कितने साल में बदलना चाहिए वाईफाई राउटर? जानिए पूरी वजह

घर में लगा वाईफाई राउटर अक्सर जब तक चल रहा है, तब तक ठीक है सोच के साथ सालों तक इस्तेमाल किया जाता है। लेकिन सच यह है कि राउटर की भी एक तय उम्र होती है, और समय पर इसे बदलना आपकी इंटरनेट स्पीड और सुरक्षा दोनों के लिए बेहद जरूरी है।

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वाईफाई राउटर
locationभारत
userयोगेन्द्र नाथ झा
calendar22 Mar 2026 01:12 PM
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Wi-Fi Router : घर में लगा वाईफाई राउटर अक्सर जब तक चल रहा है, तब तक ठीक है सोच के साथ सालों तक इस्तेमाल किया जाता है। लेकिन सच यह है कि राउटर की भी एक तय उम्र होती है, और समय पर इसे बदलना आपकी इंटरनेट स्पीड और सुरक्षा दोनों के लिए बेहद जरूरी है।

3-5 साल में बदलना क्यों है जरूरी?

टेक एक्सपर्ट्स के अनुसार, हर 3 से 5 साल में वाईफाई राउटर बदल लेना चाहिए।

समय के साथ:

* हार्डवेयर कमजोर होने लगता है

* सॉफ्टवेयर अपडेट बंद हो जाते हैं

* नई टेक्नोलॉजी का सपोर्ट नहीं मिलता

इसका सीधा असर आपके इंटरनेट अनुभव पर पड़ता है।

पुराना राउटर क्यों करता है इंटरनेट स्लो?

पुराने राउटर अक्सर वाईफाई 4 या वाईफाई 5 जैसे पुराने स्टैंडर्ड पर चलते हैं।

इस वजह से:

* हाई-स्पीड प्लान होने के बावजूद पूरी स्पीड नहीं मिलती

* वीडियो बफरिंग और कॉल ड्रॉप की समस्या बढ़ती है

* डाउनलोड/अपलोड धीमा हो जाता है

वहीं नए राउटर वाईफाई 6 जैसी तकनीक के साथ आते हैं, जो ज्यादा तेज और स्थिर कनेक्शन देते हैं।

सिक्योरिटी के लिहाज से भी खतरा

पुराने राउटर में सबसे बड़ा रिस्क साइबर सिक्योरिटी का होता है।

* कंपनियां पुराने डिवाइस पर अपडेट देना बंद कर देती हैं

* हैकर्स के लिए नेटवर्क में घुसना आसान हो जाता है

* पर्सनल डेटा, पासवर्ड और बैंकिंग जानकारी लीक हो सकती है

नए राउटर डब्ल्यूपीए 3 सिक्योरिटी के साथ आते हैं, जो नेटवर्क को ज्यादा सुरक्षित बनाते हैं।

रेंज और मल्टी-डिवाइस में भी कमजोर

आज के समय में एक घर में कई डिवाइस जुड़े होते हैं मोबाइल, टीवी, लैपटॉप, स्मार्ट होम डिवाइस आदि।

पुराना राउटर:

* कमजोर सिग्नल देता है

* हर कमरे में समान स्पीड नहीं मिलती

* ज्यादा डिवाइस कनेक्ट होने पर हैंग हो जाता है

नए राउटर में एमयू एमआईएमओ और बीम फार्मिंग जैसी तकनीक होती है:

* हर डिवाइस को बेहतर स्पीड मिलती है

* सिग्नल दूर तक मजबूत रहता है

कब समझें कि अब राउटर बदलने का समय आ गया है?

अगर आपके साथ ये समस्याएं हो रही हैं, तो राउटर बदलने का समय आ गया है:

* बार-बार इंटरनेट स्लो होना

* वीडियो कॉल/मीटिंग में दिक्कत

* घर के कुछ हिस्सों में नेटवर्क नहीं आना

* 3-5 साल से ज्यादा पुराना राउटर

वाईफाई राउटर सिर्फ एक डिवाइस नहीं, बल्कि आपके पूरे डिजिटल लाइफ का आधार है। अगर आप बेहतर स्पीड, मजबूत सिक्योरिटी और स्मूद इंटरनेट चाहते हैं, तो हर 3-5 साल में राउटर अपग्रेड करना एक स्मार्ट फैसला है।


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एलपीजी पर बड़ी राहत : केंद्र ने राज्यों का 50% तक बढ़ाया आवंटन, मजदूरों को 5 किलो सिलेंडर

पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के लिए गैस आवंटन बढ़ाने का फैसला किया है, जिससे आम लोगों के साथ-साथ छोटे कारोबारियों और मजदूरों को राहत मिलने की उम्मीद है।

