
Ghaziabad News : गाजियाबाद की खोड़ा नगर पालिका परिषद में इन दिनों ईओ और चेयरमैन के बीच खींचतान नजर आ रही है। जिसका नतीजा है क्षेत्र में क्षेत्रवासियों के सामने विकास से लेकर साफ सफाई व प्रकाश की व्यवस्था चौपट हो गई है, वहीं बीते 1 साल में खोड़ा नगर पालिका में चाय का खर्चा ही 24 लाख का खर्च किया गया है। जिसके चलते आज खोड़ा वासियों ने मीडिया से रूबरू होकर लोगों की समस्याओं को सामने रखा है।
दरअसल, आरोप लगाया है कि खोड़ा नगर पालिका की ईओ शालिनी गुप्ता लगातार मनमाफिक तरीके से कार्य कर रही है, जिसमें भ्रष्टाचार उजागर हो रहा है। वहीं जब चेयरमैन मोहिनी शर्मा उनसे सवाल-जवाब करती है तो गलत आरोप लगाकर पत्रों को जारी कर देती हैं।
स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया है कि खोड़ा नगर पालिका में 800 से ज्यादा कर्मचारियों का वेतन दिया जा रहा है, लेकिन धरातल पर मात्र 600 कर्मचारी ही कार्यरत है। करीब 200 से ज्यादा कर्मचारियों का पैसा डकारा जा रहा है। खोड़ा नगर पालिका में 33 वाहन चल रहे हैं जिसका डीजल का खर्चा 16 लाख का आता है, वहीं ज्यादातर वाहन खराब है तो डीजल का पैसा कहां पर खर्च किया जा रहा है?
स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया है कि वो ईओ शालिनी गुप्ता जबरन गलत लोगों को टेंडर जारी कर रही है जिसका अनुबंध भी नहीं किया जा रहा है, चेयरमैन के बिना हस्ताक्षर के ही उस काम को स्वीकृत कर रही है।
पूर्व सभासद पंकज त्रिपाठी कहते हैं कि ईओ शालिनी गुप्ता के द्वारा नगर पालिका परिषद में जो भी सामान खरीदा जा रहा है, उसकी कोई कोटेशन नहीं दी जाती है जिससे वो मनमाफिक तरीके से सामान खरीद कर भ्रष्टाचार कर रही है।
खोड़ा नगरपालिका में ईओ की शह पर भ्रष्टाचार अपने चरम पर है और हर महीने एक करोड़ का बंदरबांट किया जा रहा है। इस प्रशासन को तुरंत संज्ञान लेते हुए कार्रवाई की जानी चाहिए।
स्थानीय निवासी शंभू शरण तिवारी का कहना है कि देखने वाली बात होगी क्षेत्रवासियों द्वारा लगाए गए आरोप पर जिलाधिकारी या सरकार किस प्रकार से निर्णय लेती है क्योंकि क्षेत्रवासियों को विकास ना होने के चलते समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है।