लखनऊ में सपा नेता के रिसॉर्ट पर छापा, 88 गैस सिलेंडर बरामद

काकोरी थाना क्षेत्र में एलपीजी सिलेंडर की कथित कालाबाजारी का बड़ा मामला सामने आया है। जिला पूर्ति अधिकारी की टीम ने समाजवादी पार्टी के नेता सुरेंद्र कुमार कनौजिया उर्फ सोनू कनौजिया के रिसॉर्ट पर छापा मारकर 88 घरेलू गैस सिलेंडर बरामद किए हैं।

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एलपीजी सिलेंडर की कथित कालाबाजारी
locationभारत
userयोगेन्द्र नाथ झा
calendar15 Mar 2026 05:29 PM
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UP News : लखनऊ के काकोरी थाना क्षेत्र में एलपीजी सिलेंडर की कथित कालाबाजारी का बड़ा मामला सामने आया है। जिला पूर्ति अधिकारी की टीम ने समाजवादी पार्टी के नेता सुरेंद्र कुमार कनौजिया उर्फ सोनू कनौजिया के रिसॉर्ट पर छापा मारकर 88 घरेलू गैस सिलेंडर बरामद किए हैं। आरोप है कि इन सिलेंडरों को अवैध रूप से भंडारित कर कालाबाजारी के लिए रखा गया था। इस मामले में नेता, उनकी पत्नी और गैस एजेंसी मैनेजर समेत छह लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया गया है।

जिला पूर्ति अधिकारी की टीम ने की छापेमारी

जिला पूर्ति अधिकारी की टीम ने 14 मार्च को मोहन रोड स्थित अभिनंदन रिसॉर्ट में छापेमारी की। जांच के दौरान यहां भारत गैस एजेंसी से जुड़ा एक बोलेरो मैक्सी ट्रक खड़ा मिला, जिसमें बड़ी संख्या में गैस सिलेंडर रखे थे। बताया जा रहा है कि संबंधित गैस एजेंसी सपा नेता की पत्नी मंजू कनौजिया के नाम पर दर्ज है। मौके पर मौजूद लोगों से पूछताछ की गई, लेकिन अधिकारियों को संतोषजनक जवाब नहीं मिला।

88 सिलेंडर मिले, कई भरे हुए भी थे

एफआईआर के अनुसार जब्त वाहन से कुल 88 गैस सिलेंडर बरामद किए गए। इनमें 65 खाली घरेलू सिलेंडर, 9 भरे हुए सिलेंडर, 5 किलो के 14 छोटे खाली सिलेंडर शामिल हैं। जांच के दौरान वहां किसी तरह का रिफिल रिकॉर्ड या वैध दस्तावेज भी नहीं मिला। अधिकारियों का कहना है कि सिलेंडरों को बिना अनुमति एक निजी परिसर में रखा गया था।

पत्नी समेत छह लोगों पर मुकदमा दर्ज

इस मामले में सपा नेता सुरेंद्र कुमार, उनकी पत्नी मंजू कनौजिया, गैस एजेंसी के मैनेजर मुन्ना उर्फ इक्तदा हुसैन, वाहन चालक जमील अहमद और साहिल समेत कुल छह लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। अधिकारियों के मुताबिक यह मामला आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 और द्रवीकृत पेट्रोलियम गैस (प्रदाय एवं वितरण विनियमन) आदेश-2000 के उल्लंघन से जुड़ा है।

सपा नेता ने दी सफाई

मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए सुरेंद्र कुमार ने कहा कि गैस एजेंसी उनकी पत्नी के नाम पर है और हाल ही में नया गोदाम इब्राहिमगंज में बनाया गया है। उनके मुताबिक वहां वाहन की आवाजाही की व्यवस्था पूरी तरह तैयार नहीं हो पाई है, इसलिए पिछले कुछ दिनों से सिलेंडर लेकर आने वाली गाड़ी रिसॉर्ट परिसर में ही खड़ी हो रही थी।

