माफिया मुक्त प्रदेश बन गया है उत्तर प्रदेश, बन रहा है विकसित प्रदेश

उत्तर प्रदेश के CM योगी ने दावा किया है कि उत्तर प्रदेश भारत का इंफ्रास्ट्रक्चर ग्रोथ इंजन बनकर देश का विकसित प्रदेश बन रहा है। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने घोषणा की है कि उत्तर प्रदेश ने प्रगति मॉडल के द्वारा देश का इंफ्रास्ट्रक्चर ग्रोथ इंजन बनने का काम किया है।

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ
locationभारत
userआरपी रघुवंशी
calendar14 Jan 2026 01:59 PM
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UP News : उत्तर प्रदेश माफिया मुक्त तथा दंगामुक्त प्रदेश बन गया है। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि उत्तर प्रदेश माफिया मुक्त तथा दंगा मुक्त प्रदेश बन गया है। उत्तर प्रदेश के CM योगी ने दावा किया है कि उत्तर प्रदेश भारत का इंफ्रास्ट्रक्चर ग्रोथ इंजन बनकर देश का विकसित प्रदेश बन रहा है। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने घोषणा की है कि उत्तर प्रदेश ने प्रगति मॉडल के द्वारा देश का इंफ्रास्ट्रक्चर ग्रोथ इंजन बनने का काम किया है।

उत्तर प्रदेश बन गया है विकास का ग्रोथ इंजन

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गोरखपुर में आयोजित एक कार्यक्रम में बड़ी बात कही है। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि एक समय था जब उत्तर प्रदेश में माफिया का राज चलता था। उत्तर प्रदेश को दंगों का प्रदेश बना दिया गया था। पिछले 8 साल में उत्तर प्रदेश माफिया मुक्त तथा दंगा मुक्त प्रदेश बन गया है। उत्तर प्रदेश में माफिया का सफाया हो जाने के बाद उत्तर प्रदेश भारत के विकास का ग्रोथ इंजन बनकर एक के बाद एक बड़ी उपलब्धि हासिल कर रहा है। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने घोषणा की कि उत्तर प्रदेश विकास के मार्ग पर और भी अधिक तेज गति के साथ आगे बढ़ेगा।

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री ने पत्रकारों को दी बड़ी जानकारी

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि प्रो-एक्टिव गवर्नेस एंड टाइमली इम्प्लीमेंटेशन (प्रगति) मॉडल यूपी में विकास से लिहाज से गेम चेंजर साबित हुआ है। इससे ही यूपी आज देश के प्रमुख इंफ्रास्ट्रक्चर ग्रोथ इंजन के रूप में उभरा है। यह बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स की समीक्षा का मंच होने के साथ नए भारत की नई कार्यसंस्कृति का सशक्त उदाहरण है। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को अपने आवास पर पत्रकारों को सरकार के कामकाज पर प्रगति मॉडल का पड़े प्रभाव की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि मॉडल की नींव प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुजरात के मुख्यमंत्री रहते हुए रखी थी और 2014 के बाद इसे राष्ट्रीय स्तर पर लागू किया गया। सीएम ने बताया कि 86 लाख करोड़ से अधिक की परियोजनाओं को गति मिली है। इनमें से 377 प्रमुख परियोजनाओं की प्रत्यक्ष समीक्षा प्रधानमंत्री द्वारा की जाती है, जबकि 3162 में से 2958 मुद्दों का समाधान किया जा चुका है। प्रगति मॉडल का प्रभाव है कि एक्सप्रेसवे नेटवर्क, रेलवे नेटवर्क, सर्वाधिक शहरों में मेट्रो व एयर कनेक्टिविटी में यूपी आगे है। UP News

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मुनव्वर राना : उर्दू अदब का सबसे बड़ा नाम, पढ़िए टॉप 5 शायरी

उनकी भाषा की पकड़ और भावों की सच्चाई का ही असर था कि उनकी रचनाएँ उर्दू तक सीमित नहीं रहीं ,उनका अनुवाद अन्य भाषाओं में भी हुआ और उन्होंने अलग-अलग पाठक वर्गों के बीच अपनी जगह बनाई।

मुनव्वर राना की 5 यादगार शायरी
मुनव्वर राना की 5 यादगार शायरी
locationभारत
userअभिजीत यादव
calendar14 Jan 2026 02:01 PM
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Munawwar Rana : उत्तर प्रदेश की मिट्टी से निकले मुनव्वर राना (26 नवंबर 1952–14 जनवरी 2024) उर्दू अदब के ऐसे शायर और साहित्यकार थे, जिनकी शायरी ने आम इंसान की भावनाओं खासतौर पर माँ, घर और रिश्तों को बेहद सादगी के साथ गहरी ताकत दी। वे लंबे समय तक लखनऊ में रहे और वहीं से उनकी साहित्यिक पहचान देश-दुनिया तक फैली। उनके काव्य-संग्रह ‘शाहदाबा’ के लिए उन्हें वर्ष 2014 में साहित्य अकादमी पुरस्कार से सम्मानित किया गया, जो उनके रचनात्मक योगदान की बड़ी स्वीकृति मानी जाती है।

