70वां जन्मदिन बना सियासी मंच, मायावती ने दिए बड़े संकेत

उन्होंने दावा किया कि प्रदेश के कई हिस्सों से ब्राह्मण समाज की उपेक्षा और उत्पीड़न की शिकायतें सामने आ रही हैं, लेकिन इन मुद्दों को सिर्फ चुनावी मौकों पर उठाकर लोगों को भ्रमित किया जा रहा है।

मायावती
उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री मायावती
locationभारत
userअभिजीत यादव
calendar15 Jan 2026 12:42 PM
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UP News : उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री तथा बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती का आज 70 वां जन्मदिन है। उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री तथा बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती ने अपने 70वें जन्मदिन के मौके पर उत्तर प्रदेश की सियासत में 2027 विधानसभा चुनाव का बिगुल फूंकते हुए नया सियासी संकेत दिया है। लखनऊ में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान उन्होंने पार्टी के पुराने नारे “सर्वजन हिताय, सर्वजन सुखाय” को फिर से केंद्र में रखा और सीधे तौर पर ब्राह्मण व क्षत्रिय समाज को भरोसा दिलाने के साथ-साथ समाजवादी पार्टी के प्रभाव वाले यादव समाज तथा पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जाट समुदाय और गन्ना किसानों तक संदेश पहुंचाने की कोशिश की। मायावती ने कहा कि यदि बसपा सत्ता में लौटती है तो 2007 की तरह हर वर्ग के हितों और अपेक्षाओं पर काम किया जाएगा।

ब्राह्मण-क्षत्रिय को दिया आश्वासन

उत्तर प्रदेश की बदलती चुनावी हवा के बीच मायावती ने इस बार अपनी बात का केंद्र ब्राह्मण समाज को बनाते हुए साफ संदेश दिया कि किसी भी दल के बहकावे में न आएं। उन्होंने दावा किया कि प्रदेश के कई हिस्सों से ब्राह्मण समाज की उपेक्षा और उत्पीड़न की शिकायतें सामने आ रही हैं, लेकिन इन मुद्दों को सिर्फ चुनावी मौकों पर उठाकर लोगों को भ्रमित किया जा रहा है। बसपा प्रमुख ने भरोसा दिलाया कि अगर उत्तर प्रदेश में बसपा की सरकार बनती है, तो ब्राह्मणों की आकांक्षाओं को प्राथमिकता मिलेगी और उनके सम्मान-हित से जुड़े फैसले जमीन पर उतारे जाएंगे। साथ ही उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि पार्टी की नीति सिर्फ एक वर्ग तक सीमित नहीं रहेगी क्षत्रिय और वैश्य समाज के कल्याण के लिए भी ठोस योजनाएं और प्रभावी कदम उठाए जाएंगे।

कैडर को मिला दिशा-निर्देश

मायावती ने एक बार फिर इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (EVM) को लेकर अविश्वास जताया, हालांकि इसके साथ उन्होंने पार्टी कैडर से साफ कहा कि 2027 में कोई कमी नहीं रहनी चाहिए और संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत किया जाए। इसी दौरान उन्होंने अपनी आत्मकथा/पार्टी दस्तावेज के नए संस्करण (ब्लू बुक) के विमोचन की चर्चा करते हुए कहा कि इसमें पार्टी के संघर्ष, उतार-चढ़ाव और कार्यकर्ताओं के लिए दिशा-सूचक बातें दर्ज हैं।