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अतिरिक्त गैस सप्लाई
locationभारत
userयोगेन्द्र नाथ झा
calendar21 Mar 2026 07:03 PM
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LPG Problem : देश में एलपीजी की उपलब्धता को लेकर जारी दबाव के बीच केंद्र सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के लिए गैस आवंटन बढ़ाने का फैसला किया है, जिससे आम लोगों के साथ-साथ छोटे कारोबारियों और मजदूरों को राहत मिलने की उम्मीद है।

23 मार्च से लागू होगा नया आदेश

मंत्रालय की ओर से जारी निर्देश के अनुसार:

* 23 मार्च 2026 से अतिरिक्त 20% गैस सप्लाई शुरू की जाएगी

* इससे कुल आवंटन संकट से पहले के स्तर के लगभग 50% तक पहुंच जाएगा

* यह व्यवस्था अगले आदेश तक लागू रहेगी

इस फैसले का मकसद बाजार में गैस की कमी को कम करना और सप्लाई चेन को संतुलित करना है।

प्रवासी मजदूरों के लिए खास राहत

सरकार ने इस बार खास तौर पर प्रवासी मजदूरों को ध्यान में रखते हुए योजना बनाई है।

* 5 किलो के छोटे एलपीजी सिलेंडर उपलब्ध कराए जाएंगे

* ये सिलेंडर सस्ते और आसानी से ले जाने योग्य होंगे

* अस्थायी और कामकाजी लोगों को खाना बनाने में सहूलियत मिलेगी

इन सेक्टरों को मिलेगी प्राथमिकता

अतिरिक्त गैस सप्लाई को कुछ खास क्षेत्रों के लिए प्राथमिकता दी जाएगी:

* होटल, ढाबे और रेस्टोरेंट

* औद्योगिक कैंटीन

* फूड प्रोसेसिंग और डेयरी यूनिट

* सरकारी और स्थानीय निकायों द्वारा चलाए जा रहे सस्ते भोजन केंद्र

* कम्युनिटी किचन

इससे इन सेवाओं में रुकावट कम होगी और आम लोगों को भी अप्रत्यक्ष लाभ मिलेगा।

ब्लैक मार्केटिंग पर सख्ती

सरकार ने गैस की कालाबाजारी रोकने के लिए सख्त कदम उठाने के निर्देश दिए हैं:

* छापेमारी अभियान तेज किया जाएगा

* सप्लाई का गलत इस्तेमाल रोकने के लिए निगरानी बढ़ेगी

* सभी व्यावसायिक उपभोक्ताओं के लिए रजिस्ट्रेशन अनिवार्य किया गया है

आयात में बदलाव भी बना वजह

एलपीजी सप्लाई पर असर डालने वाले अंतरराष्ट्रीय कारक भी सामने आए हैं जिनमें हाल के दिनों में आयात में गिरावट दर्ज की गई। मध्य पूर्व से आने वाली सप्लाई कम हुई तथा वैकल्पिक स्रोतों, खासकर अमेरिका से आयात बढ़ाया जा रहा है। सरकार इन बदलावों के बीच संतुलन बनाने की कोशिश कर रही है। केंद्र सरकार का यह कदम ऐसे समय में आया है जब गैस की उपलब्धता को लेकर चिंता बढ़ रही थी। बढ़े हुए आवंटन, प्राथमिकता वाले सेक्टर और छोटे सिलेंडर जैसी पहल से आने वाले दिनों में हालात बेहतर होने की उम्मीद है। यह फैसला न सिर्फ आम जनता बल्कि छोटे व्यवसाय और प्रवासी मजदूरों के लिए भी राहत लेकर आ सकता है।


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जब शहनाई की तान से गूंजती थी काशी, कुछ ऐसा था बिस्मिल्लाह खान का जीवन

भारत रत्न उस्ताद बिस्मिल्लाह खान का जीवन भारतीय संगीत की समृद्ध परंपरा, सादगी और समर्पण की अद्भुत मिसाल है। उन्होंने शहनाई को सिर्फ एक वाद्ययंत्र नहीं रहने दिया, बल्कि उसे भारतीय आत्मा की आवाज भी बना दिया।

उस्ताद बिस्मिल्लाह खान
उस्ताद बिस्मिल्लाह खान
locationभारत
userअभिजीत यादव
calendar21 Mar 2026 03:48 PM
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Ustad Bismillah Khan : भारत रत्न उस्ताद बिस्मिल्लाह खान का जीवन भारतीय संगीत की समृद्ध परंपरा, सादगी और समर्पण की अद्भुत मिसाल है। उन्होंने शहनाई को सिर्फ एक वाद्ययंत्र नहीं रहने दिया, बल्कि उसे भारतीय आत्मा की आवाज भी बना दिया। 21 मार्च 1916 को बिहार राज्य के डुमरांव में जन्मे उस्ताद ने अपनी संगीत साधना से ऐसा इतिहास रचा, जिसे पीढ़ियां याद रखेंगी। उनकी शहनाई की तान में एक ओर भक्ति का भाव था, तो दूसरी ओर भारतीय संस्कृति की गहरी जड़ें भी महसूस होती थीं। उन्होंने देश ही नहीं, दुनिया भर के श्रोताओं को अपने सुरों से प्रभावित किया। उनकी जयंती पर उन्हें याद करना दरअसल उस विरासत को प्रणाम करना है, जिसने भारतीय संगीत को वैश्विक सम्मान दिलाया।