पुलिस जांच में जुटी, गोदाम मिला बंद

छापेमारी के बाद बरामद सभी सिलेंडरों को कब्जे में लेकर सुरक्षित स्थान पर रखा गया है। इसके बाद अधिकारियों ने आलमबाग स्थित संबंधित गैस एजेंसी के गोदाम का भी निरीक्षण किया, लेकिन वहां ताला लगा मिला। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है। हाल के दिनों में प्रदेश में एलपीजी की कमी की शिकायतों के बीच सरकार ने कालाबाजारी के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।



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केशव मौर्य का पलटवार, अखिलेश के देशभक्ति पर सवाल उठाया

समाजवादी पार्टी के प्रमुख और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने देश में एलपीजी की कमी के लिए केंद्र सरकार की विदेश नीति को जिम्मेदार ठहराया था।

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अखिलेश यादव, उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य में तीखी प्रतिक्रिया
locationभारत
userयोगेन्द्र नाथ झा
calendar15 Mar 2026 04:39 PM
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UP News : उत्तर प्रदेश की राजनीति में गैस संकट को लेकर बयानबाजी तेज हो गई है। समाजवादी पार्टी के प्रमुख और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने देश में एलपीजी की कमी के लिए केंद्र सरकार की विदेश नीति को जिम्मेदार ठहराया था। उनके इस बयान पर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि वह अखिलेश यादव को देशद्रोही तो नहीं कहेंगे, लेकिन उनकी देशभक्ति पर सवाल जरूर उठते हैं।

देशद्रोही नहीं, लेकिन देशभक्ति पर शक

केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि मौजूदा समय में दुनिया ऊर्जा संकट से जूझ रही है। ऐसे हालात में देश के जिम्मेदार नेताओं को संयमित बयान देना चाहिए। उन्होंने कहा कि कुछ नेता अनावश्यक बयान देकर लोगों में भ्रम और घबराहट फैलाने का काम कर रहे हैं। मौर्य के अनुसार, पहले देश में रोजाना लगभग 50 से 55 लाख एलपीजी सिलेंडरों की बुकिंग होती थी, लेकिन मौजूदा वैश्विक परिस्थितियों के कारण यह संख्या बढ़कर करीब 88 लाख तक पहुंच गई है। इससे आपूर्ति व्यवस्था पर दबाव बढ़ा है।

वैश्विक तनाव को बताया गैस संकट की वजह 

उपमुख्यमंत्री ने कहा कि मध्य पूर्व में चल रहे तनाव के कारण ऊर्जा आपूर्ति पर असर पड़ा है। इजराइल, ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते टकराव ने अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल और गैस की सप्लाई को प्रभावित किया है। इसका असर कई देशों की तरह भारत पर भी दिखाई दे रहा है।

केंद्र की विदेश नीति पर अखिलेश यादव का हमला

इससे पहले अखिलेश यादव ने केंद्र सरकार की विदेश नीति की आलोचना करते हुए कहा था कि भारत को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ज्यादा सक्रिय भूमिका निभानी चाहिए थी। उनका कहना था कि ऊर्जा सुरक्षा सीधे तौर पर वैश्विक कूटनीति से जुड़ी होती है और यदि विदेश नीति मजबूत होती तो देश में एलपीजी की कमी जैसी स्थिति नहीं बनती। मुंबई में मीडिया से बातचीत के दौरान उन्होंने दावा किया कि मौजूदा हालात सरकार की नीतियों की कमजोरी को उजागर करते हैं।

वैश्विक ऊर्जा मार्ग पर तनाव का असर 

मध्य पूर्व में बढ़ते संघर्ष के बाद स्ट्रेट आॅफ होर्मुज को लेकर भी चिंता बढ़ गई है। यह समुद्री मार्ग दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण ऊर्जा मार्गों में से एक माना जाता है, जहां से वैश्विक तेल और गैस आपूर्ति का बड़ा हिस्सा गुजरता है। भारत भी अपनी ऊर्जा जरूरतों का एक बड़ा हिस्सा इसी मार्ग से आयात करता है। विशेषज्ञों के मुताबिक, अगर इस क्षेत्र में तनाव लंबे समय तक बना रहता है तो इसका असर अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा बाजार के साथ-साथ भारत की आपूर्ति व्यवस्था पर भी पड़ सकता है।


