Noida News: नोएडा उत्तर प्रदेश का प्रसिद्ध शहर है। हर कोई नोएडा के विषय में जानना चाहता है। यहां नोएडा के प्रतिदिन के सभी समाचार अखबारों के हवाले से हम समाचार प्रकाशित करते हैं। नोएडा शहर से प्रकाशित होने वाले समाचार पत्रों में 13 फरवरी को क्या खास समाचार प्रकाशित हुए हैं यहां एक साथ पढऩे को मिलेंगे।
Noida News: समाचार अमर उजाला से
अमर उजाला अखबार ने अपने नोएडा संस्करण में मुख्य समाचार “एमआरआई के लिए बच्चे को दो बार दिया एनेस्थीसिया, मौत” शीर्षक से प्रकाशित किया है। इस समाचार में बताया गया है कि बोटा-2 कोतवाली क्षेत्र के सेक्टर पी-3 स्थित केबी हेल्थ केयर लैब में एमआरआई जांच के दौरान छह साल के बच्चे की मौत हो गई। परिजनों का आरोप है कि डॉक्टर ने बच्चे को बेहोश करने वाली दवा (एनेस्थीसिया) दो बार दी थी। काफी देर तक होश नहीं आने पर आरोपी डॉक्टर बच्चे को लेकर अस्पताल पहुंचा। परिजनों ने अस्पताल में हंगामा किया। दिन भर धरना दिया। कार्रवाई के आश्वासन पर धरना समाप्त किया। पुलिस ने बच्चे के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा है। मामले में आरोपी डॉक्टर समेत दो को हिरासत में लिया गया है।
दनकौर कोतवाली क्षेत्र के रीलखा गांव निवासी प्रशांत ने पुलिस को शिकायत दी कि उनके छह साल के भतीजे गर्व कसाना उर्फ चीकू को काफी समय से दौरा पड़ने की समस्या थी। सेक्टर गामा-2 स्थित निजी अस्पताल में उसका इलाज चल रहा था। कुछ दिन भर्ती रहने के बाद बच्चा ठीक हो गया। डॉक्टर ने एमआरआई और दिमाग की जांच कराने को कहा था। बृहस्पतिवार को परिजन बच्चे को लेकर सेक्टर पी-3 स्थित केबी हेल्थ केयर लैब पहुंचे थे।
आरोप है कि सुबह एनेस्थीसिया के डॉक्टर को बुलाया गया। बच्चे को बेहोशी की दवा देने के बाद एमआरआई की गई। इस बीच बच्चे को दो बार दवा दी गई। इससे मात्रा अधिक हो गई। एमआरआई के बाद बच्चे को बाहर लाया गया लेकिन काफी देर तक वह होश में नहीं आया। पूछने पर डॉक्टर दवा का असर होने की बात कहते रहे। काफी देर तक होश नहीं आने पर डॉक्टर बच्चे को लेकर अस्पताल पहुंचा। वहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। इसके बाद परिजन हंगामा करने लगे फिर किसान यूनियन के कार्यकर्ताओं के साथ धरना शुरू कर दिया। सूचना पर पहुंची बीटा-2 कोतवाली पुलिस ने कार्रवाई का आश्वासन देकर परिजनों को शांत कराया। कोतवाली प्रभारी विनोद कुमार का कहना है कि शिकायत पर जांच की जा रही है। पीएम रिपोर्ट में मौत का कारण स्पष्ट होगा।
Noida News:
अमर उजाला अखबार ने अपने नोएडा संस्करण में मुख्य समाचार “सीएम की जनसभा और सेमीकंडक्टर यूनिट के शिलान्यास की तैयारियां शुरू” शीर्षक से प्रकाशित किया है। इस समाचार में बताया गया है कि औद्योगिक सेक्टर-28 में सेमीकंडक्टर यूनिट के शिलान्यास और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की जनसभा की तैयारी शुरू हो गई है। यमुना प्राधिकरण और गौतमबुद्ध नगर पुलिस व प्रशासन की टीम इसमें जुट गई है। बृहस्पतिवार सुबह सीईओ राकेश कुमार सिंह समेत प्राधिकरण, एचसीएल-फॉक्सकॉन कंपनी के अधिकारियों और कर्मियों की टीम मौके पर पहुंची।
