इंदौर की 'बेवफा सोनम' के बाद गंगानगर की 'अंजू', शादी के 3 महीने बाद पति की बेरहमी से हत्या

श्रीगंगानगर एसपी अमृतु दुहान ने बताया कि शुरुआती जांच में ही पुलिस को घटना पर संदेह हो गया था। घटनास्थल का निरीक्षण और एफएसएल टीम की जांच से सामने आया कि यह कोई साधारण सड़क दुर्घटना नहीं है। पुलिस को दो बड़े सुराग मिले।

Honeymoon Murder
पत्नी ने प्रेमी के साथ मिलकर रची साजिश (फाइल फोटो)
locationभारत
userऋषि तिवारी
calendar05 Feb 2026 03:33 PM
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Crime News : राजस्थान के श्रीगंगानगर जिले से रिश्तों को शर्मसार कर देने वाला मामला सामने आया है। यहां एक दुल्हन ने अपने प्रेमी के साथ मिलकर शादी के महज तीन महीने बाद ही पति की बेरहमी से हत्या कर दी और इसे एक सड़क हादसे (हिट एंड रन) का रूप देने की कोशिश की। पुलिस ने इस मामले को इंदौर के चर्चित राजा रघुवंशी हत्याकांड जैसा 'हनीमून मर्डर' बताया है। मामले में पुलिस ने मुख्य आरोपी पत्नी समेत चार लोगों को गिरफ्तार कर लिया है।

घटना का विवरण

बता दें कि पुलिस के अनुसार, घटना 30 जनवरी की रात करीब 9 बजे की है। रावला थाना क्षेत्र के अनूपगढ़ मार्ग पर आशीष और उसकी पत्नी अंजू बेहोशी की हालत में सड़क किनारे मिले थे। आनन-फानन में उन्हें अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने आशीष को मृत घोषित कर दिया, जबकि पत्नी अंजू खतरे से बाहर थी। प्रारंभिक सूचना में अंजू ने पुलिस को बताया था कि एक अज्ञात वाहन ने उन्हें टक्कर मारी और मौके पर मौजूद लुटेरों ने उसकी सोने की ज्वेलरी लूट ली।

पुलिस को हुआ शक, खुला हत्या का राज

बता दें कि श्रीगंगानगर एसपी अमृतु दुहान ने बताया कि शुरुआती जांच में ही पुलिस को घटना पर संदेह हो गया था। घटनास्थल का निरीक्षण और एफएसएल टीम की जांच से सामने आया कि यह कोई साधारण सड़क दुर्घटना नहीं है। पुलिस को दो बड़े सुराग मिले। पहला, मृतक आशीष के शरीर पर सड़क हादसे के बजाय बेरहमी से पिटाई के निशान थे और सबसे अहम बात उसका गला घोंटा गया था। दूसरा, जहां पति की जान चली गई, वहीं साथ मौजूद पत्नी अंजू को एक खरोंच तक नहीं आई थी।

प्रेमी से चैटिंग ने खोला राज

बता दें कि जब पुलिस ने अंजू के मोबाइल रिकॉर्ड खंगाले, तो सच्चाई सामने आ गई। अंजू सादुलशहर निवासी अपने पुराने प्रेमी संजू के लगातार संपर्क में थी। पूछताछ में अंजू लगातार बयान बदलती रही, लेकिन तकनीकी साक्ष्यों के सामने उसकी एक न चली और उसने अपना जुर्म कबूल कर लिया।

ऐसे दिया गया वारदात को अंजाम

बता दें कि पुलिस जांच में सामने आया है कि 23 वर्षीय अंजू अपनी शादी से खुश नहीं थी। उसने अपने प्रेमी संजू के साथ मिलकर पति को रास्ते से हटाने की साजिश रची। अंजू कुछ समय पहले अपने मायके सादुलशहर गई थी, जहां उसने संजू और उसके दो साथियों (रॉकी और बादल) के साथ हत्या की प्लानिंग की। अंजू जानती थी कि आशीष डिनर के बाद टहलने जाता है। वारदात की रात वह जानबूझकर उसे एक सुनसान सड़क पर ले गई। पूर्व नियोजित योजना के तहत, झाड़ियों में छिपे संजू और उसके साथियों ने आशीष पर हमला कर दिया। पहले उसे लाठी-डंडों से पीटा गया, फिर गला घोंटकर उसे मार डाला। लूट की झूठी कहानी गढ़ने के लिए अंजू ने अपनी बालियां और फोन भी खुद आरोपियों को सौंप दिए थे।

