उत्तर प्रदेश में रियल एस्टेट सेक्टर को मिली नई ऊर्जा, पांच शहरों का होगा विकास

इन परियोजनाओं के माध्यम से प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में 1,024 नई आवासीय और व्यावसायिक इकाइयों का निर्माण किया जाएगा। इन प्रस्तावों को यूपी रेरा की 192वीं प्राधिकरण बैठक में हरी झंडी दी गई।

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आवास योजनाएं
locationभारत
userयोगेन्द्र नाथ झा
calendar03 Jan 2026 01:13 PM
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UP News : उत्तर प्रदेश में रियल एस्टेट क्षेत्र एक बार फिर तेजी पकड़ता नजर आ रहा है। राज्य के रियल एस्टेट विनियामक प्राधिकरण (यूपी रेरा) ने हाल ही में करीब 417 करोड़ रुपये की लागत वाली सात नई रियल एस्टेट परियोजनाओं को स्वीकृति प्रदान की है। इन परियोजनाओं के माध्यम से प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में 1,024 नई आवासीय और व्यावसायिक इकाइयों का निर्माण किया जाएगा। 

इन प्रस्तावों को यूपी रेरा की 192वीं प्राधिकरण बैठक में हरी झंडी दी गई। स्वीकृत योजनाएं नोएडा, लखनऊ, मथुरा, बरेली और मेरठ जैसे प्रमुख शहरों में लागू होंगी, जिससे राज्य में संतुलित और सुनियोजित शहरी विकास को बढ़ावा मिलेगा।

अलग-अलग शहरों में निवेश का खाका

नोएडा में रियल एस्टेट गतिविधियों को मजबूती देने के लिए लगभग 181 करोड़ रुपये की लागत से दो व्यावसायिक परियोजनाएं स्वीकृत की गई हैं। इन योजनाओं के अंतर्गत 298 कमर्शियल यूनिटों का निर्माण प्रस्तावित है, जिससे कॉर्पोरेट और कारोबारी गतिविधियों को नया आधार मिलेगा। मथुरा में आवासीय ढांचे के विस्तार पर विशेष ध्यान दिया गया है। यहां 154.92 करोड़ रुपये की लागत से दो आवासीय परियोजनाएं विकसित की जाएंगी, जिनमें कुल 565 घर बनाए जाएंगे। इससे स्थानीय लोगों को बेहतर आवास सुविधाएं उपलब्ध होंगी।

एक आवासीय परियोजना को मंजूरी दी गई

बरेली में 24.56 करोड़ रुपये की लागत वाली एक आवासीय परियोजना को मंजूरी दी गई है, जिसके तहत 106 आवासीय यूनिटों का निर्माण होगा। वहीं मेरठ में 28.45 करोड़ रुपये की लागत से एक ऐसी परियोजना को स्वीकृति मिली है, जिसमें आवासीय और व्यावसायिक दोनों प्रकार की इकाइयां शामिल होंगी।

रोजगार और अर्थव्यवस्था को मिलेगा सहारा

इन परियोजनाओं में किया जा रहा निवेश राज्य में रोजगार सृजन का बड़ा माध्यम बनेगा। निर्माण कार्यों के दौरान श्रमिकों, इंजीनियरों, आर्किटेक्ट्स और तकनीकी विशेषज्ञों को काम मिलेगा। इसके साथ ही सीमेंट, स्टील, ट्रांसपोर्ट, बैंकिंग और अन्य सहायक क्षेत्रों में भी आर्थिक गतिविधियां तेज होंगी। यूपी रेरा के अध्यक्ष संजय भूसरेड्डी ने कहा कि इन परियोजनाओं को दी गई मंजूरी इस बात का संकेत है कि उत्तर प्रदेश में रियल एस्टेट सेक्टर नियमन, पारदर्शिता और अनुशासन के साथ आगे बढ़ रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि प्राधिकरण की प्राथमिकता समय पर परियोजनाओं की पूर्णता और घर खरीदने वालों के हितों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है।

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छापेमारी के बाद शुरू होता था ‘सेटलमेंट’ का खेल, घर पर तय होती थी डील

कर चोरी पकड़ने के बाद राहत देने के नाम पर मोटी रकम की डील तय की जाती थी। इसके लिए अधिकारियों द्वारा व्यापारियों और उनके प्रतिनिधियों को निजी आवास पर बुलाया जाता था, जहां लेन-देन की शर्तें तय होती थीं।