यमुना सिटी के सेक्टर-28 में फॉक्सकॉन-एचसीएल कंपनी की ओर से स्थापित की जाने वाली यूनिट की 21 फरवरी को आधारशिला रखी जाती है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सभा को ऑनलाइन संबोधित करेंगे। सीएम के कार्यक्रम की जानकारी पर बृहस्पतिवार सुबह ही यमुना प्राधिकरण, पुलिस-प्रशासन के अलावा एचसीएल और फॉक्सकॉन कंपनी के अधिकारियों और कर्मियों की टीमें पहुंच गई। पहुंच गई। यमुना प्राधिकरण ने सेक्टर-28 में करीब 48 एकड़ भूमि एचसीएल और फॉक्सकॉन के संयुक्त उपक्रम वामा सुंदरी को सेमीकंडक्टर यूनिट लगाने के लिए आवंटित की है। इस दौरान यमुना प्राधिकरण की टीम जहां आस-पास की सड़कों को दुरुस्त करने में जुट गई। सड़कों के किनारे गड्ढों को मिट्टी डालकर भरा जा रहा है। वहीं, आस-पास लगी झाड़ियों को हटाया गया। एचसीएल और फॉक्सकॉन की टीमों ने भूमि की नपाई और जेसीबी से कार्यक्रम स्थल को समतल करना शुरू कर दिया है। इसके अलावा आधारशिला स्थल को भी तैयार किया जा रहा है। इस दौरान प्राधिकरण के महाप्रबंधक परियोजना राजेंद्र भाटी, एसीपी जेवर सार्थक सेंगर, थाना प्रभारी श्याम बाबू शुक्ला आदि पुलिस बल मौजूद रहा। औद्योगिक सेक्टर में उत्तर भारत की पहली सेमीकंडक्टर यूनिट लगने के दौरान 21 फरवरी की शाम को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव की जनसभा होगी।
Hindi News:
अमर उजाला ने 13 फरवरी 2026 के अंक में प्रमुख समाचार “खड़ी कार नाले में गिरी, कोई हताहत नहीं” शीर्षक से प्रकाशित किया है। इस समाचार में बताया गया है कि सेक्टर-70 स्थित बसई गांव के पास बृहस्पतिवार देर रात खड़ी कार एक खुले नाले में गिर गई। गनीमत रही कि कार में कोई नहीं था जिससे बड़ी घटना होने से बच गई। पुलिस ने स्थानीय लोगों की मदद से कार को बाहर निकाला। पुलिस के मुताबिक बसई गांव के पास शराब के ठेके के पास कार सवार कार छोड़कर सामान लेने गया था तभी कार खिसक कर नाले में गिर गई। स्थानीय लोगों का कहना है कि सेक्टर-150 में हुई घटना के बाद भी प्राधिकरण खुले नालों को ढंकने को लेकर कोई कार्रवाई नहीं कर रहा है, जबकि आसपास के लोगों ने कई बार प्राधिकरण से इसकी शिकायत भी की है। कोतवाली फेस-3 के प्रभारी निरीक्षक पुनीत सिंह ने बताया कि कार खिसककर नाले में चली गई थी और इसमें कोई घायल नहीं हुआ है।
Noida News: समाचार दैनिक जागरण से
