जिद्दी ट्रंप सुप्रीम कोर्ट की बात मनाने को भी नहीं है तैयार, लगाया नया टैरिफ

Trump Tariff: अमेरिका में ट्रेड पॉलिसी को लेकर बड़ा अपडेट आया है। अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने ट्रंप द्वारा लागू किए गए कई टैरिफ को गैर-कानूनी करार दिया है। इसके बावजूद ट्रंप झुकने को तैयार नहीं हैं। उन्होंने नए एग्जीक्यूटिव ऑर्डर पर साइन किया।

Donald Trump
ट्रंप टैरिफ
locationभारत
userअसमीना
calendar21 Feb 2026 12:08 PM
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अमेरिका में ट्रेड नीति को लेकर एक बार फिर सुर्खियां बनी हैं। अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने राष्ट्रपति Donald Trump द्वारा कई देशों पर लागू किए गए टैरिफ को गैर-कानूनी करार दिया है। 6-3 के बहुमत से सुनाए गए फैसले में चीफ जस्टिस जॉन रॉबर्ट्स ने कहा कि ट्रंप ने अपने अधिकार का गलत इस्तेमाल करते हुए बड़े लेवी लगाए। हालांकि, ट्रंप सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद भी झुकने को तैयार नहीं हैं और उन्होंने नए टैरिफ लगाने का आदेश दे दिया है।

150 दिनों के लिए नए टैरिफ लागू

ट्रंप ने शुक्रवार देर रात एक एग्जीक्यूटिव ऑर्डर पर साइन किया। इसके तहत ट्रेड एक्ट 1974 के सेक्शन 122 के तहत मंगलवार (24 जनवरी) से 150 दिनों के लिए नए टैरिफ लागू किए जाएंगे। इसके मुताबिक अमेरिका में आने वाले इंपोर्ट पर मौजूदा रेट के अलावा 10 प्रतिशत का अतिरिक्त टैरिफ लगेगा। यह कदम इंटरनेशनल इमरजेंसी इकोनॉमिक पावर्स एक्ट 1977 के तहत लगाए गए पुराने टैरिफ को कुछ हद तक रिप्लेस करेगा जिसे सुप्रीम कोर्ट ने गैर-कानूनी घोषित कर दिया था।

अंतरराष्ट्रीय व्यापार पर पड़ सकता है भारी असर

ट्रेड एक्ट 1974 का सेक्शन 122 अमेरिकी राष्ट्रपति को 15 प्रतिशत तक के इंपोर्ट सरचार्ज, इंपोर्ट कोटा या दोनों मिलाकर बड़े और गंभीर बैलेंस-ऑफ-पेमेंट घाटे को दूर करने का अधिकार देता है। ट्रंप के इस फैसले से अंतरराष्ट्रीय व्यापार और वैश्विक सप्लाई चेन पर असर पड़ने की संभावना जताई जा रही है।

भारत के साथ व्यापार डील में कोई बदलाव नहीं

भारत पर इसका सीधा असर ट्रेड डील और टैरिफ पर होगा। ट्रंप ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद भारत के साथ व्यापार डील में कोई बदलाव नहीं हुआ है। उन्होंने स्पष्ट किया कि भारत को टैरिफ देना होगा और अमेरिका अपने टैरिफ नहीं घटाएगा। इसके बावजूद भारत और अमेरिका के बीच साइन होने वाले अंतरिम व्यापार समझौते के तहत अमेरिका भारतीय सामानों पर रेसिप्रोकल टैरिफ को घटाकर 18 प्रतिशत करेगा। वहीं, भारत अमेरिकी निर्यात के लिए टैरिफ में कमी करने और रेगुलेटरी आसानियों के लिए प्रतिबद्ध है।

50 प्रतिशत तक बढ़ा था टैरिफ

इसके अलावा अमेरिका ने रूस से तेल खरीद को लेकर भारत पर लगाया गया अतिरिक्त 25 प्रतिशत टैरिफ 7 फरवरी 2026 से हटा दिया है। अगस्त 2025 में यह अतिरिक्त टैरिफ लगाया गया था जिसके कारण भारत से अमेरिका जाने वाले सामान पर कुल टैरिफ 50 प्रतिशत तक बढ़ गया था। यह कदम भारत-अमेरिका व्यापार रिश्तों को संतुलित करने के लिए उठाया गया है।

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बांग्लादेश की नई सरकार ने भारत के लिए वीजा सेवाओं को फिर से बहाल किया

बांग्लादेश की अंतरिम सरकार के प्रमुख तारिक रहमान के नेतृत्व में प्रशासन ने नई दिल्ली स्थित बांग्लादेश उच्चायोग को भारतीय नागरिकों के लिए वीजा जारी करने की प्रक्रिया दोबारा शुरू करने की अनुमति दी है। पिछले कुछ समय से कूटनीतिक तनाव और प्रशासनिक कारणों के चलते वीजा सेवाएं सीमित या निलंबित थीं।

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अंतरिम सरकार के प्रमुख तारिक रहमान
locationभारत
userयोगेन्द्र नाथ झा
calendar20 Feb 2026 06:32 PM
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India-Bangladesh Relations : भारत और बांग्लादेश के रिश्तों में आई तल्खी के बाद अब सुधार के संकेत दिखने लगे हैं। बांग्लादेश की नई सरकार के नेतृत्व में एक अहम कदम उठाते हुए भारत के लिए वीजा सेवाओं को फिर से शुरू कर दिया गया है। इस निर्णय को दोनों देशों के बीच विश्वास बहाली की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

क्या है पूरा मामला?

