केंद्र का बड़ा फैसला, 1.60 लाख करोड़ की परियोजनाओं और योजनाओं को मंजूरी
कैबिनेट में एक बड़ा फैसला लिया है, जिसमें लगभग 1.60 लाख करोड़ की परियोजनाओं और योजनाओं को मंजूरी दी गई है। इसमें रेलवे नेटवर्क के बड़े विस्तार, शहरी इंफ्रास्ट्रक्चर के विकास और स्टार्टअप्स के लिए नया फंड शामिल है।

Centre's Decision : भारतीय केंद्र सरकार ने 14 फरवरी 2026 को अपनी कैबिनेट में एक बड़ा फैसला लिया है, जिसमें लगभग 1.60 लाख करोड़ की परियोजनाओं और योजनाओं को मंजूरी दी गई है। इसमें रेलवे नेटवर्क के बड़े विस्तार, शहरी इंफ्रास्ट्रक्चर के विकास और स्टार्टअप्स के लिए नया फंड शामिल है।
रेल और कनेक्टिविटी प्रोजेक्ट्स
कैबिनेट ने देश की परिवहन व्यवस्था मजबूत करने के लिए कई महत्वपूर्ण रेल और सड़क परियोजनाओं को मंजूरी दी है। इनमें शामिल हैं अंबाला-दिल्ली, कासारा-मनमाड और बॉलारी-होसापेटे जैसे मुख्य सेक्शनों पर तीसरी और चौथी लाइनें जोड़ी जाएँगी। असम में गोपुर-नुमालिगढ़ टनल, जो रेल और सड़क दोनों के लिए होगी, यह निर्माण काफी बड़ा और तकनीकी रूप से उन्नत है। नोएडा मेट्रो के एक हिस्से का विस्तार और कई राष्ट्रीय राजमार्गों की चौड़ीकरण परियोजनाएँ भी शामिल हैं। इन निर्णयों से यातायात और माल गति दोनों में सुधार आने की उम्मीद है और देश के अलग-अलग हिस्सों के बीच कनेक्टिविटी बेहतर होगी।
शहरी सुधार का बड़ा कदम
सरकार ने शहरों के विकास को तेज करने के लिए 1 लाख करोड़ का अर्बन चैलेंज फंड भी मंजूर किया है। यह एक बड़ा वित्तीय साधन है जो शहरी परियोजनाओं के लिए बाजार आधारित निवेश और निजी भागीदारी को प्रोत्साहित करेगा। इसका उद्देश्य है शहरों को अधिक समृद्ध और टिकाऊ ढंग से विकसित करना, बेहतर पानी, स्वच्छता, सड़कों और परिवहन जैसी आवश्यक सुविधाएँ बनाना,
और सरकारी वित्तीय सहायता के साथ निजी निवेश को भी आकर्षित करना। यह योजना अगले पांच सालों में लगभग 4 लाख करोड़ का निवेश खड़ा करने का लक्ष्य रखती है, जिसका लाभ छोटे और बड़े दोनों तरह के शहर उठा सकेंगे।
नवाचार के लिए पूंजी
कैबिनेट ने 10,000 करोड़ के स्टार्टअप फंड आॅफ फंड्स को भी हरी झंडी दी है। यह फंड खासकर डीप टेक, हाई टेक उद्योगों और शुरुआती चरण के स्टार्टअप्स को वित्तीय सहायता देगा। इसका लक्ष्य है दीर्घकालिक पूंजी जुटाना, घरेलू उद्यम पूंजी बाजार को मजबूत बनाना और उन कंपनियों को समर्थन देना जिनका उदय भविष्य में तेजी से हो सकता है। यह फंड पहले लॉन्च किए गए स्टार्टअप इंडियापहल का दूसरा चरण है, और इसका मकसद नवाचार आधारित रोजगार और नई व्यापार संभावनाओं को बढ़ाना है। यह पैकेज सिर्फ एक बड़ी रकम के बारे में नहीं है यह देश की आर्थिक रणनीति का एक बड़ा हिस्सा है। सरकार का मानना है कि इससे लॉजिस्टिक्स की लागत घटेगी, रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और नवाचार आधारित विकास को नई गति मिलेगी। Centre's Decision