सपा के ‘PDA’ पर तीखा हमला

उत्तर प्रदेश की सियासी जंग में मायावती ने इस बार समाजवादी पार्टी को सीधे निशाने पर लिया और सपा के ‘PDA’ (पिछड़ा-दलित-अल्पसंख्यक) अभियान को महज राजनीतिक दिखावा करार दिया। बसपा प्रमुख ने 1995 के चर्चित गेस्ट हाउस प्रकरण का हवाला देते हुए पुराने आरोपों को फिर दोहराया और कहा कि सपा शासनकाल में दलितों के साथ सबसे ज्यादा अन्याय और उत्पीड़न की घटनाएं सामने आईं। मायावती का दावा रहा कि सपा की राजनीति वास्तविक सामाजिक न्याय के बजाय चुनिंदा वोट-बैंक के इर्द-गिर्द घूमती है, इसलिए व्यापक समाजहित की उसकी बातें जमीन पर टिकती नहीं दिखतीं। उन्होंने संकेत दिया कि उत्तर प्रदेश में जनता को नारे नहीं, बल्कि काम और नीयत का हिसाब देखना चाहिए।

जाट समुदाय और गन्ना किसानों के लिए भरोसा

पश्चिमी उत्तर प्रदेश के सियासी समीकरणों को साधते हुए मायावती ने जाट समुदाय और गन्ना किसानों की तरफ भी साफ संदेश दिया। उन्होंने याद दिलाया कि बसपा शासनकाल में शिक्षित जाट युवाओं को पुलिस भर्ती में बड़े पैमाने पर अवसर मिले थे और व्यवस्था में उनकी हिस्सेदारी बढ़ी थी। बसपा प्रमुख ने संकेत दिया कि यदि पार्टी की सत्ता में वापसी होती है, तो पश्चिमी उत्तर प्रदेश में जाटों से जुड़े मुद्दों के साथ-साथ गन्ना किसानों की भुगतान, लाभकारी व्यवस्था और उनके हितों से जुड़े सवालों को फिर से प्राथमिक एजेंडा बनाया जाएगा। मायावती का कहना था कि बसपा की नीति सिर्फ वादों तक सीमित नहीं, बल्कि जमीन पर असर दिखाने वाली होगी खासकर उस क्षेत्र में, जहां किसान और जाट समाज की भूमिका चुनावी नतीजों की दिशा तय करती है।

अन्य बड़े दावे और संदेश

  1. योजनाओं की नकल का आरोप: मायावती ने कहा कि वर्तमान सरकारें बसपा की पुरानी योजनाओं को नाम बदलकर लागू कर रही हैं।
  2. अंतिम सांस तक संघर्ष का एलान: उन्होंने दोहराया कि जब तक वह स्वस्थ हैं, दलितों और पिछड़ों के अधिकारों के लिए आवाज उठाती रहेंगी और दबाव में नहीं झुकेंगी।
  3. स्मारक-प्रतिमाओं का बचाव: उन्होंने दावा किया कि दलित-पिछड़े महापुरुषों को सम्मान दिलाने का काम बसपा सरकारों ने बड़े स्तर पर किया है। UP News


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उत्तर प्रदेश का ‘भक्त कुत्ता’, मंदिर में घंटों देवी-देवताओं की करता रहा परिक्रमा, वीडियो वायरल

बिजनौर के नंदपुर गांव स्थित प्राचीन हनुमान मंदिर में एक कुत्ता घंटों देवी-देवताओं की परिक्रमा करता रहा। वीडियो वायरल होने के बाद इसे आस्था और चमत्कार से जोड़ा जा रहा है।

बिजनौर भक्त कुत्ता
बिजनौर भक्त कुत्ता
locationभारत
userसुप्रिया श्रीवास्तव
calendar15 Jan 2026 11:11 AM
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उत्तर प्रदेश के बिजनौर जिले से एक अनोखी और हैरान करने वाली घटना सामने आई है, जिसने पूरे इलाके में चर्चा का माहौल बना दिया है। नगीना तहसील के नंदपुर गांव स्थित प्राचीन हनुमान मंदिर में एक कुत्ता बीते सोमवार तड़के सुबह से लगातार मंदिर में स्थापित देवी-देवताओं की प्रतिमाओं की परिक्रमा करता नजर आया। कुत्ते का यह व्यवहार न सिर्फ स्थानीय लोगों बल्कि दूर-दराज से आने वाले श्रद्धालुओं के लिए भी कौतूहल और आस्था का विषय बन गया है। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।

