राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर दोनों सदनों में चर्चा होगी, जिसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दोनों सदनों में अपनी राय रखेंगे।

केंद्र सरकार ने आगामी बजट सत्र से पहले सभी राजनीतिक दलों की बैठक बुलाई है। यह बैठक 27 जनवरी सुबह 11 बजे संसद भवन में आयोजित की जाएगी, जिसमें विधायी कार्यों, बजट से जुड़ी योजनाओं और संसद में होने वाले अन्य महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा की जाएगी। उल्लेखनीय है कि संसद का बजट सत्र 28 जनवरी से शुरू हो रहा है। पहले दिन राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद दोनों सदनों (लोकसभा और राज्यसभा) में अपना अभिभाषण देंगे, जिसके साथ ही आर्थिक सर्वेक्षण भी प्रस्तुत किया जाएगा।
बता दें कि बजट सत्र का पहला भाग 28 जनवरी से शुरू होकर 13 फरवरी तक चलेगा। इस दौरान राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर दोनों सदनों में चर्चा होगी, जिसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दोनों सदनों में अपनी राय रखेंगे। सत्र का दूसरा हिस्सा 9 मार्च से शुरू होकर 2 अप्रैल तक चलेगा। इस दौरान विभिन्न विधेयकों पर चर्चा और मतदान होगा।
इधर, केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर ने बिजली वितरण कंपनियों (डिस्कॉम) के घाटे को कम करने के लिए नई योजना का संकेत दिया है। उन्होंने बताया कि विद्युत संशोधन विधेयक के माध्यम से लागत-अनुरूप शुल्क की अवधारणा को शामिल किया गया है, जिसे बजट सत्र के दौरान संसद में पेश किया जाएगा। उन्होंने यह बात अखिल भारतीय बिजली वितरण कंपनियों के संघ (एआईडीए) के वार्षिक सम्मेलन ईडीआईसीओएन 2026 को संबोधित करते हुए कही।
मनोहर लाल ने कहा कि बिजली सप्लाई की श्रृंखला में ट्रांसमिशन, प्रोडक्शन और डिस्ट्रीब्यूशन को मिलाकर बिजली वितरण कंपनियां अहम भूमिका निभाती हैं। ये कंपनियां ही उपभोक्ताओं को बी2सी (व्यवसाय-से-उपभोक्ता) सेवाएं प्रदान करती हैं। उन्होंने बताया कि इन कंपनियों को होने वाले घाटे को कम करने के लिए नई प्रावधान लाए जा रहे हैं, जिसमें सभी लागतों को बिजली शुल्क में शामिल किया जाएगा। इस विधेयक को इस बजट सत्र में पारित कराने का लक्ष्य है।