छठ पूजा पर योगी सरकार का बड़ा तोहफा : 57 तहसीलदारों को मिला स्थायीकरण
भारत
चेतना मंच
01 Dec 2025 04:27 AM
छठ पूजा के शुभ अवसर पर उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने राज्य प्रशासनिक सेवा के अधिकारियों को बड़ी सौगात दी है। सरकार ने प्रांतीय सिविल सेवा (पीसीएस-कार्यपालिका) के 57 तहसीलदारों का स्थायीकरण कर दिया है। इस फैसले के साथ अब इन अधिकारियों को वेतन, पेंशन और सेवा स्थिरता से जुड़े स्थायी लाभ मिलने लगेंगे। यह आदेश नियुक्ति एवं कार्मिक विभाग की विशेष सचिव अन्नपूर्णा गर्ग द्वारा जारी किया गया है। अन्नपूर्णा गर्ग ने बताया कि स्थायीकरण मुख्य रूप से 2020 और 2022 बैच के उन तहसीलदारों को दिया गया है, जिन्हें हाल ही में पदोन्नति के बाद उपजिलाधिकारी (एसडीएम) बनाया गया था। सरकार का यह निर्णय उत्तर प्रदेश लोक सेवा (कार्यपालिका) अधीनस्थ सेवा नियमावली, 2003 के तहत विभागीय पदोन्नति समिति की सिफारिशों पर आधारित है। जुलाई 2025 में हुई बैठक के अनुमोदन के बाद अब सरकार ने औपचारिक आदेश जारी किया है। UP News :
स्थायीकरण सूची के प्रमुख नाम
* अभय राज पांडे (एसडीएम, आजमगढ़)
* हेमंत कुमार गुप्ता (एसडीएम, बलरामपुर)
* कमलेश कुमार (एसडीएम, रायबरेली)
* करणवीर सिंह (एसडीएम, हमीरपुर)
* लालता प्रसाद (एसडीएम, बुलंदशहर)
* अशोक कुमार सिंह (एसडीएम, मऊ)
* विजय यादव (एसडीएम, महाराजगंज)
* सुबोध मणि शर्मा (एसडीएम, प्रतापगढ़)
* भूपाल सिंह (एसडीएम, आजमगढ़)
* केशव प्रसाद (एसडीएम, मैनपुरी)
वहीं 2022 बैच से
* मोनालिसा जौहरी (एसडीएम, बहराइच)
* अभय सिंह (एसडीएम, मुरादाबाद)
* तान्या (सहायक नगर आयुक्त, झांसी)
का भी स्थायीकरण किया गया है।
सरकार का उद्देश्य
राज्य सरकार के इस कदम से न केवल अफसरों को नौकरी में स्थायित्व मिलेगा बल्कि प्रशासनिक कार्यों में दक्षता और जवाबदेही भी बढ़ेगी। सूत्रों के मुताबिक, यह फैसला योगी सरकार के सुशासन अभियान के तहत लिया गया है ताकि प्रदेश के प्रशासनिक ढांचे को और मजबूत बनाया जा सके। एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार, यह निर्णय उन युवा अफसरों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेगा जो अपनी सेवाओं के स्थायीकरण का इंतजार कर रहे थे। इससे राज्य की फील्ड एडमिनिस्ट्रेशन में नई ऊर्जा आएगी। UP News