बाबा विश्वनाथ के चरणों में समर्पित थी साधना

उस्ताद बिस्मिल्लाह खान का काशी और बाबा विश्वनाथ से बेहद गहरा आध्यात्मिक रिश्ता था। कहा जाता है कि जब तक वह जीवित रहे, तब तक अपनी शहनाई की मधुर तान से बाबा विश्वनाथ को जगाने की परंपरा निभाते रहे। उनके सुरों में भक्ति, बनारस की आत्मा और गंगा किनारे की आध्यात्मिक शांति का अनूठा संगम सुनाई देता था। यही वजह है कि उनकी शहनाई सिर्फ संगीत नहीं, बल्कि साधना मानी जाती थी। एक दौर में शहनाई को सिर्फ शादी-ब्याह और शुभ अवसरों का वाद्ययंत्र माना जाता था। लेकिन उस्ताद बिस्मिल्लाह खान ने अपने अथक रियाज, अद्भुत प्रतिभा और समर्पण से इसे शास्त्रीय संगीत की ऊंचाइयों तक पहुंचा दिया। उन्होंने शहनाई को देश की सीमाओं से बाहर ले जाकर अंतरराष्ट्रीय मंचों पर सम्मान दिलाया। आज शहनाई को जो प्रतिष्ठा हासिल है, उसमें उस्ताद का योगदान सबसे अहम माना जाता है।

डुमरांव की मिट्टी से उठी सुरों की महान धारा

उस्ताद बिस्मिल्लाह खान का जन्म बिहार के बक्सर जिले के डुमरांव में एक संगीतकार परिवार में हुआ था। बचपन से ही उन्हें संगीत का वातावरण मिला और उसी ने उनके भीतर शहनाई के प्रति समर्पण का भाव पैदा किया। कठिन साधना और निरंतर अभ्यास ने उन्हें उस मुकाम तक पहुंचाया, जहां उनका नाम शहनाई का पर्याय बन गया। उनकी कला में बिहार की सादगी और बनारस की आत्मीयता एक साथ दिखाई देती थी। उस्ताद बिस्मिल्लाह खान केवल एक महान कलाकार ही नहीं थे, बल्कि वे भारतीय साझा संस्कृति और गंगा-जमुनी तहजीब के मजबूत प्रतीक भी थे। उनके व्यक्तित्व में विनम्रता, आध्यात्मिकता और इंसानियत की गहरी छाप थी। यही कारण है कि वे संगीत के साथ-साथ सामाजिक सौहार्द की मिसाल के रूप में भी याद किए जाते हैं। भारतीय संगीत को समृद्ध करने और शहनाई को वैश्विक पहचान दिलाने में उनके ऐतिहासिक योगदान के लिए उन्हें देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मान भारत रत्न से सम्मानित किया गया। इसके अलावा उन्हें पद्म श्री, पद्म भूषण और पद्म विभूषण जैसे प्रतिष्ठित सम्मानों से भी नवाजा गया। उनकी उपलब्धियां आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा हैं।

जयंती पर नेताओं ने किया स्मरण

उस्ताद बिस्मिल्लाह खान की जयंती पर देश के कई बड़े नेताओं ने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने भारतीय शास्त्रीय संगीत में उनके अतुलनीय योगदान को याद करते हुए उन्हें नमन किया। केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने उन्हें शहनाई का जादूगर बताते हुए विनम्र अभिवादन किया। वहीं शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि उस्ताद की स्मृतियां शहनाई की मधुर धुन में हमेशा जीवित रहेंगी।

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी उन्हें याद करते हुए कहा कि उस्ताद बिस्मिल्लाह खान ने भारतीय शास्त्रीय संगीत को वैश्विक मंच पर नई पहचान दिलाई। उन्होंने अपने संगीत के माध्यम से राष्ट्रीय एकता और सांस्कृतिक गौरव को मजबूत किया। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने उन्हें काशी और भारत की सांस्कृतिक चेतना का जीवंत स्वर बताया। वहीं दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने उनकी कला, सादगी और सांझी विरासत को भारतीय संगीत जगत की अमूल्य धरोहर कहा। Ustad Bismillah Khan