जर्मनी में आसिम मुनीर की बेइज्जती, सिक्योरिटी गार्ड ने रोका
वीडियो में सुरक्षा अधिकारी उनसे बैज को सीधा करने के लिए कहते हैं ताकि उस पर लिखा नाम और विवरण स्पष्ट रूप से देखा जा सके। यह क्लिप सोशल मीडिया पर तेजी से साझा की जा रही है।

Munich Security Conference : पाकिस्तान के सेना प्रमुख आसिम मुनीर का एक वीडियो जर्मनी से सामने आया है, जिसमें म्यूनिख सिक्योरिटी कांफ्रेंस के प्रवेश द्वार पर सुरक्षा जांच के दौरान अपना पहचान-पत्र दिखाते दिखाई देते हैं। वीडियो में सुरक्षा अधिकारी उनसे बैज को सीधा करने के लिए कहते हैं ताकि उस पर लिखा नाम और विवरण स्पष्ट रूप से देखा जा सके। यह क्लिप सोशल मीडिया पर तेजी से साझा की जा रही है।
क्या यह असाधारण घटना थी?
अंतरराष्ट्रीय सम्मेलनों में कड़ी सुरक्षा व्यवस्था सामान्य प्रक्रिया का हिस्सा होती है। ऐसे आयोजनों में हर प्रतिनिधि की एंट्री से पहले पहचान की पुष्टि की जाती है। सुरक्षा कर्मी बैज या आईडी को स्पष्ट दिखाने के लिए कह सकते हैं। पद या रैंक की परवाह किए बिना सभी प्रतिभागियों पर एक जैसी प्रक्रिया लागू होती है। इसलिए उपलब्ध जानकारी के आधार पर यह घटना नियमित सुरक्षा जांच जैसी ही प्रतीत होती है, हालांकि सोशल मीडिया पर इसे अलग-अलग नजरिए से पेश किया जा रहा है।
सम्मेलन के बाहर विरोध
जर्मनी में सक्रिय सिंधी संगठन जिये सिंध मुत्तहिदा महाज (जेएसएमएम) ने सम्मेलन स्थल के बाहर प्रदर्शन किया। संगठन के प्रतिनिधियों ने पाकिस्तान में मानवाधिकार मुद्दों को उठाते हुए अंतरराष्ट्रीय समुदाय का ध्यान आकर्षित करने की कोशिश की। म्यूनिख सिक्योरिटी कांफ्रेंस विश्व स्तर का वार्षिक मंच है, जहाँ विभिन्न देशों के नेता, सैन्य अधिकारी और रणनीतिक विशेषज्ञ वैश्विक सुरक्षा, कूटनीति और शांति से जुड़े विषयों पर विचार-विमर्श करते हैं। इस स्तर के आयोजन में सख्त सुरक्षा प्रोटोकॉल लागू होना सामान्य बात है।
Munich Security Conference : पाकिस्तान के सेना प्रमुख आसिम मुनीर का एक वीडियो जर्मनी से सामने आया है, जिसमें म्यूनिख सिक्योरिटी कांफ्रेंस के प्रवेश द्वार पर सुरक्षा जांच के दौरान अपना पहचान-पत्र दिखाते दिखाई देते हैं। वीडियो में सुरक्षा अधिकारी उनसे बैज को सीधा करने के लिए कहते हैं ताकि उस पर लिखा नाम और विवरण स्पष्ट रूप से देखा जा सके। यह क्लिप सोशल मीडिया पर तेजी से साझा की जा रही है।
क्या यह असाधारण घटना थी?
अंतरराष्ट्रीय सम्मेलनों में कड़ी सुरक्षा व्यवस्था सामान्य प्रक्रिया का हिस्सा होती है। ऐसे आयोजनों में हर प्रतिनिधि की एंट्री से पहले पहचान की पुष्टि की जाती है। सुरक्षा कर्मी बैज या आईडी को स्पष्ट दिखाने के लिए कह सकते हैं। पद या रैंक की परवाह किए बिना सभी प्रतिभागियों पर एक जैसी प्रक्रिया लागू होती है। इसलिए उपलब्ध जानकारी के आधार पर यह घटना नियमित सुरक्षा जांच जैसी ही प्रतीत होती है, हालांकि सोशल मीडिया पर इसे अलग-अलग नजरिए से पेश किया जा रहा है।
सम्मेलन के बाहर विरोध
जर्मनी में सक्रिय सिंधी संगठन जिये सिंध मुत्तहिदा महाज (जेएसएमएम) ने सम्मेलन स्थल के बाहर प्रदर्शन किया। संगठन के प्रतिनिधियों ने पाकिस्तान में मानवाधिकार मुद्दों को उठाते हुए अंतरराष्ट्रीय समुदाय का ध्यान आकर्षित करने की कोशिश की। म्यूनिख सिक्योरिटी कांफ्रेंस विश्व स्तर का वार्षिक मंच है, जहाँ विभिन्न देशों के नेता, सैन्य अधिकारी और रणनीतिक विशेषज्ञ वैश्विक सुरक्षा, कूटनीति और शांति से जुड़े विषयों पर विचार-विमर्श करते हैं। इस स्तर के आयोजन में सख्त सुरक्षा प्रोटोकॉल लागू होना सामान्य बात है।












