‘सनातन की चाल नहीं रुकेगी’ प्रयागराज से सतुआ बाबा का बड़ा ऐलान
उनका लक्ष्य बस उत्तर प्रदेश की धरती पर तय अपने पड़ाव तक पहुंचना और यात्रा की गति बनाए रखना है। बाबा का आरोप है कि कुछ ताकतें समाज को जातियों में बांटकर परंपराओं को कमजोर करने में लगी हैं, और ऐसे लोगों के खिलाफ उनकी प्रतिक्रिया आगे भी कठोर रहेगी।

UP News : उत्तर प्रदेश के माघ मेले में लग्जरी गाड़ियों में पहुंचकर सुर्खियों में आए सतुआ बाबा ने अब विरोधियों पर खुलकर पलटवार किया है। सतुआ बाबा ने कहा कि सनातन सिर्फ आस्था नहीं, बल्कि अर्थ, शास्त्र, शस्त्र और रफ्तार की भी पहचान है। उन्होंने चेताया कि जो लोग सनातन की गति रोकने की कोशिश करेंगे, उन्हें उसी रफ्तार में जवाब मिलेगा। हालांकि, बाबा ने यह भी साफ किया कि उनका इरादा किसी विवाद को भड़काने का नहीं है। उनका लक्ष्य बस उत्तर प्रदेश की धरती पर तय अपने पड़ाव तक पहुंचना और यात्रा की गति बनाए रखना है। बाबा का आरोप है कि कुछ ताकतें समाज को जातियों में बांटकर परंपराओं को कमजोर करने में लगी हैं, और ऐसे लोगों के खिलाफ उनकी प्रतिक्रिया आगे भी कठोर रहेगी।
सोशल मीडिया पर घिरे सतुआ बाबा
उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में माघ मेले के दौरान सतुआ बाबा को डिफेंडर और पोर्शे जैसी लग्जरी गाड़ियों में देखे जाने के बाद सोशल मीडिया पर संत परंपरा, सादगी और जीवनशैली को लेकर बहस तेज हो गई। सवालों की बौछार पर बाबा ने बेपरवाह अंदाज में जवाब दिया। उन्होंने कहा कि उन्हें न तो गाड़ियों के नाम मालूम हैं, न उनकी कीमत का अंदाजा। उन्होंने कटाक्ष करते हुए कहा कि नाम-दम जानना है तो गूगल कर लीजिए, उनका काम किसी ब्रांड की चर्चा करना नहीं, बल्कि यात्रा करते हुए अपने पड़ाव तक पहुंचना और अपनी रफ्तार कायम रखना है।
“सनातन कमजोर नहीं” - सतुआ बाबा
बाबा ने कहा कि क्या भारत का सनातन इतना कमजोर है कि कोई गाड़ी में बैठे तो उसे गलत मान लिया जाए। उन्होंने उत्तर प्रदेश के विकास का उदाहरण देते हुए कहा कि आज का भारत “स्वतंत्रता” का देश है और यहां विकास की रफ्तार तेज है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का नाम लेते हुए कहा कि विकास की यह गति आगे और बढ़ेगी। महंगी गाड़ियों की चर्चा पर सतुआ बाबा ने कहा कि उनके लिए गाड़ी का नाम या कीमत मुद्दा नहीं है। उनके अनुसार, जेसीबी, ठेला, बुलेट, जीप, डिफेंडर या फरारी सब साधन हैं, असली विषय लक्ष्य है। उन्होंने कहा कि उनका लक्ष्य अपने पड़ाव तक पहुंचकर सनातन ध्वज को आगे बढ़ाना है।
माघ मेले की व्यवस्था पर सरकार की सराहना
सतुआ बाबा ने प्रयागराज माघ मेले की व्यवस्थाओं को लेकर उत्तर प्रदेश सरकार की खुलकर सराहना की। उन्होंने कहा कि यह विशाल आयोजन मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में पूरी मुस्तैदी के साथ संचालित हो रहा है, जिसमें संत समाज भी व्यवस्थाओं को मजबूत बनाने में सक्रिय सहयोग दे रहा है। बाबा के मुताबिक, मेले में उमड़ रही करोड़ों श्रद्धालुओं की भीड़ इस बात का साफ संकेत है कि सनातन परंपरा आज भी देश की सामाजिक चेतना और मुख्यधारा में पूरी मजबूती के साथ जीवंत है।
सतुआ पीठ का अर्थ और एकजुटता का संदेश
बाबा ने सतुआ पीठ का उल्लेख करते हुए कहा कि यह प्राचीन पीठ है और सतुआ का अर्थ कई तत्वों का एक साथ मिलना है जैसे अलग-अलग अनाज मिलकर सतुआ बनता है, वैसे ही समाज को भी एकजुट रहना चाहिए। उन्होंने मणिकर्णिका घाट का जिक्र करते हुए सनातन परंपरा से जुड़ने की बात दोहराई। अपने बयान में सतुआ बाबा ने विपक्ष और विधर्मियों को लेकर भी आक्रामक रुख अपनाया। उन्होंने कहा कि जो लोग भारत की प्रगति और विकास की गति रोकना चाहते हैं, वे पीछे रह जाएंगे। UP News