नंदपुर के प्राचीन मंदिर में दिखा अनोखा नजारा

स्थानीय लोगों के अनुसार, सोमवार सुबह करीब चार बजे एक कुत्ता मंदिर परिसर में पहुंचा और हनुमान जी की प्रतिमा के चारों ओर घूमना शुरू कर दिया। इसके बाद वह मंदिर में विराजमान भगवान शिव शंकर, राधा-कृष्ण और मां दुर्गा की प्रतिमाओं की भी परिक्रमा करता रहा। यह सिलसिला कई घंटों तक लगातार चलता रहा। कुत्ता न तो किसी पर भौंका और न ही किसी तरह की आक्रामकता दिखाई। थकने पर वह कुछ देर बैठ जाता और फिर दोबारा परिक्रमा शुरू कर देता।

श्रद्धालुओं ने आस्था से जोड़ा कुत्ते का व्यवहार

मंदिर में आने वाले श्रद्धालुओं के लिए यह दृश्य किसी चमत्कार से कम नहीं था। धीरे-धीरे इस घटना की खबर आसपास के गांवों और फिर पूरे जिले में फैल गई, जिसके बाद मंदिर में लोगों की भीड़ बढ़ने लगी। कई श्रद्धालुओं ने इसे भगवान की विशेष कृपा बताया, तो कुछ लोगों ने कुत्ते के इस व्यवहार को भैरवनाथ से जोड़कर देखा। मंदिर परिसर में जय बजरंगबली और अन्य देवी-देवताओं के जयकारे गूंजने लगे।

देवी मां की प्रतिमा की भी परिक्रमा करता दिखा कुत्ता

हनुमान जी की प्रतिमा के बाद कुत्ता मंदिर परिसर में स्थापित मां दुर्गा की मूर्ति की भी परिक्रमा करता नजर आया। यह दृश्य देखकर श्रद्धालुओं की हैरानी और बढ़ गई। कई लोगों ने इस दौरान पूजा-पाठ किया और मंदिर में चढ़ावा भी चढ़ाया। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो ने इस घटना को और ज्यादा चर्चा में ला दिया है।



प्रशासन और मेडिकल टीम ने दी अपनी राय

घटना की जानकारी मिलने पर क्षेत्रीय मंत्री अनूप वाल्मीकि भी मंदिर पहुंचे और पूरे घटनाक्रम को नजदीक से देखा। वहीं, पुलिस और प्रशासन ने स्थिति पर नजर बनाए रखी है ताकि किसी तरह की अव्यवस्था न हो। मेडिकल टीम ने कुत्ते के व्यवहार को लेकर यह संभावना जताई है कि यह किसी बीमारी या चोट का भी मामला हो सकता है। पुलिस ने लोगों से शांति बनाए रखने और अफवाहों से बचने की अपील की है।


कुत्ते की देखभाल और भीड़ नियंत्रण के इंतजाम

मंदिर समिति और स्थानीय ग्रामीणों ने मानवीय पहल करते हुए कुत्ते की देखभाल का भी ध्यान रखा है। ठंड से बचाव के लिए मंदिर परिसर में पॉलीथीन लगाई गई है और कुत्ते को किसी तरह का नुकसान न पहुंचे, इसका विशेष ख्याल रखा जा रहा है। श्रद्धालुओं की बढ़ती भीड़ को देखते हुए मंदिर में बैरिकेडिंग भी कर दी गई है, ताकि कुत्ते की परिक्रमा में कोई बाधा न आए।

आस्था और सवालों के बीच बना हुआ है कौतूहल

फिलहाल बिजनौर का यह ‘भक्त कुत्ता’ आस्था, रहस्य और चर्चा का केंद्र बना हुआ है। कुछ लोग इसे दैवीय संकेत मान रहे हैं, तो कुछ इसे सामान्य व्यवहार या स्वास्थ्य से जुड़ा मामला बता रहे हैं। जो भी हो, इस अनोखी घटना ने लोगों का ध्यान जरूर खींचा है और मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं का आना लगातार जारी है।

