यह प्रोजेक्ट 2017 में UTTIPEC से सैद्धांतिक मंजूरी पा चुका था, लेकिन वित्तीय स्वीकृति लंबे समय तक अटकी रही। अब हाल ही में मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की अध्यक्षता में हुई व्यय वित्त समिति (EFC) की बैठक में इसे अंतिम मंजूरी मिल गई है।

Delhi News : दिल्ली की आउटर रिंग रोड पर रोजमर्रा के जाम से जूझ रहे लाखों यात्रियों के लिए राहत की उम्मीद मजबूत हुई है। नोएडा, दक्षिण दिल्ली, गुरुग्राम और इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे (IGI) की ओर आने-जाने वाले लोगों को खास तौर पर फायदा मिलने वाला है। दिल्ली सरकार ने मोदी मिल फ्लाईओवर से लेकर आईआईटी गेट (सावित्री सिनेमा) तक करीब 7.2 किलोमीटर लंबे हिस्से के पुनर्विकास और क्षमता विस्तार की लंबे समय से लंबित योजना को मंजूरी दे दी है। परियोजना पूरी होने के बाद इस कॉरिडोर पर ट्रैफिक का दबाव कम होने और सफर का समय घटने की उम्मीद है।
यह मार्ग दक्षिण दिल्ली के कई घनी आबादी वाले और प्रमुख इलाकों से होकर गुजरता है। ग्रेटर कैलाश, मालवीय नगर, सीआर पार्क, चिराग दिल्ली, पम्पोश एन्क्लेव, पश्चिम एन्क्लेव और कालकाजी जैसे क्षेत्रों के बीच से निकलने वाली इस सड़क पर पीक आवर्स ही नहीं, सामान्य समय में भी अक्सर लंबा जाम लग जाता है। अधिकारियों के मुताबिक यहां से रोज़ाना दो लाख से अधिक वाहन गुजरते हैं, जिससे स्थानीय निवासियों के साथ-साथ दूर-दराज से आने वाले यात्रियों को भी भारी दिक्कत होती है। लोक निर्माण विभाग (PWD) के अधिकारियों का कहना है कि सड़क के दोनों ओर रिहायशी कॉलोनियां होने के कारण इसे चौड़ा करना व्यावहारिक नहीं है। वहीं, मरम्मत और बड़े सुधार कार्य भी लंबे समय से लंबित थे। इन्हीं सीमाओं को ध्यान में रखते हुए इस हिस्से के लिए इंटीग्रेटेड रिडेवलपमेंट प्लान तैयार किया गया है, ताकि बिना बड़े भूमि अधिग्रहण के ट्रैफिक प्रवाह बेहतर बनाया जा सके।
योजना के तहत मोदी मिल फ्लाईओवर को आगे बढ़ाकर कालकाजी टेंपल फ्लाईओवर तक विस्तारित करने का प्रस्ताव है। इसके अलावा कालकाजी मंदिर चौराहे पर एक अतिरिक्त ‘हाफ फ्लाईओवर’ बनाया जाएगा। इसी तरह सावित्री सिनेमा चौराहे पर भी अतिरिक्त हाफ फ्लाईओवर प्रस्तावित है, ताकि ट्रैफिक का भार एक ही बिंदु पर न अटके और जाम की स्थिति बार-बार न बने। अधिकारियों के अनुसार, इन कार्यों की कुल अनुमानित लागत करीब ₹371.75 करोड़ है। यह प्रोजेक्ट 2017 में UTTIPEC से सैद्धांतिक मंजूरी पा चुका था, लेकिन वित्तीय स्वीकृति लंबे समय तक अटकी रही। अब हाल ही में मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की अध्यक्षता में हुई व्यय वित्त समिति (EFC) की बैठक में इसे अंतिम मंजूरी मिल गई है।
इस परियोजना का सीधा लाभ दक्षिण दिल्ली के कई हिस्सों को मिलेगा। ग्रेटर कैलाश, चिराग दिल्ली, हौज खास, सफदरजंग, पश्चिम एन्क्लेव, कालकाजी और ईस्ट ऑफ कैलाश जैसे क्षेत्रों में आवागमन ज्यादा सुगम होने की उम्मीद है। साथ ही यह योजना नोएडा–फरीदाबाद–बदरपुर–गुरुग्राम और IGI एयरपोर्ट के बीच कनेक्टिविटी को भी बेहतर कर सकती है। हालांकि इस स्ट्रेच पर पहले से कई जगह एलिवेटेड कॉरिडोर मौजूद हैं, फिर भी बीच-बीच में कई ट्रैफिक सिग्नल वाहनों की रफ्तार को बार-बार रोकते हैं। अधिकारियों का कहना है कि जब यह सड़क विकसित हुई थी, तब ट्रैफिक और आबादी का दबाव आज के मुकाबले काफी कम था। बीते वर्षों में वाहनों की संख्या तेजी से बढ़ी है, जिसके चलते इस हिस्से का समग्र पुनर्विकास अब जरूरी हो गया है।
सरकारी आकलन के मुताबिक, कालकाजी और सावित्री सिनेमा के मौजूदा फ्लाईओवर एक दिशा के ट्रैफिक को तो राहत देते हैं, लेकिन दूसरी दिशा में समानांतर सुविधा सीमित होने से bottleneck बनता है। हाफ फ्लाईओवर इसी कमी को दूर करने के लिए प्रस्तावित हैं, ताकि दोनों तरफ का ट्रैफिक अधिक संतुलित ढंग से आगे बढ़ सके। सरकार के दस्तावेजों में परियोजना का उद्देश्य सुरक्षित और निर्बाध यातायात, जाम में कमी, और यात्रियों के समय व ईंधन की बचत बताया गया है। तय समय पर काम पूरा हुआ, तो आउटर रिंग रोड का यह हिस्सा दिल्ली के अधिक सुचारु ट्रैफिक कॉरिडोरों में गिना जा सकता है। Delhi News