चारों आरोपी गिरफ्तार

पुलिस ने मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी पत्नी अंजू, उसके प्रेमी संजू, और सहयोगी रॉकी उर्फ रोहित व बादल उर्फ सिद्धार्थ को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने आरोपियों से पूछताछ शुरू कर दी है ताकि पूरे मामले का खुलासा किया जा सके। Crime News

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गाजियाबाद सुसाइड केस में बड़ा खुलासा, पिता का दर्द- जुनून ने छीन ली बेटियों की जान

पिता ने सरकार से गुहार लगाई है। उन्होंने कहा कि आज मेरे तीन बच्चे चले गए हैं, कल किसी और के न जाएं। सरकार को इस कोरियन कल्चर और इससे जुड़े कंटेंट पर तुरंत बैन लगाना चाहिए। यह एडिक्शन बच्चों को दीमक की तरह चाट रहा है।

Ghaziabad suicide case
गाजियाबाद सुसाइड केस में पिता ने उगली यह बात (फाइल फोटो)
locationभारत
userऋषि तिवारी
calendar05 Feb 2026 01:46 PM
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Gaziabad News : यहां एक आवासीय सोसाइटी में तीन बहनों द्वारा छलांग लगाकर आत्महत्या करने की हृदयविदारक घटना में एक नया और चौंकाने वाला पहलू सामने आया है। मृतकाओं के पिता चेतन गुर्जर ने अपने ऊपर लग रहे भारी कर्ज के आरोपों को खारिज करते हुए इस त्रासदी का जिम्मेदार अपनी बेटियों का 'कोरियन कल्चर' (Korean Culture) के प्रति खतरनाक जुनून बताया है। बता दें कि पिता ने बताया कि बच्चे भारतीय स्कूलों में पढ़ना ही नहीं चाहते थे और लगातार कोरिया जाकर पढ़ाई करने की जिद कर रहे थे। चेतन गुर्जर ने कहा कि भारी कर्ज के चलते बच्चों ने कदम नहीं उठाया। उनकी मौत की असली वजह कोरियन संस्कृति का एडिक्शन है, जिसने उनका दिमाग खा लिया था।

घर में बना था तनाव का माहौल

बता दें कि चेतन गुर्जर ने बताया कि पिछले कई महीनों से उनके घर में कोरियन कल्चर को लेकर तनाव का माहौल था। वह पिछले तीन महीने से बेटियों को समझाने की कोशिश कर रहे थे, लेकिन वे उनकी एक न सुनती थीं। पिता ने बताया कि बच्चे कहते थे कि हमें कोरिया भेज दो, हम वहीं पढ़ेंगे। स्कूल की टीचर ने भी हमें सलाह दी थी कि एडमिशन कराने से कुछ नहीं होगा, पहले इनके माइंडसेट को चेंज कीजिए।

आभासी दुनिया में कैद थीं बहनें

बता दें कि पिता के मुताबिक, तीनों बहनें कोरियन फिल्मों, म्यूजिक और लाइफस्टाइल की इतनी दीवानी हो गई थीं कि उन्होंने खुद को एक आभासी दुनिया (K-world) में कैद कर लिया था। एडिक्शन का स्तर इतना गहरा था कि जब भी परिजन उनसे मोबाइल छीन लेते थे, वे खाना-पीना छोड़ देती थीं।

मौत वाली रात भी दे रही थीं मोबाइल

बता दें कि चेतन गुर्जर ने आगे खुलासा किया कि जिस रात बच्चियों ने यह आत्मघाती कदम उठाया, उस रात भी वे देर रात 12 बजे तक मोबाइल पर अपने 'के-वर्ल्ड' में ही दिखाई दे रही थीं और बाहर आने को तैयार नहीं थीं। उन्होंने कहा कि बच्चों ने कर्ज के कारण नहीं, बल्कि अपनी इस जिद और मानसिक स्थिति के चलते जान दी।

सरकार से मांग- बैन किया जाए कोरियन कंटेंट

बता दें कि अपनी तीनों संतानों को खो चुके पिता ने सरकार से गुहार लगाई है। उन्होंने कहा कि आज मेरे तीन बच्चे चले गए हैं, कल किसी और के न जाएं। सरकार को इस कोरियन कल्चर और इससे जुड़े कंटेंट पर तुरंत बैन लगाना चाहिए। यह एडिक्शन बच्चों को दीमक की तरह चाट रहा है। Gaziabad News

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एक झड़प के बाद गांव पुरुषों से खाली, बिहार में आखिर ऐसा क्या हुआ?