झांसी CGST रिश्वतकांड में CBI की कार्रवाई तेज
झांसी CGST रिश्वतकांड में CBI की कार्रवाई तेज
locationभारत
userअभिजीत यादव
calendar03 Jan 2026 01:13 PM
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UP News : उत्तर प्रदेश के झांसी में सामने आए केंद्रीय जीएसटी (CGST) रिश्वतकांड ने प्रशासनिक हलकों में हड़कंप मचा दिया है। सीबीआई ने इस हाई-प्रोफाइल मामले में गिरफ्तार उत्तर प्रदेश की डिप्टी कमिश्नर प्रभा भंडारी समेत अन्य अधिकारियों के खिलाफ जांच का दायरा और बढ़ा दिया है। अब एजेंसी सिर्फ रिश्वतखोरी तक सीमित नहीं, बल्कि आय से अधिक संपत्ति और बेनामी निवेश के एंगल से भी पूरे नेटवर्क को खंगाल रही है। जांच में सामने आया है कि व्यापारियों के यहां छापेमारी के बाद असली खेल शुरू होता था। कर चोरी पकड़ने के बाद राहत देने के नाम पर मोटी रकम की डील तय की जाती थी। इसके लिए अधिकारियों द्वारा व्यापारियों और उनके प्रतिनिधियों को निजी आवास पर बुलाया जाता था, जहां लेन-देन की शर्तें तय होती थीं।

दिल्ली–ग्वालियर तक फैला काले धन का नेटवर्क

सीबीआई सूत्रों की मानें तो रिश्वत से जुटाई गई रकम को सिर्फ नकद में दबाकर रखने की बजाय रियल एस्टेट रूट से खपाने की कोशिश की गई। आशंका है कि इस काली कमाई का हिस्सा उत्तर प्रदेश से बाहर दिल्ली और मध्य प्रदेश के ग्वालियर में कथित बेनामी संपत्तियों में लगाया गया, ताकि पैसे की परतें छिपी रहें और ट्रेल टूट जाए। छापेमारी के दौरान मिले दस्तावेजों ने एजेंसी को इसी नेटवर्क के अहम सुराग दिए हैं। डिप्टी कमिश्नर (आईआरएस) प्रभा भंडारी के साथ-साथ CGST के अधीक्षक अनिल कुमार तिवारी और अजय कुमार शर्मा के ठिकानों से बरामद कागजात अब जांच की नई दिशा तय कर रहे हैं। सीबीआई अब इन अधिकारियों की कुल संपत्ति, बैंक खातों, लेन-देन और निवेश के लिंक जोड़कर यह पता लगाने में जुटी है कि आखिर पैसा किन रास्तों से घूमता रहा और किन लोगों के जरिए ठिकाने लगाया गया।

18 दिसंबर की छापेमारी से खुला पूरा मामला

इस पूरे मामले की शुरुआत 18 दिसंबर की उस कार्रवाई से जुड़ती है, जब झांसी में जय दुर्गा हार्डवेयर और जय अंबे प्लाईवुड के ठिकानों पर CGST की टीम ने छापेमारी की। छानबीन में टैक्स चोरी के गंभीर संकेत मिलने के बाद आरोप है कि कार्रवाई का अगला कदम कानून के हिसाब से नहीं, बल्कि ‘सेटलमेंट’ की डील के जरिए तय किया जाने लगा। कहा जा रहा है कि देनदारी कम कराने और केस को “निपटाने” के बदले करीब डेढ़ करोड़ रुपये की रिश्वत मांगी गई। इसी कथित सौदेबाजी के दौरान अफसरों, फर्म संचालकों और उनके वकील के बीच दफ्तर से बाहर निजी ठिकानों पर बैठकें हुईं, जहां रकम और शर्तों का खाका तैयार किया गया। अब एजेंसियां उसी कथित बातचीत और लेन-देन की कड़ियों को जोड़कर पूरे नेटवर्क की असल तस्वीर सामने लाने में जुटी हैं।

