इंडिया AI इम्पैक्ट समिट 2026: वैश्विक मंच पर भारत का ऐतिहासिक प्रदर्शन
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस आयोजन में भाग लेने वाले वैश्विक नेताओं, उद्योगपतियों, नीति निर्माताओं, शोधकर्ताओं और तकनीकी प्रेमियों का हार्दिक स्वागत किया। सोशल मीडिया मंच 'एक्स' (X) पर एक पोस्ट में प्रधानमंत्री ने अपनी खुशी जताई।

India AI Impact Summit 2026 : भारत ने वैश्विक प्रौद्योगिकी मंच पर अपना वर्चस्व स्थापित करते हुए राजधानी दिल्ली में 'इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026' (India AI Impact Summit 2026) का भव्य आयोजन किया है। ग्लोबल साउथ (Global South) का यह अब तक का सबसे बड़ा आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) सम्मेलन होने का गौरव भारत को मिला है, जो वैश्विक एआई परिवर्तन में देश के बढ़ते नेतृत्व को दर्शाता है।
सोमवार से शुरू हुए इस पांच दिवसीय शिखर सम्मेलन में दुनिया भर की नज़रें भारत मंडपम पर हैं। इस महत्वपूर्ण आयोजन में 100 से ज्यादा देशों के प्रतिनिधि (Delegates) शामिल हो रहे हैं, जिसमें 20 से अधिक राष्ट्राध्यक्ष व सरकार प्रमुखों के अलावा विभिन्न देशों के 40-45 वरिष्ठ मंत्री अपनी उपस्थिति दर्ज करा रहे हैं। यह भारत की सूचना और प्रौद्योगिकी क्षेत्र में बढ़ती पकड़ का प्रमाण है।
पीएम मोदी ने किया वैश्विक नेताओं का स्वागत
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस आयोजन में भाग लेने वाले वैश्विक नेताओं, उद्योगपतियों, नीति निर्माताओं, शोधकर्ताओं और तकनीकी प्रेमियों का हार्दिक स्वागत किया। सोशल मीडिया मंच 'एक्स' (X) पर एक पोस्ट में प्रधानमंत्री ने अपनी खुशी जताते हुए लिखा कि यह हमारे लिए अत्यंत गर्व की बात है कि India AI Impact Summit के लिए दुनियाभर से लोग भारत आ रहे हैं। इससे हमारे देश के युवाओं के सामर्थ्य का भी पता चलता है। उन्होंने कहा कि यह अवसर इस बात का प्रमाण है कि भारत विज्ञान और टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में तेजी से प्रगति कर रहा है और वैश्विक विकास में अहम योगदान दे रहा है।
'सर्वजन हिताय, सर्वजन सुखाय' रहा मूल मंत्र
इस बार के समिट की थीम बहुत ही सार्थक है— 'सर्वजन हिताय, सर्वजन सुखाय'। प्रधानमंत्री मोदी ने स्पष्ट किया कि यह थीम मानव केंद्रित प्रगति और समावेशी विकास के लिए AI के उपयोग की भारत की गहरी प्रतिबद्धता को दर्शाती है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि भारत केवल तकनीकी विकास तक सीमित नहीं है, बल्कि वह उस तकनीकी का उपयोग समाज के हित में करने के लिए प्रतिबद्ध है।
एआई परिवर्तन में भारत का नेतृत्व
वैश्विक एआई परिदृश्य में भारत की स्थिति को रेखांकित करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि 1.4 अरब की जनसंख्या की शक्ति, मजबूत डिजिटल पब्लिक इन्फ्रास्ट्रक्चर (DPI), तेजी से बढ़ता स्टार्टअप इकोसिस्टम और हाई-टेक रिसर्च की वजह से भारत एआई परिवर्तन में दुनिया में सबसे आगे खड़ा है। उन्होंने अपने संदेश में कहा, "AI पर चर्चा करने के लिए पूरी दुनिया इकट्ठा हो रही है! आज AI स्वास्थ्य सेवा, शिक्षा, कृषि, शासन और उद्यम सहित कई सेक्टरों में जीवन को बदल रहा है।" उनका मानना है कि यह समिट नवाचार, सहयोग और जिम्मेदार उपयोग जैसे विविध पहलुओं पर वैश्विक चर्चा को समृद्ध करेगा।
सम्मेलन का महत्व
यह सम्मेलन न केवल तकनीकी विशेषज्ञों के लिए बल्कि भविष्य की नीतियों को आकार देने के लिए भी महत्वपूर्ण है। प्रधानमंत्री को विश्वास है कि इस शिखर सम्मेलन के परिणाम एक प्रगतिशील, नवोन्मेषी और अवसर-उन्मुख भविष्य को आकार देने में सहायक सिद्ध होंगे। भारत की अध्यक्षता में आयोजित इस समिट के माध्यम से दुनिया को यह संदेश मिल रहा है कि भारत 'एआई फॉर गुड' (AI for Good) का सबसे बड़ा समर्थक और सक्षम नेता है। India AI Impact Summit 2026
