ट्रेड डील पर झूठ बोल रहा है अमेरिका, अब नया झूठ
भारत-अमेरिका ट्रेड डील को लेकर अमेरिका का एक बड़ा झूठ सामने आया है। अमेरिका अपने झूठ पर पर्दा डालने का भी भरपूर प्रयास कर रहा है। अमेरिका के इस झूठ को लेकर दुनिया भर में अमेरिका की खूब बदनामी हो रही है।

India-US trade deal : भारत के साथ ट्रेड डील पर अमेरिका लगातार झूठ बोल रहा है। इतना ही नहीं ट्रेड डील को लेकर अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ट ट्रंप झूठ फैलाने का काम कर रहेर हैं। भारत-अमेरिका ट्रेड डील को लेकर अमेरिका का एक बड़ा झूठ सामने आया है। अमेरिका अपने झूठ पर पर्दा डालने का भी भरपूर प्रयास कर रहा है। अमेरिका के इस झूठ को लेकर दुनिया भर में अमेरिका की खूब बदनामी हो रही है।
ट्रेड डील पर जारी की गई फैक्ट शीट को बदल डाल
अमेरिका ने ट्रेड डील को लेकर एक फैक्ट शीट जारी की थी। इस तथाकथित फैक्ट शीट में ट्रेड डील को लेकर कई आपत्तिजनक बातें लिखी गई थीं। फैक्ट शीट पर विवाद बढ़ता हुआ देखकर अमेरिका के प्रशासन ने एक नया दस्तावेज जारी कर दिया है। इस नए दस्तावेज में फैक्ट शीट से अलग बात लिखी गई है। किसी को समझ में ही नहीं आ रहा है कि अमेरिका के द्वारा जारी की गई ट्रेड डील की फैक्ट शीट झूठी है अथवा अमेरिका ने नए दस्तावेज में झूठ बोला है। फैक्ट शीट तथा नए दस्तावेज में अलग-अलग बात लिखे जाने का अर्थ साफ है कि किसी एक दस्तावेज में तो साफ-साफ झूठ बोला गया है।
फैक्ट शीट में क्या कहा था अमेरिका ने?
आपको बता दें कि भारत के साथ ट्रेड डील का साझा बयान जारी करने के बाद मंगलवार को अमेरिका ने एक फैक्ट शीट जाी की थी। अमेरिका के द्वारा जारी की गई फैक्ट शीट में कहा गया था कि भारत सभी अमेरिकी औद्योगिक सामान और कई तरह के अमेरिकी खाद्य व कृषि उत्पादों पर टैक्स खत्म करेगा या कम करेगा। फैक्टशीट के पहले वाले वर्जन में लिखा था, “भारत ने ज्यादा अमेरिकी सामान खरीदने और 500 अरब डॉलर से ज्यादा के अमेरिकी ऊर्जा, सूचना और संचार तकनीक, कृषि, कोयला और दूसरे उत्पाद खरीदने का कमिटमेंट किया है।” इस फैक्ट शीट के बाद अमेरिका ने एक नया दस्तावेज जारी किया है। व्हाइट हाउस की वेबसाइट पर जो नया वर्जन है, उसमें “कमिट” की जगह “इरादा” शब्द इस्तेमाल किया गया है। साथ ही, उत्पादों की सूची से “कृषि” शब्द भी हटा दिया गया है. इसी तरह, पहले वाले वर्जन में लिखा था कि “भारत सभी अमेरिकी औद्योगिक सामान और कई तरह के अमेरिकी खाद्य व कृषि उत्पादों पर टैक्स खत्म या कम करेगा, जिनमें सूखे डिस्टिलर्स ग्रेन्स, रेड ज्वार, ड्राई फ्रूट, ताजे और प्रोसेस्ड फल, कुछ दालें, सोयाबीन तेल, वाइन और स्पिरिट्स शामिल हैं.” नए वर्जन में “कुछ दालें” वाला हिस्सा हटा दिया गया है।
अमेरिका ने डिजिटल टैक्स पर भी बोला झूठ
एक और बड़े बदलाव में पहले कहा गया था कि “भारत डिजिटल सर्विस टैक्स हटाएगा” और “डिजिटल ट्रेड से जुड़ी रुकावटों को दूर करने के लिए मजबूत नियमों पर बातचीत करने का कमिटमेंट करेगा। ” अब नए दस्तावेज में यह नहीं कहा गया है कि भारत डिजिटल सर्विस टैक्स हटाएगा। इसमें सिर्फ इतना लिखा है कि “भारत मजबूत द्विपक्षीय डिजिटल ट्रेड नियमों पर बातचीत करने के लिए तैयार है।” पिछले हफ्ते भारत और अमेरिका ने एक अंतरिम ट्रेड डील का ढांचा घोषित किया था। इसके तहत दोनों देश कई चीजों पर आयात शुल्क कम करेंगे, ताकि आपसी व्यापार बढ़ सके। इस प्रस्ताव के मुताबिक, अमेरिका भारतीय सामान पर लगने वाला टैक्स 50 फीसदी से घटाकर 18 फीसदी करेगा। बदले में भारत सभी अमेरिकी औद्योगिक उत्पादों और कई तरह के अमेरिकी खाद्य व कृषि सामानों पर टैक्स खत्म या काफी कम करेगा. इनमें सूखे डिस्टिलर्स ग्रेन्स, पशु चारे के लिए रेड ज्वार, ड्राई फ्रूट, ताजे और प्रोसेस्ड फल, सोयाबीन तेल, वाइन और स्पिरिट्स शामिल हैं। India-US trade deal
