सद्गुरु की ये सीख आपके रिश्ते में फूंक देगी जान, खूब मजबूत हो जाएगा रिश्ता

Relationship Tips: रिलेशनशिप को लेकर सद्गुरु कहते हैं कि रिश्ते तभी मजबूत रहते हैं जब दोनों लोग समझदारी, धैर्य और जिम्मेदारी के साथ उन्हें निभाएं। जानिए कैसे छोटी-सी समझदारी, आभार और प्यार आपके रिश्ते को खुशहाल और टिकाऊ बना सकते हैं।

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locationभारत
userअसमीना
calendar16 Jan 2026 04:06 PM
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अक्सर हमने बचपन से एक बात सुनी है  “शादियां स्वर्ग में बनती हैं।” यह लाइन सुनने में जितनी खूबसूरत लगती है उतनी ही खतरनाक भी साबित हो सकती है। सद्गुरु के अनुसार, यही सोच आज के समय में रिश्तों के टूटने की सबसे बड़ी वजह बनती जा रही है। जब इंसान मान लेता है कि रिश्ता पहले से तय और परफेक्ट है तो वह उसमें मेहनत करना बंद कर देता है। यहीं से गलतफहमियां, उम्मीदें और शिकायतें जन्म लेती हैं। शादी कोई जादू नहीं है बल्कि यह रोज निभाई जाने वाली जिम्मेदारी है।

सद्गुरु क्यों कहते हैं इसे सबसे बड़ी भूल?

सद्गुरु का कहना है कि “शादियां स्वर्ग में बनती हैं” कहना इंसान की सबसे बड़ी गलती है। इस सोच की वजह से लोग यह मान लेते हैं कि रिश्ता अपने आप चल जाएगा। जबकि सच्चाई यह है कि कोई भी रिश्ता बिना समझ, धैर्य और प्रयास के मजबूत नहीं बन सकता। शादी किस्मत का तोहफा नहीं बल्कि दो लोगों का Conscious Decision होती है जहां दोनों को हर दिन एक-दूसरे को समझना और स्वीकार करना पड़ता है।

सपनों की शादी और हकीकत का टकराव

अक्सर लोग शादी में परियों जैसी कहानी लेकर प्रवेश करते हैं। उम्मीद होती है कि शादी के बाद सब कुछ परफेक्ट होगा प्यार, समझ, खुशी और सपोर्ट। लेकिन जैसे ही शादी की असली जिंदगी शुरू होती है बिल, जिम्मेदारियां, बच्चे, ससुराल और रोजमर्रा की परेशानियां सामने आ जाती हैं। तब वही साथी जिससे खुशियां मिलने की उम्मीद थी धीरे-धीरे तनाव का कारण बनने लगता है। सद्गुरु कहते हैं कि जब आप अपनी खुशी की जिम्मेदारी दूसरे पर डाल देते हैं तो रिश्ता प्यार नहीं बल्कि बोझ बन जाता है।

एक इंसान से सब कुछ चाहना सबसे बड़ी चूक

सद्गुरु बताते हैं कि इंसान की ज़िंदगी कई तरह की जरूरतों से भरी होती है शारीरिक, मानसिक, भावनात्मक, सामाजिक और आर्थिक। गलती तब होती है जब हम इन सभी जरूरतों को पूरा करने की जिम्मेदारी सिर्फ अपने जीवनसाथी पर डाल देते हैं। कोई भी इंसान आपकी हर उम्मीद पर खरा नहीं उतर सकता। जब अपेक्षाएं हद से ज्यादा बढ़ जाती हैं तो नाराजगी, शिकायतें और दूरी पैदा होने लगती है।

आभार ही रिश्ते की असली ताकत है

सद्गुरु के अनुसार, रिश्ते को मजबूत बनाए रखने का सबसे आसान और असरदार तरीका है आभार। यह समझना कि सामने वाला इंसान भी अपनी सीमाओं के बावजूद आपके साथ निभाने की कोशिश कर रहा है। एक छोटा सा धन्यवाद, सम्मान और स्वीकार्यता रिश्ते को गहराई देती है। समस्या तब शुरू होती है जब तुलना आने लगती है किसी और से, किसी और की शादी से या सोशल मीडिया की झूठी खुशियों से। तुलना खत्म होते ही आदर खत्म हो जाता है और वहीं से रिश्ता कमजोर पड़ने लगता है।

शादी का असली नियम क्या है?