पुलिस के अनुसार इस मामले में 70 नामजद और करीब 100 से 150 अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया है। शिकायत के आधार पर SC/ST एक्ट के तहत भी केस दर्ज किया गया है।

दरभंगा हिंसा केस
दरभंगा हिंसा केस
locationभारत
userअभिजीत यादव
calendar05 Feb 2026 12:46 PM
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Bihar News : बिहार के दरभंगा के कुशेश्वरस्थान थाना क्षेत्र के हरिनगर गांव में पैसों के लेनदेन से उठा विवाद अब इतना भयावह मोड़ ले चुका है कि गांव के करीब 70 घर पुरुष-खाली हो गए हैं। हिंसक झड़प के बाद गिरफ्तारी की आशंका और तनाव के माहौल ने ऐसा डर पैदा किया कि कई परिवारों के पुरुष घर छोड़कर अज्ञात ठिकानों की ओर निकल गए। हालात की गंभीरता देखते हुए गांव में भारी पुलिस बल तैनात कर निगरानी बढ़ा दी गई है, लेकिन गांव की गलियों में डर की परछाई अब भी साफ महसूस हो रही है।

गांव में डर का माहौल

हिंसा के बाद से गांव में डर और बेचैनी का माहौल बना हुआ है। स्थानीय लोगों के मुताबिक दुकानें बंद हैं, जरूरी सामान की उपलब्धता भी प्रभावित हुई है और गांव का सामान्य जीवन लगभग ठप पड़ गया है। गांव की एक महिला ने बताया कि पहले ऐसा कभी नहीं हुआ। हम मिल-जुलकर रहते थे, लेकिन अचानक सब कुछ बदल गया। पुलिस के अनुसार इस मामले में 70 नामजद और करीब 100 से 150 अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया है। शिकायत के आधार पर SC/ST एक्ट के तहत भी केस दर्ज किया गया है। ग्रामीणों का दावा है कि इसी कानूनी कार्रवाई के डर से कई घरों के पुरुष गांव से बाहर चले गए हैं।

पुलिस कार्रवाई पर उठे सवाल

पंचायत के मुखिया विमल चंद्र खान ने पुलिस की शुरुआती कार्रवाई पर सवाल खड़े किए हैं। उनका कहना है कि 30 जनवरी को घटना के बाद यदि पुलिस तुरंत सख्ती दिखाती, तो 31 जनवरी की बड़ी वारदात रोकी जा सकती थी। वहीं, एसएसपी जगुनाथ रेड्डी ने कहा कि मामले की जांच जारी है और पुलिस तथ्यों के आधार पर कार्रवाई कर रही है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि किसी निर्दोष व्यक्ति के खिलाफ गलत कदम नहीं उठाया जाएगा।

2015 की बकाया मजदूरी से शुरू हुआ था विवाद

अशर्फी पासवान की शिकायत के मुताबिक विवाद की जड़ 2015 में घर निर्माण से जुड़ी बकाया मजदूरी है। आरोप है कि पासवान के बेटे विक्रम पासवान ने हेमकांत झा के घर निर्माण की देखरेख की थी, लेकिन करीब 2.5 लाख रुपये का भुगतान नहीं किया गया। बताया गया कि 30 जनवरी को जब हेमकांत झा का दामाद गांव आया, तो पासवान ने दोबारा भुगतान की मांग की। इसी पर बहस बढ़ी और अगले दिन 31 जनवरी की रात मामला हिंसक झड़प में बदल गया।

वित्तीय विवाद से भड़की झड़प

शिकायत में आरोप लगाया गया है कि कई लोग लाठी-डंडों और लोहे की छड़ों के साथ घर में घुसे, परिवार के लोगों पर हमला किया, मारपीट की और महिलाओं के साथ बदसलूकी भी की। साथ ही लूटपाट के आरोप भी लगाए गए हैं। बिरौलिया डीएसपी प्रभाकर तिवारी के मुताबिक घटना 31 जनवरी की रात वित्तीय विवाद के कारण हुई। झड़प में 10 से ज्यादा लोग घायल हुए हैं और अब तक 12 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। पुलिस का कहना है कि आगे की जांच जारी है, गांव में सुरक्षा बढ़ाई गई है और स्थिति तनावपूर्ण जरूर है, लेकिन नियंत्रण में है। Bihar News

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