मेट्रो से उतरते ही मिलेगी सस्ती राइड, DMRC ला रहा स्पेशल टैक्सी सेवा

अधिकारियों के अनुसार, स्टेशनों का चयन विशेष सर्वे के आधार पर होगा, ताकि उन रूट्स और इलाकों को प्राथमिकता दी जा सके जहां रोजाना यात्रियों की आवाजाही सबसे ज्यादा रहती है। इन चयनित स्टेशनों पर यात्रियों को जरूरत और बजट के हिसाब से तीन विकल्प मिलेंगे।

10 व्यस्त स्टेशनों पर शुरू होगी Bharat Taxi सेवा
10 व्यस्त स्टेशनों पर शुरू होगी Bharat Taxi सेवा
locationभारत
userअभिजीत यादव
calendar15 Jan 2026 10:49 AM
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Delhi News : दिल्ली-एनसीआर में मेट्रो यात्रियों के लिए राहत भरी खबर है। दिल्ली-एनसीआर में मेट्रो से सफर करने वालों के लिए अब स्टेशन के बाहर की भागदौड़ कम होने वाली है। मेट्रो से उतरते ही ऑटो वालों से मोलभाव या महंगी कैब की मजबूरी इन दोनों झंझटों को खत्म करने के लिए DMRC ने बड़ा कदम उठाया है। दिल्ली मेट्रो ने सहकार टैक्सी कोऑपरेटिव लिमिटेड (STCL) के साथ MoU साइन कर स्टेशनों पर Bharat Taxiप्लेटफॉर्म शुरू करने की तैयारी की है, जहां यात्रियों को बाइक, ऑटो और कैब जैसी सेवाएं तुलनात्मक रूप से कम किराए पर मिल सकेंगी। DMRC का फोकस लास्ट-माइल कनेक्टिविटी को सुरक्षित, व्यवस्थित और भरोसेमंद बनाना है, ताकि यात्रियों को अनधिकृत वाहनों के भरोसे न रहना पड़े।

10 प्रमुख स्टेशनों पर शुरू होगी सुविधा

योजना के शुरुआती चरण में DMRC दिल्ली-एनसीआर के 10 सबसे व्यस्त मेट्रो स्टेशनों को इस सुविधा से जोड़ने की तैयारी कर रहा है। अधिकारियों के अनुसार, स्टेशनों का चयन विशेष सर्वे के आधार पर होगा, ताकि उन रूट्स और इलाकों को प्राथमिकता दी जा सके जहां रोजाना यात्रियों की आवाजाही सबसे ज्यादा रहती है। इन चयनित स्टेशनों पर यात्रियों को जरूरत और बजट के हिसाब से तीन विकल्प मिलेंगे

  1. बाइक टैक्सी: कम समय में पहुंचने के लिए
  2. ऑटो रिक्शा: बजट में सफर के लिए
  3. कैब: आरामदायक यात्रा के लिए

बॉटेनिकल गार्डन और मिलेनियम सिटी सेंटर बने टेस्टिंग हब

पूरी व्यवस्था को व्यापक स्तर पर लागू करने से पहले DMRC इसे पायलट प्रोजेक्ट के जरिए जमीन पर परख रहा है। शुरुआती तौर पर 31 जनवरी तक दो प्रमुख स्टेशनों मिलेनियम सिटी सेंटर (गुरुग्राम) और बॉटेनिकल गार्डन (नोएडा) पर विशेष बाइक टैक्सी सेवा शुरू की गई है। DMRC के मुताबिक, इस ट्रायल के नतीजे सकारात्मक रहे तो योजना को बिना देर किए शेष 8 स्टेशनों तक भी विस्तार देने की तैयारी है।

पर्यावरण और सुरक्षा भी प्राथमिकता

DMRC के मुताबिक, यह पहल सिर्फ यात्रियों की सुविधा बढ़ाने तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके पीछे दो अहम लक्ष्य तय किए गए हैं। पहला, पर्यावरण अनुकूल परिवहन को बढ़ावा देकर शहर में बढ़ते वायु प्रदूषण पर नियंत्रण की दिशा में योगदान देना। दूसरा, मेट्रो गेट से यात्रियों के घर या गंतव्य तक सुरक्षित और भरोसेमंद कनेक्टिविटी उपलब्ध कराना, ताकि उन्हें अनधिकृत या असुरक्षित साधनों पर निर्भर न रहना पड़े।

यात्रियों को क्या फायदा मिलेगा?

