उत्तर प्रदेश में रियल एस्टेट सेक्टर को मिली नई ऊर्जा, पांच शहरों का होगा विकास
इन परियोजनाओं के माध्यम से प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में 1,024 नई आवासीय और व्यावसायिक इकाइयों का निर्माण किया जाएगा। इन प्रस्तावों को यूपी रेरा की 192वीं प्राधिकरण बैठक में हरी झंडी दी गई।

UP News : उत्तर प्रदेश में रियल एस्टेट क्षेत्र एक बार फिर तेजी पकड़ता नजर आ रहा है। राज्य के रियल एस्टेट विनियामक प्राधिकरण (यूपी रेरा) ने हाल ही में करीब 417 करोड़ रुपये की लागत वाली सात नई रियल एस्टेट परियोजनाओं को स्वीकृति प्रदान की है। इन परियोजनाओं के माध्यम से प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में 1,024 नई आवासीय और व्यावसायिक इकाइयों का निर्माण किया जाएगा।
इन प्रस्तावों को यूपी रेरा की 192वीं प्राधिकरण बैठक में हरी झंडी दी गई। स्वीकृत योजनाएं नोएडा, लखनऊ, मथुरा, बरेली और मेरठ जैसे प्रमुख शहरों में लागू होंगी, जिससे राज्य में संतुलित और सुनियोजित शहरी विकास को बढ़ावा मिलेगा।
अलग-अलग शहरों में निवेश का खाका
नोएडा में रियल एस्टेट गतिविधियों को मजबूती देने के लिए लगभग 181 करोड़ रुपये की लागत से दो व्यावसायिक परियोजनाएं स्वीकृत की गई हैं। इन योजनाओं के अंतर्गत 298 कमर्शियल यूनिटों का निर्माण प्रस्तावित है, जिससे कॉर्पोरेट और कारोबारी गतिविधियों को नया आधार मिलेगा। मथुरा में आवासीय ढांचे के विस्तार पर विशेष ध्यान दिया गया है। यहां 154.92 करोड़ रुपये की लागत से दो आवासीय परियोजनाएं विकसित की जाएंगी, जिनमें कुल 565 घर बनाए जाएंगे। इससे स्थानीय लोगों को बेहतर आवास सुविधाएं उपलब्ध होंगी।
एक आवासीय परियोजना को मंजूरी दी गई
बरेली में 24.56 करोड़ रुपये की लागत वाली एक आवासीय परियोजना को मंजूरी दी गई है, जिसके तहत 106 आवासीय यूनिटों का निर्माण होगा। वहीं मेरठ में 28.45 करोड़ रुपये की लागत से एक ऐसी परियोजना को स्वीकृति मिली है, जिसमें आवासीय और व्यावसायिक दोनों प्रकार की इकाइयां शामिल होंगी।
रोजगार और अर्थव्यवस्था को मिलेगा सहारा
इन परियोजनाओं में किया जा रहा निवेश राज्य में रोजगार सृजन का बड़ा माध्यम बनेगा। निर्माण कार्यों के दौरान श्रमिकों, इंजीनियरों, आर्किटेक्ट्स और तकनीकी विशेषज्ञों को काम मिलेगा। इसके साथ ही सीमेंट, स्टील, ट्रांसपोर्ट, बैंकिंग और अन्य सहायक क्षेत्रों में भी आर्थिक गतिविधियां तेज होंगी। यूपी रेरा के अध्यक्ष संजय भूसरेड्डी ने कहा कि इन परियोजनाओं को दी गई मंजूरी इस बात का संकेत है कि उत्तर प्रदेश में रियल एस्टेट सेक्टर नियमन, पारदर्शिता और अनुशासन के साथ आगे बढ़ रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि प्राधिकरण की प्राथमिकता समय पर परियोजनाओं की पूर्णता और घर खरीदने वालों के हितों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है।
UP News : उत्तर प्रदेश में रियल एस्टेट क्षेत्र एक बार फिर तेजी पकड़ता नजर आ रहा है। राज्य के रियल एस्टेट विनियामक प्राधिकरण (यूपी रेरा) ने हाल ही में करीब 417 करोड़ रुपये की लागत वाली सात नई रियल एस्टेट परियोजनाओं को स्वीकृति प्रदान की है। इन परियोजनाओं के माध्यम से प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में 1,024 नई आवासीय और व्यावसायिक इकाइयों का निर्माण किया जाएगा।
इन प्रस्तावों को यूपी रेरा की 192वीं प्राधिकरण बैठक में हरी झंडी दी गई। स्वीकृत योजनाएं नोएडा, लखनऊ, मथुरा, बरेली और मेरठ जैसे प्रमुख शहरों में लागू होंगी, जिससे राज्य में संतुलित और सुनियोजित शहरी विकास को बढ़ावा मिलेगा।
अलग-अलग शहरों में निवेश का खाका
नोएडा में रियल एस्टेट गतिविधियों को मजबूती देने के लिए लगभग 181 करोड़ रुपये की लागत से दो व्यावसायिक परियोजनाएं स्वीकृत की गई हैं। इन योजनाओं के अंतर्गत 298 कमर्शियल यूनिटों का निर्माण प्रस्तावित है, जिससे कॉर्पोरेट और कारोबारी गतिविधियों को नया आधार मिलेगा। मथुरा में आवासीय ढांचे के विस्तार पर विशेष ध्यान दिया गया है। यहां 154.92 करोड़ रुपये की लागत से दो आवासीय परियोजनाएं विकसित की जाएंगी, जिनमें कुल 565 घर बनाए जाएंगे। इससे स्थानीय लोगों को बेहतर आवास सुविधाएं उपलब्ध होंगी।
एक आवासीय परियोजना को मंजूरी दी गई
बरेली में 24.56 करोड़ रुपये की लागत वाली एक आवासीय परियोजना को मंजूरी दी गई है, जिसके तहत 106 आवासीय यूनिटों का निर्माण होगा। वहीं मेरठ में 28.45 करोड़ रुपये की लागत से एक ऐसी परियोजना को स्वीकृति मिली है, जिसमें आवासीय और व्यावसायिक दोनों प्रकार की इकाइयां शामिल होंगी।
रोजगार और अर्थव्यवस्था को मिलेगा सहारा
इन परियोजनाओं में किया जा रहा निवेश राज्य में रोजगार सृजन का बड़ा माध्यम बनेगा। निर्माण कार्यों के दौरान श्रमिकों, इंजीनियरों, आर्किटेक्ट्स और तकनीकी विशेषज्ञों को काम मिलेगा। इसके साथ ही सीमेंट, स्टील, ट्रांसपोर्ट, बैंकिंग और अन्य सहायक क्षेत्रों में भी आर्थिक गतिविधियां तेज होंगी। यूपी रेरा के अध्यक्ष संजय भूसरेड्डी ने कहा कि इन परियोजनाओं को दी गई मंजूरी इस बात का संकेत है कि उत्तर प्रदेश में रियल एस्टेट सेक्टर नियमन, पारदर्शिता और अनुशासन के साथ आगे बढ़ रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि प्राधिकरण की प्राथमिकता समय पर परियोजनाओं की पूर्णता और घर खरीदने वालों के हितों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है।












