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इमरान के परिवार खासकर उनकी बहन और बेटे ने सरकार से मांग की है कि उन्हें यह दिखाया जाए कि इमरान खान सही सलामत हैं। इमरान के समर्थकों के डर से पाक सरकार ने धारा 144 लगा दिया है।

Islamabad News : पाकिस्तान में पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की सुरक्षा और स्थिति को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। सरकार अभी तक उनके बारे में कोई स्पष्ट जानकारी नहीं दे सकी है, जिससे उनकी पार्टी पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) और समर्थकों में भारी आक्रोश है। इमरान के परिवार खासकर उनकी बहन और बेटे ने सरकार से मांग की है कि उन्हें यह दिखाया जाए कि इमरान खान सही सलामत हैं। इमरान के समर्थकों के डर से पाक सरकार ने धारा 144 लगा दिया है।
पीटीआई ने घोषणा की है कि उनकी टीम और सांसद पहले इस्लामाबाद हाई कोर्ट के बाहर जुटेंगे और उसके बाद अडियाला जेल तक रैली निकालेंगे। इसी वजह से प्रशासन ने इस्लामाबाद और रावलपिंडी में धारा 144 लागू कर दी, और भारी पुलिस बल तैनात किया। वहां किसी भी तरह की सभा या भीड़ पर रोक लगा दी है। अधिकारियों का कहना है कि यह कदम कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए उठाया गया है क्योंकि हालात लगातार तनावपूर्ण होते जा रहे हैं।
पीटीआई नेताओं का आरोप है कि अदालत के आदेश होने के बावजूद जेल प्रशासन उन्हें इमरान खान से मिलने नहीं दे रहा। खैबर पख्तूनख्वाह के मुख्यमंत्री को भी लगातार कई बार इमरान से मिलने से रोका गया, जिसके चलते उन्होंने जेल के बाहर धरना दे दिया। पार्टी के अनुसार यह सब इमरान खान की स्थिति छुपाने के लिए किया जा रहा है।
स्थिति बिगड़ते देख यह भी खबर है कि केंद्र सरकार केपी में गवर्नर रूल लागू करने पर विचार कर सकती है। प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ के करीबी नेता राणा सनाउल्लाह ने संकेत दिया कि यदि हालात और खराब हुए तो यह कदम उठाया जा सकता है। अडियाला जेल अधिकारियों ने एक बयान जारी कर कहा है कि इमरान खान सुरक्षित हैं, उनकी तबीयत ठीक है, उन्हें जेल से कहीं और नहीं ले जाया गया, और उन्हें हर जरूरी मेडिकल सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। उन्होंने सोशल मीडिया पर फैल रही अफवाहों को गलत बताया।
इमरान खान को अगस्त 2023 में गिरफ्तार किया गया था और उन पर भ्रष्टाचार और आतंकवाद सहित कई मामलों में मुकदमे चल रहे हैं। 2022 में अविश्वास प्रस्ताव के जरिए उन्हें पद से हटाया गया था। तब से पीटीआई लगातार उनकी सुरक्षा और स्वास्थ्य को लेकर सवाल उठा रही है।
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