विदेशों की तर्ज पर बनेगी उत्तर प्रदेश में एयरो सिटी, कानपुर में आएगा नया शहरी मॉडल

कानपुर विकास प्राधिकरण (केडीए) ने चकेरी एयरपोर्ट के पास 1200 एकड़ में एयरो सिटी बसाने की महत्वाकांक्षी योजना बनाई है। यह प्रोजेक्ट विदेशी महानगरों की तरह डिजाइन किया जाएगा, जहां एयरपोर्ट के आसपास हाई-टेक, प्रीमियम और सुव्यवस्थित शहर विकसित किया जाएगा।

ayro city
अब आधुनिक शहरी विकास की दिशा में एक बड़ा कदम
locationभारत
userयोगेन्द्र नाथ झा
calendar08 Feb 2026 04:11 PM
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UP News : उत्तर प्रदेश का कानपुर शहर अब आधुनिक शहरी विकास की दिशा में एक बड़ा कदम बढ़ा रहा है। कानपुर विकास प्राधिकरण (केडीए) ने चकेरी एयरपोर्ट के पास 1200 एकड़ में एयरो सिटी बसाने की महत्वाकांक्षी योजना बनाई है। यह प्रोजेक्ट विदेशी महानगरों की तरह डिजाइन किया जाएगा, जहां एयरपोर्ट के आसपास हाई-टेक, प्रीमियम और सुव्यवस्थित शहर विकसित किया जाएगा। कानपुर विकास प्राधिकरण इस साल के अंत तक लगभग चार हजार छोटे और बड़े भूखंड आम लोगों के लिए बाजार में उपलब्ध कराएगा। इनमें लगभग तीन हजार छोटे प्लॉट होंगे, जिनका आकार 150 से 450 वर्गमीटर तक होगा। इसके अलावा, करीब एक हजार मध्यम और बड़े भूखंड होंगे, जिनका क्षेत्रफल पांच से सात एकड़ तक होगा। इस योजना का उद्देश्य है कि छोटे निवेशक भी अपनी जमीन ले सकें, वहीं बड़े निवेशक और संस्थान भी प्रोजेक्ट में भाग ले सकें।

ग्रुप हाउसिंग और कॉमर्शियल डेवलपमेंट पर जोर

एयरो सिटी सिर्फ प्लॉटिंग प्रोजेक्ट नहीं होगी। यहां ग्रुप हाउसिंग, कॉमर्शियल प्लॉट्स और बड़े प्रोजेक्ट्स के लिए भी जगह अलग से निर्धारित की जाएगी। हाईराइज इमारतें और शॉपिंग एरिया, चौड़ी सड़कें और ग्रीन पार्क तथा कन्वेंशन सेंटर और आधुनिक सुविधाएँ यहां होंगी। इस तरह, पूरे इलाके को एक मॉडर्न, सुव्यवस्थित और आकर्षक शहर के रूप में विकसित किया जाएगा।

4000 करोड़ का इंफ्रास्ट्रक्चर निवेश

केडीए इस परियोजना के लिए लगभग चार हजार करोड़ रुपये इंफ्रास्ट्रक्चर पर खर्च करने की योजना बना रहा है। एक एकड़ भूमि को विकसित करने में लगभग 4-6 करोड़ रुपये तक का निवेश किया जाएगा। इस राशि का इस्तेमाल सड़क, बिजली, पानी, ड्रेनेज और ग्रीन एरिया जैसी बुनियादी सुविधाओं के मजबूत नेटवर्क के निर्माण में किया जाएगा। इसका मकसद है कि शहर का हर क्षेत्र टिकाऊ और आधुनिक बने।

विदेशी शहरों की तर्ज पर मास्टर प्लानिंग

एयरो सिटी की योजना को मास्टर प्लानिंग कंसलटेंट की मदद से तैयार किया जाएगा। डिजाइन इस तरह होगा कि हाईवे से गुजरने वाले लोग भी इसकी भव्यता और आधुनिक रूप देख सकें। यह कानपुर की पहली इतनी बड़ी योजना होगी, जो शहर से बाहर व्यापक स्तर पर विकसित की जा रही है। योजना के अंतर्गत हर सेक्टर, सड़क, पार्क और कॉमर्शियल क्षेत्र का सटीक लेआउट तैयार किया जाएगा।