सद्गुरु साफ कहते हैं कि शादी का नियम यह नहीं है कि कोई आपको खुश करे या आप किसी को खुश करें। अगर दो खुश और संतुलित इंसान साथ आते हैं तो उनके बीच कुछ सुंदर बन सकता है। लेकिन अगर आप खुद दुखी हैं और चाहते हैं कि आपका जीवनसाथी आपको खुश करे तो दुख और बढ़ेगा। रिश्ते में शांति तब आती है जब दोनों अपनी जिम्मेदारी खुद उठाते हैं न कि एक-दूसरे पर बोझ डालते हैं।

शादी कब बनती है खूबसूरत?

शादी स्वर्ग से नहीं आती उसे रोजमर्रा की समझ, संवाद और प्रयास से बेहतर बनाना पड़ता है। एक छोटा सा आभार, थोड़ी सी समझ और बिना अपेक्षा का साथ  यही रिश्ते को मजबूत बनाता है। सद्गुरु की सीख यही है कि जब आप रिश्ते को पाने की जगह निभाने का नजरिया अपनाते हैं तब ही शादी सच में खूबसूरत बनती है।

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हर संख्या में छिपा है एक अलग राज, कुछ हैं खास तो कुछ खतरनाक

786 का मतलब क्या है और अन्य रोचक संख्याएं जैसे 420, 13, 108, 7, 911, 666 का महत्व जानिए। इस लेख में हमने संख्याओं के धार्मिक, सांस्कृतिक और आध्यात्मिक अर्थ को विस्तार से समझाया है।

786 means
क्या है 786 का मतलब?
locationभारत
userअसमीना
calendar15 Jan 2026 04:27 PM
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हमारे जीवन में संख्याएं केवल गणित तक ही सीमित नहीं हैं। कई बार संख्याओं के पीछे विशेष धार्मिक, सांस्कृतिक और ऐतिहासिक महत्व छिपा होता है। कुछ संख्याएं शुभ मानी जाती हैं, कुछ अशुभ और कुछ का इस्तेमाल रोजमर्रा की जिंदगी में किसी विशेष अर्थ में किया जाता है। आज हम आपके लिए लेकर आए हैं 10 ऐसी रोचक संख्याएं और उनके अर्थ जो अक्सर लोगों के मन में उठते हैं लेकिन इनके सही जवाब कम ही जानते हैं।

1. 786 का क्या मतलब होता है?

786 को इस्लाम धर्म में पवित्र माना जाता है। इसका संबंध अरबी वाक्य “बिस्मिल्लाह-इर-रहमान-इर-रहीम” से है जिसका अर्थ होता है “अल्लाह के नाम पर जो अत्यंत कृपालु और दयावान है।” अरबी में हर अक्षर का एक संख्यात्मक मान होता है जिसे अबजद प्रणाली कहते हैं। जब इस वाक्य के सभी अक्षरों का योग किया जाता है तो कुल 786 आता है। इसलिए मुस्लिम समुदाय में यह संख्या बहुत शुभ मानी जाती है और लोग इसे घर, दुकान और वाहनों पर लिखते हैं।

2. 420 का क्या मतलब होता है?

भारत में 420 का इस्तेमाल आमतौर पर ठग या धोखेबाज व्यक्ति के लिए किया जाता है। इसका स्रोत भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 420 है जो धोखाधड़ी और बेईमानी के अपराध को परिभाषित करती है। समय के साथ यह संख्या इतना लोकप्रिय हो गई कि आम बोलचाल में किसी धोखेबाज को “420” कहने लगे। बॉलीवुड की फिल्म श्री 420 ने भी इसे और मशहूर बना दिया।

3. 13 को क्यों माना जाता है अशुभ?

