तेहरान में रातभर बवाल, 217 लोगों की मौत के बाद पूरे ईरान में इंटरनेट बंद
Iran News: ईरान की राजधानी तेहरान में हालात बेहद तनावपूर्ण हो चुके हैं जहां महंगाई से शुरू हुआ विरोध प्रदर्शन अब सत्ता और धार्मिक नेतृत्व के खिलाफ हिंसक आंदोलन में बदल गया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक अब तक सैकड़ों लोगों की मौत हो चुकी है। सरकार ने इंटरनेट सेवाएं बंद कर दी है।

ईरान की राजधानी तेहरान इस समय गंभीर राजनीतिक और सामाजिक संकट से गुजर रही है। बीते दो हफ्तों से चल रहा विरोध प्रदर्शन अब हिंसक रूप ले चुका है। ताजा रिपोर्ट्स के मुताबिक, केवल तेहरान में अब तक 217 लोगों की जान जा चुकी है जबकि 2,000 से ज्यादा लोग घायल बताए जा रहे हैं। ईरानी सरकार ने हालात बेकाबू होते देख पूरे देश में इंटरनेट सेवाएं बंद कर दी हैं।
महंगाई और बेरोजगारी से भड़का गुस्सा
इस आंदोलन की शुरुआत महंगाई, बेरोजगारी और ईरानी रियाल की गिरती कीमत के विरोध से हुई थी। आम लोगों का गुस्सा धीरे-धीरे सरकार और धार्मिक नेतृत्व के खिलाफ खुली बगावत में बदल गया। शुरुआती दौर में प्रदर्शन शांतिपूर्ण थे लेकिन हाल के दिनों में हालात बेहद हिंसक हो गए हैं।
तेहरान में सबसे ज्यादा हिंसा
तेहरान के एक डॉक्टर ने नाम गुप्त रखने की शर्त पर टाइम मैगजीन को बताया कि राजधानी के केवल 6 अस्पतालों में 217 प्रदर्शनकारियों की मौत दर्ज की गई है। इनमें से अधिकांश की मौत गोली लगने से हुई है। इसके अलावा, झड़पों में 14 सेना के जवानों की भी जान गई है।
देशभर में फैल चुका है आंदोलन
यह विरोध प्रदर्शन अब केवल तेहरान तक सीमित नहीं रहा। मशहद, कोम, इस्फ़हान, मशिरियेह, कज़विन, बुशहर और वज्द जैसे कई बड़े शहरों में भी हालात तनावपूर्ण बने हुए हैं। प्रदर्शनकारियों ने कई इलाकों में सड़कों पर आगजनी, तोड़फोड़ और सरकारी संपत्तियों को नुकसान पहुंचाया है।
14 दिनों में 5 लाख लोग सड़कों पर
सरकारी और स्थानीय रिपोर्ट्स के मुताबिक, पिछले 14 दिनों में 5 लाख से ज्यादा लोग इस आंदोलन में शामिल हो चुके हैं। देशभर में करीब 400 जगहों पर प्रदर्शन हो रहे हैं। पुलिस अब तक 2,300 लोगों को हिरासत में ले चुकी है लेकिन हालात अभी भी नियंत्रण से बाहर हैं।
मस्जिदें, बैंक और सरकारी इमारतें बनीं निशाना
हिंसा के दौरान प्रदर्शनकारियों ने बड़े पैमाने पर सरकारी और धार्मिक संस्थानों को नुकसान पहुंचाया है। बताया जा रहा है कि, अब तक 25 मस्जिदों में आग लगाई गई, 26 बैंकों में लूट की गई, 10 सरकारी इमारतें जलकर खाक हो गईं, 48 फायर ट्रक और 42 बसें जला दी गईं, 24 अपार्टमेंट को भारी नुकसान पहुंचा। इसके अलावा, बासिज और IRGC कैंप पर हमले की घटनाएं भी सामने आई हैं।
तेहरान के मेयर का बयान
तेहरान के मेयर अलीरेज़ा ज़कानी ने सरकारी टीवी पर कहा कि दंगों से राजधानी के इंफ्रास्ट्रक्चर को भारी नुकसान हुआ है। उन्होंने बताया कि “एक अस्पताल, दो मेडिकल सेंटर, 26 बैंक, 25 मस्जिदें और कई कानून लागू करने वाली चौकियों को नुकसान पहुंचा है। इमरजेंसी टीमें हालात संभालने में लगी हैं।”
इंटरनेट बंद, कॉलेज और यूनिवर्सिटी बंद
सरकार ने अफवाहों और समन्वय को रोकने के लिए पूरे ईरान में इंटरनेट सेवाएं बंद कर दी हैं। इसके साथ ही कई इलाकों में कॉलेज और यूनिवर्सिटी भी बंद कर दिए गए हैं। बता दें कि, 29 दिसंबर 2025 को तेहरान में व्यापारियों ने ईरानी रियाल की गिरती कीमत के खिलाफ प्रदर्शन शुरू किया। अगले दिन इसमें तेहरान यूनिवर्सिटी के छात्र भी शामिल हो गए। 2 जनवरी को इलम प्रांत में हथियारबंद नकाबपोश लोगों की मौजूदगी की खबरें आईं जिसके बाद हालात तेजी से बिगड़ते चले गए।
ईरान के लिए अब तक का सबसे बड़ा संकट