कानपुर को मिलेगी नई पहचान

अधिकारियों का मानना है कि एयरो सिटी कानपुर को नई और प्रीमियम पहचान देगी। यह क्षेत्र भविष्य में शहर का सबसे हाई-टेक और आकर्षक हब बन सकता है। रहने, काम करने और व्यापार करने की सभी सुविधाएं एक ही स्थान पर उपलब्ध होंगी। शहर में आधुनिक जीवनशैली और निवेश की संभावनाओं में वृद्धि होगी। रियल एस्टेट सेक्टर को बड़ी रफ्तार मिलेगी। कुल मिलाकर, एयरो सिटी कानपुर के शहरी विकास में एक नई इबारत लिखने जा रही है, जो शहर की तस्वीर को पूरी तरह बदल सकती है।



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उत्तर प्रदेश को मिलेगा पहला डिजिटल हाईवे, नेपाल से बनेगा सीधा रोड लिंक

उत्तर प्रदेश को जल्द ही पहला डिजिटल हाईवे मिलने वाला है, जो पूर्वी यूपी को नेपाल बॉर्डर से सीधे जोड़ देगा। इस महत्वाकांक्षी परियोजना से न सिर्फ यातायात आसान होगा, बल्कि व्यापार, पर्यटन और किसानों की आमदनी को भी बड़ा फायदा मिलने की उम्मीद है।

dizital road
पहला डिजिटल हाईवे जो पूर्वी यूपी को नेपाल बॉर्डर से सीधे जोड़ देगा
locationभारत
userयोगेन्द्र नाथ झा
calendar08 Feb 2026 02:34 PM
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UP News : उत्तर प्रदेश में बुनियादी ढांचे को आधुनिक बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया जा रहा है। उत्तर प्रदेश को जल्द ही पहला डिजिटल हाईवे मिलने वाला है, जो पूर्वी यूपी को नेपाल बॉर्डर से सीधे जोड़ देगा। इस महत्वाकांक्षी परियोजना से न सिर्फ यातायात आसान होगा, बल्कि व्यापार, पर्यटन और किसानों की आमदनी को भी बड़ा फायदा मिलने की उम्मीद है।

नेपाल तक मजबूत होगी सड़क कनेक्टिविटी

यह हाईटेक हाईवे 6 लेन का प्रस्तावित है, जिस पर करीब 27,927 करोड़ रुपये की लागत आएगी। इसका उद्देश्य पूर्वी उत्तर प्रदेश के सीमावर्ती इलाकों को नेपाल से बेहतर सड़क संपर्क देना है। खासतौर पर श्रावस्ती और आसपास के जिलों को अंतरराष्ट्रीय मार्ग से जोड़ने के लिए इस योजना को तैयार किया गया है।

बाराबंकी से रुपईडीहा तक बनेगा कॉरिडोर

इस डिजिटल हाईवे का रूट बाराबंकी से शुरू होकर बहराइच, गोंडा, बलरामपुर और श्रावस्ती से गुजरते हुए रुपईडीहा (नेपाल बॉर्डर) तक जाएगा। आगे यह सड़क नेपालगंज से भी जुड़ जाएगी, जिससे अंतरराष्ट्रीय आवागमन और आसान हो जाएगा। हाईवे को 6 लेन में बदलने के लिए भूमि अधिग्रहण का काम तेजी से किया जा रहा है। अधिकारियों के मुताबिक अब तक सर्वे के चार चरण पूरे हो चुके हैं। जिन किसानों की जमीन परियोजना में ली जाएगी, उन्हें सरकारी सर्किल रेट के अनुसार मुआवजा दिया जाएगा।

किसानों और स्थानीय लोगों को मिलेगा सीधा फायदा

मौजूदा समय में सड़क संकरी होने के कारण ट्रैफिक जाम और धीमी रफ्तार आम समस्या है। हाईवे के चौड़ा होने से यात्रा समय कम होगा। कृषि उत्पाद तेजी से बाजार तक पहुंचेंगे। नेपाल के साथ व्यापार को बढ़ावा मिलेगा, स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।