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एशिया की सबसे बड़ी चीनी उत्तर प्रदेश में कहां है, लाखों किसानों की बनी है लाइफलाइन

उत्तर प्रदेश गन्ना उत्पादन के मामले में देश का अग्रणी राज्य माना जाता है। पूर्वांचल से लेकर पश्चिमी उत्तर प्रदेश तक बड़े पैमाने पर गन्ने की खेती की जाती है। इसी गन्ना उत्पादन के दम पर प्रदेश में कई बड़ी चीनी मिलें संचालित होती हैं।

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त्रिवेणी इंजीनियरिंग एण्ड इंडस्ट्री द्वारा संचालित त्रिवेणी चीनी मिल
locationभारत
userयोगेन्द्र नाथ झा
calendar15 Mar 2026 03:10 PM
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UP News : उत्तर प्रदेश गन्ना उत्पादन के मामले में देश का अग्रणी राज्य माना जाता है। पूर्वांचल से लेकर पश्चिमी उत्तर प्रदेश तक बड़े पैमाने पर गन्ने की खेती की जाती है। इसी गन्ना उत्पादन के दम पर प्रदेश में कई बड़ी चीनी मिलें संचालित होती हैं। लेकिन बहुत कम लोगों को पता है कि एशिया की सबसे बड़ी चीनी मिल भी उत्तर प्रदेश में ही स्थित है, जो लाखों किसानों की आजीविका का बड़ा सहारा बनी हुई है।

भारत का सबसे बड़ा गन्ना उत्पादक राज्य है उत्तर प्रदेश 

उत्तर प्रदेश लंबे समय से गन्ना उत्पादन में देश में पहले स्थान पर बना हुआ है। यहां की उपजाऊ जलोढ़ मिट्टी और अनुकूल जलवायु गन्ने की खेती के लिए बेहद उपयुक्त मानी जाती है। कृषि आंकड़ों के अनुसार वर्ष 2022-23 में प्रदेश में करीब 2252.2 लाख टन गन्ने का उत्पादन हुआ था, जो देश में सबसे अधिक है। 

प्रदेश में करीब 125 चीनी मिलें संचालित

अगर चीनी उद्योग की बात करें तो उत्तर प्रदेश में लगभग 125 चीनी मिलें संचालित हैं। इनमें से अधिकतर मिलें पश्चिमी उत्तर प्रदेश में स्थित हैं। प्रमुख जिलों में बिजनौर, शामली, सहारनपुर, मुजफ्फरनगर, मेरठ के अलावा पूर्वांचल के गोरखपुर और कुशीनगर जैसे जिलों में भी कई चीनी मिलें मौजूद हैं।

मुजफ्फरनगर में स्थित है एशिया की सबसे बड़ी चीनी मिल

एशिया की सबसे बड़ी चीनी मिल उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर जिले के खतौली में स्थित है। इस मिल को त्रिवेणी इंजीनियरिंग एण्ड इंडस्ट्री द्वारा संचालित त्रिवेणी चीनी मिल के नाम से जाना जाता है। यह मिल उत्पादन और भंडारण क्षमता के मामले में एशिया की सबसे बड़ी मिलों में गिनी जाती है। यहां हर साल बड़ी मात्रा में गन्ने की पेराई की जाती है, जिससे हजारों लोगों को रोजगार मिलता है और आसपास के लाखों किसानों को सीधा लाभ पहुंचता है।

1993 से संचालित हो रही है खतौली की यह मिल

मुजफ्फरनगर के खतौली में स्थित यह विशाल चीनी मिल 1993 से संचालित हो रही है। इसका स्थान भी भौगोलिक दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जाता है क्योंकि यह गंग नहर क्षेत्र के पास स्थित है, जहां गन्ने की खेती बड़े पैमाने पर होती है। भारत दुनिया के बड़े चीनी उत्पादक देशों में शामिल है। वैश्विक स्तर पर चीनी उत्पादन में ब्राजील पहले स्थान पर है, जबकि उसके बाद इंडिया और चाइना का स्थान आता है। भारत में तैयार की गई चीनी का निर्यात कई देशों में किया जाता है।



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