बांग्लादेश की अंतरिम सरकार के प्रमुख तारिक रहमान के नेतृत्व में प्रशासन ने नई दिल्ली स्थित बांग्लादेश उच्चायोग को भारतीय नागरिकों के लिए वीजा जारी करने की प्रक्रिया दोबारा शुरू करने की अनुमति दी है। पिछले कुछ समय से कूटनीतिक तनाव और प्रशासनिक कारणों के चलते वीजा सेवाएं सीमित या निलंबित थीं।

भारत की ओर से क्या संकेत?

भारत ने भी सकारात्मक रुख दिखाते हुए बांग्लादेश में अपनी वीजा सेवाओं को चरणबद्ध तरीके से सामान्य करने के संकेत दिए हैं। माना जा रहा है कि पर्यटन, व्यवसाय और पारिवारिक यात्राओं से जुड़े वीजा फिर से नियमित रूप से जारी किए जाएंगे।

क्यों महत्वपूर्ण है यह फैसला?

* दोनों देशों के बीच लोगों के आवागमन में आसानी होगी।

* व्यापारिक और सांस्कृतिक संबंधों को मजबूती मिलेगी।

* हालिया तनाव के बाद आपसी भरोसा फिर से स्थापित करने में मदद मिलेगी।

भारत और बांग्लादेश के बीच ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और आर्थिक संबंध लंबे समय से मजबूत रहे हैं। ऐसे में वीजा सेवाओं की बहाली को द्विपक्षीय संबंधों को नई दिशा देने वाले कदम के रूप में देखा जा रहा है।


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एआई इंपैक्ट समिट 2026 में यूथ कांग्रेस का अर्धनग्न विरोध प्रदर्शन

इस प्रदर्शन का मुख्य कारण भारत-अमेरिका के बीच प्रस्तावित ट्रेड डील और प्रधानमंत्री मोदी के खिलाफ असंतोष था। कांग्रेस कार्यकतार्ओं ने एआई इंपैक्ट सम्मिट के दौरान आज हॉल नंबर 5 में मार्च किया और नारे लगाए।

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इंडियन यूथ कांग्रेस के कार्यकतार्ओं ने विरोध प्रदर्शन किया
locationभारत
userयोगेन्द्र नाथ झा
calendar20 Feb 2026 04:31 PM
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AI ​​Impact Summit 2026 : दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित एआई इंपैक्ट समिट 2026 के दौरान इंडियन यूथ कांग्रेस के कार्यकतार्ओं ने विरोध प्रदर्शन किया। इस प्रदर्शन का मुख्य कारण भारत-अमेरिका के बीच प्रस्तावित ट्रेड डील और प्रधानमंत्री मोदी के खिलाफ असंतोष था। कांग्रेस कार्यकतार्ओं ने एआई इंपैक्ट सम्मिट के दौरान आज हॉल नंबर 5 में मार्च किया और नारे लगाए। कुछ ने सफेद टी-शर्ट पहन रखी थी या हाथ में बैनर पकड़े हुए थे, जिन पर प्रधानमंत्री मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की तस्वीरें और नारे जैसे इंडिया यूएस ट्रेड डील, एप्सटीन फाइल, पीएम इज कम्प्रोमाइज्ड लिखे थे। कुछ प्रदर्शनकारियों ने टी-शर्ट उतारकर प्रदर्शन की, जिससे हॉल में अफरा-तफरी मच गई।

पुलिस कार्रवाई

दिल्ली पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया और तिलक मार्ग पुलिस स्टेशन ले गई। हिरासत में लिए गए प्रमुख कार्यकर्ता कृष्णा हरि, राष्ट्रीय सचिव, भारतीय युवा कांग्रेस, कुंदन यादव, बिहार प्रदेश सचिव, युवा कांग्रेस, अजय कुमार, उत्तर प्रदेश उपाध्यक्ष, नरसिम्हा यादव, राष्ट्रीय समन्वयक सभी से पूछताछ की जा रही है।

राजनीतिक प्रतिक्रियाएँ

युवा कांग्रेस राष्ट्रीय अध्यक्ष उदय भानु चिब ने कहा कि यह शांतिपूर्ण प्रदर्शन युवाओं की आवाज है और पीएम इज कम्प्रोमाइज्ड नारा बेरोजगार युवाओं और किसानों की चिंता को दर्शाता है। राहुल गांधी ने भी इस मुद्दे को संसद में उठाया। राष्ट्रीय प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने इसे देश और एआई समिट की उपलब्धियों के खिलाफ बताया। उन्होंने कहा कि यह विरोध केवल पार्टी की राजनीति का हिस्सा है और देश की छवि को नुकसान पहुंचा रहा है। मनजिंदर सिंह सिरसा ने कहा कि विरोध के दौरान कपड़े उतारना शर्मनाक था और यह देश को वैश्विक मंच पर छोटा दिखाने जैसा है। इस विरोध प्रदर्शन ने न केवल समिट में व्यवधान पैदा किया, बल्कि राजनीतिक दलों के बीच बहस को भी तेज कर दिया। युवा कांग्रेस ने इसे लोकतांत्रिक अधिकार के रूप में पेश किया, जबकि भाजपा और दिल्ली सरकार ने इसे अनुचित और अपमानजनक बताया।



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