खेती से बंपर कमाई: लाखों का मुनाफा देती हैं टिंडा की ये उन्नत किस्में

टिंडे की खेती साल में दो बार की जा सकती है। पहली बुवाई फरवरी से मार्च तक, जबकि दूसरी बुवाई जून से जुलाई तक की जाती है। किसान टिंडा की उन्नत किस्मों की बुवाई करके अच्छी कमाई कर सकते हैं। ऐसे में तरीके अपनाएं जाए तो इसकी खेती करके अच्छा मुनाफा कमाया जा सकता है।

Tinda cultivation
टिंडा की खेती के लिए उपयुक्त जलवायु और मिट्टी (फाइल फोटो)
locationभारत
userऋषि तिवारी
calendar05 Feb 2026 12:07 PM
bookmark

Tinda Cultivation : देश के किसानों के लिए अभी टिंडा सब्जी की बुवाई का सबसे उपयुक्त समय चल रहा है। कृषि विशेषज्ञों के अनुसार, उन्नत किस्मों की बुवाई और वैज्ञानिक तरीकों को अपनाकर किसान इस फसल से खूब मुनाफा कमा सकते हैं। टिंडे की खेती न केवल कम लागत में होती है, बल्कि इसकी मांग बाजार में हमेशा बनी रहती है। 

आइए जानते हैं टिंडे की आधुनिक खेती का पूरा तरीका।

जलवायु और उपयुक्त मिट्टी

टिंडे की खेती के लिए गर्म और आर्द्र जलवायु सबसे अनुकूल मानी जाती है। ठंडी जलवायु और पाला इस फसल के लिए हानिकारक हो सकते हैं, इसलिए इसे गर्मियों और बारिश के मौसम में उगाया जाता है। मिट्टी की बात करें तो जीवांशयुक्त, अच्छी जल निकासी वाली हल्की दोमट भूमि इसकी पैदावार के लिए सर्वोत्तम होती है, हालांकि यह हर तरह की मिट्टी में उग जाता है।

बुवाई का सही समय और उन्नत किस्में

विशेषज्ञों के मुताबिक, टिंडे की खेती साल में दो बार की जा सकती है। पहली बुवाई फरवरी से मार्च तक, जबकि दूसरी बुवाई जून से जुलाई तक की जाती है। अधिक उपज के लिए किसानों को उन्नत किस्मों को चुनना चाहिए। टिंडा एस 48, टिंडा लुधियाना, पंजाब टिंडा-1, अर्का टिंडा, अन्नामलाई टिंडा, मायको टिंडा, स्वाती, बीकानेरी ग्रीन और एस 22 जैसी किस्में बेहतर पैदावार देती हैं। ये फसल आमतौर पर दो महीने में तैयार हो जाती है।

खेत की तैयारी और बीज उपचार

बुवाई के लिए खेत की ट्रैक्टर और कल्टीवेटर से गहरी जुताई कर मिट्टी को भुरभुरा बना लेना चाहिए। एक एकड़ में 8-10 टन सड़ा हुआ गोबर का उपयोग करना चाहिए। बीज दर के तौर पर एक बीघा में डेढ़ किलो बीज पर्याप्त माना जाता है। बुवाई से पहले बीजों का उपचार जरूरी है। बीजों को 12-24 घंटे पानी में भिगोने के बाद फंगस से बचाव के लिए कार्बेनडाजिम (2 ग्राम) या थीरम (2.5 ग्राम) प्रति किलो की दर से इलाज करें। इसके बाद ट्राइकोडरमा विराइड (4 ग्राम/किग्रा) का उपयोग कर छाया में सुखाकर बोना चाहिए।

खाद और सिंचाई प्रबंधन

एक एकड़ के लिए 90 किलो यूरिया, 125 किलो सिंगल सुपर फासफेट और 35 किलो म्यूरेट ऑफ पोटाश की सिफारिश की गई है। पूरी फासफोरस और पोटाश तथा एक-तिहाई नाइट्रोजन बुवाई के समय दें, बाकी बचा नाइट्रोजन फसल के शुरुआती दौर में दें। गर्मियों में इसे हफ्तेवार सिंचाई की आवश्यकता होती है, जबकि बारिश के मौसम में वर्षा पर निर्भर करना पड़ता है।

तुड़ाई और आमदनी

बुवाई के 40-50 दिन बाद फलों की तुड़ाई शुरू की जा सकती है। जब फल मध्यम आकार के और पके हों, तो उन्हें तोड़ना चाहिए। वैज्ञानिक तरीके से खेती करने पर एक हेक्टेयर में 100 से 125 क्विंटल तक उपज मिल सकती है। बाजार भाव के रूप में टिंडा सामान्यतः 20 से 40 रुपये प्रति किलो तक बिकता है, जिससे किसानों को बंपर मुनाफा हो सकता है। Tinda Cultivation

