जामिया मिलिया में फैकल्टी पर एसटी कर्मचारी का गंभीर आरोप
मीणा ने पुलिस और प्रशासन को लिखित शिकायत में बताया कि 13 जनवरी 2026 को डॉ. रियाजुद्दीन उनके डेस्क पर आए और उन्हें अपमानजनक शब्दों से अभद्र भाषा का शिकार बनाया। 16 जनवरी को कथित तौर पर प्रोफेसर ने फिर मीणा के कार्यालय में आकर उन पर हमला किया और जातिसूचक गालियाँ दीं।

जामिया मिलिया इस्लामिया विश्वविद्यालय एक बार फिर विवादों के घेरे में आ गया है। विश्वविद्यालय के पॉलिटेक्निक विभाग में कार्यरत अनुसूचित जनजाति (ST) कर्मचारी राम फूल मीणा ने आरोप लगाया है कि सिविल इंजीनियरिंग विभाग के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. रियाजुद्दीन ने उनके साथ कार्यालय में हिंसक व्यवहार किया और उन पर धर्म परिवर्तन करने का दबाव डाला है।
हिंसक व्यवहार और गालियाँ
बता दें कि मीणा ने पुलिस और प्रशासन को लिखित शिकायत में बताया कि 13 जनवरी 2026 को डॉ. रियाजुद्दीन उनके डेस्क पर आए और उन्हें अपमानजनक शब्दों से अभद्र भाषा का शिकार बनाया। 16 जनवरी को कथित तौर पर प्रोफेसर ने फिर मीणा के कार्यालय में आकर उन पर हमला किया और जातिसूचक गालियाँ दीं। शिकायत में कहा गया है कि प्रोफेसर ने कहा, "तुम्हारी औकात कैसे हुई कि तुम मेरे खिलाफ शिकायत करो? तुम आदिवासी जंगली हो, मुसलमानों के इदारे में रहकर मेरे खिलाफ शिकायत करने की जुर्रत कैसे की?"

धर्म परिवर्तन का दबाव
राम फूल मीणा ने आरोप लगाया कि उन्हें लंबे समय से इस्लाम अपनाने के लिए प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से दबाव डाला गया। उनका कहना है कि उन्हें परिसर में कई बार काफिर कहकर अपमानित किया गया और केवल उनकी हिंदू व आदिवासी पहचान के कारण निशाना बनाया गया।
तबादले का आरोप
बता दें कि मीणा ने बताया कि उन्होंने रजिस्ट्रार ऑफिस में शिकायत दर्ज कराई, लेकिन प्रशासन ने उसी दिन यानी 16 जनवरी 2026 को उन्हें दंडात्मक तबादले का आदेश जारी कर दिया। मीणा का कहना है कि यह कार्रवाई सच को दबाने की कोशिश है।
छात्र पर हिंसा का वीडियो वायरल
सिविल इंजीनियरिंग विभाग के आरोपी प्रोफेसर का एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हुआ है, जिसमें वह क्लासरूम में एक छात्र को लात मारते दिखाई दे रहे हैं। यह वीडियो विश्वविद्यालय में उनके व्यवहार पर गंभीर सवाल खड़े कर रहा है।
पुलिस जांच जारी
दिल्ली पुलिस ने राम फूल मीणा की शिकायत पर एफआईआर दर्ज कर ली है और मामले की छानबीन जारी है। फिलहाल आरोपी प्रोफेसर की ओर से कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है।
जामिया मिलिया इस्लामिया विश्वविद्यालय एक बार फिर विवादों के घेरे में आ गया है। विश्वविद्यालय के पॉलिटेक्निक विभाग में कार्यरत अनुसूचित जनजाति (ST) कर्मचारी राम फूल मीणा ने आरोप लगाया है कि सिविल इंजीनियरिंग विभाग के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. रियाजुद्दीन ने उनके साथ कार्यालय में हिंसक व्यवहार किया और उन पर धर्म परिवर्तन करने का दबाव डाला है।
हिंसक व्यवहार और गालियाँ
बता दें कि मीणा ने पुलिस और प्रशासन को लिखित शिकायत में बताया कि 13 जनवरी 2026 को डॉ. रियाजुद्दीन उनके डेस्क पर आए और उन्हें अपमानजनक शब्दों से अभद्र भाषा का शिकार बनाया। 16 जनवरी को कथित तौर पर प्रोफेसर ने फिर मीणा के कार्यालय में आकर उन पर हमला किया और जातिसूचक गालियाँ दीं। शिकायत में कहा गया है कि प्रोफेसर ने कहा, "तुम्हारी औकात कैसे हुई कि तुम मेरे खिलाफ शिकायत करो? तुम आदिवासी जंगली हो, मुसलमानों के इदारे में रहकर मेरे खिलाफ शिकायत करने की जुर्रत कैसे की?"

धर्म परिवर्तन का दबाव
राम फूल मीणा ने आरोप लगाया कि उन्हें लंबे समय से इस्लाम अपनाने के लिए प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से दबाव डाला गया। उनका कहना है कि उन्हें परिसर में कई बार काफिर कहकर अपमानित किया गया और केवल उनकी हिंदू व आदिवासी पहचान के कारण निशाना बनाया गया।
तबादले का आरोप
बता दें कि मीणा ने बताया कि उन्होंने रजिस्ट्रार ऑफिस में शिकायत दर्ज कराई, लेकिन प्रशासन ने उसी दिन यानी 16 जनवरी 2026 को उन्हें दंडात्मक तबादले का आदेश जारी कर दिया। मीणा का कहना है कि यह कार्रवाई सच को दबाने की कोशिश है।
छात्र पर हिंसा का वीडियो वायरल
सिविल इंजीनियरिंग विभाग के आरोपी प्रोफेसर का एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हुआ है, जिसमें वह क्लासरूम में एक छात्र को लात मारते दिखाई दे रहे हैं। यह वीडियो विश्वविद्यालय में उनके व्यवहार पर गंभीर सवाल खड़े कर रहा है।
पुलिस जांच जारी
दिल्ली पुलिस ने राम फूल मीणा की शिकायत पर एफआईआर दर्ज कर ली है और मामले की छानबीन जारी है। फिलहाल आरोपी प्रोफेसर की ओर से कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है।












