
Siddharthnagar News: सिद्धार्थनगर। शोहरतगढ़ विधानसभा क्षेत्र से विधायक तथा अपना दल (एस) विनय वर्मा ने शोहरतगढ़ ब्लाक के लुचुइयां में विकास कार्यों में हुई अनियमितता की शिकायत अपर मुख्य सचिव पंचायती राज की थी, जिसके बाद जांच के लिए संयुक्त सचिव उत्तर प्रदेश शासन ने चार सदस्यीय प्रदेश स्तरीय जांच टीम गठित कर दी है। विधायक ने जिले के कुछ अधिकारियों पर उक्त प्रकरण में अपने उच्चाधिकारियों को भ्रमित करने का आरोप भी लगाया है।
आपको बता दें कि शोहरतगढ़ विधायक विनय वर्मा ने गत जनवरी माह में कृषि उत्पादन आयुक्त व अपर मुख्य सचिव पंचायती राज मनोज सिंह को शोहरतगढ़ ब्लॉक के लुचुइयां ग्राम पंचायत में अनियमितता का आरोप लगाते हुए शिकायत दी थी। उन्होंने अपने शिकायती पत्र में आरोप लगाया था कि ग्राम प्रधान व प्रधान प्रतिनिधि के विरुद्ध स्थानीय लोगों ने 14 साक्ष्यों के साथ शिकायत किया था कि ग्राम प्रधान ने तत्कालीन बीडीओ की मिलीभगत से अपने सगे ससुर के फर्जी फर्म में भुगतान करा लिया,जबकि यह सभी कार्य धरातल पर हुए ही नहीं।
इसके अलावा जिस ठेकेदार ने ईमानदारी से काम करवाया उसका भुगतान ग्राम पंचायत द्वारा नहीं किया जा रहा है। उन्होंने जिले के जिला विकास अधिकारी पर प्रधान प्रतिनिधि से अच्छे संबंध होने के कारण उनका बचाव करने के लिए डीएम को भ्रमित करने का आरोप भी लगाया।
विधायक विनय वर्मा ने अपर मुख्य सचिव पंचायती राज से उक्त सभी शिकायतों की जांच जिला स्तरीय जांच टीम से न करवाकर शासन स्तर से करवाने की मांग की थी। जिसके बाद उत्तर प्रदेश शासन के संयुक्त सचिव अवधेश कुमार खरे ने निदेशक पंचायती राज को पत्र भेजकर चार सदस्यीय राज्यस्तरीय जांच टीम के गठित होने की जानकारी दी और उनसे जांच टीम से जांच करवाकर रिपोर्ट प्रेषित करने का निर्देश भी दिया। इस संबंध में शोहरतगढ़ विधायक विनय वर्मा ने बताया कि ग्राम प्रधान व तत्कालीन बीडीओ के द्वारा विकास कार्यों में किए गए अनियमितता की जांच को प्रभावित करने में जिले के अधिकारियों सहित कुछ प्रभावी लोग भी लगे हुए हैं लेकिन निष्पक्ष जांच होगी और अनियमितता में शामिल लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई भी शासन द्वारा किया जाएगा।