जिद्दी ट्रंप सुप्रीम कोर्ट की बात मनाने को भी नहीं है तैयार, लगाया नया टैरिफ
Trump Tariff: अमेरिका में ट्रेड पॉलिसी को लेकर बड़ा अपडेट आया है। अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने ट्रंप द्वारा लागू किए गए कई टैरिफ को गैर-कानूनी करार दिया है। इसके बावजूद ट्रंप झुकने को तैयार नहीं हैं। उन्होंने नए एग्जीक्यूटिव ऑर्डर पर साइन किया।

अमेरिका में ट्रेड नीति को लेकर एक बार फिर सुर्खियां बनी हैं। अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने राष्ट्रपति Donald Trump द्वारा कई देशों पर लागू किए गए टैरिफ को गैर-कानूनी करार दिया है। 6-3 के बहुमत से सुनाए गए फैसले में चीफ जस्टिस जॉन रॉबर्ट्स ने कहा कि ट्रंप ने अपने अधिकार का गलत इस्तेमाल करते हुए बड़े लेवी लगाए। हालांकि, ट्रंप सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद भी झुकने को तैयार नहीं हैं और उन्होंने नए टैरिफ लगाने का आदेश दे दिया है।
150 दिनों के लिए नए टैरिफ लागू
ट्रंप ने शुक्रवार देर रात एक एग्जीक्यूटिव ऑर्डर पर साइन किया। इसके तहत ट्रेड एक्ट 1974 के सेक्शन 122 के तहत मंगलवार (24 जनवरी) से 150 दिनों के लिए नए टैरिफ लागू किए जाएंगे। इसके मुताबिक अमेरिका में आने वाले इंपोर्ट पर मौजूदा रेट के अलावा 10 प्रतिशत का अतिरिक्त टैरिफ लगेगा। यह कदम इंटरनेशनल इमरजेंसी इकोनॉमिक पावर्स एक्ट 1977 के तहत लगाए गए पुराने टैरिफ को कुछ हद तक रिप्लेस करेगा जिसे सुप्रीम कोर्ट ने गैर-कानूनी घोषित कर दिया था।
अंतरराष्ट्रीय व्यापार पर पड़ सकता है भारी असर
ट्रेड एक्ट 1974 का सेक्शन 122 अमेरिकी राष्ट्रपति को 15 प्रतिशत तक के इंपोर्ट सरचार्ज, इंपोर्ट कोटा या दोनों मिलाकर बड़े और गंभीर बैलेंस-ऑफ-पेमेंट घाटे को दूर करने का अधिकार देता है। ट्रंप के इस फैसले से अंतरराष्ट्रीय व्यापार और वैश्विक सप्लाई चेन पर असर पड़ने की संभावना जताई जा रही है।
भारत के साथ व्यापार डील में कोई बदलाव नहीं
भारत पर इसका सीधा असर ट्रेड डील और टैरिफ पर होगा। ट्रंप ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद भारत के साथ व्यापार डील में कोई बदलाव नहीं हुआ है। उन्होंने स्पष्ट किया कि भारत को टैरिफ देना होगा और अमेरिका अपने टैरिफ नहीं घटाएगा। इसके बावजूद भारत और अमेरिका के बीच साइन होने वाले अंतरिम व्यापार समझौते के तहत अमेरिका भारतीय सामानों पर रेसिप्रोकल टैरिफ को घटाकर 18 प्रतिशत करेगा। वहीं, भारत अमेरिकी निर्यात के लिए टैरिफ में कमी करने और रेगुलेटरी आसानियों के लिए प्रतिबद्ध है।
50 प्रतिशत तक बढ़ा था टैरिफ
