दिल्ली में फर्जी एंबेसी नंबर प्लेट वाली कार के साथ महिला गिरफ्तार
पुलिस ने आरोपी महिला को गिरफ्तार है। जो कि विदेशी एंबेसी की फर्जी नंबर प्लेट लगी इनोवा कार लेकर राजधानी के हाई सिक्योरिटी और डिप्लोमैटिक इलाकों में लगातार आवाजाही कर रही थी। उसका मोबाइल फोन भी जब्त कर लिया गया है।

राजधानी दिल्ली में राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा एक गंभीर मामला सामने आया है। दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने एक महिला को गिरफ्तार किया है, जो विदेशी एंबेसी की फर्जी नंबर प्लेट लगी इनोवा कार लेकर राजधानी के हाई सिक्योरिटी और डिप्लोमैटिक इलाकों में लगातार आवाजाही कर रही थी। पुलिस के मुताबिक, आरोपी महिला कई विदेशी दूतावासों और संवेदनशील क्षेत्रों में बार-बार जाती थी। गणतंत्र दिवस से पहले हुई यह गिरफ्तारी सुरक्षा एजेंसियों के लिए बेहद अहम मानी जा रही है।
वसंत विहार में जाल बिछाकर पकड़ा
पुलिस को इनपुट मिला था कि एक संदिग्ध महिला वसंत विहार इलाके में एंबेसी नंबर प्लेट वाली इनोवा में घूम रही है। इसके बाद क्राइम ब्रांच की एक विशेष टीम ने इलाके में निगरानी शुरू की। सूचना के आधार पर पुलिस टीम ई-ब्लॉक से बी-ब्लॉक की ओर बढ़ी और स्ट्रीट बी-5 में एक इनोवा कार खड़ी मिली।
पुलिस ने मौके पर जाल बिछाया और निगरानी जारी रखी। दोपहर करीब 3:10 बजे एक महिला कार के पास पहुंची, चाबी से कार खोली और ड्राइविंग सीट पर बैठ गई। जैसे ही वह कार स्टार्ट करने लगी, पुलिस टीम ने उसे रोककर पूछताछ शुरू कर दी।
खुद को एंबेसी प्रतिनिधि बताकर करती रही गुमराह
पुलिस के मुताबिक, महिला ने पूछताछ के दौरान खुद को विदेशी एंबेसी की प्रतिनिधि बताया, लेकिन वह न तो एंबेसी का नाम बता सकी और न ही वाहन से जुड़े वैध दस्तावेज दिखा सकी। इसके बाद महिला और कार को एंटी एक्सटॉर्शन एंड किडनैपिंग सेल, सनलाइट कॉलोनी लाया गया, जहां उससे विस्तृत पूछताछ की गई।
नंबर प्लेट बदलकर रची साजिश
बता दें कि पूछताछ में महिला ने स्वीकार किया कि वह फर्जी एंबेसी नंबर प्लेट का इस्तेमाल कर रही थी। आरोपी ने बताया कि उसने नवंबर 2024 में यह इनोवा कार एक विदेशी एंबेसी से खरीदी थी, लेकिन वाहन को अपने नाम पर रजिस्टर नहीं कराया। इसी मामले में संबंधित एंबेसी ने उसके खिलाफ चाणक्यपुरी थाने में शिकायत भी दर्ज कराई थी। शिकायत के बाद आरोपी ने एंबेसी की असली नंबर प्लेट हटाकर वैसी ही दिखने वाली फर्जी नंबर प्लेट बनवा ली। फर्जी प्लेट पर 144 CD 54 लिखा हुआ था, जो राजनयिक वाहनों की तर्ज पर तैयार किया गया था। पुलिस का कहना है कि उसका मकसद जांच से बचना और बिना रोकटोक हाई सिक्योरिटी इलाकों में आना-जाना करना था।
कार से एक और फर्जी नंबर प्लेट भी बरामद
पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि इनोवा कार के अंदर से एक अन्य विदेशी एंबेसी की फर्जी नंबर प्लेट भी बरामद हुई है। इससे आशंका जताई जा रही है कि आरोपी महिला एक से ज्यादा फर्जी नंबर प्लेट का इस्तेमाल कर रही थी। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, इस तरह की गतिविधियों के पीछे किसी बड़े मकसद से इनकार नहीं किया जा सकता। दिल्ली पुलिस ने मामले में भारतीय न्याय संहिता 2023 की धारा 318, 319, 337, 336, 340 और 61(2) के तहत केस दर्ज किया है।
