एक झड़प के बाद गांव पुरुषों से खाली, बिहार में आखिर ऐसा क्या हुआ?

पुलिस के अनुसार इस मामले में 70 नामजद और करीब 100 से 150 अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया है। शिकायत के आधार पर SC/ST एक्ट के तहत भी केस दर्ज किया गया है।

दरभंगा हिंसा केस
दरभंगा हिंसा केस
locationभारत
userअभिजीत यादव
calendar05 Feb 2026 12:46 PM
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Bihar News : बिहार के दरभंगा के कुशेश्वरस्थान थाना क्षेत्र के हरिनगर गांव में पैसों के लेनदेन से उठा विवाद अब इतना भयावह मोड़ ले चुका है कि गांव के करीब 70 घर पुरुष-खाली हो गए हैं। हिंसक झड़प के बाद गिरफ्तारी की आशंका और तनाव के माहौल ने ऐसा डर पैदा किया कि कई परिवारों के पुरुष घर छोड़कर अज्ञात ठिकानों की ओर निकल गए। हालात की गंभीरता देखते हुए गांव में भारी पुलिस बल तैनात कर निगरानी बढ़ा दी गई है, लेकिन गांव की गलियों में डर की परछाई अब भी साफ महसूस हो रही है।

गांव में डर का माहौल

हिंसा के बाद से गांव में डर और बेचैनी का माहौल बना हुआ है। स्थानीय लोगों के मुताबिक दुकानें बंद हैं, जरूरी सामान की उपलब्धता भी प्रभावित हुई है और गांव का सामान्य जीवन लगभग ठप पड़ गया है। गांव की एक महिला ने बताया कि पहले ऐसा कभी नहीं हुआ। हम मिल-जुलकर रहते थे, लेकिन अचानक सब कुछ बदल गया। पुलिस के अनुसार इस मामले में 70 नामजद और करीब 100 से 150 अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया है। शिकायत के आधार पर SC/ST एक्ट के तहत भी केस दर्ज किया गया है। ग्रामीणों का दावा है कि इसी कानूनी कार्रवाई के डर से कई घरों के पुरुष गांव से बाहर चले गए हैं।

पुलिस कार्रवाई पर उठे सवाल

पंचायत के मुखिया विमल चंद्र खान ने पुलिस की शुरुआती कार्रवाई पर सवाल खड़े किए हैं। उनका कहना है कि 30 जनवरी को घटना के बाद यदि पुलिस तुरंत सख्ती दिखाती, तो 31 जनवरी की बड़ी वारदात रोकी जा सकती थी। वहीं, एसएसपी जगुनाथ रेड्डी ने कहा कि मामले की जांच जारी है और पुलिस तथ्यों के आधार पर कार्रवाई कर रही है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि किसी निर्दोष व्यक्ति के खिलाफ गलत कदम नहीं उठाया जाएगा।

2015 की बकाया मजदूरी से शुरू हुआ था विवाद

अशर्फी पासवान की शिकायत के मुताबिक विवाद की जड़ 2015 में घर निर्माण से जुड़ी बकाया मजदूरी है। आरोप है कि पासवान के बेटे विक्रम पासवान ने हेमकांत झा के घर निर्माण की देखरेख की थी, लेकिन करीब 2.5 लाख रुपये का भुगतान नहीं किया गया। बताया गया कि 30 जनवरी को जब हेमकांत झा का दामाद गांव आया, तो पासवान ने दोबारा भुगतान की मांग की। इसी पर बहस बढ़ी और अगले दिन 31 जनवरी की रात मामला हिंसक झड़प में बदल गया।

वित्तीय विवाद से भड़की झड़प

शिकायत में आरोप लगाया गया है कि कई लोग लाठी-डंडों और लोहे की छड़ों के साथ घर में घुसे, परिवार के लोगों पर हमला किया, मारपीट की और महिलाओं के साथ बदसलूकी भी की। साथ ही लूटपाट के आरोप भी लगाए गए हैं। बिरौलिया डीएसपी प्रभाकर तिवारी के मुताबिक घटना 31 जनवरी की रात वित्तीय विवाद के कारण हुई। झड़प में 10 से ज्यादा लोग घायल हुए हैं और अब तक 12 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। पुलिस का कहना है कि आगे की जांच जारी है, गांव में सुरक्षा बढ़ाई गई है और स्थिति तनावपूर्ण जरूर है, लेकिन नियंत्रण में है। Bihar News

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खेती से बंपर कमाई: लाखों का मुनाफा देती हैं टिंडा की ये उन्नत किस्में