इस करार की सबसे बड़ी खासियत यह है कि STCL कोई निजी कंपनी नहीं, बल्कि एक सहकारी संस्था है। यही वजह है कि किराए को लेकर उम्मीद की जा रही है कि यह सेवा Ola-Uber जैसे निजी एग्रीगेटर्स की तुलना में कम, पारदर्शी और ज्यादा स्थिर रहेगी। DMRC का कहना है कि यात्रियों को यहां बेहतर विकल्प मिलेंगे और किराए में उतार-चढ़ाव की परेशानी भी कम होगी, जिससे आम यात्रियों की जेब पर अतिरिक्त दबाव नहीं पड़ेगा। Delhi News

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दिल्ली भाजपा कार्यालय में उत्सव का माहौल, नितिन नबीन बने आकर्षण का केंद्र

मकर संक्रांति के पावन अवसर पर बुधवार को दिल्ली प्रदेश भाजपा पार्टी के प्रदेश कार्यालय में आयोजित मकर संक्रांति मिलन समारोह राजनीतिक उत्साह और संगठनात्मक एकजुटता का प्रतीक बनकर उभरा है।

Delhi BJP Office Makar Sakrati
दिल्ली भाजपा में दिखा नया उत्साह (फाइल फोटो)
locationभारत
userऋषि तिवारी
calendar14 Jan 2026 10:09 PM
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ढोल-नगाड़ों की गूंज, “भारत माता की जय” और “जय श्रीराम” के नारों के बीच पार्टी कार्यकर्ताओं ने नितिन नबीन का जोरदार स्वागत किया। पूरे परिसर को केसरिया झंडों और फूलों से सजाया गया था, जिससे कार्यक्रम का माहौल उत्सवपूर्ण नजर आया। इस अवसर पर भाजपा के नवनियुक्त राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष नितिन नबीन का दिल्ली भाजपा की ओर से भव्य स्वागत एवं अभिनंदन किया गया।

पारंपरिक अंदाज में हुआ स्वागत

बता दें कि कार्यक्रम की मेजबानी कर रहे दिल्ली भाजपा प्रदेश अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा ने नितिन नबीन का पारंपरिक शैली में स्वागत किया। उन्होंने मखाने की माला पहनाकर मकर संक्रांति के प्रतीक स्वरूप खिचड़ी और तिल-कुट भेंट किया। इस दौरान सचदेवा ने कहा कि मकर संक्रांति परिवर्तन और सकारात्मक ऊर्जा का पर्व है और नितिन नबीन जैसे युवा, कर्मठ नेतृत्व के आगमन से संगठन को नई दिशा और गति मिलेगी। उन्होंने कार्यकर्ताओं से आह्वान किया कि वे दिल्ली की सेवा के लिए एकजुट होकर कार्य करें और संगठन को जमीनी स्तर पर और मजबूत बनाएं।

समरसता और भाईचारे का पर्व है मकर संक्रांति

प्रदेश अध्यक्ष ने दिल्लीवासियों को मकर संक्रांति की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह पर्व समाज में समरसता, एकता और भाईचारे का संदेश देता है। जिस प्रकार सूर्य उत्तरायण होकर प्रकाश फैलाता है, उसी तरह जनता के सहयोग से दिल्ली में विकास और खुशहाली का नया अध्याय लिखा जाएगा। अपने स्वागत से अभिभूत नितिन नबीन ने दिल्ली भाजपा संगठन की सराहना करते हुए कहा कि मकर संक्रांति बदलाव और नई शुरुआत का प्रतीक है। दिल्ली भाजपा के कार्यकर्ताओं का उत्साह यह दर्शाता है कि संगठन आने वाली राजनीतिक चुनौतियों के लिए पूरी तरह तैयार है। उन्होंने कार्यकर्ताओं से केंद्र सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं को घर-घर तक पहुंचाने और संगठन को और अधिक सशक्त बनाने का आग्रह किया।

खिचड़ी भोज में दिखी संगठन की एकजुटता

समारोह के दौरान पारंपरिक खिचड़ी भोज का आयोजन भी किया गया, जिसमें वरिष्ठ नेताओं से लेकर बूथ स्तर तक के कार्यकर्ताओं ने एक साथ भोजन किया। कार्यक्रम में दिल्ली के सांसदों, विधानसभा अध्यक्ष, पूर्व महापौरों, विधायकों, निगम पार्षदों सहित हजारों कार्यकर्ताओं की उपस्थिति रही। मंच पर कुलजीत चहल, वीरेंद्र सचदेवा, राष्ट्रीय महामंत्री अरुण सिंह, सांसद योगेंद्र चंदोलिया, विधानसभा अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता, संजय मयूख, पूर्वांचल मोर्चा अध्यक्ष संजय ओझा, कमलजीत सेहरावत, महामंत्री विष्णु मित्तल सहित कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे।