पर्यटन को मिलेगा नया रास्ता

डिजिटल हाईवे के शुरू होने से दुधवा नेशनल पार्क, कटारनिया घाट और सोहेलवा वन क्षेत्र जैसे प्रमुख पर्यटन स्थलों तक पहुंच पहले से कहीं ज्यादा आसान हो जाएगी। इससे पूर्वी यूपी में पर्यटन गतिविधियों को भी रफ्तार मिलेगी। डिजिटल हाईवे पारंपरिक सड़कों से अलग होते हैं। इनमें आॅप्टिकल फाइबर केबल, इंटरनेट आॅफ थिंग्स, स्मार्ट ट्रैफिक और सेफ्टी सिस्टम, जैसी आधुनिक तकनीकों का इस्तेमाल किया जाता है। नेशनल हाईवे अथॉरिटी आॅफ इंडिया का लक्ष्य है कि यात्रियों को तेज, सुरक्षित और स्मार्ट यात्रा अनुभव मिले।UP News


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25 साल का ब्रह्मचर्य, अग्नि परीक्षा और इंस्टाग्राम पोस्ट, साध्वी प्रेम बाईसा केस की कहानी

साध्वी प्रेम बाईसा के निधन से ठीक पहले उनके इंस्टाग्राम अकाउंट पर एक भावुक पोस्ट सामने आई थी। इस पोस्ट में 25 वर्षों के ब्रह्मचर्य, चरित्र पर लगाए गए आरोपों और अग्नि परीक्षा जैसे शब्दों का जिक्र था। बाद में खुलासा हुआ कि यह पोस्ट खुद बाईसा ने नहीं लिखी थी, बल्कि उनके अकाउंट से किसी और ने डाली थी।

prem baisa
साध्वी प्रेम बाईसा
locationभारत
userयोगेन्द्र नाथ झा
calendar08 Feb 2026 01:51 PM
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Sadhvi Prem Baisa Case : राजस्थान के जोधपुर से जुड़ा साध्वी प्रेम बाईसा का मामला अब सिर्फ एक रहस्यमयी मौत नहीं रह गया है, बल्कि इसमें धार्मिक आस्था, सोशल मीडिया, परिवार के बयान और पुलिस जांच सब कुछ आपस में उलझ चुका है। साध्वी प्रेम बाईसा के निधन से ठीक पहले उनके इंस्टाग्राम अकाउंट पर एक भावुक पोस्ट सामने आई थी। इस पोस्ट में 25 वर्षों के ब्रह्मचर्य, चरित्र पर लगाए गए आरोपों और अग्नि परीक्षा जैसे शब्दों का जिक्र था। बाद में खुलासा हुआ कि यह पोस्ट खुद बाईसा ने नहीं लिखी थी, बल्कि उनके अकाउंट से किसी और ने डाली थी।

किसने डाली पोस्ट और क्यों?

एक व्यक्ति, जो बाईसा के नजदीकी संपर्क में था, सामने आया और उसने बताया कि पोस्ट उसने खुद डाली थी। शब्द उसके अपने नहीं थे, उसे यह पोस्ट डालने के लिए परिवार की ओर से कहा गया था। यहीं से मामला और उलझ गया, क्योंकि इस पोस्ट के बाद ही आश्रम के बाहर भीड़ जुटनी शुरू हुई, नारेबाजी हुई और पूरे मामले ने राजनीतिक व सामाजिक रंग ले लिया।

मौत से पहले क्या हुआ था?

परिवार का दावा है कि साध्वी प्रेम बाईसा को सिर्फ हल्की तबीयत खराब थी। डॉक्टर द्वारा एक इंजेक्शन दिया गया और उसके तुरंत बाद हालत बिगड़ गई। अस्पताल पहुँचने से पहले ही उनकी मृत्यु हो गई। यही इंजेक्शन अब जांच का सबसे संवेदनशील बिंदु बन चुका है। पोस्टमार्टम के दौरान कुछ ऐसे शारीरिक संकेत मिले, जिनसे मौत को पूरी तरह प्राकृतिक मानने पर सवाल उठे। हालाँकि, अभी तक किसी निष्कर्ष की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

एसआईटी जांच और डिजिटल सबूत

मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने विशेष जांच टीम (एसआईटी) बनाई है। दर्जनों लोगों से पूछताछ हो चुकी है। कई मोबाइल फोन, सोशल मीडिया लॉग्स और मेडिकल रिपोर्ट्स की जांच जारी है। यह भी देखा जा रहा है कि इंस्टाग्राम पोस्ट किस समय, किस डिवाइस और किस नेटवर्क से डाली गई। क्या यह एक सामान्य चिकित्सकीय चूक थी? सोशल मीडिया के जरिये बनाया गया दबाव? या किसी गहरी साजिश का हिस्सा? फिलहाल, हर एंगल से जांच चल रही है और अंतिम सच सामने आना बाकी है।

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