UP News : उत्तर प्रदेश के माघ मेले में लग्जरी गाड़ियों में पहुंचकर सुर्खियों में आए सतुआ बाबा ने अब विरोधियों पर खुलकर पलटवार किया है। सतुआ बाबा ने कहा कि सनातन सिर्फ आस्था नहीं, बल्कि अर्थ, शास्त्र, शस्त्र और रफ्तार की भी पहचान है। उन्होंने चेताया कि जो लोग सनातन की गति रोकने की कोशिश करेंगे, उन्हें उसी रफ्तार में जवाब मिलेगा। हालांकि, बाबा ने यह भी साफ किया कि उनका इरादा किसी विवाद को भड़काने का नहीं है। उनका लक्ष्य बस उत्तर प्रदेश की धरती पर तय अपने पड़ाव तक पहुंचना और यात्रा की गति बनाए रखना है। बाबा का आरोप है कि कुछ ताकतें समाज को जातियों में बांटकर परंपराओं को कमजोर करने में लगी हैं, और ऐसे लोगों के खिलाफ उनकी प्रतिक्रिया आगे भी कठोर रहेगी।
सोशल मीडिया पर घिरे सतुआ बाबा
उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में माघ मेले के दौरान सतुआ बाबा को डिफेंडर और पोर्शे जैसी लग्जरी गाड़ियों में देखे जाने के बाद सोशल मीडिया पर संत परंपरा, सादगी और जीवनशैली को लेकर बहस तेज हो गई। सवालों की बौछार पर बाबा ने बेपरवाह अंदाज में जवाब दिया। उन्होंने कहा कि उन्हें न तो गाड़ियों के नाम मालूम हैं, न उनकी कीमत का अंदाजा। उन्होंने कटाक्ष करते हुए कहा कि नाम-दम जानना है तो गूगल कर लीजिए, उनका काम किसी ब्रांड की चर्चा करना नहीं, बल्कि यात्रा करते हुए अपने पड़ाव तक पहुंचना और अपनी रफ्तार कायम रखना है।
“सनातन कमजोर नहीं” - सतुआ बाबा
बाबा ने कहा कि क्या भारत का सनातन इतना कमजोर है कि कोई गाड़ी में बैठे तो उसे गलत मान लिया जाए। उन्होंने उत्तर प्रदेश के विकास का उदाहरण देते हुए कहा कि आज का भारत “स्वतंत्रता” का देश है और यहां विकास की रफ्तार तेज है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का नाम लेते हुए कहा कि विकास की यह गति आगे और बढ़ेगी। महंगी गाड़ियों की चर्चा पर सतुआ बाबा ने कहा कि उनके लिए गाड़ी का नाम या कीमत मुद्दा नहीं है। उनके अनुसार, जेसीबी, ठेला, बुलेट, जीप, डिफेंडर या फरारी सब साधन हैं, असली विषय लक्ष्य है। उन्होंने कहा कि उनका लक्ष्य अपने पड़ाव तक पहुंचकर सनातन ध्वज को आगे बढ़ाना है।
माघ मेले की व्यवस्था पर सरकार की सराहना
सतुआ बाबा ने प्रयागराज माघ मेले की व्यवस्थाओं को लेकर उत्तर प्रदेश सरकार की खुलकर सराहना की। उन्होंने कहा कि यह विशाल आयोजन मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में पूरी मुस्तैदी के साथ संचालित हो रहा है, जिसमें संत समाज भी व्यवस्थाओं को मजबूत बनाने में सक्रिय सहयोग दे रहा है। बाबा के मुताबिक, मेले में उमड़ रही करोड़ों श्रद्धालुओं की भीड़ इस बात का साफ संकेत है कि सनातन परंपरा आज भी देश की सामाजिक चेतना और मुख्यधारा में पूरी मजबूती के साथ जीवंत है।
सतुआ पीठ का अर्थ और एकजुटता का संदेश
बाबा ने सतुआ पीठ का उल्लेख करते हुए कहा कि यह प्राचीन पीठ है और सतुआ का अर्थ कई तत्वों का एक साथ मिलना है जैसे अलग-अलग अनाज मिलकर सतुआ बनता है, वैसे ही समाज को भी एकजुट रहना चाहिए। उन्होंने मणिकर्णिका घाट का जिक्र करते हुए सनातन परंपरा से जुड़ने की बात दोहराई। अपने बयान में सतुआ बाबा ने विपक्ष और विधर्मियों को लेकर भी आक्रामक रुख अपनाया। उन्होंने कहा कि जो लोग भारत की प्रगति और विकास की गति रोकना चाहते हैं, वे पीछे रह जाएंगे। UP News