Centre's Decision : भारतीय केंद्र सरकार ने 14 फरवरी 2026 को अपनी कैबिनेट में एक बड़ा फैसला लिया है, जिसमें लगभग 1.60 लाख करोड़ की परियोजनाओं और योजनाओं को मंजूरी दी गई है। इसमें रेलवे नेटवर्क के बड़े विस्तार, शहरी इंफ्रास्ट्रक्चर के विकास और स्टार्टअप्स के लिए नया फंड शामिल है।
रेल और कनेक्टिविटी प्रोजेक्ट्स
कैबिनेट ने देश की परिवहन व्यवस्था मजबूत करने के लिए कई महत्वपूर्ण रेल और सड़क परियोजनाओं को मंजूरी दी है। इनमें शामिल हैं अंबाला-दिल्ली, कासारा-मनमाड और बॉलारी-होसापेटे जैसे मुख्य सेक्शनों पर तीसरी और चौथी लाइनें जोड़ी जाएँगी। असम में गोपुर-नुमालिगढ़ टनल, जो रेल और सड़क दोनों के लिए होगी, यह निर्माण काफी बड़ा और तकनीकी रूप से उन्नत है। नोएडा मेट्रो के एक हिस्से का विस्तार और कई राष्ट्रीय राजमार्गों की चौड़ीकरण परियोजनाएँ भी शामिल हैं। इन निर्णयों से यातायात और माल गति दोनों में सुधार आने की उम्मीद है और देश के अलग-अलग हिस्सों के बीच कनेक्टिविटी बेहतर होगी।
शहरी सुधार का बड़ा कदम
सरकार ने शहरों के विकास को तेज करने के लिए 1 लाख करोड़ का अर्बन चैलेंज फंड भी मंजूर किया है। यह एक बड़ा वित्तीय साधन है जो शहरी परियोजनाओं के लिए बाजार आधारित निवेश और निजी भागीदारी को प्रोत्साहित करेगा। इसका उद्देश्य है शहरों को अधिक समृद्ध और टिकाऊ ढंग से विकसित करना, बेहतर पानी, स्वच्छता, सड़कों और परिवहन जैसी आवश्यक सुविधाएँ बनाना,
और सरकारी वित्तीय सहायता के साथ निजी निवेश को भी आकर्षित करना। यह योजना अगले पांच सालों में लगभग 4 लाख करोड़ का निवेश खड़ा करने का लक्ष्य रखती है, जिसका लाभ छोटे और बड़े दोनों तरह के शहर उठा सकेंगे।
नवाचार के लिए पूंजी
कैबिनेट ने 10,000 करोड़ के स्टार्टअप फंड आॅफ फंड्स को भी हरी झंडी दी है। यह फंड खासकर डीप टेक, हाई टेक उद्योगों और शुरुआती चरण के स्टार्टअप्स को वित्तीय सहायता देगा। इसका लक्ष्य है दीर्घकालिक पूंजी जुटाना, घरेलू उद्यम पूंजी बाजार को मजबूत बनाना और उन कंपनियों को समर्थन देना जिनका उदय भविष्य में तेजी से हो सकता है। यह फंड पहले लॉन्च किए गए स्टार्टअप इंडियापहल का दूसरा चरण है, और इसका मकसद नवाचार आधारित रोजगार और नई व्यापार संभावनाओं को बढ़ाना है। यह पैकेज सिर्फ एक बड़ी रकम के बारे में नहीं है यह देश की आर्थिक रणनीति का एक बड़ा हिस्सा है। सरकार का मानना है कि इससे लॉजिस्टिक्स की लागत घटेगी, रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और नवाचार आधारित विकास को नई गति मिलेगी। Centre's Decision