रंगे हाथ गिरफ्तारी के बाद खुलीं परतें

इस रिश्वतकांड में सीबीआई की कार्रवाई तब निर्णायक मोड़ पर पहुंची, जब एजेंसी ने 70 लाख रुपये लेते हुए CGST के दो अधीक्षकों को रंगे हाथ दबोच लिया। इसके बाद जांच की परतें तेजी से खुलीं और फर्म के मालिक के साथ उनके वकील को भी हिरासत में लिया गया। आगे चलकर दिल्ली से डिप्टी कमिश्नर प्रभा भंडारी की गिरफ्तारी ने केस को और हाई-प्रोफाइल बना दिया। सीबीआई के मुताबिक, झांसी, दिल्ली और ग्वालियर में एक साथ की गई छापेमारी में एजेंसी को करीब 90 लाख रुपये नकद, कीमती जेवरात, चांदी की ईंटें और कई संपत्तियों के दस्तावेज हाथ लगे हैं। अब इन बरामदियों की कड़ी जोड़कर यह पता लगाया जा रहा है कि रिश्वत की रकम किन रास्तों से घूमी और संपत्तियों के पीछे असली मालिकाना हक किसका है।

जांच में और नाम आने के संकेत

सीबीआई ने इस मामले में कार्रवाई का दायरा और फैलाते हुए जय अंबे प्लाईवुड के मालिक लोकेश तोलानी और जय दुर्गा हार्डवेयर के मालिक तेजपाल मंगतानी को भी FIR में नामजद किया है। दोनों की तलाश में एजेंसी की टीमें दबिशें दे रही हैं, क्योंकि जांच अधिकारियों के मुताबिक इस केस की अहम कड़ियां इन्हीं तक पहुंच सकती हैं। उधर, शुरुआती पूछताछ और दस्तावेजी पड़ताल में CGST के कुछ अन्य अधिकारियों की भूमिका भी संदिग्ध नजर आई है। संकेत मिलते ही सीबीआई ने उन्हें भी जांच के घेरे में ले लिया है। UP News

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माघ मेले का आगाज होते ही संगम पर उमड़ी भीड़, अब तक 6.5 लाख ने लगाई डुबकी

मेले में अब तक कई प्रमुख संत-महात्मा भी स्नान कर चुके हैं। वहीं किन्नर अखाड़े की महामंडलेश्वर कल्याणी नंद गिरी अपने अनुयायियों के साथ संगम स्नान के लिए मेला क्षेत्र पहुंचीं। बड़ी संख्या में ऐसे श्रद्धालु भी नजर आए जो पहली बार प्रयागराज में माघ स्नान करने आए हैं।

प्रयागराज संगम पर आस्था का जनसैलाब
प्रयागराज संगम पर आस्था का जनसैलाब
locationभारत
userअभिजीत यादव
calendar03 Jan 2026 10:09 AM
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UP News : उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में महाकुंभ के बाद पड़ रहे पहले माघ मेले की शुरुआत होते ही संगम तट पर आस्था का जनसैलाब उमड़ पड़ा। अलग-अलग मार्गों से श्रद्धालु त्रिवेणी स्नान के लिए मेला क्षेत्र पहुंचते रहे और पहले ही दिन सुबह 8 बजे तक करीब 6.5 लाख लोगों ने संगम में स्नान कर लिया। मेले में अब तक कई प्रमुख संत-महात्मा भी स्नान कर चुके हैं। वहीं किन्नर अखाड़े की महामंडलेश्वर कल्याणी नंद गिरी अपने अनुयायियों के साथ संगम स्नान के लिए मेला क्षेत्र पहुंचीं। बड़ी संख्या में ऐसे श्रद्धालु भी नजर आए जो पहली बार प्रयागराज में माघ स्नान करने आए हैं।

लाखों श्रद्धालुओं ने पहले ही जमा दी आमद

उत्तर प्रदेश प्रशासन के मुताबिक, माघ मेले की औपचारिक शुरुआत से पहले ही शुक्रवार को संगम तट पर लाखों कल्पवासी और संन्यासी पहुंचकर डेरा जमा चुके थे। अधिकारियों का अनुमान है कि शुक्रवार शाम तक 12 से 15 लाख श्रद्धालु और कल्पवासी मेला क्षेत्र में मौजूद हो गए थे। अब संगम की रेती पर कल्पवासियों का एक महीने का कठोर अनुशासन शुरू होगा,जहां वे नियम-संयम और तप के साथ साधना करेंगे। वहीं साधु-संत अपने शिविरों में प्रवचन, ध्यान और साधना में लीन रहेंगे। उत्तर प्रदेश के इस आध्यात्मिक संगम में संतों के पंडालों से कथा, भजन और धर्मिक आयोजनों की गूंज लगातार सुनाई देगी, जो पूरे मेले को भक्ति और परंपरा के रंग में रंगे रखेगी।