आरोपी का प्रोफाइल भी जांच के घेरे में
पुलिस के अनुसार, आरोपी महिला असम की स्थायी निवासी है और गुवाहाटी में रहती है। वह स्नातक है। महिला खुद को पिछले चार वर्षों से एक राजनीतिक दल की ऑल इंडिया सेक्रेटरी बताती है। आरोपी ने दावा किया है कि वह वर्ष 2023-24 में एक विदेशी एंबेसी में कंसल्टेंट के रूप में एक साल तक काम कर चुकी है और उसे हर महीने करीब 1.5 लाख रुपये का भुगतान मिलता था। इसके अलावा, उसने मेघालय स्थित यूनिवर्सिटी ऑफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी में स्पोर्ट्स गाइड के तौर पर काम करने की बात भी कही है। पुलिस के मुताबिक, फिलहाल महिला विदेशी छात्रों, खासकर अफ्रीकी देशों के छात्रों को यूनिवर्सिटी में दाखिले के लिए कंसल्टेंसी दे रही थी और प्रति छात्र फीस वसूलती थी।
मोबाइल जब्त, संपर्कों की जांच तेज
पुलिस ने आरोपी महिला को गिरफ्तार कर छह दिन की पुलिस रिमांड पर लिया है। उसका मोबाइल फोन भी जब्त कर लिया गया है और डेटा की गहन जांच की जा रही है। पुलिस का कहना है कि महिला के संपर्कों और गतिविधियों की हर एंगल से जांच की जा रही है, ताकि यह पता चल सके कि कहीं वह किसी संगठित गिरोह या देश विरोधी गतिविधि से तो नहीं जुड़ी थी।
पुलिस ने क्या-क्या बरामद किया
पुलिस ने आरोपी के पास से इनॉवा कार, फर्जी एंबेसी नंबर प्लेट लगी कार, दो अतिरिक्त फर्जी नंबर प्लेट, एक मोबाइल फोन और वाहन से जुड़े बिक्री दस्तावेज बरामद किए हैं। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि गणतंत्र दिवस समारोह को देखते हुए यह मामला बेहद संवेदनशील है और जरूरत पड़ने पर अन्य सुरक्षा एजेंसियों को भी जांच में शामिल किया जा सकता है।
राजधानी दिल्ली में राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा एक गंभीर मामला सामने आया है। दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने एक महिला को गिरफ्तार किया है, जो विदेशी एंबेसी की फर्जी नंबर प्लेट लगी इनोवा कार लेकर राजधानी के हाई सिक्योरिटी और डिप्लोमैटिक इलाकों में लगातार आवाजाही कर रही थी। पुलिस के मुताबिक, आरोपी महिला कई विदेशी दूतावासों और संवेदनशील क्षेत्रों में बार-बार जाती थी। गणतंत्र दिवस से पहले हुई यह गिरफ्तारी सुरक्षा एजेंसियों के लिए बेहद अहम मानी जा रही है।
वसंत विहार में जाल बिछाकर पकड़ा
पुलिस को इनपुट मिला था कि एक संदिग्ध महिला वसंत विहार इलाके में एंबेसी नंबर प्लेट वाली इनोवा में घूम रही है। इसके बाद क्राइम ब्रांच की एक विशेष टीम ने इलाके में निगरानी शुरू की। सूचना के आधार पर पुलिस टीम ई-ब्लॉक से बी-ब्लॉक की ओर बढ़ी और स्ट्रीट बी-5 में एक इनोवा कार खड़ी मिली।
पुलिस ने मौके पर जाल बिछाया और निगरानी जारी रखी। दोपहर करीब 3:10 बजे एक महिला कार के पास पहुंची, चाबी से कार खोली और ड्राइविंग सीट पर बैठ गई। जैसे ही वह कार स्टार्ट करने लगी, पुलिस टीम ने उसे रोककर पूछताछ शुरू कर दी।
खुद को एंबेसी प्रतिनिधि बताकर करती रही गुमराह
पुलिस के मुताबिक, महिला ने पूछताछ के दौरान खुद को विदेशी एंबेसी की प्रतिनिधि बताया, लेकिन वह न तो एंबेसी का नाम बता सकी और न ही वाहन से जुड़े वैध दस्तावेज दिखा सकी। इसके बाद महिला और कार को एंटी एक्सटॉर्शन एंड किडनैपिंग सेल, सनलाइट कॉलोनी लाया गया, जहां उससे विस्तृत पूछताछ की गई।
