ईरान में आर्थिक संकट पर हालात बिगड़े, हिंसा में 6 की मौत
अधिकारियों के हवाले से कहा जा रहा है कि ये मौतें तीन ऐसे शहरों में हुईं जहां लुर समुदाय की आबादी अधिक है। राजधानी तेहरान में प्रदर्शन फिलहाल कुछ हद तक शांत दिखे, लेकिन देश के अन्य हिस्सों में आंदोलन की तीव्रता बढ़ती जा रही है।

Iran Protest : ईरान में आर्थिक बदहाली, बढ़ती महंगाई और बेरोजगारी के खिलाफ शुरू हुए विरोध प्रदर्शन अब राजधानी तेहरान की सीमाओं से बाहर निकलकर कई प्रांतों और ग्रामीण इलाकों तक फैलते जा रहे हैं। गुरुवार को हालात उस वक्त और गंभीर हो गए जब सुरक्षा बलों और प्रदर्शनकारियों के बीच हुई झड़पों में कम से कम 6 लोगों की मौत की खबर सामने आई। रिपोर्टों के मुताबिक एक मौत बुधवार को हुई, जबकि गुरुवार को 5 लोगों ने जान गंवाई। यह घटनाक्रम इसलिए भी अहम माना जा रहा है क्योंकि 2022 के बड़े आंदोलन के बाद मौजूदा प्रदर्शनों के दौरान यह पहली बार है जब मौतों की पुष्टि हुई है। इससे संकेत मिल रहे हैं कि सरकार स्थिति को नियंत्रित करने के लिए कड़ा रुख अपना सकती है। अधिकारियों के हवाले से कहा जा रहा है कि ये मौतें तीन ऐसे शहरों में हुईं जहां लुर समुदाय की आबादी अधिक है। राजधानी तेहरान में प्रदर्शन फिलहाल कुछ हद तक शांत दिखे, लेकिन देश के अन्य हिस्सों में आंदोलन की तीव्रता बढ़ती जा रही है।
2022 के बाद सबसे बड़ा उभार?
विश्लेषकों के मुताबिक यह 2022 के बाद ईरान में सबसे बड़े विरोध प्रदर्शनों में गिना जा रहा है। तब महसा अमीनी की पुलिस हिरासत में मौत के बाद देशभर में व्यापक आंदोलन हुआ था। मौजूदा प्रदर्शन अभी उतने व्यापक या उग्र नहीं बताए जा रहे, लेकिन इसका स्वर धीरे-धीरे सत्ता-विरोधी होता जा रहा है—और यही सरकार के लिए चिंता का संकेत माना जा रहा है।
लोरेस्तान के अजना में सबसे ज्यादा टकराव
सबसे अधिक हिंसा लोरेस्तान प्रांत के अजना शहर में देखने को मिली। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में सड़कों पर आगजनी, गोली चलने जैसी आवाजें और “शर्म करो” जैसे नारे सुनाई देने का दावा किया जा रहा है। अर्ध-सरकारी फार्स न्यूज एजेंसी ने अजना में तीन लोगों की मौत की बात कही है। दिलचस्प पहलू यह भी रहा कि सरकारी मीडिया ने इन घटनाओं पर बेहद सीमित जानकारी साझा की। माना जा रहा है कि 2022 के आंदोलन की रिपोर्टिंग करने वाले कई पत्रकारों की गिरफ्तारी के बाद मीडिया में बढ़ी सावधानी और दबाव भी सूचना-प्रवाह कम होने की एक बड़ी वजह हो सकती है। Iran Protest
Iran Protest : ईरान में आर्थिक बदहाली, बढ़ती महंगाई और बेरोजगारी के खिलाफ शुरू हुए विरोध प्रदर्शन अब राजधानी तेहरान की सीमाओं से बाहर निकलकर कई प्रांतों और ग्रामीण इलाकों तक फैलते जा रहे हैं। गुरुवार को हालात उस वक्त और गंभीर हो गए जब सुरक्षा बलों और प्रदर्शनकारियों के बीच हुई झड़पों में कम से कम 6 लोगों की मौत की खबर सामने आई। रिपोर्टों के मुताबिक एक मौत बुधवार को हुई, जबकि गुरुवार को 5 लोगों ने जान गंवाई। यह घटनाक्रम इसलिए भी अहम माना जा रहा है क्योंकि 2022 के बड़े आंदोलन के बाद मौजूदा प्रदर्शनों के दौरान यह पहली बार है जब मौतों की पुष्टि हुई है। इससे संकेत मिल रहे हैं कि सरकार स्थिति को नियंत्रित करने के लिए कड़ा रुख अपना सकती है। अधिकारियों के हवाले से कहा जा रहा है कि ये मौतें तीन ऐसे शहरों में हुईं जहां लुर समुदाय की आबादी अधिक है। राजधानी तेहरान में प्रदर्शन फिलहाल कुछ हद तक शांत दिखे, लेकिन देश के अन्य हिस्सों में आंदोलन की तीव्रता बढ़ती जा रही है।
2022 के बाद सबसे बड़ा उभार?
विश्लेषकों के मुताबिक यह 2022 के बाद ईरान में सबसे बड़े विरोध प्रदर्शनों में गिना जा रहा है। तब महसा अमीनी की पुलिस हिरासत में मौत के बाद देशभर में व्यापक आंदोलन हुआ था। मौजूदा प्रदर्शन अभी उतने व्यापक या उग्र नहीं बताए जा रहे, लेकिन इसका स्वर धीरे-धीरे सत्ता-विरोधी होता जा रहा है—और यही सरकार के लिए चिंता का संकेत माना जा रहा है।
लोरेस्तान के अजना में सबसे ज्यादा टकराव
सबसे अधिक हिंसा लोरेस्तान प्रांत के अजना शहर में देखने को मिली। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में सड़कों पर आगजनी, गोली चलने जैसी आवाजें और “शर्म करो” जैसे नारे सुनाई देने का दावा किया जा रहा है। अर्ध-सरकारी फार्स न्यूज एजेंसी ने अजना में तीन लोगों की मौत की बात कही है। दिलचस्प पहलू यह भी रहा कि सरकारी मीडिया ने इन घटनाओं पर बेहद सीमित जानकारी साझा की। माना जा रहा है कि 2022 के आंदोलन की रिपोर्टिंग करने वाले कई पत्रकारों की गिरफ्तारी के बाद मीडिया में बढ़ी सावधानी और दबाव भी सूचना-प्रवाह कम होने की एक बड़ी वजह हो सकती है। Iran Protest