India-US trade deal : भारत के साथ ट्रेड डील पर अमेरिका लगातार झूठ बोल रहा है। इतना ही नहीं ट्रेड डील को लेकर अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ट ट्रंप झूठ फैलाने का काम कर रहेर हैं। भारत-अमेरिका ट्रेड डील को लेकर अमेरिका का एक बड़ा झूठ सामने आया है। अमेरिका अपने झूठ पर पर्दा डालने का भी भरपूर प्रयास कर रहा है। अमेरिका के इस झूठ को लेकर दुनिया भर में अमेरिका की खूब बदनामी हो रही है।
ट्रेड डील पर जारी की गई फैक्ट शीट को बदल डाल
अमेरिका ने ट्रेड डील को लेकर एक फैक्ट शीट जारी की थी। इस तथाकथित फैक्ट शीट में ट्रेड डील को लेकर कई आपत्तिजनक बातें लिखी गई थीं। फैक्ट शीट पर विवाद बढ़ता हुआ देखकर अमेरिका के प्रशासन ने एक नया दस्तावेज जारी कर दिया है। इस नए दस्तावेज में फैक्ट शीट से अलग बात लिखी गई है। किसी को समझ में ही नहीं आ रहा है कि अमेरिका के द्वारा जारी की गई ट्रेड डील की फैक्ट शीट झूठी है अथवा अमेरिका ने नए दस्तावेज में झूठ बोला है। फैक्ट शीट तथा नए दस्तावेज में अलग-अलग बात लिखे जाने का अर्थ साफ है कि किसी एक दस्तावेज में तो साफ-साफ झूठ बोला गया है।
फैक्ट शीट में क्या कहा था अमेरिका ने?
आपको बता दें कि भारत के साथ ट्रेड डील का साझा बयान जारी करने के बाद मंगलवार को अमेरिका ने एक फैक्ट शीट जाी की थी। अमेरिका के द्वारा जारी की गई फैक्ट शीट में कहा गया था कि भारत सभी अमेरिकी औद्योगिक सामान और कई तरह के अमेरिकी खाद्य व कृषि उत्पादों पर टैक्स खत्म करेगा या कम करेगा। फैक्टशीट के पहले वाले वर्जन में लिखा था, “भारत ने ज्यादा अमेरिकी सामान खरीदने और 500 अरब डॉलर से ज्यादा के अमेरिकी ऊर्जा, सूचना और संचार तकनीक, कृषि, कोयला और दूसरे उत्पाद खरीदने का कमिटमेंट किया है।” इस फैक्ट शीट के बाद अमेरिका ने एक नया दस्तावेज जारी किया है। व्हाइट हाउस की वेबसाइट पर जो नया वर्जन है, उसमें “कमिट” की जगह “इरादा” शब्द इस्तेमाल किया गया है। साथ ही, उत्पादों की सूची से “कृषि” शब्द भी हटा दिया गया है. इसी तरह, पहले वाले वर्जन में लिखा था कि “भारत सभी अमेरिकी औद्योगिक सामान और कई तरह के अमेरिकी खाद्य व कृषि उत्पादों पर टैक्स खत्म या कम करेगा, जिनमें सूखे डिस्टिलर्स ग्रेन्स, रेड ज्वार, ड्राई फ्रूट, ताजे और प्रोसेस्ड फल, कुछ दालें, सोयाबीन तेल, वाइन और स्पिरिट्स शामिल हैं.” नए वर्जन में “कुछ दालें” वाला हिस्सा हटा दिया गया है।
अमेरिका ने डिजिटल टैक्स पर भी बोला झूठ
एक और बड़े बदलाव में पहले कहा गया था कि “भारत डिजिटल सर्विस टैक्स हटाएगा” और “डिजिटल ट्रेड से जुड़ी रुकावटों को दूर करने के लिए मजबूत नियमों पर बातचीत करने का कमिटमेंट करेगा। ” अब नए दस्तावेज में यह नहीं कहा गया है कि भारत डिजिटल सर्विस टैक्स हटाएगा। इसमें सिर्फ इतना लिखा है कि “भारत मजबूत द्विपक्षीय डिजिटल ट्रेड नियमों पर बातचीत करने के लिए तैयार है।” पिछले हफ्ते भारत और अमेरिका ने एक अंतरिम ट्रेड डील का ढांचा घोषित किया था। इसके तहत दोनों देश कई चीजों पर आयात शुल्क कम करेंगे, ताकि आपसी व्यापार बढ़ सके। इस प्रस्ताव के मुताबिक, अमेरिका भारतीय सामान पर लगने वाला टैक्स 50 फीसदी से घटाकर 18 फीसदी करेगा। बदले में भारत सभी अमेरिकी औद्योगिक उत्पादों और कई तरह के अमेरिकी खाद्य व कृषि सामानों पर टैक्स खत्म या काफी कम करेगा. इनमें सूखे डिस्टिलर्स ग्रेन्स, पशु चारे के लिए रेड ज्वार, ड्राई फ्रूट, ताजे और प्रोसेस्ड फल, सोयाबीन तेल, वाइन और स्पिरिट्स शामिल हैं। India-US trade deal