13 को पश्चिमी देशों में अशुभ माना जाता है। ईसाई धर्म में यीशु के अंतिम भोजन (Last Supper) में 13 लोग शामिल थे जिसमें जूडस ने यीशु को धोखा दिया। नॉर्स पौराणिक कथाओं में भी 13 को अशुभ माना गया। इसी वजह से कई होटलों और इमारतों में 13वीं मंजिल नहीं होती। इस डर को ट्रिस्कैडेकाफोबिया कहा जाता है। भारत में 13 को विशेष रूप से अशुभ नहीं माना जाता।

4. 333 का मतलब क्या होता है?

333 को कई संस्कृतियों में विशेष अर्थ दिया जाता है। एंजल नंबर के अनुसार, यह संख्या बताती है कि आप सही रास्ते पर हैं और ब्रह्मांड आपका साथ दे रहा है। इसे रचनात्मकता और सकारात्मक ऊर्जा का प्रतीक भी माना जाता है। भारत में कुछ लोग इसे 666 का आधा मानते हैं और इसे “हाफ एविल” कहते हैं।

5. 11, 21, 51, 101 शगुन क्यों देते हैं?

भारतीय परंपरा में विषम संख्याओं को शुभ माना जाता है। इसलिए 11, 21, 51, 101 जैसी संख्याएं शगुन के रूप में दी जाती हैं। इन संख्याओं में 1 जोड़ने का मतलब है वृद्धि, पूर्णता और आगे बढ़ने का प्रतीक। शादी, पूजा और अन्य शुभ अवसरों पर यही संख्या आमतौर पर दी जाती है।

6. 7 नंबर क्यों होता है इतना खास?

7 को दुनिया भर में भाग्यशाली और खास माना जाता है। सप्ताह में 7 दिन होते हैं, इंद्रधनुष में 7 रंग, संगीत में 7 सुर। हिंदू धर्म में 7 ऋषि, 7 चक्र और शादी में 7 फेरे महत्वपूर्ण हैं। इस्लाम में काबा की परिक्रमा 7 बार की जाती है। विज्ञान में भी 7 का महत्व है जैसे पीएच स्केल में 7 न्यूट्रल होता है।

7. 108 नंबर का क्या महत्व है?

108 हिंदू और बौद्ध धर्म में पवित्र माना जाता है। माला में 108 मोती, मंदिरों में 108 घंटियां और कई मंत्रों का 108 बार जाप किया जाता है। वैज्ञानिक दृष्टि से सूर्य और चंद्रमा की दूरी पृथ्वी से लगभग उनके व्यास का 108 गुना है। मानव शरीर में 108 ऊर्जा केंद्र होते हैं। ज्योतिष में 12 राशियां × 9 ग्रह = 108।

8. 144 नंबर का क्या मतलब है?

144 को ग्रॉस कहा जाता है, यानी 12×12। व्यापार और गणित में इसका इस्तेमाल होता है। यह पूर्ण वर्ग संख्या (12²) है और फिबोनाची श्रृंखला में भी शामिल है। बाइबल में 144,000 चुने हुए लोगों का उल्लेख है।

9. 911 नंबर क्यों खास है?

911 अमेरिका और कई देशों में आपातकालीन नंबर है। 1968 में इसे आसान याद रखने के लिए चुना गया। 11 सितंबर 2001 के हमलों के बाद यह संख्या और प्रसिद्ध हुई। भारत में अब 112 एकल आपातकालीन नंबर है।

10. 666 को शैतान का नंबर क्यों कहते हैं?

666 को बाइबल की पुस्तक Revelation (प्रकाशितवाक्य) में शैतान की संख्या बताया गया है। पश्चिमी देशों में इसे अशुभ माना जाता है। कुछ लोग इससे डरते हैं (Hexakosioihexekontahexaphobia) हालांकि इसका कोई वैज्ञानिक आधार नहीं है।

Disclaimer: ये सवाल और जवाब विभिन्न धार्मिक, सांस्कृतिक और ऐतिहासिक स्रोतों पर आधारित हैं। अलग-अलग संस्कृतियों और धर्मों में संख्याओं के अलग-अलग अर्थ और महत्व हो सकते हैं। चेतना मंच इसकी पुष्टि नहीं करता। 

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उदयपुर टूर की कर ली है प्लानिंग! बिल्कुल मिस न करें ये प्लेस