नंबर प्लेट बदलकर रची साजिश
बता दें कि पूछताछ में महिला ने स्वीकार किया कि वह फर्जी एंबेसी नंबर प्लेट का इस्तेमाल कर रही थी। आरोपी ने बताया कि उसने नवंबर 2024 में यह इनोवा कार एक विदेशी एंबेसी से खरीदी थी, लेकिन वाहन को अपने नाम पर रजिस्टर नहीं कराया। इसी मामले में संबंधित एंबेसी ने उसके खिलाफ चाणक्यपुरी थाने में शिकायत भी दर्ज कराई थी। शिकायत के बाद आरोपी ने एंबेसी की असली नंबर प्लेट हटाकर वैसी ही दिखने वाली फर्जी नंबर प्लेट बनवा ली। फर्जी प्लेट पर 144 CD 54 लिखा हुआ था, जो राजनयिक वाहनों की तर्ज पर तैयार किया गया था। पुलिस का कहना है कि उसका मकसद जांच से बचना और बिना रोकटोक हाई सिक्योरिटी इलाकों में आना-जाना करना था।
कार से एक और फर्जी नंबर प्लेट भी बरामद
पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि इनोवा कार के अंदर से एक अन्य विदेशी एंबेसी की फर्जी नंबर प्लेट भी बरामद हुई है। इससे आशंका जताई जा रही है कि आरोपी महिला एक से ज्यादा फर्जी नंबर प्लेट का इस्तेमाल कर रही थी। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, इस तरह की गतिविधियों के पीछे किसी बड़े मकसद से इनकार नहीं किया जा सकता। दिल्ली पुलिस ने मामले में भारतीय न्याय संहिता 2023 की धारा 318, 319, 337, 336, 340 और 61(2) के तहत केस दर्ज किया है।
आरोपी का प्रोफाइल भी जांच के घेरे में
पुलिस के अनुसार, आरोपी महिला असम की स्थायी निवासी है और गुवाहाटी में रहती है। वह स्नातक है। महिला खुद को पिछले चार वर्षों से एक राजनीतिक दल की ऑल इंडिया सेक्रेटरी बताती है। आरोपी ने दावा किया है कि वह वर्ष 2023-24 में एक विदेशी एंबेसी में कंसल्टेंट के रूप में एक साल तक काम कर चुकी है और उसे हर महीने करीब 1.5 लाख रुपये का भुगतान मिलता था। इसके अलावा, उसने मेघालय स्थित यूनिवर्सिटी ऑफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी में स्पोर्ट्स गाइड के तौर पर काम करने की बात भी कही है। पुलिस के मुताबिक, फिलहाल महिला विदेशी छात्रों, खासकर अफ्रीकी देशों के छात्रों को यूनिवर्सिटी में दाखिले के लिए कंसल्टेंसी दे रही थी और प्रति छात्र फीस वसूलती थी।
मोबाइल जब्त, संपर्कों की जांच तेज
पुलिस ने आरोपी महिला को गिरफ्तार कर छह दिन की पुलिस रिमांड पर लिया है। उसका मोबाइल फोन भी जब्त कर लिया गया है और डेटा की गहन जांच की जा रही है। पुलिस का कहना है कि महिला के संपर्कों और गतिविधियों की हर एंगल से जांच की जा रही है, ताकि यह पता चल सके कि कहीं वह किसी संगठित गिरोह या देश विरोधी गतिविधि से तो नहीं जुड़ी थी।
पुलिस ने क्या-क्या बरामद किया
पुलिस ने आरोपी के पास से इनॉवा कार, फर्जी एंबेसी नंबर प्लेट लगी कार, दो अतिरिक्त फर्जी नंबर प्लेट, एक मोबाइल फोन और वाहन से जुड़े बिक्री दस्तावेज बरामद किए हैं। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि गणतंत्र दिवस समारोह को देखते हुए यह मामला बेहद संवेदनशील है और जरूरत पड़ने पर अन्य सुरक्षा एजेंसियों को भी जांच में शामिल किया जा सकता है।