दैनिक जागरण के नोएडा संस्करण में 13 फरवरी 2026 का प्रमुख समाचार “एसटीएफ ने 14 साल से फरार 50 हजार के इनामी डकैत को धरा” शीर्षक से प्रकाशित किया गया है। इस समाचार में बताया गया है कि एसटीएफ नोएडा के टीम ने कई राज्यों में डकैती की वारदात अंजाम देने वाले 50 हजार के इनामी डकैत को गिरफ्तार किया है। डकैत की पहचान अमित उर्फ अंकित उर्फ राजू उर्फ राहुल निवासी फुरोना, थाना फरोना, जनपद मधुबनी, बिहार के रूप में हुई है। उसके खिलाफ यूपी के गाजियाबाद, पश्चिम बंगाल, दिल्ली और मुंबई में डकैती के मामले दर्ज हैं। एसटीएफ के अधिकारियों ने बताया कि गजियाबाद में 23 दिसंबर 2012 को अमित के खिलाफ मामला दर्ज किया गया था। इस मामले में एसटीएफ को उसकी तलाश थी। पता चला कि आरोपित नाम व पता बदलकर भिन्न भिन्न स्थानों पर रहता है। मधुबनी के कस्बा खुटोना में छिपे होने की सूचना पर हिरासत में लेकर पूछताछ के लिए गाजियाबाद के कविनगर थाने लाया गया। बदमाश ने बताया कक्षा नौ के बाद पढ़ाई छोड़कर गांव निवासी सुधीर के साथ मुंबई चला गया था। वहां उसकी मुलाकात अशोक मंडल से हुई, उसने जुहू के एक मकान में काम दिलवा दिया था। मकान मालिक की गैरमौजूदगी में अमित और अशोक घर से तीन लाख के गहने चुरा ले गए थे। दोनों पर जुहू वेस्ट में मामला दर्ज जेल भेजा गया था। आठ माह बाद जेल से आने के बाद कविनगर क्षेत्र में एक मकान में घुसकर 50 लाख की नकदी व गहने चुरा ले गए थे। 2015 में दिल्ली के नारायणा के एक घर से आठ लाख की डकैती, न्यू फ्रेंड्स कालोनी क्षेत्र में एक अन्य मकान में डकैती की वारदात अंजाम दी। इन वारदात में दो आरोपित पकड़े गए थे। जबकि आरोपित अमित कोलकता भाग गया था। वहां वर्ष 2017 में साथी प्रदीप के साथ पांच लाख की डकैती की। पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार कर जेल भेजा था। वर्ष 2024 में जेल से छूटने के बाद साथी गुड्डू के पास नोएडा में रहने लगा। यहां 22 फरवरी 2025 को सेक्टर 61 में साथियों के साथ गृह स्वामी को बंधकर बनाकर नकदी व गहने लूट ले गया था।
दैनिक जागरण के नोएडा संस्करण में प्रमुख समाचार “दवा कारोबारी की कार लेकर भागा जानकार, केस दर्ज” शीर्षक से प्रकाशित किया गया है। इस समाचार में बताया गया है कि फेज तीन थाना क्षेत्र में दवा कारोबारी की कार को जानकार विदेशी नागरिक लेकर भाग गया। आरोपित का कारोबारी के पास दवा के सिलसिले में आना-जाना लगा रहता था। उसने मदद के नाम पर कार मांगी थी, लेकिन करीब सवा साल बाद भी कारोबारी को कार वापस नहीं मिल पाई है। कारोबारी ने कोर्ट के आदेश पर फेज तीन थाने में जानकार के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया है। नोएडा सेक्टर 21 जलवायु विहार के रहने वाले लाल नारायण प्रताप सेक्टर 66 में दवाई का काम करते हैं। लाल नारायण की कंबोडिया के कन्हेक्लांग चोरे के रहने वाला तचरिथिरिया उर्फ एल्विन से जान पहचान थी। वह नोएडा सेक्टर 70 पर किराये पर रहता था। लाल नारायण के पास दवाई लेने के लिए आता-जाता रहता था। आरोप है कि एल्विन नवंबर 2024 में उनके पास आया। उसने 15 दिन के लिए कार की सख्त जरूरत होना बताया था। लाल नारायण ने मदद के तौर पर कार एल्विन को दे दी। कुछ दिनों बाद कार वापस मांगी तो उसने फोन उठाना बंद कर दिया। घर जाकर जानकारी की तो पता चला कि वह कमरा खाली कर चला गया है। आरोपित ने अभी तक कार नहीं लौटाई है। पीडित ने पुलिस से शिकायत की। एसीपी उमेश कुमार ने बताया कि कारोबारी की शिकायत पर कोर्ट के आदेश पर आरोपित के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। आगे कार्रवाई की जाएगी।