संगम तक बाइक सुविधा और क्यूआर-शिकायत सिस्टम

उत्तर प्रदेश प्रशासन ने इस बार माघ मेले में कई नए प्रयोग किए हैं। महाकुंभ से इतर पहली बार माघ मेले का आधिकारिक लोगो जारी किया गया है। श्रद्धालुओं की सुविधा बढ़ाने के लिए निजी कंपनियों से समन्वय कर बाइक सेवा भी शुरू की गई है, जिससे लोग संगम के नजदीक तक आसानी से पहुंच सकें। इतना ही नहीं, पहली बार बिजली के पोल पर क्यूआर कोड लगाए गए हैं। इन क्यूआर कोड के जरिए श्रद्धालु अपनी शिकायत या मदद की मांग दर्ज कर सकेंगे। प्रशासन का दावा है कि शिकायत दर्ज होते ही कुछ ही मिनटों में सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।

यूपी पर्यटन को भी मिलेगा मंच

मंडलायुक्त सौम्या अग्रवाल के अनुसार इस बार मेला क्षेत्र में हेलीकॉप्टर सेवा और पैरा ग्लाइडिंग शुरू करने की तैयारी है। यूपी में धार्मिक पर्यटन के साथ-साथ मेले को आकर्षक पर्यटन अनुभव बनाने के लिए चर्चित कलाकारों को आमंत्रित किया गया है। सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए मेला क्षेत्र में थाने, चौकियां, जल पुलिस थाना, कंट्रोल रूम और वॉच टावर बनाए गए हैं। निगरानी के लिए एआई आधारित सीसीटीवी कैमरों का इस्तेमाल किया जा रहा है।

मेला क्षेत्र से कमिश्नरेट तक ट्रैफिक प्लान

पुलिस आयुक्त जोगेंद्र कुमार के मुताबिक, मेला क्षेत्र से लेकर प्रयागराज कमिश्नरेट तक यातायात को सुचारू रखने के लिए व्यापक प्लान लागू किया गया है। मेला क्षेत्र में 10 चक्र की सुरक्षा व्यवस्था लागू की गई है और ट्रैफिक का संचालन उसी रणनीति के अनुसार होगा। सभी प्रमुख बिंदुओं पर टीमें तैनात कर दी गई हैं। महावीर और अक्षयवट कॉरिडोर पर सुरक्षा के लिए विशेष इंतजाम किए जाएंगे।

डिजिटल मेले में नहीं आएगी दिक्कत

मोबाइल नेटवर्क को लेकर पूछे गए सवाल पर मंडलायुक्त ने माना कि यह एक चुनौती रहती है, लेकिन इसके समाधान के लिए मोबाइल कंपनियों से बातचीत हो चुकी है। दावा है कि शुक्रवार रात तक नेटवर्क की समस्या दूर कर दी जाएगी, क्योंकि डिजिटल मेले में कनेक्टिविटी बेहद जरूरी है। प्रशासन का कहना है कि आगे चलकर नेटवर्क कनेक्टिविटी की कोई बड़ी दिक्कत नहीं रहेगी।

माघ मेले की प्रमुख व्यवस्थाएं (एक नजर में)

  1. 17 थाने और 40 पुलिस चौकियां स्थापित
  2. 20 फायर स्टेशन और 9 फायर चौकियां
  3. जिलेभर में 1154 सीसीटीवी कैमरों से निगरानी
  4. मेला क्षेत्र में 260 एआई-बेस्ड सीसीटीवी कैमरे
  5. 50 वॉच टावर तैयार
  6. 1 जल पुलिस थाना और 1 कंट्रोल रूम
  7. 8 किमी में डीप वाटर बैरिकेडिंग
  8. 2 किमी दायरे में जाल वाली सुरक्षा
  9. सुरक्षा के लिए 8 क्यूआर टीम तैनात
  10. जिले के अलग-अलग हिस्सों में 900 बैरियर
  11. अंतरराज्यीय सीमा पर 14 इमरजेंसी डायवर्जन
  12. 75 चिकित्सक मेला क्षेत्र में विशेष रूप से तैनात
  13. 206 पब्लिक एड्रेस सिस्टम से अनाउंसमेंट
  14. हर वक्त 50 एम्बुलेंस तैनात UP News


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