India AI Impact Summit 2026 : भारत ने वैश्विक प्रौद्योगिकी मंच पर अपना वर्चस्व स्थापित करते हुए राजधानी दिल्ली में 'इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026' (India AI Impact Summit 2026) का भव्य आयोजन किया है। ग्लोबल साउथ (Global South) का यह अब तक का सबसे बड़ा आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) सम्मेलन होने का गौरव भारत को मिला है, जो वैश्विक एआई परिवर्तन में देश के बढ़ते नेतृत्व को दर्शाता है।
सोमवार से शुरू हुए इस पांच दिवसीय शिखर सम्मेलन में दुनिया भर की नज़रें भारत मंडपम पर हैं। इस महत्वपूर्ण आयोजन में 100 से ज्यादा देशों के प्रतिनिधि (Delegates) शामिल हो रहे हैं, जिसमें 20 से अधिक राष्ट्राध्यक्ष व सरकार प्रमुखों के अलावा विभिन्न देशों के 40-45 वरिष्ठ मंत्री अपनी उपस्थिति दर्ज करा रहे हैं। यह भारत की सूचना और प्रौद्योगिकी क्षेत्र में बढ़ती पकड़ का प्रमाण है।
पीएम मोदी ने किया वैश्विक नेताओं का स्वागत
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस आयोजन में भाग लेने वाले वैश्विक नेताओं, उद्योगपतियों, नीति निर्माताओं, शोधकर्ताओं और तकनीकी प्रेमियों का हार्दिक स्वागत किया। सोशल मीडिया मंच 'एक्स' (X) पर एक पोस्ट में प्रधानमंत्री ने अपनी खुशी जताते हुए लिखा कि यह हमारे लिए अत्यंत गर्व की बात है कि India AI Impact Summit के लिए दुनियाभर से लोग भारत आ रहे हैं। इससे हमारे देश के युवाओं के सामर्थ्य का भी पता चलता है। उन्होंने कहा कि यह अवसर इस बात का प्रमाण है कि भारत विज्ञान और टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में तेजी से प्रगति कर रहा है और वैश्विक विकास में अहम योगदान दे रहा है।
'सर्वजन हिताय, सर्वजन सुखाय' रहा मूल मंत्र
इस बार के समिट की थीम बहुत ही सार्थक है— 'सर्वजन हिताय, सर्वजन सुखाय'। प्रधानमंत्री मोदी ने स्पष्ट किया कि यह थीम मानव केंद्रित प्रगति और समावेशी विकास के लिए AI के उपयोग की भारत की गहरी प्रतिबद्धता को दर्शाती है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि भारत केवल तकनीकी विकास तक सीमित नहीं है, बल्कि वह उस तकनीकी का उपयोग समाज के हित में करने के लिए प्रतिबद्ध है।
एआई परिवर्तन में भारत का नेतृत्व
वैश्विक एआई परिदृश्य में भारत की स्थिति को रेखांकित करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि 1.4 अरब की जनसंख्या की शक्ति, मजबूत डिजिटल पब्लिक इन्फ्रास्ट्रक्चर (DPI), तेजी से बढ़ता स्टार्टअप इकोसिस्टम और हाई-टेक रिसर्च की वजह से भारत एआई परिवर्तन में दुनिया में सबसे आगे खड़ा है। उन्होंने अपने संदेश में कहा, "AI पर चर्चा करने के लिए पूरी दुनिया इकट्ठा हो रही है! आज AI स्वास्थ्य सेवा, शिक्षा, कृषि, शासन और उद्यम सहित कई सेक्टरों में जीवन को बदल रहा है।" उनका मानना है कि यह समिट नवाचार, सहयोग और जिम्मेदार उपयोग जैसे विविध पहलुओं पर वैश्विक चर्चा को समृद्ध करेगा।
सम्मेलन का महत्व
यह सम्मेलन न केवल तकनीकी विशेषज्ञों के लिए बल्कि भविष्य की नीतियों को आकार देने के लिए भी महत्वपूर्ण है। प्रधानमंत्री को विश्वास है कि इस शिखर सम्मेलन के परिणाम एक प्रगतिशील, नवोन्मेषी और अवसर-उन्मुख भविष्य को आकार देने में सहायक सिद्ध होंगे। भारत की अध्यक्षता में आयोजित इस समिट के माध्यम से दुनिया को यह संदेश मिल रहा है कि भारत 'एआई फॉर गुड' (AI for Good) का सबसे बड़ा समर्थक और सक्षम नेता है। India AI Impact Summit 2026