संबंधित खबरें

अगली खबर पढ़ें

Gold-Silver Price Crash: मार्केट खुलते ही धराशायी हुए भाव, देखें नए रेट

Gold-Silver Price Crash: सोना और चांदी की कीमतों में एक बार फिर बड़ी गिरावट दर्ज की गई है। MCX पर चांदी ₹24,000 तक सस्ती हुई है जबकि सोना ₹4,500 से ज्यादा फिसला है। जानिए आज के लेटेस्ट रेट, गिरावट की वजह और आगे क्या हो सकता है।

Gold Rate Today
Gold Silver Price Today
locationभारत
userअसमीना
calendar05 Feb 2026 11:02 AM
bookmark

सोना और चांदी में निवेश करने वालों के लिए एक बार फिर बड़ा झटका लगा है। बीते दो दिनों की तेजी के बाद गुरुवार को अचानक Gold-Silver Price Crash देखने को मिला। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर बाजार खुलते ही दोनों कीमती धातुओं की कीमतों में तेज गिरावट दर्ज की गई। चांदी एक झटके में ₹24,000 से ज्यादा सस्ती हो गई जबकि सोने की कीमत भी ₹4,500 से अधिक फिसल गई। इस गिरावट ने निवेशकों और आम खरीदारों दोनों को चौंका दिया है।

चांदी की कीमत में अचानक बड़ी गिरावट

गुरुवार को एमसीएक्स पर चांदी की कीमत में जबरदस्त गिरावट दर्ज की गई। बीते कारोबारी दिन 5 मार्च एक्सपायरी वाली 1 किलो चांदी का वायदा भाव ₹2,68,850 पर बंद हुआ था लेकिन बाजार खुलते ही यह गिरकर ₹2,44,654 प्रति किलो पर आ गया। यानी चांदी की कीमत में सीधे ₹24,196 प्रति किलो की गिरावट देखने को मिली। यह गिरावट हाल के दिनों की सबसे बड़ी गिरावट मानी जा रही है।

अपने ऑल टाइम हाई से कितनी सस्ती हुई चांदी?

अगर चांदी के रिकॉर्ड स्तर की बात करें तो 29 जनवरी को इसने ₹4,20,048 प्रति किलो का ऐतिहासिक उच्च स्तर छुआ था। इसके बाद से ही चांदी की कीमतों में लगातार गिरावट का दौर शुरू हो गया था। बजट के आसपास इसमें थोड़ी स्थिरता जरूर दिखी लेकिन अब फिर से तेज फिसलन आई है। मौजूदा भाव की तुलना करें तो चांदी अपने लाइफ टाइम हाई से करीब ₹1,75,394 सस्ती हो चुकी है।

सोने की कीमत में भी बड़ा क्रैश

चांदी के साथ-साथ सोने की कीमतों में भी गुरुवार को भारी गिरावट देखी गई। एमसीएक्स पर 2 अप्रैल एक्सपायरी वाले 24 कैरेट सोने का भाव बुधवार को ₹1,53,046 प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ था लेकिन गुरुवार को ओपनिंग के साथ ही यह गिरकर ₹1,48,455 प्रति 10 ग्राम पर आ गया। इस तरह सोना एक ही झटके में ₹4,591 प्रति 10 ग्राम सस्ता हो गया।

गोल्ड अपने हाई से कितना नीचे आया?

सोने ने भी 29 जनवरी को अपना ऑल टाइम हाई बनाया था जब इसकी कीमत ₹1,93,096 प्रति 10 ग्राम तक पहुंच गई थी। इसके बाद इसमें लगातार गिरावट देखने को मिली थी जो बजट के बाद तक जारी रही। बीच में आई हल्की तेजी भी गुरुवार के क्रैश में खत्म हो गई। फिलहाल सोना अपने रिकॉर्ड हाई से करीब ₹44,641 सस्ता हो चुका है।

निवेशकों और खरीदारों के लिए क्या संकेत?