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यूपी में प्राचीन मंदिर की अनोखी घटना, बन रहा आस्था और रहस्य का विषय

यूपी बिजनौर जिला के एक गांव में कुत्ता हनुमान जी की मूर्ति के परिक्रमा कर रहा है। इस अनोखी घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। यह मंदिर इसी गांव का प्राचीन हनुमान मंदिर बताया जा रहा है। जो एक विचित्र बात चर्चा का विषय बनी हुई है।

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हनुमान और दुर्गा प्रतिमा की परिक्रमा (फाइल फोटो)
locationभारत
userऋषि तिवारी
calendar15 Jan 2026 11:28 AM
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UP News : उत्तर प्रदेश के बिजनौर जिले से एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है, जहां एक कुत्ता पिछले चार दिनों से मंदिर परिसर में भगवान बजरंगबली और मां दुर्गा की प्रतिमाओं की परिक्रमा करता नजर आ रहा है। बिना खाए-पिए लगातार घूमते इस डॉग को देखकर लोग इसे आस्था और चमत्कार से जोड़कर देख रहे हैं। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।

बता दें कि लोग इसे चमत्कार या भक्ति का रूप मान रहे हैं, कुछ तो कुत्ते को भैरव बाबा का अवतार कहकर पूजा कर रहे हैं। मीडिया रिपोर्ट्स में दिखाया गया है कि दूर-दूर से लोग दर्शन करने आ रहे हैं और कुत्ता बिना रुके घूमता जा रहा है

अचानक मंदिर पहुंचा और करने लगा परिक्रमा

बता दें कि यह मामला यूपी के नगीना क्षेत्र के नंदपुर गांव स्थित प्राचीन हनुमान मंदिर का है। ग्रामीणों के अनुसार, सोमवार 4 बजे एक डॉग अचानक मंदिर परिसर में पहुंचा और हनुमान जी की प्रतिमा के चारों ओर परिक्रमा करने लगा। वह बिना रुके, बिना भौंके और बिना किसी डर के लगातार चक्कर काटता रहा है। मंगलवार को भी कुत्ता हनुमान जी की प्रतिमा की परिक्रमा की। इसके बाद उसने कुछ समय आराम किया, लेकिन बुधवार को दोबारा मंदिर पहुंचकर पहले हनुमान जी और फिर मां दुर्गा की प्रतिमा के चारों ओर घूमना शुरू कर दिया।

बिना खाए-पिए जारी है परिक्रमा

बता दें कि प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि कुत्ता इन दिनों में न तो कुछ खाया और न ही पानी पिया। थकान होने पर वह कभी-कभी एक पैर उठाकर चलता दिखाई दिया, लेकिन परिक्रमा नहीं छोड़ी। इस अनोखे दृश्य को देखने के लिए आसपास के गांवों से बड़ी संख्या में लोग मंदिर पहुंच रहे हैं। मंदिर परिसर में भीड़ जमा हो गई है और लोग प्रसाद भी बांट रहे हैं।

डॉक्टरों की टीम ने किया निरीक्षण

बता दें कि ग्रामीण ने बताया कि कुत्ते की हालत जांचने के लिए डॉक्टरों की एक टीम मौके पर पहुंची थी। जांच के बाद टीम ने डॉग को सामान्य बताया और वापस लौट गई। डॉक्टरों के अनुसार, फिलहाल डॉग को कोई गंभीर समस्या नहीं दिखाई दी है।

लोग मान रहे हैं चमत्कार

बता दें कि स्थानीय निवासी ने बताया कि लोग इसे भगवान का चमत्कार मान रहे हैं। श्रद्धालु मंदिर में माथा टेक रहे हैं और कुत्ता को भक्त के रूप में देख रहे हैं। सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने के बाद दूर-दराज से भी लोग नंदपुर गांव पहुंच रहे हैं। लोग इसे चमत्कार या भक्ति का रूप मान रहे हैं, कुछ तो कुत्ते को भैरव बाबा का अवतार कहकर पूजा कर रहे हैं। :UP News

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