कलकत्ता की पढ़ाई ने दी शायरी को दिशा

मुनव्वर राना का पारिवारिक अनुभव भारत-पाकिस्तान बंटवारे की पीड़ा से भी जुड़ा रहा। उस दौर में उनके कई नजदीकी रिश्तेदार पाकिस्तान चले गए थे, लेकिन उनके पिता ने साम्प्रदायिक तनाव के बीच भी इसी देश में रहना अपना फ़र्ज़ समझा। राना की शुरुआती पढ़ाई कलकत्ता (अब कोलकाता) में हुई, जिसने उनके व्यक्तित्व और लेखन को शुरुआती दिशा दी। राना ने सिर्फ ग़ज़लें ही नहीं लिखीं, बल्कि संस्मरणों के जरिए भी अपने समय और समाज के अनुभवों को दर्ज किया। उनकी भाषा की पकड़ और भावों की सच्चाई का ही असर था कि उनकी रचनाएँ उर्दू तक सीमित नहीं रहीं ,उनका अनुवाद अन्य भाषाओं में भी हुआ और उन्होंने अलग-अलग पाठक वर्गों के बीच अपनी जगह बनाई।

मुनव्वर राना टॉप 5 शायरी

1 - अब जुदाई के सफ़र को मिरे आसान करो,

तुम मुझे ख़्वाब में आ कर न परेशान करो। 

2 - चलती फिरती हुई आँखों से अज़ाँ देखी है.

मैं ने जन्नत तो नहीं देखी है माँ देखी है। 

3 - इस तरह मेरे गुनाहों को वो धो देती है,

माँ बहुत ग़ुस्से में होती है तो रो देती है। 

4 - लिपट जाता हूँ माँ से और मौसी मुस्कुराती है

मैं उर्दू में ग़ज़ल कहता हूँ हिन्दी मुस्कुराती है

5 - इश्क़ है तो इश्क़ का इज़हार होना चाहिए,

आप को चेहरे से भी बीमार होना चाहिए। 

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उत्तर प्रदेश के चार जिलों में इंटीग्रेटेड मैन्युफैक्चरिंग-लॉजिस्टिक्स क्लस्टर को मंजूरी

इन चारों औद्योगिक क्लस्टरों के विकास पर कुल अनुमानित खर्च 274 करोड़ रुपये से अधिक होगा। सभी परियोजनाओं को ईपीसी (इंजीनियरिंग, प्रोक्योरमेंट एंड कंस्ट्रक्शन) मॉडल के तहत पूरा किया जाएगा। निर्माण कार्य पूर्ण होने के बाद एजेंसी द्वारा पांच वर्षों तक संचालन और रखरखाव की जिम्मेदारी भी निभाई जाएगी।

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मैन्युफैक्चरिंग हब
locationभारत
userयोगेन्द्र नाथ झा
calendar14 Jan 2026 01:48 PM
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UP News : उत्तर प्रदेश में औद्योगिक विकास और लॉजिस्टिक्स नेटवर्क को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यूपीडा) ने मेरठ, संभल, शाहजहांपुर और हरदोई जिलों में इंटीग्रेटेड मैन्युफैक्चरिंग एंड लॉजिस्टिक्स क्लस्टर (आईएमएलसी) विकसित करने की स्वीकृति प्रदान कर दी है। इसके साथ ही परियोजनाओं के निर्माण के लिए निजी कंपनियों से प्रस्ताव आमंत्रित किए गए हैं।

क्लस्टरों के विकास पर कुल अनुमानित खर्च 274 करोड़ रुपये से अधिक

इन चारों औद्योगिक क्लस्टरों के विकास पर कुल अनुमानित खर्च 274 करोड़ रुपये से अधिक होगा। सभी परियोजनाओं को ईपीसी (इंजीनियरिंग, प्रोक्योरमेंट एंड कंस्ट्रक्शन) मॉडल के तहत पूरा किया जाएगा। निर्माण कार्य पूर्ण होने के बाद संबंधित एजेंसी द्वारा पांच वर्षों तक संचालन और रखरखाव की जिम्मेदारी भी निभाई जाएगी। प्रस्तावित आईएमएलसी में उद्योगों और लॉजिस्टिक्स इकाइयों की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए आधुनिक बुनियादी ढांचा तैयार किया जाएगा। इसमें चौड़ी आंतरिक सड़कें, आरसीसी ड्रेनेज सिस्टम, निर्बाध बिजली आपूर्ति, जलापूर्ति व्यवस्था, स्ट्रीट एवं हाई-मास्ट लाइटिंग, अग्निशमन सुविधाएं, ओवरहेड वाटर टैंक, बोरवेल, प्रवेश द्वार, चारदीवारी और दिशा-सूचक साइनज शामिल होंगे।

जिलेवार अनुमानित लागत

* संभल 97.32 करोड़ रुपये

* मेरठ 70.94 करोड़ रुपये

* हरदोई 69.25 करोड़ रुपये

* शाहजहांपुर 36.87 करोड़ रुपये

हरदोई जिले में विकसित होने वाले क्लस्टर के तहत 30 मीटर तक चौड़ी आंतरिक सड़कों का निर्माण किया जाएगा। इसके साथ लगभग 7 किलोमीटर लंबा जलापूर्ति नेटवर्क, तीन ओवरहेड टैंक और चार बोरवेल स्थापित किए जाएंगे। इस परियोजना से कृषि आधारित उद्योगों और लघु उद्यमों को बेहतर भंडारण, परिवहन और वितरण सुविधाएं उपलब्ध होंगी। इन औद्योगिक एवं लॉजिस्टिक्स क्लस्टरों के क्रियान्वयन से न केवल स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर सृजित होंगे, बल्कि क्षेत्रीय आपूर्ति श्रृंखला भी सुदृढ़ होगी। साथ ही, उत्तर प्रदेश को मैन्युफैक्चरिंग और लॉजिस्टिक्स के उभरते केंद्र के रूप में स्थापित करने में यह पहल महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

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