Tuesday, 16 April 2024

हफ्ते में बस 4 दिन काम, इस देश के एम्प्लॉयज हुए खुश

International News : दुनिया के अब तक के सबसे बड़े चार-दिवसीय कार्य सप्ताह परीक्षण में भाग लेने वाली ब्रिटेन की…

हफ्ते में बस 4 दिन काम, इस देश के एम्प्लॉयज हुए खुश

International News : दुनिया के अब तक के सबसे बड़े चार-दिवसीय कार्य सप्ताह परीक्षण में भाग लेने वाली ब्रिटेन की कई कंपनियों को यह नीति पसंद आ गई है। इन कंपनियों ने फोर डे वीक नीति को स्थायी बना दिया है। आपको बता दें साल 2022 में छह महीने के ब्रिटेन के पायलट प्रोजेक्ट में भाग लेने वाले 61 संगठनों में से 54 यानी लगभग 89 फीसदी ने एक साल बाद भी फोर डे वीक नीति को जारी रखा है। जिससे इस नीति के सफल होने की बात कही जा रही है।

नीति से पड़ा संगठन पर सकारात्मक असर

हाल ही में जारी कि इस रिपोर्ट में पाया गया कि आधे से ज्यादा यानि 55 फीसदी परियोजना प्रबंधकों और CEO ने कहा कि फोर डे वीक के तहत कर्मचारियों ने अपने 80 फीसदी समय में अपने आउटपुट का 100 फीसदी काम किया। जिससे उनके संगठन पर सकारात्मक प्रभाव पड़ा है। जबकि 50 फीसदी ने पाया कि इससे कर्मचारियों का आउटपुट कम हो गया, 32 फीसदी ने कहा कि इससे नौकरी की भर्ती में सुधार हुआ है।

कर्मचारियों के स्वास्थ्य के लिए बेहतर है नीति

बोस्टन कॉलेज में समाजशास्त्र की प्रोफेसर जूलियट शोर के अनुसार फोर डे वीक एक्सपैरीमेंट के नतीजों ने वास्तविक और लंबे समय तक चलने वाले प्रभाव दिखाए हैं। उन्होंने कहा कि इस कार्यशैली से कर्मचारियों का शारीरिक, मानसिक स्वास्थ्य और कार्य-जीवन संतुलन छह महीने की तुलना में काफी बेहतर है। वहीं इस बारे में ब्रिटिश उद्योग परिसंघ के एक निदेशक मैथ्यू पर्सिवल ने कहा कि चार दिवसीय सप्ताह सभी के लिए एक ही उपयुक्त समाधान के नहीं है और कई उद्योगों में इसके लिए भुगतान करने की संभावना नहीं होगी।

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कर्मचारियों को भी पसंद आई नीति

वहीं थिंक टैंक ऑटोनॉमी और अमरीका में कैम्ब्रिज विश्वविद्यालय, सैलफोर्ड विश्वविद्यालय और बोस्टन कॉलेज के शोधकर्ताओं की फोर डे वीक की रिपोर्ट में पाया कि प्रारंभिक परीक्षण के दौरान पाए गए कई जरूरी फायदें 12 महीने तक बने रहेंगे। हालांकि उन्होंने कहा कि यह एक छोटा नमूना आकार था। जिसे परीणाम बाद में ही नजर आएंगे। वहीं इस नीति के बारे में लगभग सभी यानि 96 फीसदी कर्मचारियों ने कहा कि उनके व्यक्तिगत जीवन को लाभ हुआ है और 86 फीसदी ने महसूस किया कि उन्होंने काम पर बेहतर प्रदर्शन किया है, जबकि 38 फीसदी ने महसूस किया कि उनका संगठन अधिक कुशल हो गया है और 24 फीसदी ने कहा कि इससे देखभाल संबंधी जिम्मेदारियों में मदद मिली है। संगठनों ने सप्ताह में 31.6 घंटे तक पहुंचने के लिए काम के घंटों को औसतन 6.6 घंटे कम कर दिया गया है।

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