टिंडे की खेती साल में दो बार की जा सकती है। पहली बुवाई फरवरी से मार्च तक, जबकि दूसरी बुवाई जून से जुलाई तक की जाती है। किसान टिंडा की उन्नत किस्मों की बुवाई करके अच्छी कमाई कर सकते हैं। ऐसे में तरीके अपनाएं जाए तो इसकी खेती करके अच्छा मुनाफा कमाया जा सकता है।

Tinda cultivation
टिंडा की खेती के लिए उपयुक्त जलवायु और मिट्टी (फाइल फोटो)
locationभारत
userऋषि तिवारी
calendar05 Feb 2026 12:07 PM
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Tinda Cultivation : देश के किसानों के लिए अभी टिंडा सब्जी की बुवाई का सबसे उपयुक्त समय चल रहा है। कृषि विशेषज्ञों के अनुसार, उन्नत किस्मों की बुवाई और वैज्ञानिक तरीकों को अपनाकर किसान इस फसल से खूब मुनाफा कमा सकते हैं। टिंडे की खेती न केवल कम लागत में होती है, बल्कि इसकी मांग बाजार में हमेशा बनी रहती है। 

आइए जानते हैं टिंडे की आधुनिक खेती का पूरा तरीका।

जलवायु और उपयुक्त मिट्टी

टिंडे की खेती के लिए गर्म और आर्द्र जलवायु सबसे अनुकूल मानी जाती है। ठंडी जलवायु और पाला इस फसल के लिए हानिकारक हो सकते हैं, इसलिए इसे गर्मियों और बारिश के मौसम में उगाया जाता है। मिट्टी की बात करें तो जीवांशयुक्त, अच्छी जल निकासी वाली हल्की दोमट भूमि इसकी पैदावार के लिए सर्वोत्तम होती है, हालांकि यह हर तरह की मिट्टी में उग जाता है।

बुवाई का सही समय और उन्नत किस्में

विशेषज्ञों के मुताबिक, टिंडे की खेती साल में दो बार की जा सकती है। पहली बुवाई फरवरी से मार्च तक, जबकि दूसरी बुवाई जून से जुलाई तक की जाती है। अधिक उपज के लिए किसानों को उन्नत किस्मों को चुनना चाहिए। टिंडा एस 48, टिंडा लुधियाना, पंजाब टिंडा-1, अर्का टिंडा, अन्नामलाई टिंडा, मायको टिंडा, स्वाती, बीकानेरी ग्रीन और एस 22 जैसी किस्में बेहतर पैदावार देती हैं। ये फसल आमतौर पर दो महीने में तैयार हो जाती है।

खेत की तैयारी और बीज उपचार

बुवाई के लिए खेत की ट्रैक्टर और कल्टीवेटर से गहरी जुताई कर मिट्टी को भुरभुरा बना लेना चाहिए। एक एकड़ में 8-10 टन सड़ा हुआ गोबर का उपयोग करना चाहिए। बीज दर के तौर पर एक बीघा में डेढ़ किलो बीज पर्याप्त माना जाता है। बुवाई से पहले बीजों का उपचार जरूरी है। बीजों को 12-24 घंटे पानी में भिगोने के बाद फंगस से बचाव के लिए कार्बेनडाजिम (2 ग्राम) या थीरम (2.5 ग्राम) प्रति किलो की दर से इलाज करें। इसके बाद ट्राइकोडरमा विराइड (4 ग्राम/किग्रा) का उपयोग कर छाया में सुखाकर बोना चाहिए।

खाद और सिंचाई प्रबंधन

एक एकड़ के लिए 90 किलो यूरिया, 125 किलो सिंगल सुपर फासफेट और 35 किलो म्यूरेट ऑफ पोटाश की सिफारिश की गई है। पूरी फासफोरस और पोटाश तथा एक-तिहाई नाइट्रोजन बुवाई के समय दें, बाकी बचा नाइट्रोजन फसल के शुरुआती दौर में दें। गर्मियों में इसे हफ्तेवार सिंचाई की आवश्यकता होती है, जबकि बारिश के मौसम में वर्षा पर निर्भर करना पड़ता है।

तुड़ाई और आमदनी

बुवाई के 40-50 दिन बाद फलों की तुड़ाई शुरू की जा सकती है। जब फल मध्यम आकार के और पके हों, तो उन्हें तोड़ना चाहिए। वैज्ञानिक तरीके से खेती करने पर एक हेक्टेयर में 100 से 125 क्विंटल तक उपज मिल सकती है। बाजार भाव के रूप में टिंडा सामान्यतः 20 से 40 रुपये प्रति किलो तक बिकता है, जिससे किसानों को बंपर मुनाफा हो सकता है। Tinda Cultivation