राजनीतिक संकेतों से भरपूर आयोजन

तिल-गुड़ और खिचड़ी के प्रसाद वितरण के साथ आयोजित यह कार्यक्रम ऐसे समय में हुआ है, जब नितिन नबीन के जल्द ही पूर्णकालिक राष्ट्रीय अध्यक्ष की जिम्मेदारी संभालने की चर्चाएं तेज हैं। ऐसे में यह आयोजन न सिर्फ सांस्कृतिक उत्सव रहा, बल्कि भाजपा की संगठनात्मक एकजुटता और आगामी राजनीतिक रणनीतियों का भी स्पष्ट संदेश देता नजर आया।

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क्यों बदला पीएमओ का पता? जानिए ‘सेवा तीर्थ’ की पूरी कहानी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मकर संक्रांति के अवसर पर 14 जनवरी 2026 को अपने नए कार्यालय ‘सेवा तीर्थ’ में शिफ्ट हो रहे है।

PMO Learn about 'Seva Teerth
‘सेवा और कर्तव्य’ की थीम पर बना पीएमओ का नया कार्यालय (फाइल फोटो)
locationभारत
userऋषि तिवारी
calendar14 Jan 2026 06:21 PM
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यह कदम सेंट्रल विस्टा पुनर्विकास परियोजना के तहत उठाया गया है, जिसका उद्देश्य प्रशासनिक कार्यप्रणाली को आधुनिक, एकीकृत और अधिक प्रभावी बनाना है। आज़ादी के बाद पहली बार प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) साउथ ब्लॉक से बाहर स्थानांतरित हुआ है।

 1,189 करोड़ की लागत से बना आधुनिक परिसर

बता दें कि ‘सेवा तीर्थ’ परिसर का निर्माण 1,189 करोड़ रुपये की लागत से किया गया है। यह करीब 2,26,203 वर्ग फुट में फैला हुआ है और इसका निर्माण देश की प्रमुख इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनी लार्सन एंड टुब्रो (L&T) ने किया है। यह पूरा परिसर औपनिवेशिक विरासत से बाहर निकलकर नए भारत की प्रशासनिक सोच को दर्शाता है।

तीन इमारतों का संगम है ‘सेवा तीर्थ’

बता दें कि ‘सेवा तीर्थ’ को तीन अलग-अलग लेकिन आपस में जुड़े भवनों में विकसित किया गया है सेवा तीर्थ-1: प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO), सेवा तीर्थ-2: कैबिनेट सचिवालय (सितंबर 2024 में ही शिफ्ट), सेवा तीर्थ-3: राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) और राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद सचिवालय (NSCS) इन तीनों प्रमुख विभागों का एक ही परिसर में होना प्रशासनिक समन्वय, निर्णय प्रक्रिया और सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करेगा।

साउथ और नॉर्थ ब्लॉक बनेंगे म्यूजियम

बता दें कि PMO के शिफ्ट होते ही ऐतिहासिक साउथ ब्लॉक और नॉर्थ ब्लॉक को सार्वजनिक संग्रहालय में बदला जाएगा। इसका नाम ‘युगे युगीन भारत संग्रहालय’ रखा गया है। इसके तकनीकी और डिजाइन विकास के लिए 19 दिसंबर 2024 को फ्रांस की एक म्यूजियम डेवलपमेंट एजेंसी के साथ समझौता किया गया है। यह संग्रहालय भारत की सभ्यता, शासन व्यवस्था और विकास यात्रा को आम जनता के सामने प्रस्तुत होगा।

औपनिवेशिक विरासत से मुक्ति का विजन

‘सेवा तीर्थ’ में पीएमओ का स्थानांतरण प्रधानमंत्री मोदी के उस विजन का हिस्सा है, जिसके तहत औपनिवेशिक प्रतीकों और मानसिकता से मुक्ति पर जोर दिया जा रहा है। इससे पहले राजपथ का नाम बदलकर ‘कर्तव्य पथ’ किया गया था। इसी क्षेत्र में प्रधानमंत्री का नया आवास ‘एग्जीक्यूटिव एन्क्लेव पार्ट-2’ भी निर्माणाधीन है।

आधुनिकता और कार्यकुशलता पर फोकस

सेंट्रल विस्टा परियोजना के तहत कॉमन सेंट्रल सचिवालय (CCS) का निर्माण भी किया जा रहा है, ताकि दिल्ली के अलग-अलग हिस्सों में फैले मंत्रालयों को एक ही जगह लाया जा सके। हाल ही में शुरू हुआ ‘कर्तव्य भवन’ इसका उदाहरण है। ‘सेवा तीर्थ’ इस पूरी योजना का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा माना जा रहा है, जो सेवा और कर्तव्य की थीम पर आधारित है।

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