Places to Visit in Udaipur : उदयपुर अपनी खूबसूरत झीलों, भव्य महलों और अरावली पहाड़ियों के लिए जाना जाता है। यहां सिटी पैलेस, पिछोला झील, फतेह सागर झील, सज्जनगढ़ पैलेस और जगदीश मंदिर जैसी प्रमुख जगहें घूमने लायक हैं। अगर आप उदयपुर की यात्रा की योजना बना रहे हैं तो यह गाइड आपके लिए है।

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Best Place to Visit in Udaipur
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userअसमीना
calendar15 Jan 2026 01:53 PM
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राजस्थान का उदयपुर जिसे ‘झीलों का शहर’ कहा जाता है। उदयपुर अपने भव्य महलों, खूबसूरत झीलों और अरावली पहाड़ियों के लिए दुनिया भर में प्रसिद्ध है। उदयपुर न केवल डेस्टिनेशन वेडिंग के लिए लोकप्रिय है बल्कि घूमने के लिए भी एक बेहतरीन विकल्प है। हर साल हजारों लोग उदयपुर की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक धरोहर देखने आते हैं। अगर आप उदयपुर की यात्रा पर जा रहे हैं तो यहां की खास जगहें आपके अनुभव को यादगार बना देंगी।

पिछोला झील और जगमंदिर आइलैंड पैलेस

पिछोला झील उदयपुर की खूबसूरती का प्रतीक है। झील के बीच बने जगमंदिर आइलैंड पैलेस की संगमरमर की इमारतें और हरे-भरे बगीचे इसे और भी आकर्षक बनाते हैं। शाम के समय यहां बोट राइड करना एक अविस्मरणीय अनुभव है जब झील में महलों की परछाई और पानी का प्रतिबिंब नजर आता है।

सिटी पैलेस (City Palace)

सिटी पैलेस उदयपुर की सबसे प्रमुख और पहचान वाली जगह है। यह महल परिसर राजपूत और मुगल वास्तुकला का सुंदर संगम प्रस्तुत करता है। सिटी पैलेस के आंगन, बालकनी और संग्रहालय आपको मेवाड़ की समृद्ध संस्कृति के करीब ले जाते हैं। यहां से पिछोला झील का नजारा सूरज ढलते समय बेहद खूबसूरत दिखाई देता है।

सज्जनगढ़ (मानसून पैलेस)-Sajjangarh (Monsoon Palace)

सज्जनगढ़, जिसे मॉनसून पैलेस भी कहा जाता है, पहाड़ी की चोटी पर स्थित है और पूरे उदयपुर और उसकी झीलों का शानदार दृश्य पेश करता है। यहां से सूरज ढलते समय का नजारा देखने लायक होता है जो आपके कैमरे में हमेशा के लिए तस्वीर बन कर रह जाएगा।

फतेह सागर झील (Fateh Sagar Lake)

फतेह सागर झील शहर के हलचल भरे जीवन से दूर शांति और सुकून का अनुभव कराने के लिए एक आदर्श जगह है। यहां आप टहलने या नाव की सवारी का आनंद ले सकते हैं। झील के किनारे बने कैफे और बोटिंग पॉइंट इसे परिवार और दोस्तों के साथ घूमने के लिए और भी खास बनाते हैं।

जगदीश मंदिर (Jagdish Temple)

सिटी पैलेस के पास स्थित जगदीश मंदिर 17वीं सदी का एक ऐतिहासिक मंदिर है जो भगवान विष्णु को समर्पित है। इसकी बारीक नक्काशी और मूर्तियां मेवाड़ की कला और कारीगरी को बखूबी दर्शाती हैं। यह मंदिर न केवल धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है बल्कि कला प्रेमियों के लिए भी आकर्षक स्थल है।

उदयपुर सिर्फ झीलों और महलों का शहर नहीं है बल्कि यह राजसी जीवनशैली, इतिहास और संस्कृति का जीवंत उदाहरण भी है। अगर आप उदयपुर टूर की प्लानिंग कर रहे हैं तो इन प्रमुख पर्यटन स्थलों पर जरूर जाएं।

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