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सिर कटने के बाद भी जिंदा बताकर गाय से दूध निकालने वाले का चौंकाने वाला खुलासा

गाय से दूध निकालने की हवस में आरोपी दूध कारोबारी ने एक अत्यंत घृणित तरीका अपनाया। उसने मृत बछड़े का सिर धड़ से अलग कर दिया और उसकी खाल के अंदर भूसा भर दिया। इसके बाद उसने बछड़े के कटे हुए सिर को गौशाला की दीवार पर इस तरह टांग दिया।

The cow is confused.
गौ हत्या और पशु क्रूरता के आरोप में व्यापारी जेल भेजा (फाइल फोटो)
locationभारत
userऋषि तिवारी
calendar05 Feb 2026 10:39 AM
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MP News : मध्य प्रदेश के टीकमगढ़ जिले से मानवता को शर्मसार कर देने वाली एक भयावह घटना सामने आई है। यहां एक दूध कारोबारी ने महज कुछ लीटर दूध के लालच में बेजुबान जानवर के साथ इतनी घृणित क्रूरता की जिसकी कल्पना करना भी एक आम इंसान के लिए मुश्किल है। आरोपी ने गाय को दूध देने के लिए मजबूर करने के लिए उसके मृत बछड़े का सिर काटकर उसकी आंखों के सामने लटका दिया। पुलिस ने मामला दर्ज कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है।

दूध बंद होने पर उठाया अमानवीय कदम

बता दें कि मामला टीकमगढ़ शहर के बैकुंठ मोहल्ले का है, जहां सत्येंद्र यादव नामक व्यक्ति गाय-भैंस पालकर दूध का व्यवसाय करता है। जानकारी के अनुसार, कुछ दिन पहले उसकी एक गाय के बछड़े की बीमारी के चलते मौत हो गई थी। बछड़े की मौत के बाद मां बनी गाय शोक में डूब गई और उसने दूध देना बंद कर दिया। गाय से दूध निकालने की हवस में आरोपी सत्येंद्र ने एक अत्यंत घृणित तरीका अपनाया। उसने मृत बछड़े का सिर धड़ से अलग कर दिया और उसकी खाल के अंदर भूसा भर दिया। इसके बाद उसने बछड़े के कटे हुए सिर को गौशाला की दीवार पर इस तरह टांग दिया कि गाय उसे देख सके। आरोपी का मकसद गाय को यह झूठा भ्रम देना था कि उसका बछड़ा जिंदा है, ताकि वह दूध देती रहे।

बजरंग दल कार्यकर्ताओं ने किया हंगामा, सड़क पर उतरे लोग

बता दें कि इस दरिंदगी का खुलासा तब हुआ जब पड़ोसियों की नजर गौशाला के इस मंजर पर पड़ी। जैसे ही इस बात की जानकारी लोगों को लगी, वहां बजरंग दल के कार्यकर्ता भी पहुंच गए। वहां का नजारा देखकर कार्यकर्ताओं और स्थानीय लोगों का गुस्सा फूट पड़ा। वे बछड़े के कटे हुए सिर को लेकर शहर के चकरा तिराहे पर पहुंच गए और सड़क जाम कर दी। प्रदर्शनकारियों ने आरोपी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग को लेकर जमकर नारेबाजी की। हंगामे की सूचना मिलते ही मौके पर पुलिस बल पहुंचा। टीकमगढ़ के अपर पुलिस अधीक्षक (एएसपी) विक्रम सिंह कुशवाहा ने प्रदर्शनकारियों को उचित कानूनी कार्रवाई का आश्वासन दिया, जिसके बाद आक्रोशित लोगों ने जाम खोल दिया।

पुलिस ने की त्वरित कार्रवाई, गाय को किया रेस्क्यू

बता दें कि एएसपी विक्रम सिंह कुशवाहा ने बताया कि आरोपी सत्येंद्र यादव के खिलाफ पशु क्रूरता निवारण अधिनियम और गोवध निवारण अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। उन्होंने कहा कि बेजुबान के साथ ऐसी दरिंदगी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। बता दें कि पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए पीड़ित गाय को आरोपी के कब्जे से रेस्क्यू कर सुरक्षित सरकारी गौशाला भेज दिया है। वहीं, आरोपी के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। MP News