विशेषज्ञों का मानना है कि यह आंदोलन अब केवल आर्थिक संकट नहीं बल्कि ईरान की सत्ता व्यवस्था के लिए सबसे बड़ी चुनौती बन चुका है। हालात कब और कैसे संभलेंगे इस पर अभी कोई स्पष्ट संकेत नहीं है।
ईरान की राजधानी तेहरान इस समय गंभीर राजनीतिक और सामाजिक संकट से गुजर रही है। बीते दो हफ्तों से चल रहा विरोध प्रदर्शन अब हिंसक रूप ले चुका है। ताजा रिपोर्ट्स के मुताबिक, केवल तेहरान में अब तक 217 लोगों की जान जा चुकी है जबकि 2,000 से ज्यादा लोग घायल बताए जा रहे हैं। ईरानी सरकार ने हालात बेकाबू होते देख पूरे देश में इंटरनेट सेवाएं बंद कर दी हैं।
महंगाई और बेरोजगारी से भड़का गुस्सा
इस आंदोलन की शुरुआत महंगाई, बेरोजगारी और ईरानी रियाल की गिरती कीमत के विरोध से हुई थी। आम लोगों का गुस्सा धीरे-धीरे सरकार और धार्मिक नेतृत्व के खिलाफ खुली बगावत में बदल गया। शुरुआती दौर में प्रदर्शन शांतिपूर्ण थे लेकिन हाल के दिनों में हालात बेहद हिंसक हो गए हैं।
तेहरान में सबसे ज्यादा हिंसा
तेहरान के एक डॉक्टर ने नाम गुप्त रखने की शर्त पर टाइम मैगजीन को बताया कि राजधानी के केवल 6 अस्पतालों में 217 प्रदर्शनकारियों की मौत दर्ज की गई है। इनमें से अधिकांश की मौत गोली लगने से हुई है। इसके अलावा, झड़पों में 14 सेना के जवानों की भी जान गई है।
देशभर में फैल चुका है आंदोलन
यह विरोध प्रदर्शन अब केवल तेहरान तक सीमित नहीं रहा। मशहद, कोम, इस्फ़हान, मशिरियेह, कज़विन, बुशहर और वज्द जैसे कई बड़े शहरों में भी हालात तनावपूर्ण बने हुए हैं। प्रदर्शनकारियों ने कई इलाकों में सड़कों पर आगजनी, तोड़फोड़ और सरकारी संपत्तियों को नुकसान पहुंचाया है।
14 दिनों में 5 लाख लोग सड़कों पर
सरकारी और स्थानीय रिपोर्ट्स के मुताबिक, पिछले 14 दिनों में 5 लाख से ज्यादा लोग इस आंदोलन में शामिल हो चुके हैं। देशभर में करीब 400 जगहों पर प्रदर्शन हो रहे हैं। पुलिस अब तक 2,300 लोगों को हिरासत में ले चुकी है लेकिन हालात अभी भी नियंत्रण से बाहर हैं।
मस्जिदें, बैंक और सरकारी इमारतें बनीं निशाना
हिंसा के दौरान प्रदर्शनकारियों ने बड़े पैमाने पर सरकारी और धार्मिक संस्थानों को नुकसान पहुंचाया है। बताया जा रहा है कि, अब तक 25 मस्जिदों में आग लगाई गई, 26 बैंकों में लूट की गई, 10 सरकारी इमारतें जलकर खाक हो गईं, 48 फायर ट्रक और 42 बसें जला दी गईं, 24 अपार्टमेंट को भारी नुकसान पहुंचा। इसके अलावा, बासिज और IRGC कैंप पर हमले की घटनाएं भी सामने आई हैं।
तेहरान के मेयर का बयान
तेहरान के मेयर अलीरेज़ा ज़कानी ने सरकारी टीवी पर कहा कि दंगों से राजधानी के इंफ्रास्ट्रक्चर को भारी नुकसान हुआ है। उन्होंने बताया कि “एक अस्पताल, दो मेडिकल सेंटर, 26 बैंक, 25 मस्जिदें और कई कानून लागू करने वाली चौकियों को नुकसान पहुंचा है। इमरजेंसी टीमें हालात संभालने में लगी हैं।”
इंटरनेट बंद, कॉलेज और यूनिवर्सिटी बंद
सरकार ने अफवाहों और समन्वय को रोकने के लिए पूरे ईरान में इंटरनेट सेवाएं बंद कर दी हैं। इसके साथ ही कई इलाकों में कॉलेज और यूनिवर्सिटी भी बंद कर दिए गए हैं। बता दें कि, 29 दिसंबर 2025 को तेहरान में व्यापारियों ने ईरानी रियाल की गिरती कीमत के खिलाफ प्रदर्शन शुरू किया। अगले दिन इसमें तेहरान यूनिवर्सिटी के छात्र भी शामिल हो गए। 2 जनवरी को इलम प्रांत में हथियारबंद नकाबपोश लोगों की मौजूदगी की खबरें आईं जिसके बाद हालात तेजी से बिगड़ते चले गए।
ईरान के लिए अब तक का सबसे बड़ा संकट
विशेषज्ञों का मानना है कि यह आंदोलन अब केवल आर्थिक संकट नहीं बल्कि ईरान की सत्ता व्यवस्था के लिए सबसे बड़ी चुनौती बन चुका है। हालात कब और कैसे संभलेंगे इस पर अभी कोई स्पष्ट संकेत नहीं है।