दैनिक जागरण के नोएडा संस्करण में 13 फरवरी का प्रमुख समाचार “नोएडा से भागकर अलीगढ़ काल सरसेंटर खोलने की थी योजना” शीर्षक से प्रकाशित किया गया है। इस समाचार में बताया गया है कि साइबर क्राइम और सेक्टर 126 थाना पुलिस ने सेक्टर 132 से बुधवार को पकड़े फर्जी काल सेंटर मामले में पता चला है कि आरोपित अलीगढ़ भागने वाले थे। वहां पर जाकर काल सेंटर खोलकर लोगों को ठगने की योजना थी, लेकिन पुलिस ने पहले ही दबोच लिया। आरोपितों के दो साथी फैज और शाहिल उर्फ सचिन अभी भी फरार हैं। पुलिस टीम आरोपितों की तलाश में जुटी है। अन्य पहलुओं पर जांच कर रही है। नोएडा पुलिस की जांच में सामने आया है कि गिरफ्तार सैफ वारिश और फरार फैज आपस में भाई हैं। सरगना राहुल के निर्देशन में दोनों भाई ही नौकरी की तलाश करने वाले लोगों का डाटा एकत्रित करते थे। फिर 80-80 लोगों का डाटा साथियों को दिया जाता था। काम के हिसाब से साथी काल करते थे। दोनों भाई ही ठगी की रकम का लेखा-जोखा रखते थे। ठगी से प्राप्त नकंद रकम सीडीएम मशीन से जमा कराया जाता था। उधर, कंपनी में विशाल और राहुल प्रोपराइटर हैं। आरोपितों की कंपनी का किसी क्रूजशिप कंपनी से कोई संबंध नहीं है। ऐसे करते थे ठगी : आरोपितों से पूछताछ में पता चला है कि आरोपितों ने सितंबर 2025 में फेसबुक पर पेज बनाया था। वहां ग्रुप से जुड़ने और कालिंग का विकल्प दिया हुआ था। इस पर क्लिक करते हुए लोग आरोपितों के संपर्क में आ जाते थे। इच्छुक लोगों को कार्यालय में बुलाते थे। फिर काउंसलिंग कर नौकरी के लिए तैयार करते थे। फिर लोगों को पंजीकरण कराकर क्रूज शिप, कार्गोशिप, इंजन कार्गो आदि पर नौकरी के लिए ट्रेनिंग कराने और प्लेसमेंट कराने के नाम पर 1.20 लाख रुपये रकम ऐंठते थे। बैंक खातों का एक्सेस सैफ वारिश और फैज के पास है। दोनों ही मिलकर संचालन करते हैं, लेकिन ठगी की रकम सभी में बराबर बंटती थी।
यह है मामला पानी के जहाज पर नौकरी दिलाने वाले काल सेंटर का साइबर क्राइम और सेक्टर 126 थाना पुलिस ने संयुक्त रूप से पर्दाफाश किया। सरगना समेत चार आरोपितों को बुधवार को सेक्टर 132 से दबोचा। आरोपितों की पहचान नोएडा के नगली गांव के राहुल, नोएडा सेक्टर 22 के प्रशांत, गौतमबुद्ध नगर जेवर के होली चौक के विशाल शर्मा और कानपुर नगर के हैरिशगंज रेल बाजार के सैफ वारिश के रूप में हुई थी। इनसे तीन लैपटाप, सात मोबाइल, 26 कालिंग डाटाशीट, 21 लेटर और बैंकिंग दस्तावेज बरामद रजिस्टर, चार मोहर, चार ज्वाइनिंग हुए थे। एक साल से सक्रिय गिरोह 500 लोगों से तीन करोड़ रुपये से ज्यादा की ठगी कर चुके हैं। बैंक खाते पर एनसीआरपी पर दो शिकायत दर्ज हैं।
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