
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UP News : उत्तर प्रदेश के मुख्य सचिव एस.पी. गोयल ने प्रदेश के किसानों के लिए खास निर्देश दिए हैं। उत्तर प्रदेश के सभी संबंधित अधिकारियों को खास निर्देश देते हुए उत्तर प्रदेश के मुख्य सचिव ने निर्देशों का कड़ाई से पालन करने को कहा है। उन्होंने कहा है कि खेती तथा किसान उत्तर प्रदेश सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता में शामिल है। किसानों को अधिक से अधिक फायदा पहुंचाने के लिए हर प्रकार के कदम उठाए जाने जरूरी हैं।

उत्तर प्रदेश के मुख्य सचिव ने समीक्षा के दौरान जारी किए निर्देश

उत्तर प्रदेश के प्रवक्ता ने बताया कि प्रदेश के मुख्य सचिव एस.पी. गोयल ने कहा है कि जल शक्ति मंत्रालय द्वारा संचालित आधुनिकीकरण कमांड क्षेत्र विकास एवं जल प्रबंधन (एमसीएडीडब्ल्यूएम) योजना का लाभ किसानों को दिया जाए। किसानों को योजना का लाभ मिलने से सिंचाई सुविधाओं का बेहतर उपयोग होगा और कृषि उत्पादन में वृद्धि होगी। मुख्य सचिव ने मंगलवार को एमसीएडीडब्ल्यूएम की अध्यक्षता में चयनित क्लस्टरों की द्वितीय समीक्षा बैठक हुई। उन्होंने सभी संबंधित विभागों को निर्देश दिए कि परियोजनाओं को निर्धारित समय में पूरा किया जाए और किसी भी प्रकार की देरी की स्थिति में तत्काल सुधारात्मक कदम उठाए जाएं। एमसीएडीडब्ल्यूएम योजना प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना की एक उप-योजना है, कमांड क्षेत्रों में आधुनिक सिंचाई प्रणालियों (जैसे भूमिगत दबावयुक्त पाइप्ड सिंचाई) के माध्यम से जल संसाधनों के कुशल उपयोग, जल संरक्षण तथा किसानों की आय वृद्धि पर केंद्रित है। बैठक में संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे। बैठक में योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए संबंधित विभागों के साथ बेहतर समन्वय स्थापित करने पर भी चर्चा की गई।

उत्तर प्रदेश के पिछड़े विकास खंडों में जरूरी सुविधाएं दी जाएं

वहीं मुख्य सचिव एस.पी. गोयल ने निर्देश दिया है कि पिछड़े विकास खंडों में स्वास्थ्य, शिक्षा, कृषि, पोषण, बुनियादी सुविधा और सामाजिक विकास के काम तेजी से कराए जाएं। राज्य के पिछड़े ब्लॉकों में समग्र विकास कराने के साथ योजनाओं का लाभ अधिकतम लाभार्थियों तक समय से पहुंचाएं। मुख्य सचिव ने मंगलवार को आकांक्षी विकास खंडों में होने वाले कामों की समीक्षा में कार्यक्रम से जुड़े इंडिकेटर्स में पिछड़े विकास खंडों की स्थिति, डाटा की गुणवत्ता तथा सुधारात्मक कदमों पर विस्तृत चर्चा की गई। उन्होंने विभागीय अधिकारियों को यह भी निर्देश दिए कि पोर्टल पर संबंधित इंडिकेटर्स में त्रुटिरहित डाटा का अंकन कराया जाए। उन इंडिकेटर्स में जहां आकांक्षात्मक विकास खंडों की प्रगति अभी भी राज्य औसत से कम है, सुधार के लिए प्रभावी कार्ययोजना तैयार की जाए। साथ ही जिन इंडिकेटर्स में अभी भी विकास खंडों की प्रगति राज्य औसत से कम है, उनके लिए जनपद एवं विकास खंड स्तर से समन्वय स्थापित कर लक्षित प्रयास किए जाएं। UP News

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