बच्चों को दवा देते समय करते हैं ये गलतियां, आज ही कर दें बंद
Kids Health: बच्चों की सेहत हर माता‑पिता के लिए सबसे बड़ी चिंता होती है। जब बच्चा बीमार पड़ता है तो माता‑पिता हर संभव कोशिश करते हैं कि वह जल्दी ठीक हो जाए लेकिन अक्सर छोटी‑छोटी गलतियां, जैसे दवा का गलत समय, गलत खुराक या बिना डॉक्टर की सलाह के दवा देना, बच्चे की सेहत पर बुरा असर डाल सकती हैं।

बच्चों की सेहत हर माता-पिता के लिए सबसे बड़ी चिंता होती है। जब बच्चा बीमार पड़ता है तो माता-पिता हर संभव कोशिश करते हैं कि वह जल्दी ठीक हो जाए। लेकिन अक्सर छोटी-छोटी गलतियां जैसे- दवा का गलत तरीका या समय बच्चे की सेहत पर बुरा असर डाल सकती हैं। बच्चों का शरीर नाजुक होता है और उनकी रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर होती है। इसलिए दवा देते समय विशेष सावधानी बरतना बेहद जरूरी है।
खुद से दवा देना
कई माता-पिता सर्दी, खांसी या बुखार जैसी आम समस्याओं में बच्चों को खुद से दवा दे देते हैं। यह खतरनाक हो सकता है क्योंकि हर बच्चे की उम्र, वजन और स्वास्थ्य स्थिति अलग होती है। बिना डॉक्टर की सलाह के दवा देने से बीमारी बढ़ सकती है या नई समस्याएं पैदा हो सकती हैं। आपको इस बात का खास ध्यान रखना है कि बच्चों को किसी भी दवा को बिना डॉक्टर की सलाह के न दें और हमेशा सही खुराक का पालन करें।
दवा देने का समय न रखना
कुछ दवाएं खाने से पहले और कुछ खाने के बाद दी जाती हैं। गलत समय पर दवा देने से इसका असर कम हो सकता है या बच्चे के पेट में समस्या हो सकती है। डॉक्टर द्वारा बताई गई समय सारणी (जैसे हर 8 घंटे, दिन में 2 बार आदि) का सटीक पालन करें।
दूसरे बच्चे की दवा देना
कई बार माता-पिता सोचते हैं कि अगर बड़े बच्चे को कोई दवा काम कर रही है तो छोटे बच्चे को भी वही दी जा सकती है। यह बिलकुल गलत है। हर बच्चे का वजन, रोग की स्थिति और प्रतिरक्षा प्रणाली अलग होती है। हर बच्चे की दवा अलग दें और हमेशा डॉक्टर की सलाह पर ही दवा बदलें।
दवा को दूध या जूस में मिलाकर देना
दवा का कड़वा स्वाद अक्सर बच्चों को नापसंद होता है। कई माता-पिता इसे दूध, जूस या खाने में मिला देते हैं। लेकिन इससे दवा का असर कम या खत्म हो सकता है। दवा हमेशा उसी रूप में दें जैसा डॉक्टर ने बताया है।
बच्चों को दवा देने के आसान और असरदार तरीके
दवा देने को बच्चे के खेल या कहानी का हिस्सा बनाएं ताकि वह डर न पाए। दवा लेने पर बच्चे को सरप्राइज या ताली बजाकर प्रोत्साहित करें। दवा देते समय प्यार और धैर्य से बात करें जल्दी-जल्दी या जोर-जबर्दस्ती न करें।
बच्चों को दवा देना केवल बीमारी को ठीक करने का तरीका नहीं है बल्कि इसे सही तरीके से देना उनकी सुरक्षा और स्वास्थ्य के लिए बहुत जरूरी है। माता-पिता छोटी-छोटी सावधानियों और सही जानकारी से बच्चे की बीमारी जल्दी और सुरक्षित तरीके से ठीक कर सकते हैं।
बच्चों की सेहत हर माता-पिता के लिए सबसे बड़ी चिंता होती है। जब बच्चा बीमार पड़ता है तो माता-पिता हर संभव कोशिश करते हैं कि वह जल्दी ठीक हो जाए। लेकिन अक्सर छोटी-छोटी गलतियां जैसे- दवा का गलत तरीका या समय बच्चे की सेहत पर बुरा असर डाल सकती हैं। बच्चों का शरीर नाजुक होता है और उनकी रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर होती है। इसलिए दवा देते समय विशेष सावधानी बरतना बेहद जरूरी है।
खुद से दवा देना
कई माता-पिता सर्दी, खांसी या बुखार जैसी आम समस्याओं में बच्चों को खुद से दवा दे देते हैं। यह खतरनाक हो सकता है क्योंकि हर बच्चे की उम्र, वजन और स्वास्थ्य स्थिति अलग होती है। बिना डॉक्टर की सलाह के दवा देने से बीमारी बढ़ सकती है या नई समस्याएं पैदा हो सकती हैं। आपको इस बात का खास ध्यान रखना है कि बच्चों को किसी भी दवा को बिना डॉक्टर की सलाह के न दें और हमेशा सही खुराक का पालन करें।
दवा देने का समय न रखना
कुछ दवाएं खाने से पहले और कुछ खाने के बाद दी जाती हैं। गलत समय पर दवा देने से इसका असर कम हो सकता है या बच्चे के पेट में समस्या हो सकती है। डॉक्टर द्वारा बताई गई समय सारणी (जैसे हर 8 घंटे, दिन में 2 बार आदि) का सटीक पालन करें।
दूसरे बच्चे की दवा देना
कई बार माता-पिता सोचते हैं कि अगर बड़े बच्चे को कोई दवा काम कर रही है तो छोटे बच्चे को भी वही दी जा सकती है। यह बिलकुल गलत है। हर बच्चे का वजन, रोग की स्थिति और प्रतिरक्षा प्रणाली अलग होती है। हर बच्चे की दवा अलग दें और हमेशा डॉक्टर की सलाह पर ही दवा बदलें।
दवा को दूध या जूस में मिलाकर देना
दवा का कड़वा स्वाद अक्सर बच्चों को नापसंद होता है। कई माता-पिता इसे दूध, जूस या खाने में मिला देते हैं। लेकिन इससे दवा का असर कम या खत्म हो सकता है। दवा हमेशा उसी रूप में दें जैसा डॉक्टर ने बताया है।
बच्चों को दवा देने के आसान और असरदार तरीके
दवा देने को बच्चे के खेल या कहानी का हिस्सा बनाएं ताकि वह डर न पाए। दवा लेने पर बच्चे को सरप्राइज या ताली बजाकर प्रोत्साहित करें। दवा देते समय प्यार और धैर्य से बात करें जल्दी-जल्दी या जोर-जबर्दस्ती न करें।
बच्चों को दवा देना केवल बीमारी को ठीक करने का तरीका नहीं है बल्कि इसे सही तरीके से देना उनकी सुरक्षा और स्वास्थ्य के लिए बहुत जरूरी है। माता-पिता छोटी-छोटी सावधानियों और सही जानकारी से बच्चे की बीमारी जल्दी और सुरक्षित तरीके से ठीक कर सकते हैं।












