पूर्व भाजपा विधायक कुलदीप सेंगर ने सर्वोच्च न्यायालय का खटखटाया दरवाजा
पूर्व भाजपा विधायक कुलदीप सिंह सेंगर ने पीड़िता के पिता की पुलिस हिरासत में हुई मौत से जुड़े मामले में जमानत पाने के लिए सर्वोच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाया है। इस याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने 9 फरवरी को सुनवाई करने का निर्णय लिया है।

UP News : उन्नाव दुष्कर्म मामले में दोषी ठहराए जा चुके पूर्व भाजपा विधायक कुलदीप सिंह सेंगर ने पीड़िता के पिता की पुलिस हिरासत में हुई मौत से जुड़े मामले में जमानत पाने के लिए सर्वोच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाया है। इस याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने 9 फरवरी को सुनवाई करने का निर्णय लिया है। यह याचिका ऐसे समय दाखिल की गई है जब दिल्ली उच्च न्यायालय पहले ही इस मामले में सेंगर को जमानत देने से इनकार कर चुका है। हाईकोर्ट के फैसले के बाद अब सेंगर ने सर्वोच्च अदालत से राहत की उम्मीद लगाई है।
पुलिस हिरासत में हुई थी पीड़िता के पिता की मौत
पीड़िता के पिता की मौत उन्नाव दुष्कर्म प्रकरण के दौरान पुलिस हिरासत में हुई थी, जिसने पूरे मामले को और अधिक गंभीर और संवेदनशील बना दिया था। इस मामले में सेंगर के अधिवक्ता ने सुप्रीम कोर्ट के समक्ष दलील दी है कि उनके मुवक्किल को साजिश के तहत फंसाया गया है और उनके खिलाफ लगाए गए आरोप तथ्यों पर आधारित नहीं हैं। इसी आधार पर उन्होंने जमानत की मांग की है।
सेंगर पहले से ही उन्नाव दुष्कर्म मामले में दोषसिद्धि के बाद जेल की सजा काट रहे
गौरतलब है कि कुलदीप सिंह सेंगर पहले से ही उन्नाव दुष्कर्म मामले में दोषसिद्धि के बाद जेल की सजा काट रहे हैं। हालांकि, दुष्कर्म मामले में उन्हें उच्च न्यायालय से जमानत मिली थी, लेकिन उस आदेश पर सुप्रीम कोर्ट ने फिलहाल रोक लगा रखी है। अब पीड़िता के पिता की मौत से जुड़े मामले में सुप्रीम कोर्ट का फैसला बेहद अहम माना जा रहा है। 9 फरवरी को होने वाली सुनवाई के बाद यह स्पष्ट होगा कि सेंगर को इस मामले में कोई राहत मिलती है या नहीं।
UP News : उन्नाव दुष्कर्म मामले में दोषी ठहराए जा चुके पूर्व भाजपा विधायक कुलदीप सिंह सेंगर ने पीड़िता के पिता की पुलिस हिरासत में हुई मौत से जुड़े मामले में जमानत पाने के लिए सर्वोच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाया है। इस याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने 9 फरवरी को सुनवाई करने का निर्णय लिया है। यह याचिका ऐसे समय दाखिल की गई है जब दिल्ली उच्च न्यायालय पहले ही इस मामले में सेंगर को जमानत देने से इनकार कर चुका है। हाईकोर्ट के फैसले के बाद अब सेंगर ने सर्वोच्च अदालत से राहत की उम्मीद लगाई है।
पुलिस हिरासत में हुई थी पीड़िता के पिता की मौत
पीड़िता के पिता की मौत उन्नाव दुष्कर्म प्रकरण के दौरान पुलिस हिरासत में हुई थी, जिसने पूरे मामले को और अधिक गंभीर और संवेदनशील बना दिया था। इस मामले में सेंगर के अधिवक्ता ने सुप्रीम कोर्ट के समक्ष दलील दी है कि उनके मुवक्किल को साजिश के तहत फंसाया गया है और उनके खिलाफ लगाए गए आरोप तथ्यों पर आधारित नहीं हैं। इसी आधार पर उन्होंने जमानत की मांग की है।
सेंगर पहले से ही उन्नाव दुष्कर्म मामले में दोषसिद्धि के बाद जेल की सजा काट रहे
गौरतलब है कि कुलदीप सिंह सेंगर पहले से ही उन्नाव दुष्कर्म मामले में दोषसिद्धि के बाद जेल की सजा काट रहे हैं। हालांकि, दुष्कर्म मामले में उन्हें उच्च न्यायालय से जमानत मिली थी, लेकिन उस आदेश पर सुप्रीम कोर्ट ने फिलहाल रोक लगा रखी है। अब पीड़िता के पिता की मौत से जुड़े मामले में सुप्रीम कोर्ट का फैसला बेहद अहम माना जा रहा है। 9 फरवरी को होने वाली सुनवाई के बाद यह स्पष्ट होगा कि सेंगर को इस मामले में कोई राहत मिलती है या नहीं।












