
Firecrackers Ban/ नई दिल्ली। सर्दियां शुरू होेते ही दिल्ली एनसीआर में प्रदूषण भी बढ़ने लगा है। इसी के साथ अब दीपावली पर होने वाली आतिशबाजी ने भी चिंता बढ़ा दी है। दीपावली पर होने वाली आतिशबाजी से दिल्ली और एनसीआर में काफी मात्रा में प्रदूषण बढ़ जाता है। हालात दमघोटू हो जाते हैं। सांस और हृदय रोगी तो बाहर भी नहीं निकल पाते हैं। ऐसे में दिल्ली सरकार ने दीपावली पर आतिशबाजी करने पर पूरी तरह से बैन लगा दिया है।
आपको बता दें कि देश की सबसे बड़ी अदालत सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली सरकार के उस फैसले में दखल देने से इनकार कर दिया जिसमें सरकार ने दिल्ली में पटाखे के निर्माण, स्टोरेज, बिक्री और पटाखे चलाने पर बैन लगाया है। सुप्रीम कोर्ट में भाजपा नेता और सांसद मनोज तिवारी ने कहा कि दिल्ली सरकार ने पटाखे पर पूरी तरह से बैन कर दिया है जबकि सुप्रीम कोर्ट ने ग्रीन पटाखे चलाने की इजाजत दी थी।
इस पर सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस एएस बोपन्ना व जस्टिस एमएम सुंदरेश ने कहा कि हम इस फैसले में दखल नहीं देंगे। अगर सरकार ने पूरी तरह से बैन लगाया है तो कंप्लीट बैन रहेगा। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि लोगों का स्वास्थ्य ज्यादा महत्वपूर्ण है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि अगर आप पटाखे चलाना चाहते हैं तो दिल्ली से बाहर दूसरे राज्य जाएं जहां पटाखों पर बैन नहीं है।
दिल्ली सरकार ने सभी तरह के पटाखे पर बैन का फैसला किया है। दिल्ली सरकार ने 11 सितंबर को फैसला लिया और कहा है कि दिल्ली में पटाखे चलाने, स्टोर करने और निर्माण आदि पर रोक लगा दी है। दिल्ली सरकार ने कहा है कि सर्दी में पटाखे से होने वाले प्रदूषण को देखते हुए यह बैन किया गया है।
आपको बता दें कि दिल्ली के अलावा उत्तर प्रदेश सरकार भी यूपी के उन शहरों में पटाखों पर प्रतिबंध लगाने पर विचार कर रही है, जिन शहरों में प्रदूषण की मात्रा बढ़ रही है। हालांकि इस बाबत सरकार की ओर से कोई अधिकारिक बयान या फैसला नहीं आया है, लेकिन सरकारी सूत्र बताते हैं कि ग्रेटर नोएडा और नोएडा समेत कई बड़े शहरों में दीपावली पर पटाखे चलाने पर रो लगाई जा सकती है।
उधर, तमिलनाडू के पटाखा निर्माताओं को भी चिंता सता रही है कि यदि राज्य सरकार ने सुप्रीम कोर्ट के फैसले का अनुसरण किया तो तमिलनाडू में भी आतिशबाजी पर रोक लगाई जा सकती है। आपको बता दें कि तमिलनाडू का आतिशबाजी उद्योग देशभर में 85 प्रतिशत आतिबाजी की आपूर्ति करता है।
इसके अलावा हरियाणा सरकार भी अपने कुछ शहरों में आतिशबाजी पर रोक लगाए जाने पर विचार कर रही है। सूत्र बताते हैं कि दीपावली से एक या दो दिन पहले इस मामले में कोई फैसला लिया जा सकता है।