यूपी में भी वोटर लिस्ट से हटेंगे 1.25 करोड़ नाम, एआई ने पकड़े डुप्लीकेट मतदाता
उत्तर प्रदेश
RP Raghuvanshi
31 Aug 2025 05:23 PM
UP News : यूपी में त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव से पहले वोटर लिस्ट की सबसे बड़ी सफाई अभियान की शुरुआत हो चुकी है। यूपी राज्य निर्वाचन आयोग ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) की मदद से करीब सवा करोड़ डुप्लीकेट मतदाताओं को चिह्नित किया है। यूपी में अब इन नामों का घर-घर जाकर बीएलओ से भौतिक सत्यापन कराया जाएगा। यूपी में निर्वाचन आयोग ने सभी जिलाधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि 29 सितंबर तक यह प्रक्रिया पूरी कर ली जाए। अब यूपी में जिन मतदाताओं के नाम एक से अधिक ग्राम पंचायतों में पाए जाएंगे, उन्हें सूची से हटा दिया जाएगा।
कैसे पकड़े गए फर्जी नाम?
एआई ने वोटर लिस्ट का डिजिटल मिलान करते समय वोटर और उसके पिता के नाम में 80% तक समानता पर डुप्लीकेसी चिन्हित की। कई जगह एक ही व्यक्ति का नाम अलग-अलग ग्राम पंचायतों में दर्ज मिला, कहीं नाम आगे-पीछे लिखा गया तो कहीं उम्र और लिंग में हेरफेर कर एंट्री की गई थी। भौतिक जांच के दौरान बीएलओ न केवल मतदाताओं से मुलाकात करेंगे बल्कि उनका आधार कार्ड भी मिलान करेंगे। खास बात यह है कि एक क्षेत्र का बीएलओ, सुपरवाइजर और एसडीएम दूसरे क्षेत्र के समकक्षों से क्रॉस-वेरिफिकेशन भी करेंगे, ताकि किसी भी तरह की चूक न हो।
क्यों जरूरी है यह अभियान?
प्रदेश में इस समय पंचायत चुनाव के लिए करीब 12 करोड़ वोटर दर्ज हैं। यदि डुप्लीकेट नाम हटाए जाते हैं तो चुनावी प्रक्रिया न केवल अधिक पारदर्शी होगी बल्कि गड़बड़ियों और फर्जी मतदान की संभावनाएं भी कम हो जाएंगी। यह पूरी कवायद बिहार की तर्ज पर की जा रही है, जहां इसी तरह एआई से डुप्लीकेट वोटरों की पहचान की गई थी। आयोग का मानना है कि तकनीक और जमीनी सत्यापन के मिश्रण से मतदाता सूची पहले से कहीं अधिक शुद्ध और विश्वसनीय हो पाएगी। UP News