इसके अलावा अमेरिका ने रूस से तेल खरीद को लेकर भारत पर लगाया गया अतिरिक्त 25 प्रतिशत टैरिफ 7 फरवरी 2026 से हटा दिया है। अगस्त 2025 में यह अतिरिक्त टैरिफ लगाया गया था जिसके कारण भारत से अमेरिका जाने वाले सामान पर कुल टैरिफ 50 प्रतिशत तक बढ़ गया था। यह कदम भारत-अमेरिका व्यापार रिश्तों को संतुलित करने के लिए उठाया गया है।
अमेरिका में ट्रेड नीति को लेकर एक बार फिर सुर्खियां बनी हैं। अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने राष्ट्रपति Donald Trump द्वारा कई देशों पर लागू किए गए टैरिफ को गैर-कानूनी करार दिया है। 6-3 के बहुमत से सुनाए गए फैसले में चीफ जस्टिस जॉन रॉबर्ट्स ने कहा कि ट्रंप ने अपने अधिकार का गलत इस्तेमाल करते हुए बड़े लेवी लगाए। हालांकि, ट्रंप सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद भी झुकने को तैयार नहीं हैं और उन्होंने नए टैरिफ लगाने का आदेश दे दिया है।
150 दिनों के लिए नए टैरिफ लागू
ट्रंप ने शुक्रवार देर रात एक एग्जीक्यूटिव ऑर्डर पर साइन किया। इसके तहत ट्रेड एक्ट 1974 के सेक्शन 122 के तहत मंगलवार (24 जनवरी) से 150 दिनों के लिए नए टैरिफ लागू किए जाएंगे। इसके मुताबिक अमेरिका में आने वाले इंपोर्ट पर मौजूदा रेट के अलावा 10 प्रतिशत का अतिरिक्त टैरिफ लगेगा। यह कदम इंटरनेशनल इमरजेंसी इकोनॉमिक पावर्स एक्ट 1977 के तहत लगाए गए पुराने टैरिफ को कुछ हद तक रिप्लेस करेगा जिसे सुप्रीम कोर्ट ने गैर-कानूनी घोषित कर दिया था।
अंतरराष्ट्रीय व्यापार पर पड़ सकता है भारी असर
ट्रेड एक्ट 1974 का सेक्शन 122 अमेरिकी राष्ट्रपति को 15 प्रतिशत तक के इंपोर्ट सरचार्ज, इंपोर्ट कोटा या दोनों मिलाकर बड़े और गंभीर बैलेंस-ऑफ-पेमेंट घाटे को दूर करने का अधिकार देता है। ट्रंप के इस फैसले से अंतरराष्ट्रीय व्यापार और वैश्विक सप्लाई चेन पर असर पड़ने की संभावना जताई जा रही है।
भारत के साथ व्यापार डील में कोई बदलाव नहीं
भारत पर इसका सीधा असर ट्रेड डील और टैरिफ पर होगा। ट्रंप ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद भारत के साथ व्यापार डील में कोई बदलाव नहीं हुआ है। उन्होंने स्पष्ट किया कि भारत को टैरिफ देना होगा और अमेरिका अपने टैरिफ नहीं घटाएगा। इसके बावजूद भारत और अमेरिका के बीच साइन होने वाले अंतरिम व्यापार समझौते के तहत अमेरिका भारतीय सामानों पर रेसिप्रोकल टैरिफ को घटाकर 18 प्रतिशत करेगा। वहीं, भारत अमेरिकी निर्यात के लिए टैरिफ में कमी करने और रेगुलेटरी आसानियों के लिए प्रतिबद्ध है।
50 प्रतिशत तक बढ़ा था टैरिफ
इसके अलावा अमेरिका ने रूस से तेल खरीद को लेकर भारत पर लगाया गया अतिरिक्त 25 प्रतिशत टैरिफ 7 फरवरी 2026 से हटा दिया है। अगस्त 2025 में यह अतिरिक्त टैरिफ लगाया गया था जिसके कारण भारत से अमेरिका जाने वाले सामान पर कुल टैरिफ 50 प्रतिशत तक बढ़ गया था। यह कदम भारत-अमेरिका व्यापार रिश्तों को संतुलित करने के लिए उठाया गया है।