सोना और चांदी की कीमतों में यह गिरावट निवेशकों के लिए सावधानी का संकेत है जबकि आम खरीदारों के लिए यह एक मौका भी हो सकता है। बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, वैश्विक संकेतों, डॉलर की मजबूती और मुनाफावसूली के चलते कीमती धातुओं पर दबाव बना हुआ है। ऐसे में निवेश से पहले बाजार की चाल को समझना बेहद जरूरी है।

(नोट- सोना-चांदी या गोल्ड-सिल्वर ETF में किसी भी तरह के निवेश से पहले अपने मार्केट एक्सपर्ट्स की सलाह जरूर लें।)

संबंधित खबरें

अगली खबर पढ़ें

सिर कटने के बाद भी जिंदा बताकर गाय से दूध निकालने वाले का चौंकाने वाला खुलासा

गाय से दूध निकालने की हवस में आरोपी दूध कारोबारी ने एक अत्यंत घृणित तरीका अपनाया। उसने मृत बछड़े का सिर धड़ से अलग कर दिया और उसकी खाल के अंदर भूसा भर दिया। इसके बाद उसने बछड़े के कटे हुए सिर को गौशाला की दीवार पर इस तरह टांग दिया।

The cow is confused.
गौ हत्या और पशु क्रूरता के आरोप में व्यापारी जेल भेजा (फाइल फोटो)
locationभारत
userऋषि तिवारी
calendar05 Feb 2026 10:39 AM
bookmark

MP News : मध्य प्रदेश के टीकमगढ़ जिले से मानवता को शर्मसार कर देने वाली एक भयावह घटना सामने आई है। यहां एक दूध कारोबारी ने महज कुछ लीटर दूध के लालच में बेजुबान जानवर के साथ इतनी घृणित क्रूरता की जिसकी कल्पना करना भी एक आम इंसान के लिए मुश्किल है। आरोपी ने गाय को दूध देने के लिए मजबूर करने के लिए उसके मृत बछड़े का सिर काटकर उसकी आंखों के सामने लटका दिया। पुलिस ने मामला दर्ज कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है।

दूध बंद होने पर उठाया अमानवीय कदम

बता दें कि मामला टीकमगढ़ शहर के बैकुंठ मोहल्ले का है, जहां सत्येंद्र यादव नामक व्यक्ति गाय-भैंस पालकर दूध का व्यवसाय करता है। जानकारी के अनुसार, कुछ दिन पहले उसकी एक गाय के बछड़े की बीमारी के चलते मौत हो गई थी। बछड़े की मौत के बाद मां बनी गाय शोक में डूब गई और उसने दूध देना बंद कर दिया। गाय से दूध निकालने की हवस में आरोपी सत्येंद्र ने एक अत्यंत घृणित तरीका अपनाया। उसने मृत बछड़े का सिर धड़ से अलग कर दिया और उसकी खाल के अंदर भूसा भर दिया। इसके बाद उसने बछड़े के कटे हुए सिर को गौशाला की दीवार पर इस तरह टांग दिया कि गाय उसे देख सके। आरोपी का मकसद गाय को यह झूठा भ्रम देना था कि उसका बछड़ा जिंदा है, ताकि वह दूध देती रहे।

बजरंग दल कार्यकर्ताओं ने किया हंगामा, सड़क पर उतरे लोग

बता दें कि इस दरिंदगी का खुलासा तब हुआ जब पड़ोसियों की नजर गौशाला के इस मंजर पर पड़ी। जैसे ही इस बात की जानकारी लोगों को लगी, वहां बजरंग दल के कार्यकर्ता भी पहुंच गए। वहां का नजारा देखकर कार्यकर्ताओं और स्थानीय लोगों का गुस्सा फूट पड़ा। वे बछड़े के कटे हुए सिर को लेकर शहर के चकरा तिराहे पर पहुंच गए और सड़क जाम कर दी। प्रदर्शनकारियों ने आरोपी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग को लेकर जमकर नारेबाजी की। हंगामे की सूचना मिलते ही मौके पर पुलिस बल पहुंचा। टीकमगढ़ के अपर पुलिस अधीक्षक (एएसपी) विक्रम सिंह कुशवाहा ने प्रदर्शनकारियों को उचित कानूनी कार्रवाई का आश्वासन दिया, जिसके बाद आक्रोशित लोगों ने जाम खोल दिया।

पुलिस ने की त्वरित कार्रवाई, गाय को किया रेस्क्यू

बता दें कि एएसपी विक्रम सिंह कुशवाहा ने बताया कि आरोपी सत्येंद्र यादव के खिलाफ पशु क्रूरता निवारण अधिनियम और गोवध निवारण अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। उन्होंने कहा कि बेजुबान के साथ ऐसी दरिंदगी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। बता दें कि पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए पीड़ित गाय को आरोपी के कब्जे से रेस्क्यू कर सुरक्षित सरकारी गौशाला भेज दिया है। वहीं, आरोपी के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। MP News

संबंधित खबरें